बिहार के स्कूलों में बढ़ेगी सुरक्षा! रात में पहरा और CCTV से होगी निगरानी, शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी ने की समीक्षा
बिहार के स्कूलों में अब सुरक्षा होगी और पुख्ता—रात में रात्रि प्रहरी और जरूरत के मुताबिक CCTV कैमरों से होगी निगरानी। शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी ने अधिकारियों को दिए निर्देश।
निष्कर्ष भारत संवाददाता पटना: बिहार सरकार अब सरकारी स्कूलों की सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत करने की तैयारी में है। स्कूलों में पढ़ाई के बेहतर माहौल के साथ-साथ बच्चों, शिक्षकों और विद्यालय परिसर की सुरक्षा पर भी विशेष ध्यान दिया जाएगा। इसके लिए रात्रि प्रहरी की तैनाती और जरूरत के अनुसार CCTV कैमरे लगाने की योजना पर काम किया जा रहा है। मंगलवार को शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी की अध्यक्षता में हुई शिक्षा विभाग की समीक्षा बैठक में स्कूल सुरक्षा, आधारभूत सुविधाओं, बच्चों के आधार कार्ड, शिक्षक प्रशिक्षण और विभिन्न शैक्षणिक योजनाओं की प्रगति पर विस्तार से चर्चा की गई।
बैठक में शिक्षा मंत्री ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिया कि राज्य में शिक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के साथ-साथ स्कूल परिसरों की सुरक्षा व्यवस्था भी प्रभावी बनाई जाए। सरकार का फोकस अब केवल भवन निर्माण और शैक्षणिक गुणवत्ता तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि स्कूलों में तकनीक और सुरक्षा संसाधनों के बेहतर इस्तेमाल पर भी जोर दिया जाएगा।

मॉडल स्कूलों से शुरू होगी रात्रि प्रहरी की व्यवस्था
शिक्षा विभाग की योजना के अनुसार, स्कूलों में रात्रि प्रहरी की व्यवस्था की शुरुआत पहले उन मॉडल स्कूलों से की जाएगी, जिन्हें सरस्वती विद्या निकेतन के रूप में विकसित किया जा रहा है। इन विद्यालयों में सुरक्षा व्यवस्था को प्राथमिकता देते हुए रात के समय निगरानी के लिए प्रहरी या सुरक्षा कर्मियों की तैनाती की जाएगी।
जरूरत के अनुसार बेहतर सुरक्षा एजेंसियों के गार्ड भी तैनात किए जा सकते हैं। इसका उद्देश्य स्कूल परिसर और वहां मौजूद सरकारी संपत्ति की सुरक्षा सुनिश्चित करना है।
शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी ने कहा कि विद्यालयों में सिर्फ गुणवत्तापूर्ण शिक्षा देना ही पर्याप्त नहीं है। बच्चों के लिए सुरक्षित वातावरण और स्कूल परिसरों की सुरक्षा भी उतनी ही महत्वपूर्ण है। इसके लिए शिक्षा विभाग अन्य सरकारी विभागों के साथ समन्वय स्थापित कर आधारभूत सुविधाओं को मजबूत करने की दिशा में काम करेगा।
CCTV कैमरों से होगी स्कूलों की निगरानी
स्कूल सुरक्षा को मजबूत बनाने के लिए जरूरत के अनुसार CCTV कैमरे लगाने की भी योजना बनाई जा रही है। कैमरों के जरिए स्कूल परिसर की निगरानी को बेहतर किया जा सकेगा।
CCTV व्यवस्था विशेष रूप से बड़े विद्यालयों और मॉडल स्कूलों में सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने में मददगार हो सकती है। इससे स्कूल परिसर में होने वाली गतिविधियों पर नजर रखने और किसी अप्रिय घटना की स्थिति में जरूरी जानकारी जुटाने में सहायता मिल सकती है।
सरकार का उद्देश्य आधुनिक तकनीक के इस्तेमाल के जरिए स्कूलों को अधिक सुरक्षित और व्यवस्थित बनाना है।
जनप्रतिनिधियों के आवेदनों पर जल्द कार्रवाई के निर्देश
समीक्षा बैठक में स्कूलों से संबंधित जनप्रतिनिधियों के आवेदनों और मांगों पर भी चर्चा की गई। शिक्षा मंत्री ने जिला शिक्षा पदाधिकारियों को निर्देश दिया कि विद्यालयों से जुड़े ऐसे आवेदन बिना अनावश्यक देरी के शिक्षा विभाग तक भेजे जाएं।
स्कूल भवन, अतिरिक्त कक्ष, मरम्मत, बुनियादी सुविधाओं और अन्य जरूरतों से संबंधित मामलों में विभागीय स्तर पर जल्द कार्रवाई करने पर जोर दिया गया।
मंत्री ने कहा कि स्थानीय स्तर से आने वाली समस्याओं और सुझावों को समय पर विभाग तक पहुंचाना जरूरी है, ताकि जरूरत के अनुसार जल्द निर्णय लिया जा सके।
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बच्चों के आधार कार्ड नहीं बनने पर शिक्षा मंत्री ने जताई नाराजग
बैठक में स्कूली बच्चों के आधार कार्ड निर्माण की स्थिति की भी समीक्षा की गई। कई बच्चों के आधार कार्ड नहीं बनने की जानकारी सामने आने पर शिक्षा मंत्री ने नाराजगी जताई।
उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि इस समस्या का जल्द समाधान किया जाए। आधार कार्ड नहीं होने के कारण बच्चों को सरकारी योजनाओं और अन्य आवश्यक सुविधाओं का लाभ लेने में परेशानी हो सकती है।
शिक्षा विभाग अब ऐसे बच्चों की पहचान कर आधार कार्ड निर्माण की प्रक्रिया में तेजी लाने की तैयारी कर रहा है। अधिकारियों को यह सुनिश्चित करने को कहा गया कि किसी भी छात्र को आवश्यक दस्तावेजों के अभाव में सरकारी योजनाओं के लाभ से वंचित न रहना पड़े।

बक्सर में गुरुकुलम विद्यापीठ के लिए मिली पांच एकड़ जमीन
समीक्षा बैठक में बक्सर में प्रस्तावित गुरुकुलम विद्यापीठ को लेकर भी महत्वपूर्ण जानकारी सामने आई। बताया गया कि इस परियोजना के लिए पांच एकड़ जमीन उपलब्ध हो गई है।
विद्यालय भवन और अन्य सुविधाओं के निर्माण से पहले शिक्षा विभाग के अधिकारी और इंजीनियर बेंगलुरु स्थित सत्य साई आश्रम और आर्ट ऑफ लिविंग के गुरुकुल का दौरा करेंगे।
इस दौरे का उद्देश्य वहां की शैक्षणिक व्यवस्था, भवन संरचना और अन्य सुविधाओं का अध्ययन करना है, ताकि बिहार में प्रस्तावित गुरुकुलम विद्यापीठ को बेहतर ढंग से विकसित किया जा सके।
700 मॉडल स्कूलों के प्रधानाध्यापकों को मिलेगा प्रशिक्षण
शिक्षा व्यवस्था की गुणवत्ता सुधारने के लिए 700 मॉडल स्कूलों के प्रधानाध्यापकों के प्रशिक्षण शिविर की तैयारियों की भी समीक्षा की गई। यह प्रशिक्षण शिविर पटना के ज्ञान भवन में आयोजित किया जाएगा।
इस कार्यक्रम के दौरान शिक्षा विभाग के दो महत्वपूर्ण पोर्टल भी शुरू किए जाने की तैयारी है। इनमें ‘शिक्षक समाधान पोर्टल’ और ‘मेरा विद्यालय-मेरा स्वाभिमान पोर्टल’ शामिल हैं।
बैठक में जानकारी दी गई कि प्रशिक्षण कार्यक्रम का उद्घाटन इसी महीने की 18 तारीख को मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी द्वारा किया जाना प्रस्तावित है।
इन पोर्टलों के माध्यम से शिक्षकों और विद्यालयों से जुड़े विभिन्न मुद्दों के समाधान और स्कूलों की गतिविधियों को बेहतर तरीके से व्यवस्थित करने की दिशा में काम किया जा सकता है।
शिक्षकों, वेतन और नई योजनाओं पर भी हुई चर्चा
बैठक में ‘25 करोड़ सपने, सेवा एवं संकल्प’ प्रतियोगिता की तैयारियों की भी समीक्षा की गई। इसके अलावा आर्ट ऑफ लिविंग और एससीईआरटी के बीच प्रस्तावित एमओयू पर चर्चा हुई।
शिक्षकों के गूगल रजिस्ट्रेशन और गूगल के प्रतिनिधियों के साथ प्रस्तावित बैठक की तैयारियों पर भी अधिकारियों ने चर्चा की।
संस्कृत और मदरसा शिक्षकों के अगस्त तक के वेतन भुगतान की स्थिति की समीक्षा की गई। वहीं वित्तरहित शिक्षकों से जुड़े मुद्दे पर वित्त विभाग के साथ बातचीत के बाद आगे का निर्णय लेने की बात कही गई।
बैठक में सातवें वेतनमान, नियोजित शिक्षकों की नियमावली में बदलाव और शिक्षा के क्षेत्र में CSR के जरिए सहयोग लेने के प्रस्तावों पर भी विचार किया गया।
सुरक्षा से लेकर तकनीक तक शिक्षा व्यवस्था को मजबूत करने की तैयारी
बिहार सरकार की इस समीक्षा बैठक से साफ है कि आने वाले समय में राज्य के स्कूलों में सुरक्षा और आधुनिक सुविधाओं को लेकर बड़े बदलाव देखने को मिल सकते हैं। रात्रि प्रहरी, CCTV कैमरे, मॉडल स्कूलों का विकास, प्रधानाध्यापकों का प्रशिक्षण और डिजिटल पोर्टल जैसे कदम शिक्षा व्यवस्था को नई दिशा देने की कोशिश के रूप में देखे जा रहे हैं।
सरकार का जोर अब स्कूलों को केवल पढ़ाई का केंद्र बनाने के बजाय उन्हें सुरक्षित, आधुनिक और बेहतर सुविधाओं से लैस शैक्षणिक संस्थान के रूप में विकसित करने पर है।
बिहार के मॉडल स्कूलों से रात्रि प्रहरी की व्यवस्था शुरू करने और जरूरत के अनुसार CCTV कैमरे लगाने की योजना शिक्षा विभाग की प्राथमिकताओं में शामिल हो गई है। आने वाले दिनों में इन फैसलों को जमीन पर कैसे लागू किया जाता है, इस पर सभी की नजर रहेगी।
पटना से कीमती कुमारी का रिपोर्ट
