पटना में 1 करोड़ से अधिक की विदेशी शराब जब्त, 1109 कार्टन बरामद, ट्रक चालक समेत 6 तस्कर गिरफ्तार
निष्कर्ष भारत, संवाददाता पटना। फतुहा के डुमरी में उत्पाद एवं मद्य निषेध विभाग की टीम ने बुधवार को बड़ी कार्रवाई करते हुए 1109 कार्टन अवैध विदेशी शराब से लदा एक ट्रक पकड़ा है। बरामद विदेशी शराब की अनुमानित बाजार कीमत 1 करोड़ 20 लाख रुपये से अधिक बताई जा रही है। कार्रवाई के दौरान ट्रक चालक समेत छह आरोपियों को मौके से गिरफ्तार किया गया। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि शराब की यह खेप उत्तर प्रदेश के कानपुर से बिहार लाई गई थी।
डुमरी के गोदाम में अचानक पहुंची उत्पाद विभाग की टीम
फतुहा के डुमरी इलाके में एक गोदाम में विदेशी शराब की बड़ी खेप पहुंचने की सूचना उत्पाद एवं मद्य निषेध विभाग को मिली थी। सूचना के आधार पर टीम ने मौके पर निगरानी बढ़ाई और बुधवार को अचानक छापेमारी कर दी। जिस समय ट्रक से माल उतारने की तैयारी चल रही थी, उसी दौरान टीम ने गोदाम में धावा बोल दिया।
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तलाशी के दौरान ट्रक में भारी मात्रा में विदेशी शराब बरामद हुई। इसके बाद पूरी खेप को जब्त कर लिया गया और संबंधित गोदाम को सील कर दिया गया। अधिकारियों के अनुसार, ट्रक में 1109 कार्टन शराब मौजूद थी। इतनी बड़ी मात्रा में विदेशी शराब मिलने के बाद विभाग ने मौके पर मौजूद लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी।
खाद की बोरियों के नीचे छिपाई गई थी शराब
तस्करों ने विदेशी शराब को बिहार तक पहुंचाने के लिए जिस तरीके का इस्तेमाल किया, वह जांच टीम के लिए भी अहम रहा। शराब के कार्टनों को डीएपी खाद की बोरियों के नीचे छिपाया गया था, ताकि सामान्य जांच के दौरान ट्रक में केवल खाद ही दिखाई दे।
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प्रारंभिक जांच के मुताबिक, तस्करों ने शराब की खेप को खाद की आड़ में बिहार लाने की योजना बनाई थी। ट्रक को उत्तर प्रदेश के कानपुर से रवाना किया गया था। इसके बाद इसे फतुहा के डुमरी स्थित गोदाम तक पहुंचाया गया। उत्पाद विभाग की टीम को समय रहते इसकी जानकारी मिल गई और शराब को आगे भेजे जाने से पहले ही जब्त कर लिया गया।
मौसम बदलने के साथ तस्करी के तरीकों पर भी नजर
बिहार में शराबबंदी लागू होने के बाद दूसरे राज्यों से अवैध शराब पहुंचाने के लिए तस्कर लगातार नए तरीके अपनाते रहे हैं। कभी शराब को खाद्य सामग्री, कभी अन्य सामान और कभी वाहनों के अलग-अलग हिस्सों में छिपाकर ले जाने के मामले सामने आते रहे हैं।
फतुहा की इस कार्रवाई में भी विदेशी शराब को डीएपी खाद की बोरियों के नीचे छिपाना इसी तरह की रणनीति का हिस्सा माना जा रहा है। मौसम चाहे जैसा हो, उत्पाद विभाग और पुलिस की टीमें अंतरराज्यीय शराब तस्करी पर निगरानी बनाए हुए हैं।
ट्रक चालक समेत छह आरोपी गिरफ्तार
कार्रवाई के दौरान उत्पाद विभाग की टीम ने छह आरोपियों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार आरोपियों में ट्रक चालक अंकित कुमार भी शामिल है, जो रोहतक, हरियाणा का रहने वाला बताया गया है।

इसके अलावा अयोध्या निवासी राजकुमार और अमेठी निवासी तेज बहादुर, रामसूरज, राजेंद्र कुमार तथा बलजीत को भी पकड़ा गया है। अधिकारियों के मुताबिक, गिरफ्तार आरोपियों के तार उत्तर प्रदेश से बिहार तक फैले शराब तस्करी के नेटवर्क से जुड़े होने की आशंका है।
टीम अब आरोपियों से पूछताछ कर यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि शराब की इस खेप को बिहार में किसके हवाले किया जाना था।
करोड़ों की शराब के पीछे किसका नेटवर्क?
उत्पाद एवं मद्य निषेध विभाग के अधिकारियों की जांच अब केवल गिरफ्तार किए गए छह लोगों तक सीमित नहीं है। पूछताछ के दौरान यह पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है कि इस पूरे नेटवर्क को कौन संचालित कर रहा है और बिहार में विदेशी शराब की खेप लेने वाला स्थानीय रिसीवर कौन था।
सहायक उत्पाद आयुक्त प्रेमप्रकाश के अनुसार, शराब की खेप कानपुर से लाई गई थी। ऐसे में जांच टीम उत्तर प्रदेश से बिहार तक इस नेटवर्क की कड़ियां जोड़ने में जुटी है।
अधिकारियों का मानना है कि इतनी बड़ी मात्रा में विदेशी शराब की तस्करी बिना संगठित नेटवर्क के संभव नहीं है। इसलिए गिरफ्तार आरोपियों से मिली जानकारी के आधार पर अन्य संदिग्धों की भूमिका भी जांची जाएगी।
मौसम की आड़ नहीं, अब नेटवर्क की तलाश
उत्पाद विभाग की इस कार्रवाई के बाद अब जांच का फोकस शराब की सप्लाई चेन पर है। अधिकारियों का कहना है कि खेप को जब्त करना कार्रवाई का पहला चरण है। इसके बाद यह पता लगाना जरूरी है कि शराब की खरीद किसने की, परिवहन की व्यवस्था किसने कराई और पटना में इसे किसके पास पहुंचाया जाना था।
यदि पूछताछ में किसी स्थानीय रिसीवर या मुख्य सरगना की भूमिका सामने आती है, तो उसके खिलाफ भी कानूनी कार्रवाई की जाएगी। विभाग इस मामले में गिरफ्तार आरोपियों से लगातार पूछताछ कर रहा है।
छह सदस्यीय टीम ने की कार्रवाई
इस पूरी कार्रवाई में उत्पाद एवं मद्य निषेध विभाग की टीम के एसआई नरेंद्र कुमार, एएसआई राकेश कुमार और मनीष कुमार के साथ सिपाही पुरुषोत्तम, अमरेश और विवेक शामिल रहे।

टीम ने सूचना मिलने के बाद कार्रवाई को अंजाम दिया और शराब की बड़ी खेप को बिहार में खपाए जाने से पहले ही जब्त कर लिया। फिलहाल 1109 कार्टन विदेशी शराब विभाग के कब्जे में है और मामले की विस्तृत जांच जारी है।
पटना के फतुहा में हुई यह कार्रवाई एक बार फिर दिखाती है कि शराब तस्कर प्रतिबंधित शराब को बिहार पहुंचाने के लिए नए-नए तरीके अपना रहे हैं। वहीं, उत्पाद विभाग अब इस खेप से जुड़े पूरे अंतरराज्यीय नेटवर्क तक पहुंचने की कोशिश में जुटा है।
राज कुमार की रिपोर्ट
