गया में हनी ट्रैप का खेल… इंस्टाग्राम पर हुई दोस्ती, युवक का अपहरण कर मांगी गई 27 लाख की रंगदारी
गया में Instagram पर दोस्ती के बाद युवक का अपहरण, 27 लाख रंगदारी मांगी
निष्कर्ष भारत, संवाददाता (गया)। गया अपहरण मामला में पुलिस ने युवक के अपहरण और 27 लाख रुपये की रंगदारी मांगने के मामले का खुलासा किया है। रामपुर थाना क्षेत्र में युवक को कथित तौर पर Instagram के जरिए प्रेमजाल में फंसाकर मिलने के लिए बुलाया गया। इसके बाद उसका अपहरण कर लिया गया और परिजनों से उसकी रिहाई के बदले 27 लाख रुपये की मांग की गई। पुलिस ने तेजी से कार्रवाई करते हुए युवक को करीब 8 से 12 घंटे के भीतर सकुशल बरामद कर लिया। मामले में दो पुरुष और एक महिला को गिरफ्तार किया गया है।
मामले का खुलासा नगर पुलिस उपाधीक्षक-2 धर्मेंद्र भारती ने प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान किया। पुलिस के अनुसार, 7 सितंबर 2026 को शोभा देवी ने रामपुर थाने में अपने बेटे के अपहरण की शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत के बाद पुलिस ने तत्काल प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू की।
गया में घर से निकला युवक, फिर बंद हो गया मोबाइल
पुलिस के अनुसार, युवक ने परिजनों को सिकरिया मोड़ जाने की बात बताई थी और इसके बाद घर से निकल गया। शुरुआत में वह परिवार के संपर्क में था, लेकिन कुछ समय बाद उसका मोबाइल फोन स्विच ऑफ हो गया।
इसके बाद परिजनों को फोन और मैसेज के जरिए युवक के अपहरण की जानकारी दी गई। उसकी रिहाई के बदले 27 लाख रुपये की रंगदारी मांगी गई। इतनी बड़ी रकम की मांग से परिवार के लोग घबरा गए और उन्होंने तत्काल पुलिस से संपर्क किया।

मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधिकारियों ने विशेष टीम का गठन किया। टीम ने तकनीकी अनुसंधान और उपलब्ध सूचनाओं के आधार पर युवक की तलाश शुरू की। पुलिस का प्रयास था कि अपहरणकर्ताओं तक पहुंचने के साथ युवक को सुरक्षित बरामद किया जाए।
Instagram पर शुरू हुई बातचीत, मिलने बुलाया
जांच के दौरान पुलिस को युवक के Instagram संपर्कों से महत्वपूर्ण जानकारी मिली। पुलिस के मुताबिक, एक महिला ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म के जरिए युवक से बातचीत शुरू की थी। बातचीत धीरे-धीरे नजदीकी में बदली और इसके बाद युवक को मिलने के लिए सिकरिया मोड़ बुलाया गया।
पुलिस का आरोप है कि युवक जब बताए गए स्थान पर पहुंचा तो महिला और उसके साथियों ने मिलकर उसका अपहरण कर लिया। इसके बाद उसका मोबाइल फोन बंद कर दिया गया और परिवार से संपर्क कर 27 लाख रुपये की रंगदारी मांगी गई।
पुलिस अब यह भी जांच कर रही है कि युवक को मिलने के लिए बुलाने की पूरी योजना कैसे तैयार की गई और इसमें गिरफ्तार आरोपियों की क्या-क्या भूमिका थी।
गया अपहरण मामले में पैसों के विवाद का एंगल
पुलिस की प्रारंभिक जांच में अपहरण के पीछे पैसों के लेनदेन से जुड़ा विवाद भी सामने आया है। पुलिस के अनुसार, युवक के पिता से नौकरी दिलाने के नाम पर कुछ रकम ली गई थी। इसी रकम के बकाया रहने को लेकर विवाद चल रहा था।
आरोप है कि इसी रकम की वसूली के लिए युवक के अपहरण की साजिश रची गई। इसके बाद परिवार पर दबाव बनाने के लिए 27 लाख रुपये की रंगदारी मांगी गई।
इस बिंदु को लेकर पुलिस गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ कर रही है। जांच एजेंसी यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि नौकरी दिलाने के नाम पर कितनी रकम ली गई थी, विवाद किस स्तर पर पहुंचा और 27 लाख रुपये की मांग कैसे तय की गई।
8 से 12 घंटे में युवक सकुशल बरामद
शिकायत मिलते ही पुलिस ने मामले को गंभीरता से लिया। विशेष टीम ने तकनीकी जांच के जरिए युवक और संदिग्धों की गतिविधियों का पता लगाने का प्रयास किया। संभावित ठिकानों पर कार्रवाई करते हुए पुलिस ने करीब 8 से 12 घंटे के भीतर युवक को सकुशल बरामद कर लिया।
युवक की सुरक्षित बरामदगी के बाद पुलिस ने राहत की सांस ली। इसके साथ ही अपहरण की साजिश में शामिल बताए जा रहे आरोपियों की गिरफ्तारी की कार्रवाई शुरू की गई।
पुलिस ने मामले में दो पुरुष और एक महिला को गिरफ्तार किया है। तीनों से पूछताछ की जा रही है। पुलिस यह भी पता लगाने में जुटी है कि इस घटना में इनके अलावा कोई अन्य व्यक्ति शामिल था या नहीं।
गया पुलिस ने तकनीकी जांच से सुलझाया मामला
नगर पुलिस उपाधीक्षक-2 धर्मेंद्र भारती ने बताया कि एसएसपी के निर्देश पर पुलिस टीम ने मामले में तेजी से कार्रवाई की। तकनीकी अनुसंधान की मदद से पुलिस को महत्वपूर्ण सुराग मिले और कुछ ही घंटों में युवक को सकुशल बरामद कर लिया गया।
उन्होंने बताया कि गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ जारी है। मामले में सामने आने वाले साक्ष्यों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
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पुलिस की जांच में Instagram पर हुई बातचीत को भी महत्वपूर्ण कड़ी माना जा रहा है। हालांकि, सोशल मीडिया के जरिए संपर्क और कथित अपहरण के बीच पूरी भूमिका को लेकर पुलिस अभी पूछताछ और साक्ष्य जुटाने की प्रक्रिया में है।
सोशल मीडिया पर अनजान लोगों से संपर्क में सावधानी जरूरी
घटना ने सोशल मीडिया के जरिए होने वाली दोस्ती और मुलाकात को लेकर भी सावधानी की जरूरत सामने रखी है। पुलिस के मुताबिक, इस मामले में युवक को पहले बातचीत के जरिए संपर्क में लाया गया और बाद में मिलने के लिए बुलाया गया।

सोशल मीडिया पर किसी अनजान व्यक्ति से लगातार बातचीत के बाद अचानक मुलाकात के लिए बुलाए जाने की स्थिति में लोगों को सतर्क रहने की जरूरत है। विशेषकर सुनसान या अपरिचित स्थान पर अकेले मिलने जाने से जोखिम बढ़ सकता है।
हालांकि, इस मामले में अपहरण की पूरी साजिश और आरोपियों के बीच भूमिका का अंतिम निष्कर्ष पुलिस जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट होगा।
27 लाख की मांग ने बढ़ाई मामले की गंभीरता
युवक के अपहरण के बाद 27 लाख रुपये की रंगदारी की मांग ने मामले को गंभीर बना दिया था। परिवार के लिए इतनी बड़ी रकम जुटाना संभव नहीं था। ऐसे में परिजनों ने पुलिस से संपर्क किया, जिसके बाद जांच को तेजी से आगे बढ़ाया गया।
फिलहाल युवक सुरक्षित है और तीन आरोपियों को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस अब घटना के पीछे की पूरी साजिश, पैसों के विवाद और Instagram के जरिए युवक को जाल में फंसाने की कथित भूमिका की जांच कर रही है।
जांच पूरी होने के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि इस वारदात में कितने लोग शामिल थे और अपहरण की योजना किस स्तर पर तैयार की गई थी। पुलिस ने कहा है कि उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
अमन कुमार की रिपोर्ट
