शिक्षकों की बढ़ी टेंशन! अवकाश लेने से पहले करना होगा यें काम, कागजी आवेदन मान्य नहीं….
बिहार में शिक्षकों की छुट्टी के लिए अब ऑनलाइन आवेदन जरूरी
निष्कर्ष भारत, संवाददाता (पटना)। पटना। बिहार में शिक्षकों की छुट्टी लेने के नियम में बड़ा बदलाव किया गया है। अब सरकारी स्कूलों में कार्यरत शिक्षकों को किसी भी प्रकार के अवकाश के लिए ऑफलाइन या कागजी आवेदन देने की अनुमति नहीं होगी। बिहार में शिक्षकों की छुट्टी के लिए अब ई-शिक्षाकोष पोर्टल के माध्यम से ऑनलाइन आवेदन करना अनिवार्य कर दिया गया है। नई व्यवस्था के तहत छुट्टी के आवेदन से लेकर उसकी स्वीकृति तक की पूरी प्रक्रिया डिजिटल माध्यम से पूरी की जाएगी।
बिहार शिक्षा विभाग की ओर से सरकारी विद्यालयों में अवकाश की प्रक्रिया को ऑनलाइन करने का फैसला लिया गया है। यह व्यवस्था 15 अगस्त से लागू कर दी गई है। इसके बाद प्रधानाध्यापक, प्रधान शिक्षक और अन्य शिक्षक छुट्टी के लिए कागजी आवेदन नहीं कर सकेंगे।
बिहार में छुट्टी के लिए ऑनलाइन आवेदन जरूरी
बिहार नई व्यवस्था के तहत शिक्षकों को अर्जित अवकाश, मातृत्व अवकाश, चिकित्सीय अवकाश और शिशु देखभाल अवकाश समेत सभी प्रकार की छुट्टियों के लिए ई-शिक्षाकोष पोर्टल पर आवेदन करना होगा।

बिहार में शिक्षकों को निर्धारित प्रक्रिया के तहत पोर्टल पर अपनी छुट्टी से संबंधित जानकारी दर्ज करनी होगी। आवेदन जमा होने के बाद उसे संबंधित स्तर पर ऑनलाइन ही देखा और स्वीकृत किया जाएगा। इससे छुट्टी लेने की पूरी प्रक्रिया एक ही डिजिटल प्लेटफॉर्म पर दर्ज रहेगी।
अब तक कई जगहों पर छुट्टी के लिए कागजी आवेदन देने की व्यवस्था थी। नई व्यवस्था लागू होने के बाद इस प्रक्रिया को पूरी तरह ऑनलाइन कर दिया गया है। विभाग का उद्देश्य अवकाश प्रबंधन को अधिक व्यवस्थित और पारदर्शी बनाना है।
आवेदन से स्वीकृति तक पूरी प्रक्रिया ऑनलाइन
सिर्फ छुट्टी का आवेदन ऑनलाइन करना ही पर्याप्त नहीं होगा। अवकाश स्वीकृत होने के बाद उसका आदेश भी ई-शिक्षाकोष पोर्टल पर अपलोड करना अनिवार्य किया गया है।
इस व्यवस्था से प्रत्येक शिक्षक के अवकाश का डिजिटल रिकॉर्ड तैयार होगा। पोर्टल पर रिकॉर्ड उपलब्ध रहने से यह पता लगाना आसान होगा कि किसी शिक्षक ने कब और किस प्रकार का अवकाश लिया है। साथ ही अवकाश की स्वीकृति से संबंधित जानकारी भी डिजिटल रूप में सुरक्षित रहेगी।
ऑनलाइन रिकॉर्ड तैयार होने से विभागीय स्तर पर शिक्षकों के अवकाश से संबंधित जानकारी को व्यवस्थित तरीके से देखा जा सकेगा। इससे कागजी दस्तावेजों पर निर्भरता भी कम होने की उम्मीद है।
बिहार शिक्षा विभाग ने दिए सख्त निर्देश
नई व्यवस्था को लेकर बिहार के सभी जिला शिक्षा पदाधिकारी निशांत किरण ने सभी प्रखंड शिक्षा पदाधिकारियों और विद्यालय प्रधानों को निर्देश जारी किए हैं। अधिकारियों को कहा गया है कि ई-शिक्षाकोष के माध्यम से लागू की गई ऑनलाइन अवकाश प्रक्रिया का सख्ती से पालन कराया जाए।
निर्देश में स्पष्ट किया गया है कि किसी भी प्रकार का ऑफलाइन या कागजी अवकाश आवेदन स्वीकार नहीं किया जाए। यानी शिक्षक अब छुट्टी के लिए स्कूल स्तर पर कागज पर आवेदन देकर प्रक्रिया पूरी नहीं कर सकेंगे।

विभाग की ओर से संबंधित अधिकारियों को नई व्यवस्था की जानकारी दी गई है, ताकि स्कूलों में इसे लागू कराने में किसी तरह की परेशानी न हो।
छुट्टी का रिकॉर्ड रहेगा डिजिटल
ऑनलाइन व्यवस्था लागू होने का एक प्रमुख फायदा यह होगा कि शिक्षकों के अवकाश से जुड़ी जानकारी एक डिजिटल प्लेटफॉर्म पर सुरक्षित रहेगी। इससे छुट्टी का रिकॉर्ड लंबे समय तक उपलब्ध रहेगा और जरूरत पड़ने पर संबंधित जानकारी देखी जा सकेगी।
अवकाश के आवेदन और स्वीकृति आदेश को पोर्टल पर दर्ज किए जाने से प्रक्रिया में पारदर्शिता आने की उम्मीद है। विभागीय स्तर पर भी रिकॉर्ड की निगरानी करना आसान होगा।
इसके अलावा कागजी आवेदन, फाइल और दस्तावेजों को संभालने की जरूरत कम होगी। शिक्षकों और शिक्षा विभाग के अधिकारियों के लिए अवकाश प्रबंधन की प्रक्रिया को अधिक व्यवस्थित बनाने की दिशा में इसे महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
विभागीय वेबसाइट पर भी अपलोड होगा आदेश
नई अवकाश व्यवस्था से संबंधित विभागीय आदेश की प्रति जिला कार्यक्रम पदाधिकारियों को भी भेजी गई है। इसके साथ ही आदेश को विभागीय वेबसाइट पर अपलोड करने का निर्देश दिया गया है।
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इससे शिक्षकों और विद्यालयों से जुड़े अधिकारियों को नई व्यवस्था की जानकारी आसानी से मिल सकेगी। विभाग की ओर से सभी संबंधित अधिकारियों को ऑनलाइन प्रक्रिया का पालन सुनिश्चित कराने की जिम्मेदारी दी गई है।
शिक्षकों के लिए क्या बदलेगा?
नई व्यवस्था का सीधा असर सरकारी स्कूलों में कार्यरत शिक्षकों पर पड़ेगा। अब किसी भी प्रकार की छुट्टी लेने से पहले उन्हें ई-शिक्षाकोष पोर्टल के माध्यम से आवेदन करना होगा। छुट्टी स्वीकृत होने के बाद उसका आदेश भी डिजिटल रिकॉर्ड का हिस्सा बनेगा।
इस बदलाव के बाद ऑफलाइन आवेदन स्वीकार नहीं किया जाएगा। ऐसे में शिक्षकों को अवकाश लेने से पहले ऑनलाइन आवेदन की प्रक्रिया पूरी करनी होगी।
बिहार शिक्षा विभाग की यह व्यवस्था सरकारी स्कूलों में अवकाश प्रबंधन को डिजिटल बनाने की दिशा में उठाया गया कदम है। आने वाले समय में इसके माध्यम से शिक्षकों के अवकाश से संबंधित रिकॉर्ड को एक ही ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर व्यवस्थित रखने में मदद मिलने की उम्मीद है।
अमन कुमार की रिपोर्ट
