लखीसराय में फर्जीवाड़े की दुकान पर छापा, 15 आधार कार्ड मिले, संचालक गिरफ्तार

लखीसराय

लखीसराय साइबर कैफे में छापा, 15 आधार कार्ड समेत दस्तावेज बरामद

लखीसराय। लखीसराय जिलें में आधार फर्जीवाड़ा किए जाने के आरोप में पुलिस ने एक साइबर कैफे संचालक को गिरफ्तार किया है। लखीसराय थाना क्षेत्र के दामोदरपुर स्थित कुश इंटरप्राइजेज साइबर कैफे में बुधवार को छापेमारी के दौरान पुलिस ने 15 अलग-अलग लोगों के आधार कार्ड, आधार कार्ड की छायाप्रतियां और कई मतदाता पहचान पत्र बरामद किए। पुलिस के अनुसार, कैफे में फोटोशॉप के जरिए आधार कार्ड में उम्र से संबंधित जानकारी में कथित तौर पर बदलाव किया जाता था।

पुलिस का कहना है कि इस तरह की हेराफेरी के जरिए लोगों को सरकारी योजनाओं का गलत तरीके से लाभ दिलाने या लाभ लेने की कोशिश की जा रही थी। मामले में कैफे संचालक दामोदरपुर निवासी कुश कुमार को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस अब इस पूरे नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की भूमिका की जांच कर रही है।

दामोदरपुर के साइबर कैफे में पुलिस की छापेमारी

पुलिस को 2 सितंबर को सूचना मिली थी कि लखीसराय जिले के दामोदरपुर में संचालित एक साइबर कैफे में सामान्य ऑनलाइन सेवाओं के अलावा फर्जी दस्तावेज तैयार करने और आधार कार्ड में अवैध तरीके से बदलाव करने का काम किया जा रहा है।

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सूचना मिलने के बाद लखीसराय थाना की टीम ने कुश इंटरप्राइजेज साइबर कैफे में छापेमारी की। कार्रवाई के दौरान पुलिस ने वहां रखे दस्तावेजों और इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों की जांच की। तलाशी में अलग-अलग लोगों के पहचान संबंधी कई दस्तावेज मिले।

बरामद दस्तावेजों में 15 लोगों के आधार कार्ड, कई आधार कार्ड की छायाप्रतियां और मतदाता पहचान पत्र शामिल हैं। दस्तावेजों की संख्या को देखते हुए पुलिस ने मामले को गंभीरता से लिया है।

लखीसराय में फोटोशॉप से आधार में बदलाव का आरोप

पुलिस के अनुसार, पूछताछ के दौरान गिरफ्तार आरोपी कुश कुमार ने बताया कि वह फोटोशॉप की मदद से लोगों के आधार कार्ड में उम्र से संबंधित जानकारी को घटाने-बढ़ाने का काम करता था।

पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि आधार कार्ड में कथित बदलाव किस उद्देश्य से किए जाते थे। प्रारंभिक जांच में सरकारी योजनाओं का लाभ लेने के लिए उम्र संबंधी जानकारी में हेराफेरी किए जाने की आशंका जताई गई है।

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यदि किसी व्यक्ति की वास्तविक उम्र दस्तावेजों में बदल दी जाए तो वह ऐसी योजना के लिए पात्र दिखाई दे सकता है, जिसके लिए वह वास्तविक रूप से पात्र नहीं है। इसी वजह से पहचान संबंधी दस्तावेजों में किसी भी तरह की अनधिकृत छेड़छाड़ को पुलिस गंभीरता से ले रही है।

लखीसराय साइबर कैफे से कई उपकरण बरामद

छापेमारी के दौरान पुलिस ने केवल पहचान दस्तावेज ही नहीं, बल्कि कई इलेक्ट्रॉनिक उपकरण भी बरामद किए हैं। इनमें कैनन कंपनी का प्रिंटर, एसर कंपनी का मॉनिटर, एचपी कंपनी का प्रिंटर और लेमिनेटर मशीन शामिल है।

इसके अलावा यूपीएस, मोबाइल, की-बोर्ड और अन्य दस्तावेज भी पुलिस के हाथ लगे हैं। पुलिस इन उपकरणों और दस्तावेजों की जांच कर रही है, ताकि यह पता लगाया जा सके कि साइबर कैफे से किस तरह का काम किया जा रहा था।

जांच टीम यह भी देख रही है कि बरामद कंप्यूटर और अन्य उपकरणों में किसी तरह के डिजिटल साक्ष्य मौजूद हैं या नहीं।

15 आधार कार्ड मिलने के बाद बढ़ी जांच

साइबर कैफे से 15 अलग-अलग लोगों के आधार कार्ड मिलने के बाद पुलिस के सामने अब कई सवाल हैं। ये आधार कार्ड कैफे में क्यों रखे गए थे, इनके संबंध में क्या काम किया जाना था और क्या पहले भी ऐसे दस्तावेजों में बदलाव किया गया है, इसकी जानकारी जुटाई जा रही है।

पुलिस बरामद दस्तावेजों के आधार पर उन लोगों तक भी पहुंचने का प्रयास कर सकती है, जिनके आधार कार्ड कैफे से मिले हैं। इससे यह स्पष्ट करने में मदद मिल सकती है कि दस्तावेज वहां किस उद्देश्य से दिए गए थे और उनमें किसी तरह की छेड़छाड़ की गई थी या नहीं।

सरकारी योजनाओं के लाभ पर भी जांच का फोकस

आधार कार्ड और मतदाता पहचान पत्र जैसे दस्तावेज व्यक्ति की पहचान से जुड़े महत्वपूर्ण रिकॉर्ड हैं। ऐसे दस्तावेजों में कथित हेराफेरी की जानकारी सामने आने के बाद पुलिस यह जांच कर रही है कि इसका इस्तेमाल कहां और किस उद्देश्य से किया जाना था।

पुलिस के मुताबिक, उम्र में बदलाव कर सरकारी योजनाओं के लिए पात्रता हासिल करने की कोशिश की जा सकती थी। हालांकि, किन योजनाओं में कथित फर्जीवाड़ा किया गया और कितने लोगों को इसका लाभ मिला, यह जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट होगा।

पुलिस अब बरामद दस्तावेजों और डिजिटल उपकरणों की जांच के आधार पर इस पहलू को भी खंगाल रही है।

लखीसराय में एक आरोपी गिरफ्तार, अन्य की तलाश

बरामदगी और पूछताछ के आधार पर पुलिस ने कुश कुमार को गिरफ्तार कर लिया है। उसके खिलाफ लखीसराय थाना में कांड संख्या 439/26 दर्ज किया गया है।

पुलिस का कहना है कि मामले में शामिल अन्य लोगों की भूमिका की भी जांच की जाएगी। यदि जांच के दौरान किसी अन्य व्यक्ति के खिलाफ पर्याप्त साक्ष्य मिलते हैं तो उसके विरुद्ध भी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

जांच का एक अहम पहलू यह भी है कि साइबर कैफे में आने वाले लोगों और कथित तौर पर दस्तावेजों में बदलाव कराने वालों के बीच क्या संबंध था।

पुलिस टीम ने की कार्रवाई

इस कार्रवाई में लखीसराय थाना के पुलिस पदाधिकारी एसआई सौरभ कुमार, एएसआई उमाशंकर राजपाल और सशस्त्र बल के जवान शामिल थे। टीम ने सूचना के आधार पर साइबर कैफे में छापेमारी कर दस्तावेज और उपकरण जब्त किए।

आरोपी को गिरफ्तार कर पुलिस मामले की आगे की जांच कर रही है। बरामद आधार कार्ड, मतदाता पहचान पत्र और इलेक्ट्रॉनिक उपकरण इस जांच में महत्वपूर्ण साक्ष्य माने जा रहे हैं।

लखीसराय पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि कथित आधार फर्जीवाड़े का दायरा कितना बड़ा है और इसके पीछे सिर्फ साइबर कैफे संचालक की भूमिका है या कोई संगठित नेटवर्क भी काम कर रहा था।

Nishkarsh Bharat

राज कुमार की रिपोर्ट