स्कूल वैन का रेडिएटर फटा, गर्म पानी से 3 बच्चे झुलसे; जर्जर मैजिक वैन में सवार थे 22 बच्चे
जमुई में स्कूल वैन का रेडिएटर फटने से 3 बच्चे झुलसे, जर्जर मैजिक वैन में सवार थे 22 बच्चे; हादसे के बाद स्कूल परिवहन व्यवस्था पर उठे सवाल।
निष्कर्ष भारत संवाददाता जमुई: बिहार के जमुई जिले में स्कूली बच्चों की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़ा करने वाला मामला सामने आया है। सोनो थाना क्षेत्र में बुधवार सुबह एक स्कूल मैजिक वैन का रेडिएटर फटने से तीन बच्चे गर्म पानी और भाप की चपेट में आकर झुलस गए। बताया जा रहा है कि हादसे के समय वैन में करीब 22 बच्चे सवार थे। घटना के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई और बच्चों के बीच चीख-पुकार शुरू हो गई।
झुलसे तीनों बच्चों को तत्काल स्थानीय लोगों की मदद से सोनो सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC) ले जाया गया। प्राथमिक उपचार के बाद उन्हें बेहतर इलाज के लिए निजी अस्पताल रेफर किया गया। चिकित्सकों के मुताबिक, दो बच्चों के पैरों पर गर्म पानी अधिक मात्रा में गिरा है, जिससे उनकी हालत गंभीर बताई जा रही है। हालांकि पुलिस का कहना है कि सभी बच्चे खतरे से बाहर हैं।

जर्जर मैजिक वैन में 22 बच्चों को ले जाया जा रहा था
मिली जानकारी के अनुसार, सभी बच्चे एक निजी स्कूल के छात्र हैं और उन्हें स्कूल ले जाने के लिए पुरानी मैजिक वैन का इस्तेमाल किया जा रहा था। बुधवार सुबह वैन करीब 22 बच्चों को लेकर सोनो की ओर जा रही थी। जैसे ही वाहन सोनो चौक के पास पहुंचा, अचानक उसका रेडिएटर फट गया।
रेडिएटर में मौजूद गर्म पानी और भाप अचानक बाहर निकलने से वैन के अंदर बैठे बच्चे इसकी चपेट में आ गए। गर्म पानी पड़ते ही तीन बच्चे झुलस गए। अचानक हुए हादसे से वाहन के अंदर अफरा-तफरी का माहौल बन गया।
बताया जा रहा है कि हादसे के बाद आसपास मौजूद लोगों ने तत्काल बच्चों की मदद की और घायल बच्चों को अस्पताल पहुंचाया।
गर्म पानी से तीन बच्चे झुलसे
हादसे में घायल बच्चों की पहचान चुरहेत गांव निवासी कौशल किशोर सिंह के पुत्र गर्व सिंह, कहुला चरघरा निवासी प्रमोद दास के पुत्र अंकित कुमार और दुबेडीह निवासी अमरजीत कुमार के रूप में हुई है।
तीनों बच्चे संत जेवियर स्कूल में पढ़ते हैं। गर्व सिंह और अंकित कुमार कक्षा एक के छात्र हैं, जबकि अमरजीत कुमार कक्षा तीन में पढ़ता है।
चिकित्सकों के अनुसार, रेडिएटर से निकला गर्म पानी बच्चों के पैरों पर गिरा। खासकर अंकित कुमार और अमरजीत कुमार के पैरों पर गर्म पानी अधिक मात्रा में पड़ा, जिसके कारण उन्हें गंभीर रूप से चोटें आईं। प्राथमिक उपचार के बाद दोनों को बेहतर चिकित्सा के लिए निजी अस्पताल भेजा गया।
CHC में प्राथमिक इलाज के बाद निजी अस्पताल रेफर
हादसे की जानकारी मिलते ही स्थानीय ग्रामीण सक्रिय हुए और घायल बच्चों को सोनो CHC पहुंचाया। अस्पताल में चिकित्सकों ने बच्चों का प्राथमिक उपचार किया। इसके बाद गंभीर रूप से झुलसे बच्चों को बेहतर इलाज के लिए निजी अस्पताल रेफर किया गया।
घटना की जानकारी स्कूल प्रबंधन को भी दी गई। इसके बाद स्कूल के निदेशक सुनील कुमार घटनास्थल पर पहुंचे और घायल बच्चों के इलाज की जानकारी ली।
स्कूल निदेशक ने बताया कि वाहन में तकनीकी खराबी के कारण रेडिएटर फट गया, जिसके चलते यह हादसा हुआ। उन्होंने घायल बच्चों के इलाज की जिम्मेदारी लेने की बात कही।
उनके अनुसार, तकनीकी खराबी के कारण गाड़ी का रेडिएटर फटने से हादसा हुआ है और घायल बच्चों का इलाज कराया जा रहा है।

क्षमता से अधिक बच्चों को बैठाने का आरोप
हादसे के बाद निजी स्कूलों में बच्चों के परिवहन की व्यवस्था पर सवाल उठने लगे हैं। स्थानीय लोगों का आरोप है कि स्कूलों की ओर से बच्चों को ले जाने के लिए ऐसे वाहनों का इस्तेमाल किया जाता है, जिनकी हालत ठीक नहीं होती।
लोगों का कहना है कि मैजिक वैन में सामान्य तौर पर सीमित संख्या में यात्रियों के बैठने की क्षमता होती है, लेकिन हादसे के वक्त इसमें करीब 20 से 22 बच्चे सवार थे। ऐसे में क्षमता से अधिक बच्चों को एक ही वाहन में बैठाकर ले जाने को लेकर सवाल उठ रहे हैं।
स्थानीय लोगों ने यह भी आरोप लगाया कि निजी स्कूलों की ओर से भारी फीस वसूली जाती है, लेकिन बच्चों को स्कूल लाने-ले जाने के लिए इस्तेमाल होने वाले वाहनों की फिटनेस और सुरक्षा व्यवस्था पर पर्याप्त ध्यान नहीं दिया जाता।
हालांकि, इन आरोपों की आधिकारिक पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी।
जर्जर स्कूल वैन की फिटनेस पर उठे सवाल
स्कूल वैन में हुए इस हादसे ने वाहनों की फिटनेस जांच को लेकर भी चर्चा तेज कर दी है। बच्चों को स्कूल ले जाने वाले वाहनों की नियमित जांच और रखरखाव बेहद जरूरी माना जाता है।
रेडिएटर जैसी तकनीकी खराबी अगर चलते वाहन में हो जाए तो बच्चों की सुरक्षा खतरे में पड़ सकती है। इस मामले में भी सवाल उठ रहा है कि वाहन को सड़क पर चलाने से पहले उसकी तकनीकी स्थिति और फिटनेस की जांच की गई थी या नहीं।
स्थानीय लोगों ने प्रशासन से स्कूल वाहनों की जांच कराने और नियमों का उल्लंघन पाए जाने पर कार्रवाई की मांग की है।
पुलिस ने शुरू की मामले की जांच
घटना की सूचना मिलने के बाद सोनो पुलिस ने मामले की छानबीन शुरू कर दी है। पुलिस हादसे के कारणों के साथ-साथ स्कूल वैन की स्थिति और उसमें सवार बच्चों की संख्या की भी जांच कर रही है।
सोनो थानाध्यक्ष धर्मेंद्र कुमार ने बताया कि गर्म पानी की चपेट में आने से बच्चे घायल हुए हैं और उनका इलाज कराया जा रहा है। पुलिस के मुताबिक सभी बच्चे खतरे से बाहर हैं और मामले की पड़ताल की जा रही है।
जांच के दौरान यह भी देखा जा सकता है कि वाहन की फिटनेस कैसी थी, उसमें कितने बच्चों को बैठाने की अनुमति थी और क्या सुरक्षा मानकों का पालन किया जा रहा था।
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स्कूल वाहनों की सुरक्षा पर फिर उठे सवाल
जमुई में स्कूल वैन हादसे ने एक बार फिर बच्चों को स्कूल लाने-ले जाने वाले वाहनों की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। स्कूल जाने वाले बच्चों की जिम्मेदारी स्कूल प्रबंधन और वाहन संचालकों पर होती है। ऐसे में वाहन की फिटनेस, नियमित सर्विसिंग, क्षमता के अनुसार बच्चों को बैठाना और सुरक्षा नियमों का पालन बेहद जरूरी है।
इस हादसे में समय रहते स्थानीय लोगों की मदद से बच्चों को अस्पताल पहुंचाया गया, जिससे उन्हें तत्काल चिकित्सा सुविधा मिल सकी। फिलहाल घायल बच्चों का इलाज जारी है।
जमुई के सोनो में स्कूल वैन का रेडिएटर फटने से तीन बच्चों के झुलसने की घटना ने निजी स्कूलों की परिवहन व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। अब पुलिस जांच के बाद ही स्पष्ट होगा कि हादसा केवल तकनीकी खराबी के कारण हुआ या वाहन की फिटनेस और क्षमता से अधिक बच्चों को बैठाने में भी लापरवाही सामने आती है।
पटना से कीमती कुमारी का रिपोर्ट
