MLC चुनाव में नीतीश एक्टिव, 8 सीटों पर का टारगेट, पूर्व सीएम ने दिया जीत का मंत्र

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नीतीश एक्टिव, MLC की 8 सीटों पर NDA ने बढ़ाई चुनावी तैयारी

निष्कर्ष भारत, संवाददाता ( पटना)। बिहार विधान परिषद की आठ सीटों पर होने वाले चुनाव को लेकर राजनीतिक गतिविधियां तेज हो गई हैं। चार स्नातक और चार शिक्षक निर्वाचन क्षेत्रों में होने वाले इस चुनाव के लिए एनडीए ने संगठनात्मक स्तर पर तैयारी बढ़ा दी है। इसी क्रम में जदयू के राष्ट्रीय अध्यक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने पार्टी नेताओं के साथ बैठक कर चुनावी तैयारियों की जानकारी ली और सभी आठ सीटों पर गठबंधन के उम्मीदवारों के लिए मिलकर अभियान चलाने पर जोर दिया।

चुनाव आयोग के कार्यक्रम के मुताबिक बिहार की आठ विधान परिषद सीटों पर 23 अक्टूबर को मतदान होगा और 27 अक्टूबर को मतगणना की जाएगी। इन सीटों में पटना, दरभंगा, तिरहुत और कोसी स्नातक तथा पटना, दरभंगा, तिरहुत और सारण शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र शामिल हैं।

नीतीश ने नेताओं को दिया चुनावी संदेश

बुधवार को पटना स्थित अपने आवासीय कार्यालय में नीतीश कुमार ने पार्टी नेताओं से विधान परिषद चुनाव की तैयारियों की जानकारी ली। बैठक में आठों सीटों को लेकर संगठन की सक्रियता, उम्मीदवारों की स्थिति और चुनाव अभियान से जुड़े मुद्दों पर चर्चा हुई।

नीतीश कुमार ने पार्टी नेताओं से कहा कि एनडीए के सभी घटक दलों को मिलकर चुनाव अभियान चलाना चाहिए। उन्होंने बिहार में पिछले दो दशकों के दौरान हुए काम को पार्टी की राजनीतिक पूंजी बताते हुए नेताओं से मतदाताओं के बीच विश्वास के साथ जाने की बात कही।

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नीतीश ने पार्टी कार्यकर्ताओं और नेताओं को मतदाताओं के सुख-दुख में साथ खड़े रहने का संदेश दिया। साथ ही एनडीए के सभी उम्मीदवारों को चुनाव के लिए शुभकामनाएं भी दीं।

नीतीश ने आठ सीटों पर बढ़ाई सक्रियता

विधान परिषद चुनाव विधानसभा या लोकसभा चुनाव से अलग प्रकृति का होता है। स्नातक और शिक्षक निर्वाचन क्षेत्रों में अलग-अलग श्रेणी के मतदाता मतदान करते हैं। ऐसे में राजनीतिक दलों के सामने संगठन के साथ-साथ संबंधित मतदाता वर्ग तक सीधी पहुंच बनाने की चुनौती रहती है।

एनडीए की ओर से अब इसी स्तर पर समन्वय बढ़ाने की कोशिश की जा रही है। गठबंधन के नेताओं की बैठक में भी संगठनात्मक तालमेल और कार्यकर्ताओं के बीच बेहतर समन्वय को चुनावी तैयारी का महत्वपूर्ण हिस्सा बताया गया।

शिक्षा और विकास के मुद्दों पर फोकस

बैठक में उपमुख्यमंत्री विजय कुमार चौधरी ने शिक्षा के क्षेत्र में राज्य सरकार की योजनाओं और आधारभूत संरचना से जुड़े कार्यों का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि राज्य के बजट में शिक्षा के क्षेत्र को महत्वपूर्ण स्थान दिया जाता है।

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नीतीश ने शिक्षकों की जरूरतों और स्नातकों के लिए रोजगार तथा अवसरों से जुड़े विषयों को भी चुनावी संवाद का हिस्सा बताया। वहीं जदयू के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष संजय कुमार झा ने कहा कि विधान परिषद चुनाव के मतदाता शिक्षा और सामाजिक मुद्दों को समझने वाला वर्ग हैं। एनडीए नेताओं की ओर से सरकार के कामकाज को मतदाताओं तक पहुंचाने की रणनीति पर भी चर्चा की गई।

नीतीश की बैठक में कई नेता मौजूद

नीतीश ने जदयू की बैठक में ग्रामीण विकास एवं सूचना जनसंपर्क मंत्री श्रवण कुमार, मंत्री अशोक चौधरी, जमां खां, श्वेता गुप्ता, प्रदेश अध्यक्ष उमेश सिंह कुशवाहा, विधान परिषद में सत्तारूढ़ दल के उपनेता ललन सर्राफ, मुख्य सचेतक संजय गांधी और अन्य नेता मौजूद रहे।

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बैठक का मुख्य फोकस चुनावी तैयारी को संगठन के निचले स्तर तक पहुंचाने और पार्टी नेताओं के बीच जिम्मेदारियों के समन्वय पर रहा।

NDA ने भी बनाई साझा रणनीति

नीतीश की बैठक के बाद एनडीए के घटक दलों ने भी अलग बैठक कर विधान परिषद चुनाव की तैयारियों की समीक्षा की। भाजपा प्रदेश कार्यालय में हुई बैठक में गठबंधन के विभिन्न दलों के प्रदेश अध्यक्ष और वरिष्ठ नेता शामिल हुए।

बैठक में चुनावी रणनीति, संगठनात्मक समन्वय, उम्मीदवारों के समर्थन में अभियान और घटक दलों के कार्यकर्ताओं के बीच बेहतर तालमेल पर चर्चा हुई।

भाजपा प्रदेश अध्यक्ष संजय सर्राफ, जदयू प्रदेश अध्यक्ष उमेश सिंह कुशवाहा, लोजपा (रामविलास) के प्रदेश अध्यक्ष सुरेंद्र विवेक, राष्ट्रीय लोक मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष आलोक कुमार सिंह और हम के प्रतिनिधि समेत कई नेता बैठक में मौजूद रहे।

नीतीश के साथ NDA नेताओं का समन्वय

एनडीए की बैठक में इस बात पर जोर दिया गया कि चुनाव अभियान में गठबंधन के सभी दलों की संगठनात्मक ताकत का इस्तेमाल किया जाए। बूथ और क्षेत्रीय स्तर पर कार्यकर्ताओं के बीच समन्वय बढ़ाने के साथ उम्मीदवारों के पक्ष में संयुक्त अभियान चलाने पर भी चर्चा हुई।

बैठक में सरकार की विकास और जनकल्याणकारी योजनाओं को मतदाताओं तक पहुंचाने की रणनीति पर भी विचार किया गया। एनडीए नेताओं ने सभी आठ सीटों पर अपने उम्मीदवारों के लिए मिलकर काम करने की बात कही।

आठ सीटों पर चुनाव, चार-चार स्नातक और शिक्षक क्षेत्र

बिहार विधान परिषद की जिन आठ सीटों पर चुनाव होना है, उनमें चार स्नातक और चार शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र हैं। स्नातक सीटों में पटना, दरभंगा, तिरहुत और कोसी शामिल हैं। शिक्षक निर्वाचन क्षेत्रों में पटना, दरभंगा, तिरहुत और सारण सीट शामिल है।

इन सीटों के मौजूदा सदस्यों का कार्यकाल 16 नवंबर को समाप्त होना है। चुनाव आयोग ने 29 सितंबर से नामांकन प्रक्रिया शुरू की थी। नामांकन की अंतिम तारीख 6 अक्टूबर है, जबकि 7 अक्टूबर को नामांकन पत्रों की जांच होगी। उम्मीदवार 9 अक्टूबर तक नाम वापस ले सकेंगे।

चुनावी मैदान में BJP-JDU के उम्मीदवार

एनडीए में भाजपा और जदयू के बीच इन आठ सीटों को लेकर उम्मीदवारों का बंटवारा किया गया है। हालिया जानकारी के अनुसार भाजपा ने चार सीटों के लिए अपने उम्मीदवार घोषित किए हैं, जबकि जदयू ने भी चार उम्मीदवार मैदान में उतारे हैं।

भाजपा ने पटना शिक्षक क्षेत्र से नवल किशोर यादव, कोसी स्नातक से एनके यादव, दरभंगा स्नातक से सर्वेश कुमार और तिरहुत शिक्षक क्षेत्र से नरेंद्र प्रसाद सिंह को उम्मीदवार बनाया है।

जदयू के उम्मीदवारों में पटना स्नातक सीट से नीरज कुमार शामिल हैं। इस सीट पर जदयू विधायक अनंत सिंह द्वारा जन सुराज समर्थित अनुज कुमार के समर्थन की वजह से मुकाबला विशेष रूप से चर्चा में आया है। इस घटनाक्रम को लेकर जदयू के भीतर भी सार्वजनिक रूप से मतभेद सामने आए हैं।

नीतीश के सामने संगठन को एकजुट रखने की चुनौती

एमएलसी चुनाव में मतदाताओं का दायरा विधानसभा चुनाव की तुलना में अलग है। इसलिए उम्मीदवारों की व्यक्तिगत पकड़, स्थानीय संगठन, मतदाता संपर्क और गठबंधन के बीच तालमेल महत्वपूर्ण चुनावी कारक होंगे।

एनडीए की बैठकों में बार-बार सभी घटक दलों के एक साथ काम करने पर जोर दिया जाना इसी संगठनात्मक चुनौती को दिखाता है। वहीं अलग-अलग दलों के उम्मीदवार मैदान में होने से कई सीटों पर मुकाबला बहुकोणीय भी हो सकता है।

हालिया राजनीतिक गतिविधियों में पटना स्नातक सीट विशेष चर्चा में रही है। इसके अलावा विपक्षी दलों ने भी आठों सीटों पर अपनी तैयारियां तेज की हैं। कांग्रेस और आरजेडी के बीच सीटों और उम्मीदवारों को लेकर अलग-अलग स्तर पर बातचीत और मतभेद की खबरें भी सामने आई हैं।

23 अक्टूबर को होगा मतदान

बिहार विधान परिषद की आठ सीटों के लिए 23 अक्टूबर को सुबह 8 बजे से शाम 4 बजे तक मतदान होगा। 27 अक्टूबर को मतगणना होगी और चुनाव प्रक्रिया 31 अक्टूबर तक पूरी हो जाएगी।

नीतीश कुमार की बैठक और एनडीए की संयुक्त बैठक के बाद गठबंधन ने अपने चुनाव अभियान को संगठनात्मक रूप देने की प्रक्रिया तेज कर दी है। आने वाले दिनों में उम्मीदवारों का प्रचार, मतदाता संपर्क और अलग-अलग निर्वाचन क्षेत्रों में स्थानीय समीकरण इस चुनाव की दिशा तय करने वाले प्रमुख पहलुओं में शामिल होंगे।

Nishkarsh Bharat

राज कुमार की रिपोर्ट