पटना में भगवान जगन्नाथ रथ यात्रा का भव्य शुभारंभ, मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने झाड़ू लगाकर और रथ की रस्सी खींचकर दिया सेवा का संदेश
पटना में भगवान जगन्नाथ रथ यात्रा 2026 का भव्य शुभारंभ मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने इस्कॉन मंदिर और गर्दनीबाग ठाकुरबाड़ी में किया। उन्होंने पूजा-अर्चना, झाड़ू लगाकर सेवा और रथ की रस्सी खींचकर यात्रा की शुरुआत की।
राजधानी पटना में गुरुवार को भगवान श्री जगन्नाथ रथ यात्रा श्रद्धा, भक्ति और उत्साह के साथ निकाली गई। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने शहर के दो प्रमुख धार्मिक आयोजनों—बुद्ध मार्ग स्थित इस्कॉन (ISKCON) मंदिर और गर्दनीबाग ठाकुरबाड़ी—में शामिल होकर रथ यात्रा का शुभारंभ किया। इस दौरान उन्होंने भगवान श्री जगन्नाथ की पूजा-अर्चना की, आरती उतारी, रथ यात्रा मार्ग पर स्वयं झाड़ू लगाकर सेवा और विनम्रता का संदेश दिया तथा रथ की रस्सी खींचकर यात्रा की विधिवत शुरुआत की।
मुख्यमंत्री की उपस्थिति से दोनों धार्मिक स्थलों पर श्रद्धालुओं में विशेष उत्साह देखने को मिला। बड़ी संख्या में मौजूद भक्तों ने “जय जगन्नाथ” के जयघोष के बीच रथ यात्रा का स्वागत किया।
इस्कॉन मंदिर में दीप प्रज्ज्वलन के साथ हुआ शुभारंभ
कार्यक्रम की शुरुआत बुद्ध मार्ग स्थित इस्कॉन (अंतर्राष्ट्रीय कृष्ण भावनामृत संघ) मंदिर में हुई। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने दीप प्रज्ज्वलित कर भगवान श्री जगन्नाथ रथ यात्रा का औपचारिक शुभारंभ किया।
इसके बाद उन्होंने भगवान जगन्नाथ, भगवान बलभद्र और देवी सुभद्रा की आरती की तथा मंदिर परिसर में उपस्थित संतों और श्रद्धालुओं का अभिवादन किया।
रथ यात्रा प्रारंभ होने से पहले मुख्यमंत्री स्वयं रथ मार्ग पर झाड़ू लगाते नजर आए। इसके बाद उन्होंने रथ की रस्सी पकड़कर यात्रा की शुरुआत की। हिंदू धार्मिक परंपरा में रथ यात्रा से पहले झाड़ू लगाने की परंपरा को सेवा, समानता और विनम्रता का प्रतीक माना जाता है।
मंदिर प्रबंधन ने किया मुख्यमंत्री का सम्मान
इस्कॉन मंदिर प्रबंधन समिति के उपाध्यक्ष रमन मनोहर दास ने मुख्यमंत्री का स्वागत पुष्पमाला पहनाकर किया। इस अवसर पर उन्हें अंगवस्त्र और स्मृति चिन्ह भी भेंट किया गया।

मंदिर परिसर में भजन-कीर्तन, शंखनाद और हरिनाम संकीर्तन के बीच श्रद्धालुओं ने पूरे उत्साह के साथ रथ यात्रा में भाग लिया।
गर्दनीबाग ठाकुरबाड़ी में भी शामिल हुए मुख्यमंत्री
इस्कॉन मंदिर के कार्यक्रम के बाद मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी गर्दनीबाग स्थित ठाकुरबाड़ी पहुंचे, जहां बिहार राज्य धार्मिक न्यास पर्षद द्वारा भगवान श्री जगन्नाथ रथ यात्रा का आयोजन किया गया था।
यहां भी मुख्यमंत्री ने भगवान श्री जगन्नाथ की आरती की और श्रद्धालुओं के साथ पूजा-अर्चना में भाग लिया। उन्होंने रथ यात्रा मार्ग पर स्वयं झाड़ू लगाकर सेवा की परंपरा निभाई और रथ की रस्सी खींचकर यात्रा को रवाना किया।
मुख्यमंत्री ने भगवान जगन्नाथ से राज्य में सुख, शांति, समृद्धि और जनकल्याण की कामना की।
धार्मिक न्यास पर्षद ने किया अभिनंदन
गर्दनीबाग ठाकुरबाड़ी में बिहार राज्य धार्मिक न्यास पर्षद के अध्यक्ष रणवीर नंदन ने मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी का पुष्पमाला और अंगवस्त्र देकर स्वागत किया।
कार्यक्रम में धार्मिक अनुष्ठानों के साथ पारंपरिक भजन, कीर्तन और सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने श्रद्धालुओं को भक्तिमय वातावरण का अनुभव कराया।
रथ यात्रा का धार्मिक महत्व
भगवान श्री जगन्नाथ की रथ यात्रा भारत के सबसे प्रमुख धार्मिक उत्सवों में गिनी जाती है। ओडिशा के पुरी में आयोजित विश्व प्रसिद्ध रथ यात्रा की तर्ज पर देश के कई राज्यों और शहरों में भी यह पर्व श्रद्धा और उत्साह के साथ मनाया जाता है।

मान्यता है कि इस दिन भगवान जगन्नाथ अपने बड़े भाई बलभद्र और बहन सुभद्रा के साथ रथ पर सवार होकर नगर भ्रमण के लिए निकलते हैं। रथ की रस्सी खींचना अत्यंत पुण्यकारी माना जाता है और इसमें शामिल होने के लिए बड़ी संख्या में श्रद्धालु उमड़ते हैं।
पटना में भी वर्षों से इस परंपरा का पालन किया जा रहा है और हर वर्ष हजारों श्रद्धालु रथ यात्रा में शामिल होते हैं।
श्रद्धालुओं में दिखा उत्साह
दोनों आयोजनों में सुबह से ही बड़ी संख्या में श्रद्धालु जुटने लगे थे। महिलाएं, बच्चे, युवा और बुजुर्ग पारंपरिक वेशभूषा में भगवान जगन्नाथ के दर्शन और रथ यात्रा में शामिल होने पहुंचे।
रथ यात्रा के दौरान “जय जगन्नाथ” और “हरे कृष्ण” के जयघोष से पूरा वातावरण भक्तिमय हो गया। कई स्थानों पर श्रद्धालुओं के लिए जल, शरबत और प्रसाद वितरण की व्यवस्था भी की गई थी।
कई वरिष्ठ नेता रहे मौजूद
रथ यात्रा के दोनों कार्यक्रमों में राज्य सरकार और विभिन्न सार्वजनिक जीवन से जुड़े कई प्रमुख लोग उपस्थित रहे।

मुख्यमंत्री के साथ उपमुख्यमंत्री विजय कुमार चौधरी, बिहार विधानसभा के सभापति अवधेश नारायण सिंह, खाद्य एवं उपभोक्ता संरक्षण मंत्री अशोक चौधरी, उच्च शिक्षा एवं विधि मंत्री संजय सिंह टाइगर, भाजपा प्रदेश अध्यक्ष संजय सरावगी, विधायक संजीव चौरसिया, रत्नेश कुशवाहा, श्याम रजक सहित कई जनप्रतिनिधि मौजूद रहे।
इसके अलावा इस्कॉन मंदिर प्रबंधन समिति और बिहार राज्य धार्मिक न्यास पर्षद के पदाधिकारियों ने भी कार्यक्रम में सक्रिय भागीदारी निभाई।
धार्मिक पर्यटन और सांस्कृतिक विरासत को बढ़ावा
विशेषज्ञों का मानना है कि पटना में इस प्रकार के बड़े धार्मिक आयोजनों से न केवल धार्मिक आस्था को मजबूती मिलती है, बल्कि धार्मिक पर्यटन को भी बढ़ावा मिलता है।
इस्कॉन मंदिर और गर्दनीबाग ठाकुरबाड़ी जैसे धार्मिक स्थलों पर आयोजित ऐसे कार्यक्रम देश-विदेश से आने वाले श्रद्धालुओं को आकर्षित करते हैं। इससे स्थानीय व्यापार, पर्यटन और सांस्कृतिक गतिविधियों को भी नई गति मिलती है।
सेवा और समरसता का संदेश
रथ यात्रा के दौरान मुख्यमंत्री द्वारा स्वयं झाड़ू लगाना और रथ की रस्सी खींचना केवल धार्मिक परंपरा का निर्वहन नहीं था, बल्कि सेवा, समानता और सामाजिक समरसता का प्रतीक भी माना गया।
भारतीय परंपरा में भगवान के समक्ष सभी समान हैं और सेवा को सर्वोच्च धर्म माना जाता है। रथ यात्रा में इस परंपरा का विशेष महत्व है, जहां समाज के हर वर्ग के लोग बिना किसी भेदभाव के एक साथ शामिल होते हैं।
पटना में आयोजित भगवान श्री जगन्नाथ रथ यात्रा 2026 श्रद्धा, संस्कृति और सामाजिक समरसता का भव्य उदाहरण बनकर सामने आई। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी द्वारा इस्कॉन मंदिर और गर्दनीबाग ठाकुरबाड़ी में रथ यात्रा का शुभारंभ, पूजा-अर्चना, झाड़ू लगाकर सेवा करना और रथ की रस्सी खींचना इस आयोजन का प्रमुख आकर्षण रहा।
बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं की भागीदारी और भक्तिमय माहौल ने यह संदेश दिया कि भगवान जगन्नाथ की रथ यात्रा केवल एक धार्मिक उत्सव नहीं, बल्कि समाज को एकजुट करने और सेवा की भावना को मजबूत करने का भी अवसर है।
पटना से भूमि आर्या की रिपोर्ट
