अनंत-नीरज में तकरार बढ़ी! जदयू ऑफिस बुलाए गए मोकामा विधायक, 35 मिनट तक चली बैठक

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अनंत सिंह और नीरज कुमार की JDU प्रदेश अध्यक्ष से 35 मिनट बैठक

निष्कर्ष भारत, संवाददाता (पटना)। अनंत सिंह और जदयू एमएलसी नीरज कुमार की सियासी खींचतान की चर्चाओं के बीच सोमवार को पटना में जदयू कार्यालय में करीब 35 मिनट तक अहम बैठक हुई। मोकामा विधायक अनंत सिंह और नीरज कुमार पार्टी कार्यालय पहुंचे, जहां दोनों नेताओं ने जदयू प्रदेश अध्यक्ष उमेश सिंह कुशवाहा के साथ बंद कमरे में बातचीत की। बैठक को बिहार विधान परिषद की पटना स्नातक सीट पर होने वाले चुनाव से जोड़कर देखा जा रहा है।

बैठक खत्म होने के बाद अनंत सिंह बिना किसी बयान के पार्टी कार्यालय से निकल गए। वहीं नीरज कुमार ने मीडिया के सवाल पर कहा कि पहले अनंत सिंह ने जो कहा हो, उससे मतलब नहीं है। उन्होंने यह भी कहा कि आज अनंत ने कुछ कहा क्या और वह उनके समर्थन में हैं।

अनंत सिंह के बयान से शुरू हुआ था विवाद

दरअसल, पटना स्नातक सीट के आगामी चुनाव को लेकर जदयू खेमे में तब राजनीतिक हलचल बढ़ गई थी, जब अनंत सिंह ने पार्टी के मौजूदा एमएलसी और मुख्य प्रवक्ता नीरज कुमार के खिलाफ खुलकर अपना रुख जाहिर किया था।

अनंत सिंह ने आगामी एमएलसी चुनाव में डॉ. अनुज सिंह का समर्थन करने की बात कही थी। उन्होंने कहा था कि वह नीरज कुमार का साथ नहीं देंगे। अनंत के इस बयान को पटना स्नातक सीट के चुनावी समीकरण के लिहाज से महत्वपूर्ण माना गया, क्योंकि मोकामा और आसपास के इलाकों में उनका राजनीतिक प्रभाव माना जाता है।

पीड़ित परिवारों से मिलने पहुंचे थे अनंत

अनंत सिंह गुरुवार को बाढ़ के बेड़ना गांव पहुंचे थे। यहां जहरीली शराब पीने से चार लोगों की मौत हुई थी। अनंत सिंह चार दिनों के भीतर दूसरी बार पीड़ित परिवारों से मिलने पहुंचे थे। इस दौरान उनके साथ डॉ. अनुज सिंह और बाढ़ विधायक डॉ. सियाराम सिंह भी मौजूद थे।

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पीड़ित परिवारों से मुलाकात और आर्थिक मदद के बाद अनंत सिंह ने मीडिया से बातचीत में एमएलसी चुनाव को लेकर अपना रुख स्पष्ट किया था। उन्होंने कहा था कि वह डॉ. अनुज सिंह का समर्थन करेंगे और नीरज कुमार का साथ नहीं देंगे।

अनंत सिंह ने यह भी दावा किया था कि 26 विधानसभा क्षेत्रों में उनके समर्थक डॉ. अनुज सिंह के पक्ष में रहेंगे। उनके समर्थकों ने भी कहा था कि जिस उम्मीदवार के साथ ‘छोटे सरकार’ का समर्थन होगा, उसकी जीत की संभावना मजबूत होगी।

अनंत के समर्थन से बदल सकता है चुनावी गणित

डॉ. अनुज सिंह को अनंत सिंह का खुला समर्थन मिलने के बाद पटना स्नातक सीट का मुकाबला दिलचस्प होने की चर्चा शुरू हो गई है। हालांकि, अभी यह स्पष्ट नहीं है कि डॉ. अनुज सिंह किस राजनीतिक दल के समर्थन से चुनाव मैदान में उतरेंगे या निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में चुनाव लड़ेंगे।

यदि डॉ. अनुज सिंह निर्दलीय मैदान में उतरते हैं और अनंत सिंह उनके लिए सक्रिय रूप से समर्थन जुटाते हैं, तो इसका असर चुनावी समीकरण पर पड़ सकता है। हालांकि, चुनाव को लेकर जदयू ने अभी आधिकारिक तौर पर उम्मीदवारों की अंतिम सूची जारी नहीं की है।

नीरज कुमार लगातार तीन बार जीत चुके हैं चुनाव

बिहार विधान परिषद के आधिकारिक रिकॉर्ड के अनुसार नीरज कुमार पटना स्नातक निर्वाचन क्षेत्र से जदयू के एमएलसी हैं। उनका मौजूदा कार्यकाल 16 नवंबर 2026 को समाप्त हो रहा है। 2026 में होने वाली नियमित रिक्तियों में पटना स्नातक सीट भी शामिल है।

नीरज कुमार इस सीट से लगातार तीन बार चुनाव जीत चुके हैं। ऐसे में आगामी चुनाव में उनके सामने जीत का चौका लगाने की चुनौती होगी। हालांकि, इस बार अनंत सिंह की ओर से डॉ. अनुज सिंह के समर्थन में दिए गए बयान ने मुकाबले को लेकर राजनीतिक चर्चाओं को तेज कर दिया है।

स्नातक मतदाता करते हैं मतदान

पटना स्नातक निर्वाचन क्षेत्र के चुनाव में सामान्य विधानसभा मतदाता मतदान नहीं करते हैं। इस चुनाव में संबंधित क्षेत्र के पात्र स्नातक मतदाता वोट डालते हैं। नियमों के मुताबिक मतदाता बनने के लिए संबंधित निर्वाचन क्षेत्र का सामान्य निवासी होना और निर्धारित अवधि से पहले कम से कम तीन साल से स्नातक होना जरूरी है। इसी वजह से इस चुनाव का मतदाता आधार विधानसभा चुनाव से अलग होता है और उम्मीदवारों को स्नातक मतदाताओं के बीच अलग तरह की रणनीति बनानी पड़ती है।

अनंत-नीरज बैठक से क्या निकलेगा?

अनंत सिंह और नीरज कुमार के बीच राजनीतिक मतभेदों की चर्चाओं के बीच जदयू कार्यालय में हुई बैठक को अहम माना जा रहा है। बैठक में प्रदेश अध्यक्ष उमेश सिंह कुशवाहा की मौजूदगी भी इसे महत्वपूर्ण बनाती है।

हालांकि, बैठक के बाद अनंत सिंह की ओर से कोई बयान नहीं आया। नीरज कुमार ने जरूर यह संकेत दिया कि मौजूदा स्थिति को लेकर उनके बीच बातचीत हुई है। अब देखना होगा कि आने वाले दिनों में जदयू पटना स्नातक सीट को लेकर क्या रणनीति अपनाता है और उम्मीदवार के नाम पर कब अंतिम फैसला होता है।

बिहार की आठ विधान परिषद सीटों पर चुनाव

बिहार में 2026 में विधान परिषद की आठ सीटों पर नियमित चुनाव होना है। इनमें चार स्नातक और चार शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र शामिल हैं। स्नातक निर्वाचन क्षेत्रों में पटना, दरभंगा, तिरहुत और कोसी शामिल हैं। वहीं शिक्षक निर्वाचन क्षेत्रों में पटना, दरभंगा, तिरहुत और सारण की सीटें शामिल हैं। इन सीटों पर मौजूदा सदस्यों का कार्यकाल नवंबर 2026 में समाप्त हो रहा है।

पटना स्नातक सीट पर चुनाव की प्रक्रिया आगे बढ़ने के साथ ही जदयू के भीतर दावेदारी, समर्थन और उम्मीदवार चयन को लेकर राजनीतिक गतिविधियां और तेज होने की संभावना है। फिलहाल अनंत सिंह का डॉ. अनुज सिंह को समर्थन और जदयू कार्यालय में हुई 35 मिनट की बैठक ने इस सीट के चुनाव को लेकर सियासी चर्चा बढ़ा दी है।

Nishkarsh Bharat

पटना से राजकुमार सिंह की रिपोर्ट

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