कटिहार में मिनी गन फैक्ट्री पर छापा, खेती की आड़ में चल रहा था कारोबार

कटिहार में मिनी गन फैक्ट्री का खुलासा

कटिहार में केले के खेत से मिनी गन फैक्ट्री पकड़ी, तीन आरोपी गिरफ्तार

निष्कर्ष भारत, संवाददाता (कटिहार)। कटिहार मिनी गन फैक्ट्री का पुलिस ने पर्दाफाश किया है। पोठिया थाना क्षेत्र के सतबेहरी चांदपुर बहियार में केले के खेत की आड़ में बनी एक झोपड़ी में कथित तौर पर अवैध हथियार तैयार किए जा रहे थे। पुलिस ने छापेमारी कर मिनी गन फैक्ट्री से तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। तलाशी के दौरान एक पिस्टल, एक अर्द्धनिर्मित पिस्टल, बैरल, दो मैगजीन और छह जिंदा कारतूस बरामद किए गए हैं।

पुलिस को मौके से हथियार बनाने में इस्तेमाल होने वाले कई उपकरण भी मिले हैं। इनमें गैस कटिंग मशीन, ड्रिल मशीन, अर्द्धनिर्मित मैगजीन और अन्य औजार शामिल हैं। पुलिस अब गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ कर यह पता लगाने में जुटी है कि कथित तौर पर तैयार किए जा रहे हथियार कहां सप्लाई किए जाते थे और इस गतिविधि से कौन-कौन लोग जुड़े हैं।

खेत को बनया मिनी गन फैक्ट्री का ठिकाना

सतबेहरी चांदपुर बहियार इलाके में केले के खेत के बीच एक झोपड़ी को कथित तौर पर मिनी गन फैक्ट्री के लिए इस्तेमाल किया जा रहा था। खेतों के बीच ठिकाना बनाए जाने से बाहरी लोगों की नजर से गतिविधियों को दूर रखने की कोशिश की गई थी।

एसडीपीओ विशाल आनंद के अनुसार, पुलिस को इलाके में अवैध हथियार निर्माण की सूचना मिली थी। सूचना मिलने के बाद विशेष टीम का गठन कर संभावित ठिकाने की निगरानी की गई। जानकारी की पुष्टि होने के बाद पुलिस टीम ने झोपड़ी में छापेमारी की।

मिनी गन फैक्ट्री पर पुलिस का छापा

पुलिस टीम के झोपड़ी के पास पहुंचते ही वहां मौजूद तीन लोग भागने की कोशिश करने लगे। पुलिस जवानों ने उनका पीछा किया और तीनों को पकड़ लिया।

गिरफ्तार आरोपियों की पहचान मो. रफीक आलम, मो. फिरोज और मो. बजीर के रूप में हुई है। पुलिस ने झोपड़ी की तलाशी ली तो वहां हथियार और उन्हें तैयार करने से जुड़े उपकरण बरामद हुए।

पुलिस की इस कार्रवाई के बाद इलाके में अवैध हथियार निर्माण को लेकर चर्चा तेज हो गई है। जांच एजेंसी अब यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि झोपड़ी में यह गतिविधि कब से चल रही थी।

हथियार और निर्माण सामग्री बरामद

छापेमारी के दौरान पुलिस को मिनी गन फैक्ट्री से एक पिस्टल और एक अर्द्धनिर्मित पिस्टल मिली। इसके अलावा बैरल, दो मैगजीन और छह जिंदा कारतूस भी बरामद किए गए हैं। पुलिस को अर्द्धनिर्मित मैगजीन समेत ऐसे कई सामान मिले, जिनका इस्तेमाल हथियार तैयार करने में किया जाता था।

मौके से गैस कटिंग मशीन और ड्रिल मशीन जैसे उपकरण भी मिले हैं। इन उपकरणों की मौजूदगी के आधार पर पुलिस को आशंका है कि झोपड़ी का इस्तेमाल हथियार बनाने के ठिकाने के तौर पर किया जा रहा था।

हालांकि, यहां कितने समय से मिनी गन फैक्ट्री का अब तक कितने हथियार तैयार किए गए, इसका पता जांच पूरी होने के बाद ही चल सकेगा।

हथियार सप्लाई नेटवर्क की तलाश

तीनों आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद पुलिस का अगला फोकस कथित हथियार सप्लाई नेटवर्क पर है। जांच में यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि यहां तैयार किए जाने वाले हथियार किन लोगों को दिए जाते थे।

पुलिस गिरफ्तार आरोपियों से उनके संपर्कों, संभावित खरीदारों और हथियारों की सप्लाई से जुड़े लोगों के बारे में पूछताछ कर रही है। मोबाइल फोन समेत बरामद अन्य सामान भी जांच में अहम हो सकते हैं।

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जांच एजेंसियां यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि क्या इस ठिकाने से हथियार किसी दूसरे जिले या राज्य तक पहुंचाए जाते थे।

कटिहार में अवैध हथियार कारोबार पर कार्रवाई

कटिहार में पुलिस की इस कार्रवाई को मिनी गन फैक्ट्री के खिलाफ महत्वपूर्ण कार्रवाई माना जा रहा है। खेतों के बीच बनाए गए इस कथित ठिकाने का खुलासा पुलिस को मिली सूचना के आधार पर हुआ।

पुलिस अब गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ के साथ-साथ मामले में जुड़े अन्य संभावित लोगों की जानकारी जुटा रही है। अगर जांच में किसी अन्य व्यक्ति की भूमिका सामने आती है तो उसके खिलाफ भी कार्रवाई की जा सकती है।

आगे की जांच में खुलेगा पूरा मामला

फिलहाल पुलिस ने तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है और उनसे पूछताछ जारी है। बरामद हथियारों और उपकरणों को जांच के दायरे में लिया गया है। पुलिस यह भी पता कर रही है कि बरामद पिस्टल और अन्य सामान कहां से आए थे।

अवैध हथियार निर्माण और सप्लाई से जुड़े पूरे नेटवर्क का पता लगाने के लिए पुलिस गिरफ्तार आरोपियों से लगातार जानकारी जुटा रही है। जांच आगे बढ़ने के साथ इस मामले में और गिरफ्तारियां होने की संभावना से भी इनकार नहीं किया जा रहा है।

Nishkarsh Bharat

अमन कुमार की रिपोर्ट

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