तेज प्रताप यादव को फोन पर जान से मारने की धमकी काआरोप, पैसे मांगने और वीडियो वायरल करने की धमकी; जांच की मांग

 तेज प्रताप यादव

तेज प्रताप यादव ने मोबाइल फोन से जान से मारने की धमकी और ब्लैकमेलिंग का आरोप लगाया, सरकार-प्रशासन से निष्पक्ष जांच और कार्रवाई की मांग की।

पटना: जनशक्ति जनता दल (JJD) के राष्ट्रीय अध्यक्ष तेज प्रताप यादव ने एक मोबाइल नंबर से उन्हें और उनके साथ जुड़े कई लोगों को कथित तौर पर धमकी देने और ब्लैकमेल करने का गंभीर आरोप लगाया है। तेज प्रताप यादव ने सोशल मीडिया के जरिए इस मामले को उठाते हुए सरकार और प्रशासन से तत्काल और निष्पक्ष जांच की मांग की है।

तेज प्रताप यादव का आरोप है कि एक मोबाइल नंबर के जरिए उन्हें औरतेज प्रताप यादव उनकी पार्टी से जुड़े कई लोगों को लगातार डराने-धमकाने की कोशिश की जा रही है। उन्होंने दावा किया कि लोगों को वीडियो वायरल करने की धमकी देकर ब्लैकमेल किया जा रहा है और पैसे की मांग भी की जा रही है। तेज प्रताप के अनुसार, इस तरह की शिकायतें पुरुषों के साथ-साथ महिलाओं की ओर से भी सामने आई हैं।

उन्होंने सरकार और प्रशासन से पूरे मामले की गंभीरता से जांच कराने और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने की मांग की है।

मोबाइल नंबर से धमकी और ब्लैकमेल का आरोप

तेज प्रताप यादवतेज प्रताप यादव के मुताबिक, 7520322647 नंबर से उन्हें और उनके साथ जुड़े कई लोगों को कथित रूप से धमकी और ब्लैकमेल किया जा रहा है। उनका कहना है कि इस नंबर के जरिए लोगों को डराने के लिए उनके वीडियो प्रसारित करने की धमकी दी जा रही है।

तेज प्रताप ने दावा किया कि मामले में सिर्फ उन्हें ही नहीं, बल्कि उनकी पार्टी के लिए सक्रिय रूप से काम करने वाले कई लोगों को भी निशाना बनाया जा रहा है।

हालांकि, मोबाइल नंबर के वास्तविक उपयोगकर्ता कौन हैं और आरोपों में कितनी सच्चाई है, यह जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा। फिलहाल सामने आई जानकारी तेज प्रताप यादव द्वारा लगाए गए आरोपों पर आधारित है।

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पहले भी कार्रवाई की मांग कर चुके हैं तेज प्रताप

JJD अध्यक्ष ने कहा कि वह इस नंबर को लेकर पहले भी सार्वजनिक रूप से अपनी बात रख चुके हैं। उन्होंने संबंधित व्यक्ति या व्यक्तियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की थी।

तेज प्रताप का कहना है कि शिकायत और मांग के बावजूद अब तक प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई है। इसी को लेकर उन्होंने प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए हैं।

उन्होंने पूछा कि यदि लगातार शिकायतें सामने आ रही हैं तो कार्रवाई में देरी क्यों हो रही है। उनका कहना है कि मामले की गंभीरता को देखते हुए संबंधित नंबर और उससे जुड़े लोगों की पहचान कर जल्द जांच आगे बढ़ाई जानी चाहिए।

किसका संरक्षण प्राप्त है? तेज प्रताप ने उठाया सवाल

तेज प्रताप यादव ने इस मामले में यह भी सवाल उठाया कि कथित तौर पर धमकी देने वाले व्यक्ति को आखिर किसका संरक्षण प्राप्त है।

उन्होंने आशंका जताई कि कहीं किसी प्रभावशाली व्यक्ति के संरक्षण के कारण कार्रवाई में देरी तो नहीं हो रही। हालांकि, उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि बिना जांच किसी व्यक्ति को दोषी ठहराना उचित नहीं होगा।

उनका कहना है कि पुलिस और संबंधित जांच एजेंसियों को निष्पक्ष तरीके से पूरे मामले की जांच करनी चाहिए। जांच के बाद ही यह सामने आएगा कि धमकी और ब्लैकमेल के पीछे कौन लोग हैं और उनका उद्देश्य क्या है।

कॉल, मैसेज और डिजिटल साक्ष्यों की जांच की मांग

तेज प्रताप यादव ने प्रशासन और जांच एजेंसियों से मोबाइल नंबर से जुड़े सभी डिजिटल साक्ष्यों की जांच कराने की मांग की है।

उनका कहना है कि संबंधित नंबर से किए गए कॉल, भेजे गए संदेश और अन्य डिजिटल गतिविधियों की विधिसम्मत तरीके से जांच होनी चाहिए। इससे कथित धमकी और ब्लैकमेल के मामले की वास्तविकता सामने लाने में मदद मिल सकती है।

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इसके साथ ही उन्होंने नंबर के वास्तविक उपयोगकर्ता की पहचान करने और उसके पीछे यदि कोई अन्य व्यक्ति या समूह सक्रिय है तो उसकी भी जांच करने की मांग की है।

वीडियो वायरल करने की धमकी का भी दावा

तेज प्रताप के आरोपों के अनुसार, लोगों को कथित तौर पर वीडियो वायरल करने की धमकी देकर दबाव बनाने की कोशिश की जा रही है। उन्होंने कहा कि इस तरह की शिकायतें कई लोगों की ओर से सामने आई हैं।

ऐसे मामलों में सोशल मीडिया और डिजिटल प्लेटफॉर्म के इस्तेमाल की जांच भी महत्वपूर्ण हो सकती है। यदि किसी व्यक्ति को आपत्तिजनक या निजी सामग्री वायरल करने की धमकी देकर दबाव में लेने का प्रयास किया जाता है, तो उसके डिजिटल साक्ष्यों की जांच के जरिए मामले की कड़ियों तक पहुंचा जा सकता है।

हालांकि, इस मामले में वीडियो से जुड़े दावों की वास्तविकता और उसकी प्रकृति की आधिकारिक पुष्टि अभी सामने नहीं आई है।

धमकियों से डरने वाला नहीं: तेज प्रताप

तेज प्रताप यादव ने अपने बयान में कहा कि वह इस तरह की धमकियों से डरने या दबने वाले नहीं हैं। उन्होंने अपनी पार्टी के कार्यकर्ताओं और सहयोगियों के साथ मजबूती से खड़े रहने की बात कही।

उन्होंने कहा कि उनकी पार्टी से जुड़े किसी कार्यकर्ता, सहयोगी, महिला या पुरुष को डराने-धमकाने की कोशिश की गई तो वह उनकी आवाज उठाएंगे।

तेज प्रताप ने प्रशासन से यह भी मांग की कि मामले की जांच केवल एक मोबाइल नंबर तक सीमित न रहे, बल्कि उससे जुड़े संभावित नेटवर्क और अन्य लोगों की भूमिका की भी पड़ताल की जाए।

दोषियों पर सख्त कार्रवाई की मांग

JJD अध्यक्ष ने मांग की है कि जांच के दौरान यदि कोई व्यक्ति दोषी पाया जाता है तो उसके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए। उन्होंने नंबर के वास्तविक उपयोगकर्ता और कथित तौर पर उसके पीछे मौजूद लोगों की पहचान करने की मांग की है।

पुलिस जांच में यह भी पता लगाया जा सकता है कि कथित धमकियों के पीछे कोई संगठित नेटवर्क है या मामला किसी व्यक्तिगत विवाद से जुड़ा है।

पुलिस जांच के बाद साफ होगी पूरी तस्वीर

तेज प्रताप यादव की सोशल मीडिया पोस्ट के बाद मामला एक बार फिर चर्चा में आ गया है। उनके आरोपों के बाद अब प्रशासन और पुलिस की कार्रवाई पर नजर रहेगी।

फिलहाल यह स्पष्ट नहीं है कि संबंधित मोबाइल नंबर के खिलाफ पुलिस स्तर पर क्या कार्रवाई हुई है और मामले में कोई प्राथमिकी दर्ज की गई है या नहीं। साथ ही, कथित धमकी और ब्लैकमेल के आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि भी अभी सामने नहीं आई है।

ऐसे में मामले की वास्तविकता पुलिस और संबंधित जांच एजेंसियों की जांच के बाद ही सामने आएगी।

तेज प्रताप यादव ने सरकार और प्रशासन से मामले की तत्काल, निष्पक्ष और विधिसम्मत जांच की मांग की है। अब देखना होगा कि कथित धमकी और ब्लैकमेल के पीछे कौन है और जांच के बाद इस मामले में क्या कार्रवाई होती है।

Nishkarsh Bharat

पटना से कीमती कुमारी का रिपोर्ट

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