गया के 14 वर्षीय रोहित की हैदराबाद में मौत, बिना सूचना अंतिम संस्कार का आरोप
गया के इमामगंज में 14 वर्षीय रोहित की मौत से गांव में मचा हड़कंप
निष्कर्ष भारत संवाददाता गया। गया गया जिले के इमामगंज प्रखंड के फतेहपुर गांव में 14 वर्षीय किशोर रोहित कुमार की हैदराबाद में मौत की खबर पहुंचने के बाद गांव में मातम और आक्रोश का माहौल है। परिजनों का आरोप है कि रोहित की मौत हैदराबाद की एक चूड़ी फैक्ट्री में काम करने के दौरान हुई, लेकिन फैक्ट्री प्रबंधन ने परिवार को तत्काल इसकी सूचना नहीं दी। इतना ही नहीं, परिजनों का दावा है कि उनकी जानकारी और मौजूदगी के बिना ही किशोर के शव का अंतिम संस्कार कर दिया गया।
मामला सामने आने के बाद मृतक की मां सरिता देवी ने पुलिस से शिकायत की है। शिकायत के आधार पर पुलिस ने दो लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि रोहित को हैदराबाद कौन ले गया था, फैक्ट्री में उसकी क्या भूमिका थी और उसकी मौत किन परिस्थितियों में हुई।
गया के फतेहपुर गांव से मजदूरी के लिए हैदराबाद गया था रोहित
फतेहपुर गांव निवासी राजा राम भुइयां का 14 वर्षीय पुत्र रोहित कुमार करीब 15 दिन पहले मजदूरी करने के लिए हैदराबाद गया था। परिवार के अनुसार, रोहित वहां एक चूड़ी फैक्ट्री में काम कर रहा था। इतनी कम उम्र में किशोर के दूसरे राज्य में मजदूरी करने जाने और फिर कुछ ही दिनों में उसकी मौत की खबर आने से परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा।
परिजनों को जब रोहित की मौत की जानकारी मिली तो घर में कोहराम मच गया। गांव में भी घटना की खबर तेजी से फैल गई और लोगों के बीच तरह-तरह के सवाल उठने लगे। परिवार का सबसे बड़ा आरोप यही है कि जिस समय उन्हें अपने बेटे की मौत की सूचना मिलनी चाहिए थी, उस समय उन्हें इसकी जानकारी नहीं दी गई।
मौत की खबर से पहले परिवार को क्यों नहीं दी गई सूचना?
मृतक के परिजनों के मुताबिक, रोहित की मौत के बाद फैक्ट्री प्रबंधन की ओर से परिवार को समय पर सूचना नहीं दी गई। परिवार का आरोप है कि उन्हें बाद में घटना की जानकारी मिली और तब तक शव का अंतिम संस्कार भी किया जा चुका था।
इस आरोप ने पूरे मामले को गंभीर बना दिया है। किसी परिजन की मौत के बाद परिवार को सूचना दिए बिना अंतिम संस्कार किए जाने की बात सामने आने के बाद यह सवाल उठ रहा है कि आखिर ऐसी क्या परिस्थिति थी, जिसमें परिवार को मौके पर बुलाने के बजाय शव का अंतिम संस्कार कर दिया गया।
पुलिस अब इसी पहलू को भी जांच का अहम हिस्सा मानकर आगे बढ़ रही है। हालांकि, अंतिम संस्कार किन परिस्थितियों में हुआ और इसमें किन लोगों की भूमिका थी, इसका स्पष्ट जवाब जांच पूरी होने के बाद ही सामने आएगा।
गया पुलिस ने दो लोगों के खिलाफ दर्ज की प्राथमिकी
रोहित की मां सरिता देवी की शिकायत पर पुलिस ने मामले में दो लोगों को आरोपी बनाया है। पुलिस के अनुसार, किशोर को हैदराबाद की फैक्ट्री में काम के लिए ले जाने वाले व्यक्ति को भी प्राथमिकी में आरोपी बनाया गया है। इसके अलावा गांव के एक अन्य व्यक्ति के खिलाफ भी मामला दर्ज किया गया है।

अब पुलिस आरोपियों की भूमिका की जांच कर रही है। साथ ही यह पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है कि रोहित को किस माध्यम से हैदराबाद ले जाया गया, उसे फैक्ट्री में किस तरह का काम दिया गया और वहां उसकी निगरानी कौन करता था।
14 साल के किशोर को मजदूरी के लिए ले जाने पर भी सवाल
घटना का एक महत्वपूर्ण पहलू रोहित की उम्र भी है। वह महज 14 वर्ष का था और करीब 15 दिन पहले मजदूरी करने के लिए हैदराबाद गया था। ऐसे में पुलिस जांच में यह भी महत्वपूर्ण होगा कि उसे काम पर किसने रखा और उसकी उम्र की जानकारी फैक्ट्री प्रबंधन या उसे वहां ले जाने वाले व्यक्ति को थी या नहीं।
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परिवार के आरोपों के बीच यह सवाल भी उठ रहा है कि एक नाबालिग किशोर को दूसरे राज्य में मजदूरी के लिए कैसे भेजा गया। हालांकि, इस संबंध में कानूनी जिम्मेदारी और अन्य पहलुओं पर स्थिति जांच के बाद ही स्पष्ट होगी।
रोहित की मौत कैसे हुई, सबसे बड़ा सवाल यही
पूरे मामले में सबसे बड़ा सवाल अब भी रोहित की मौत की वजह को लेकर है। क्या फैक्ट्री में काम करने के दौरान उसके साथ कोई हादसा हुआ? क्या उसकी तबीयत अचानक खराब हुई? या फिर मौत के पीछे कोई दूसरी वजह थी? फिलहाल इसका स्पष्ट जवाब सामने नहीं आया है।
पुलिस इन सभी संभावनाओं को ध्यान में रखकर जांच कर रही है। मौत की वास्तविक वजह सामने आने के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि घटना महज एक दुर्घटना थी या इसके पीछे किसी तरह की लापरवाही अथवा अन्य कारण जुड़ा हुआ है।
अंतिम संस्कार को लेकर भी पुलिस खंगाल रही पूरी कड़ी
जांच का दूसरा अहम हिस्सा शव के अंतिम संस्कार से जुड़ा है। परिजनों का आरोप है कि उन्हें सूचना दिए बिना शव का अंतिम संस्कार कर दिया गया। पुलिस यह जानने की कोशिश कर रही है कि अंतिम संस्कार किसकी मौजूदगी में हुआ, किसने इसकी अनुमति दी और परिवार को इसकी जानकारी क्यों नहीं दी गई।
इसके साथ ही पुलिस रोहित के हैदराबाद पहुंचने से लेकर उसकी मौत और अंतिम संस्कार तक की पूरी घटनाक्रम को जोड़ने में जुटी है। जांच के दौरान फैक्ट्री प्रबंधन, रोहित को वहां ले जाने वाले व्यक्ति और अन्य संबंधित लोगों की भूमिका सामने आने की उम्मीद है।
जांच के बाद साफ होगी घटना की पूरी तस्वीर
फिलहाल रोहित कुमार की मौत का वास्तविक कारण और बिना परिजनों को सूचना दिए अंतिम संस्कार किए जाने के आरोप की सच्चाई पुलिस जांच का विषय है। प्राथमिकी दर्ज होने के बाद पुलिस आरोपियों से पूछताछ समेत अन्य जरूरी कार्रवाई कर रही है।
गया के इमामगंज से सामने आया यह मामला एक नाबालिग किशोर के दूसरे राज्य में मजदूरी करने जाने, वहां उसकी संदिग्ध परिस्थितियों में मौत और परिवार को कथित तौर पर सूचना नहीं दिए जाने से जुड़े कई सवाल खड़े करता है। अब सबकी नजर पुलिस जांच पर है। जांच पूरी होने के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि रोहित की मौत किन परिस्थितियों में हुई और उसके शव का अंतिम संस्कार परिवार की जानकारी के बिना क्यों किया गया।
अमन की रिपोर्ट
