पटना में 10वीं की छात्रा के लापता होने से मचा हड़कंप, रेलवे पटरी पर मिला बैग-ड्रेस; 36 घंटे बाद पंजाब मेल से सकुशल बरामद
प्रेस कॉन्फ्रेंस के द्वारा दी गयी जानकारी
पटना/खगौल: बिहार के पटना जिले के खगौल में 10वीं कक्षा की एक छात्रा के अचानक लापता होने से हड़कंप मच गया। स्कूल की छुट्टी के बाद छात्रा घर नहीं पहुंची तो परिजनों ने उसकी तलाश शुरू की। इसी दौरान रेलवे पटरी के किनारे उसका स्कूल बैग और ड्रेस मिलने से परिवार को किसी अनहोनी की आशंका हुई। सूचना मिलने के बाद पुलिस ने मामले की जांच शुरू की। करीब 36 घंटे की पड़ताल के बाद पुलिस ने छात्रा को पटना जंक्शन पर पंजाब मेल से सकुशल बरामद कर लिया।
पुलिस जांच में सामने आया कि छात्रा सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म इंस्टाग्राम के जरिए बने एक रिश्ते के प्रभाव में घर से निकली थी। इस मामले में आसनसोल निवासी 24 वर्षीय विशाल कुमार की भूमिका सामने आई है। पुलिस अब उसकी गिरफ्तारी के साथ-साथ उसके सोशल मीडिया संपर्कों और छात्रा से जुड़ी पूरी कहानी की जांच कर रही है।
सहेली के जरिए छात्रा तक पहुंचा था युवक
पुलिस के अनुसार, विशाल कुमार ने पहले छात्रा की एक सहेली से संपर्क बनाया था। छात्रा अक्सर अपनी सहेली के घर आती-जाती थी। इसी दौरान उसकी पहचान विशाल से हुई। बातचीत बढ़ने के बाद विशाल ने छात्रा से भी संपर्क स्थापित कर लिया।
बताया गया कि छात्रा घर में पढ़ाई के दबाव को लेकर परेशान थी। पुलिस के मुताबिक, विशाल ने उसकी इसी परेशानी को समझते हुए उससे भावनात्मक नजदीकी बढ़ाई और उसे घर छोड़ने के लिए तैयार किया।
योजना के तहत विशाल ने छात्रा से कहा कि वह घर से अतिरिक्त कपड़े लेकर आए। घटना वाले दिन वह खुद आसनसोल से पटना पहुंचा और स्कूल के आसपास मौजूद रहा।
स्कूल के बाद सहेली के घर पहुंची छात्रा
स्कूल की छुट्टी होने के बाद छात्रा सीधे घर जाने के बजाय अपनी सहेली के घर पहुंची। वहां उसने स्कूल की ड्रेस बदली। पुलिस के अनुसार, विशाल के कहने पर छात्रा ने अपनी स्कूल ड्रेस और स्कूल बैग रेलवे पटरी के किनारे रख दिया।
इसके बाद वह विशाल के साथ वहां से निकल गई। इधर, छात्रा के घर नहीं पहुंचने पर परिजन उसकी तलाश में जुट गए। जब रेलवे पटरी के किनारे उसका बैग और स्कूल ड्रेस मिली तो परिवार में चिंता और बढ़ गई।
परिजनों को आशंका हुई कि छात्रा के साथ कोई गंभीर घटना हो गई है। मामले की जानकारी पुलिस को दी गई। छात्रा के लापता होने को लेकर स्थानीय लोगों और परिजनों ने खगौल में हंगामा भी किया।
सहेली से पूछताछ में मिला अहम सुराग
पुलिस ने मामले की जांच के दौरान छात्रा की सहेली से पूछताछ की। पूछताछ में पुलिस को विशाल कुमार के बारे में जानकारी मिली और उसका मोबाइल नंबर हाथ लगा।
इसके बाद पुलिस ने मोबाइल नंबर को तकनीकी सर्विलांस पर लगाया। जांच में पता चला कि विशाल की लोकेशन पहले छात्रा के स्कूल के आसपास थी और बाद में आसनसोल की मिली।
इससे पुलिस को यह महत्वपूर्ण सुराग मिला कि छात्रा अकेले नहीं गई है। मामले की गंभीरता को देखते हुए दानापुर SDPO-1 के नेतृत्व में विशेष टीम का गठन किया गया। पुलिस की दो टीमें विशाल की तलाश में आसनसोल के लिए रवाना हुईं।
पुलिस की दबिश की भनक लगते ही बदला प्लान
पुलिस के आसनसोल पहुंचने की जानकारी विशाल को हो गई। इसके बाद उसने छात्रा को लेकर अपना रास्ता बदल दिया। पुलिस के मुताबिक, उसने छात्रा को पटना आने वाली पंजाब मेल की सामान्य बोगी में बैठा दिया और खुद रास्ते में उतर गया।
हालांकि, पुलिस की तकनीकी निगरानी लगातार जारी थी। इसलिए छात्रा की लोकेशन और ट्रेन से जुड़ी गतिविधियों का सुराग पुलिस को मिल गया।
विशाल छात्रा को ट्रेन में अकेला छोड़कर खुद फरार हो गया। पुलिस को छात्रा के पटना लौटने की जानकारी मिलने के बाद टीम ने पटना जंक्शन पर निगरानी बढ़ा दी।
पंजाब मेल से पटना पहुंचते ही बरामद हुई छात्रा
करीब 36 घंटे की तलाश के बाद पंजाब मेल पटना जंक्शन पहुंची। पुलिस टीम ने ट्रेन से छात्रा को सकुशल बरामद कर लिया। छात्रा के मिलने के बाद परिवार ने राहत की सांस ली।
पुलिस ने छात्रा की चिकित्सीय जांच कराई और आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी करने के बाद उसे परिजनों के सुपुर्द कर दिया।
अब विशाल की गिरफ्तारी पर टिकी जांच
छात्रा के सकुशल बरामद होने के बाद पुलिस का अगला फोकस विशाल कुमार की गिरफ्तारी पर है। पुलिस उसके बैकग्राउंड, सोशल मीडिया गतिविधियों और छात्रा से संपर्क के तरीके की जांच कर रही है।
जांच एजेंसियां यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि क्या विशाल ने इससे पहले किसी अन्य नाबालिग से इसी तरह संपर्क किया था। उसके सोशल मीडिया अकाउंट और डिजिटल गतिविधियों की भी पड़ताल की जा रही है।
इस पूरे मामले में तकनीकी सर्विलांस पुलिस के लिए सबसे अहम कड़ी साबित हुआ। मोबाइल लोकेशन के जरिए पुलिस ने छात्रा के लापता होने की गुत्थी सुलझाई और अंततः उसे सुरक्षित पटना वापस लाने में सफलता हासिल की।
नोट: नाबालिग की पहचान से जुड़ी कोई भी व्यक्तिगत जानकारी सार्वजनिक नहीं की गई है।
पटना से भूमि आर्या की रिपोर्ट
