बिहार की बेटी माही श्वेतराज ने तैराकी में जीते 3 गोल्ड, बनीं पुलिस अवर निरीक्षक

हाजीपुर

तीन गोल्ड जीतने वाली तैराक माही श्वेतराज को मिली सरकारी नौकरी

निष्कर्ष भारत संवाददाता हाजीपुर। हाजीपुर की माही श्वेतराज ने खेल के मैदान में शानदार प्रदर्शन कर बिहार का नाम रोशन किया है। 77वीं सीनियर नेशनल एक्वेटिक चैंपियनशिप में तीन स्वर्ण पदक जीतने वाली माही को बिहार सरकार की ‘मेडल लाओ, नौकरी पाओ’ योजना के तहत पुलिस अवर निरीक्षक के पद पर नियुक्त किया गया है। उनकी इस उपलब्धि से परिवार, खेल जगत और वैशाली पुलिस में खुशी का माहौल है।

पटना निवासी माही ने राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिता में 100 मीटर फ्रीस्टाइल, 50 मीटर फ्रीस्टाइल और 50 मीटर बटरफ्लाई स्पर्धा में शानदार प्रदर्शन करते हुए स्वर्ण पदक अपने नाम किए। लगातार तीन स्पर्धाओं में गोल्ड जीतना उनकी मेहनत और खेल प्रतिभा को दर्शाता है।

उनकी उपलब्धि के सम्मान में हाजीपुर पुलिस अधीक्षक शुभांक मिश्रा ने एसपी कार्यालय में आयोजित कार्यक्रम के दौरान माही को जिलादेश पत्र प्रदान किया और उन्हें नई जिम्मेदारी के लिए शुभकामनाएं दीं।

हाजीपुर में सम्मान समारोह, मिली नियुक्ति

एसपी कार्यालय में आयोजित सम्मान समारोह में माही श्वेतराज को नियुक्ति पत्र सौंपा गया। इस दौरान हाजीपुर पुलिस अधिकारियों ने उनकी खेल उपलब्धि की सराहना की और कहा कि माही की सफलता से वैशाली पुलिस को गर्व है।

अधिकारियों के मुताबिक, माही ने अपनी प्रतिभा और मेहनत से राष्ट्रीय स्तर पर बिहार की पहचान मजबूत की है। उनकी उपलब्धि प्रदेश के उन युवाओं के लिए भी प्रेरणा है, जो खेल के क्षेत्र में अपना भविष्य बनाने का सपना देख रहे हैं। नियुक्ति पत्र मिलने के बाद माही के लिए खेल के साथ सरकारी सेवा में करियर का नया रास्ता खुल गया है।

तीन स्पर्धाओं में जीता स्वर्ण पदक

77वीं सीनियर नेशनल एक्वेटिक चैंपियनशिप में माही ने तीन अलग-अलग स्पर्धाओं में स्वर्ण पदक हासिल किया। उन्होंने 100 मीटर फ्रीस्टाइल, 50 मीटर फ्रीस्टाइल और 50 मीटर बटरफ्लाई में पहला स्थान हासिल किया।

तैराकी में इन स्पर्धाओं को बेहद प्रतिस्पर्धी माना जाता है। बता दे की राष्ट्रीय स्तर पर एक ही प्रतियोगिता में तीन गोल्ड मेडल हासिल करना माही की बेहतरीन तैयारी और प्रदर्शन को दिखाता है।

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उनकी सफलता के बाद बिहार सरकार की खेल प्रोत्साहन नीति के तहत उन्हें सरकारी सेवा में नियुक्ति का अवसर मिला है।

हाजीपुर पुलिस में अब निभाएंगी नई जिम्मेदारी

खेल में उपलब्धि हासिल करने के बाद अब माही श्वेतराज पुलिस विभाग में नई भूमिका निभाएंगी। हाजीपुर पुलिस अवर निरीक्षक के पद पर नियुक्ति मिलने से उनके करियर में एक नया अध्याय शुरू हुआ है।

सरकारी नौकरी के साथ उनकी खेल प्रतिभा भी युवाओं के लिए उदाहरण बनेगी। अधिकारियों का कहना है कि माही जैसी प्रतिभाओं को आगे बढ़ने का अवसर मिलने से दूसरे खिलाड़ी भी राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में बेहतर प्रदर्शन के लिए प्रेरित होंगे। माही की नियुक्ति को खेल और सरकारी सेवा के बीच बेहतर तालमेल का उदाहरण भी माना जा रहा है।

‘मेडल लाओ, नौकरी पाओ’ योजना से मिली नौकरी

बिहार सरकार खिलाड़ियों को प्रोत्साहित करने के लिए ‘मेडल लाओ, नौकरी पाओ’ योजना संचालित कर रही है। इस योजना का उद्देश्य राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बेहतर प्रदर्शन करने वाले खिलाड़ियों को सरकारी सेवा में अवसर देना है।

योजना के जरिए खिलाड़ियों को यह संदेश देने का प्रयास किया जा रहा है कि खेल में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने पर उन्हें सम्मान और रोजगार के अवसर भी मिल सकते हैं।

हाजीपुर की माही श्वेतराज की नियुक्ति इसी नीति का उदाहरण है। राष्ट्रीय स्तर पर तीन स्वर्ण पदक जीतने के बाद उन्हें पुलिस अवर निरीक्षक के पद पर नियुक्त किया गया है।

हाजीपुर में अधिकारियों ने की माही की सराहना

सम्मान समारोह के दौरान पुलिस अधिकारियों ने माही के प्रदर्शन की प्रशंसा की। अधिकारियों ने कहा कि उनकी उपलब्धि वैशाली पुलिस के लिए गौरव की बात है।

उन्होंने माही के समर्पण और मेहनत को रेखांकित करते हुए कहा कि उनकी सफलता अन्य युवाओं को खेल के क्षेत्र में आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करेगी।

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हाजीपुर की माही ने राष्ट्रीय प्रतियोगिता में जिस तरह तीन स्वर्ण पदक हासिल किए, उससे बिहार की खेल प्रतिभा को भी राष्ट्रीय मंच पर पहचान मिली है।

युवाओं के लिए बनीं प्रेरणा

माही की कहानी उन युवाओं के लिए खास संदेश देती है, जो खेल और करियर के बीच संतुलन को लेकर चिंतित रहते हैं। खेल में मेहनत और लगातार बेहतर प्रदर्शन के जरिए न केवल राष्ट्रीय स्तर पर पहचान बनाई जा सकती है, बल्कि सरकारी सेवा में अवसर भी मिल सकता है।

‘मेडल लाओ, नौकरी पाओ’ जैसी योजनाएं खिलाड़ियों को प्रतियोगिताओं में बेहतर प्रदर्शन के लिए प्रोत्साहित करने का काम कर रही हैं। इससे खिलाड़ियों को खेल को गंभीर करियर विकल्प के रूप में अपनाने का भरोसा मिलता है।

बिहार की खेल प्रतिभा को मिला सम्मान

माही श्वेतराज की उपलब्धि केवल व्यक्तिगत सफलता तक सीमित नहीं है। तीन स्वर्ण पदक जीतकर उन्होंने बिहार को राष्ट्रीय स्तर पर गौरवान्वित किया है। अब पुलिस अवर निरीक्षक के रूप में नियुक्ति मिलने से उनकी उपलब्धि को सरकारी स्तर पर भी सम्मान मिला है।

खेल प्रतिभाओं को नौकरी और सम्मान देने की नीति से प्रदेश में खिलाड़ियों के बीच सकारात्मक संदेश जाने की उम्मीद है। इससे युवा खेलों में अपनी प्रतिभा निखारने और बड़े स्तर की प्रतियोगिताओं में हिस्सा लेने के लिए प्रोत्साहित हो सकते हैं।

माही के लिए अब चुनौती खेल उपलब्धि के बाद पुलिस सेवा की जिम्मेदारियों को निभाने की होगी। उनकी मेहनत और अनुशासन को देखते हुए अधिकारियों ने उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की है।

फिलहाल तीन स्वर्ण पदकों की उपलब्धि के बाद पुलिस अवर निरीक्षक के पद पर नियुक्ति ने माही श्वेतराज के करियर को नई दिशा दी है। उनकी सफलता बिहार के युवा खिलाड़ियों के लिए यह संदेश भी है कि प्रतिभा, मेहनत और निरंतर प्रयास से खेल के साथ करियर में भी नई ऊंचाइयां हासिल की जा सकती हैं।

Nishkarsh Bharat

अमन कुमार की रिपोर्ट

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