औरंगाबाद में बीडीओ के सामने पंचायत समिति सदस्य से मारपीट, चेन व मापी पुस्तिका छीनने का आरोप
बाढ़ का जायजा लेने पहुंचे पंसस से मारपीट, थाने में केस दर्ज
- बाढ़ की स्थिति देखने पहुंचे पंसस,थाना में कराई गई प्राथमिक
निष्कर्ष भारत संवाददाताऔरंगाबाद। औरंगाबाद में पंचायत समिति सदस्य से मारपीट का मामला सामने आया है। बता दे बारुण प्रखंड के जम्होर थाना क्षेत्र स्थित धर्मपुरा गांव में बुधवार को बाढ़ की स्थिति का जायजा लेने पहुंचे पंचायत समिति सदस्य और जदयू नेता रंजीत कुमार सिंह के साथ कथित तौर पर मारपीट और अभद्र व्यवहार किया गया। वही घटना को लेकर पंसस ने बुधवार देर रात जम्होर थाना में प्राथमिकी दर्ज कराई है
रंजीत कुमार सिंह के अनुसार, वह प्रखंड विकास पदाधिकारी नीरज कुमार के साथ धर्मपुरा गांव में बाढ़ की स्थिति देखने पहुंचे थे। इसी दौरान गांव के कुछ लोगों ने उनके साथ गाली-गलौज शुरू कर दी और फिर मारपीट करने का आरोप है। पंसस ने औरंगाबाद पुलिस को दिए आवेदन में अजीत कुमार, सुजीत कुमार, अमित कुमार समेत अन्य लोगों को आरोपित बनाया है।
औरंगाबाद में बाढ़ का जायजा लेने पहुंचे थे पंसस
बताया गया कि धर्मपुरा गांव में बाढ़ की स्थिति की जानकारी लेने के लिए बीडीओ नीरज कुमार और पंचायत समिति सदस्य रंजीत कुमार सिंह पहुंचे थे। बता दे की औरंगाबाद क्षेत्र में बाढ़ के कारण लोगों को हो रही परेशानियों और स्थिति का जायजा लिया जा रहा था।
वही इसी दौरान वहां मौजूद कुछ लोगों के साथ पंसस की कहासुनी हो गई। रंजीत कुमार सिंह का आरोप है कि मामला जल्द ही गाली-गलौज और मारपीट तक पहुंच गया। उन्होंने प्राथमिकी में घटना के दौरान उनके साथ अभद्र व्यवहार किए जाने का भी आरोप लगाया है। मामले की जानकारी मिलने के बाद अब पुलिस पूरे घटनाक्रम की जांच कर रही है।
चेन और मापी पुस्तिका छीनने का आरोप
पंचायत समिति सदस्य रंजीत कुमार सिंह ने पुलिस को दिए आवेदन में मारपीट के साथ-साथ सामान छीनने का भी आरोप लगाया है। उनका कहना है कि आरोपितों ने उनके गले से सोने की चेन उतार ली।

इसके अलावा उन्होंने आरोप लगाया कि उनके पास विभिन्न सरकारी योजनाओं से संबंधित मापी पुस्तिका भी थी, जिसे आरोपितों ने छीन लिया। मापी पुस्तिका सरकारी योजनाओं से जुड़े कार्यों के निरीक्षण और माप से संबंधित महत्वपूर्ण दस्तावेज माना जाता है। पुलिस प्राथमिकी में लगाए गए इन आरोपों की जांच कर रही है। आरोपों की पुष्टि जांच पूरी होने के बाद ही हो सकेगी।
बीडीओ ने अपनी मौजूदगी में घटना होने की बात कही
बीडीओ नीरज कुमार ने घटना को लेकर बताया कि पूरा मामला उनकी मौजूदगी में हुआ। उन्होंने कहा कि पंसस के साथ अभद्र व्यवहार किया गया।
बीडीओ ने यह भी स्पष्ट किया कि उनके साथ किसी तरह की घटना नहीं हुई है। यानी घटना में वह स्वयं घायल या आरोपितों की ओर से किसी हमले का शिकार नहीं हुए।
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उनके बयान के बाद पुलिस के सामने अब घटनास्थल पर मौजूद लोगों से पूछताछ कर घटना की वास्तविक परिस्थितियों का पता लगाने की जिम्मेदारी है।
औरंगाबाद पुलिस ने दर्ज की प्राथमिकी
घटना के बाद पंसस ने औरंगाबाद के जम्होर थाना पहुंचकर लिखित शिकायत दी। पुलिस ने शिकायत के आधार पर प्राथमिकी दर्ज कर ली है। जम्होर थानाध्यक्ष के अनुसार, मामले की जांच की जा रही है।
औरंगाबाद पुलिस जांच के दौरान घटना के कारण, मारपीट की परिस्थितियों और लगाए गए आरोपों की पड़ताल की जाएगी। पुलिस यह भी पता लगाने का प्रयास करेगी कि मौके पर उस समय कौन-कौन लोग मौजूद थे और विवाद की शुरुआत किस बात को लेकर हुई। जांच के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
बाढ़ प्रभावित गांव में विवाद से मामला गरमाया
बता दे की औरंगाबाद के धर्मपुरा गांव में बाढ़ की स्थिति का जायजा लेने के दौरान हुई इस घटना ने स्थानीय स्तर पर चर्चा बढ़ा दी है। बाढ़ के कारण प्रभावित इलाकों में प्रशासनिक अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों का दौरा आम तौर पर राहत व्यवस्था और स्थानीय समस्याओं की जानकारी लेने के लिए होता है।
इसी दौरान पंसस के साथ मारपीट का आरोप सामने आने से मामला पुलिस तक पहुंच गया। फिलहाल यह स्पष्ट नहीं है कि विवाद की शुरुआत किस मुद्दे को लेकर हुई थी। पुलिस प्राथमिकी और मौके पर उपलब्ध जानकारी के आधार पर मामले की जांच कर रही है।
आरोपित के भाजपा से जुड़े होने की चर्चा
घटना के बाद यह भी बताया जा रहा है कि प्राथमिकी में नामजद आरोपित अजीत कुमार के भाजपा से जुड़े होने की बात सामने आई है। हालांकि, यह आरोप या राजनीतिक जुड़ाव जांच का विषय है और इसकी स्वतंत्र पुष्टि इस मामले में सामने नहीं आई है।
घटना में शामिल अन्य लोगों की भूमिका भी पुलिस जांच के दायरे में है। फिलहाल पुलिस की ओर से किसी आरोपित की गिरफ्तारी को लेकर जानकारी नहीं दी गई है।
राजनीतिक पृष्ठभूमि के कारण बढ़ी चर्चा
रंजीत कुमार सिंह जदयू से जुड़े नेता और पंचायत समिति सदस्य हैं। ऐसे में उनके साथ हुई कथित मारपीट की घटना को स्थानीय राजनीतिक हलकों में भी चर्चा के रूप में देखा जा रहा है।

हालांकि, पुलिस की प्राथमिकता फिलहाल घटना की वास्तविकता और प्राथमिकी में लगाए गए आरोपों की जांच करना है। मामले में राजनीतिक विवाद की भूमिका थी या यह स्थानीय स्तर पर किसी अन्य कारण से हुआ, इसका पता जांच के बाद ही चल सकेगा।
मापी पुस्तिका को लेकर भी होगी जांच
पंचायत समिति सदस्य ने जिन दस्तावेजों को छीने जाने का आरोप लगाया है, उनमें विभिन्न सरकारी योजनाओं से संबंधित मापी पुस्तिका शामिल है। ऐसे दस्तावेज योजनाओं के काम और माप से संबंधित जानकारी के लिए महत्वपूर्ण होते हैं।
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इसलिए औरंगाबाद पुलिस मामले की जांच में इस आरोप को भी शामिल करेगी। यदि मापी पुस्तिका वास्तव में छीनी गई है तो उसकी बरामदगी और घटना में शामिल लोगों की पहचान भी जांच का हिस्सा होगी।
जांच के बाद साफ होगी पूरी तस्वीर
फिलहाल जम्होर थाना पुलिस ने प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस घटना के प्रत्यक्षदर्शियों से पूछताछ करने के साथ प्राथमिकी में लगाए गए आरोपों की सत्यता की पड़ताल करेगी।
मारपीट, सोने की चेन और मापी पुस्तिका छीनने के आरोपों पर पुलिस जांच के बाद ही स्थिति स्पष्ट होगी। वहीं बीडीओ ने घटना अपनी मौजूदगी में होने और पंसस के साथ अभद्र व्यवहार किए जाने की बात कही है।
धर्मपुरा गांव में बाढ़ का जायजा लेने से शुरू हुआ यह मामला अब पुलिस जांच तक पहुंच गया है। फिलहाल स्थानीय लोगों की नजर इस बात पर है कि जांच के बाद औरंगाबाद पुलिस इस मामले में आगे क्या कार्रवाई करती है।
अमन कुमार की रिपोर्ट
