पटना में सुपरिटेंडेंट इंजीनियर के 5 ठिकानों पर SVU रेड, 3 करोड़ की अवैध संपत्ति का शक, जांच जारी, मचा हडकंप
पटना में SVU की बड़ी कार्रवाई, इंजीनियर के 5 ठिकानों पर रेड
निष्कर्ष भारत, संवाददाता (पटना)। राजधानी पटना में शुक्रवार को भ्रष्टाचार से जुड़े मामले में स्पेशल विजिलेंस यूनिट (SVU) ने बड़ी कार्रवाई की है। लघु जल संसाधन विभाग के सुपरिटेंडेंट इंजीनियर राजेंद्र कुमार के पांच ठिकानों पर एक साथ छापेमारी की गई है। स्पेशल विजिलेंस यूनिट यानी SVU की पांच अलग-अलग टीमें एक साथ कार्रवाई में जुटी हैं। यह छापेमारी आय के ज्ञात स्रोतों से अधिक संपत्ति अर्जित करने के आरोप से जुड़े मामले में की जा रही है। कार्रवाई के दौरान SVU की टीमें संबंधित परिसरों में दस्तावेज और अन्य महत्वपूर्ण सामग्री की जांच कर रही हैं।
अधीक्षण अभियंता राजेंद्र कुमार के पटना स्थित कार्यालय को भी जांच के दायरे में लिया गया है। शुक्रवार को SVU की टीम लघु जल संसाधन विभाग के कार्यालय पहुंची और वहां भी जांच शुरू की। एक साथ पांच स्थानों पर कार्रवाई होने के बाद विभागीय और प्रशासनिक महकमे में हलचल तेज हो गई है।
SVU ने एक साथ पांच ठिकानों को घेरा
मिली जानकारी के अनुसार, राजेंद्र कुमार से जुड़े पांच अलग-अलग ठिकानों पर SVU की पांच टीमें एक साथ पहुंचीं। जांच एजेंसी ने कार्रवाई को अलग-अलग स्थानों पर एक साथ आगे बढ़ाया, ताकि संबंधित दस्तावेज और संपत्ति से जुड़े रिकॉर्ड की जांच की जा सके।
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छापेमारी के दौरान अलग-अलग परिसरों में मौजूद कागजात और अन्य सामग्री की पड़ताल की जा रही है। जांच का मुख्य केंद्र राजेंद्र कुमार की कथित आय और उनके नाम या उनसे जुड़े लोगों के नाम पर मौजूद संपत्ति के बीच का अंतर बताया जा रहा है।
फिलहाल SVU की कार्रवाई पूरी नहीं हुई है। ऐसे में छापेमारी के दौरान वास्तव में क्या-क्या मिला, इसकी अंतिम और विस्तृत जानकारी कार्रवाई समाप्त होने के बाद ही सामने आने की उम्मीद है।
SVU के रडार पर आय से अधिक संपत्ति का मामला
राजेंद्र कुमार पर आय के ज्ञात स्रोतों से अधिक संपत्ति अर्जित करने का आरोप है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, जांच में उनकी संपत्ति उनकी ज्ञात आय की तुलना में 100 प्रतिशत से अधिक होने की बात सामने आई है। इसी आधार पर SVU की ओर से कार्रवाई की जा रही है।

आय से अधिक संपत्ति से जुड़े मामलों में जांच एजेंसी आमतौर पर अधिकारी की घोषित आय, वेतन, निवेश, बैंक खातों, चल-अचल संपत्ति और अन्य वित्तीय स्रोतों से संबंधित रिकॉर्ड की जांच करती है। इसका उद्देश्य यह पता लगाना होता है कि संबंधित व्यक्ति की आय और संपत्ति के बीच कोई असामान्य अंतर है या नहीं। राजेंद्र कुमार के मामले में भी SVU की कार्रवाई इसी जांच का हिस्सा बताई जा रही है। हालांकि छापेमारी के दौरान मिले दस्तावेजों और अन्य सामग्री की पूरी तस्वीर अभी सामने नहीं आई है।
पटना स्थित कार्यालय भी जांच के घेरे में
SVU की टीम शुक्रवार को लघु जल संसाधन विभाग के पटना स्थित कार्यालय भी पहुंची। अधीक्षण अभियंता के कार्यालय में जांच किए जाने से विभाग से जुड़े रिकॉर्ड भी कार्रवाई के दायरे में आ गए हैं।
कार्यालय में उपलब्ध दस्तावेजों, फाइलों और अन्य संबंधित रिकॉर्ड की जांच की जा रही है। हालांकि अभी यह स्पष्ट नहीं किया गया है कि जांच के दौरान कौन-कौन से दस्तावेज मिले हैं या किन रिकॉर्ड को SVU ने अपने कब्जे में लिया है। जांच एजेंसी की कार्रवाई पूरी होने के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि कार्यालय से किस प्रकार की जानकारी सामने आई और उसका कथित आय से अधिक संपत्ति के मामले से क्या संबंध है।
5 ठिकानों पर एक साथ क्यों हुई कार्रवाई?
एक साथ कई ठिकानों पर छापेमारी का उद्देश्य जांच से जुड़े संभावित दस्तावेजों और संपत्ति के रिकॉर्ड को एक साथ खंगालना माना जा रहा है। अलग-अलग परिसरों में कार्रवाई के जरिए एजेंसी संबंधित अधिकारी से जुड़ी वित्तीय और संपत्ति संबंधी जानकारी जुटा रही है।
ऐसे मामलों में किसी अधिकारी के कार्यालय, आवास या अन्य संबंधित परिसरों की जांच की जा सकती है। इससे जांच एजेंसी को संपत्ति, लेन-देन और आय से जुड़े दस्तावेजों का मिलान करने में मदद मिलती है।
राजेंद्र कुमार के मामले में भी पांच स्थानों पर एक साथ कार्रवाई के कारण जांच का दायरा बड़ा माना जा रहा है। हालांकि बरामदगी या जांच के निष्कर्ष को लेकर अभी आधिकारिक विस्तृत जानकारी सामने नहीं आई है।
SVU की कार्रवाई से विभाग में हलचल
लघु जल संसाधन विभाग के अधीक्षण अभियंता के खिलाफ एक साथ पांच ठिकानों पर छापेमारी की सूचना सामने आने के बाद विभागीय स्तर पर भी चर्चा तेज हो गई है। कार्रवाई के दौरान SVU की टीमें अपने स्तर पर जांच में जुटी हुई हैं।
छापेमारी पूरी होने तक किसी भी दस्तावेज या संपत्ति को लेकर अंतिम निष्कर्ष निकालना जल्दबाजी होगी। जांच एजेंसी की ओर से बरामद सामग्री और दस्तावेजों का परीक्षण किए जाने के बाद ही मामले की वास्तविक स्थिति स्पष्ट होगी। पूरा फोकस इस बात पर है कि SVU को जांच के दौरान कौन-कौन से रिकॉर्ड और संपत्ति संबंधी जानकारी मिलती है।
3 करोड़ की संपत्ति के दावे पर जांच जारी
इस मामले को लेकर करीब 3 करोड़ रुपये की अवैध संपत्ति होने की बात सामने आ रही है। हालांकि फिलहाल उपलब्ध जानकारी के आधार पर इसे जांच का विषय ही माना जा रहा है। SVU की छापेमारी पूरी होने और दस्तावेजों की जांच के बाद ही संपत्ति की वास्तविक स्थिति और कथित अनियमितता को लेकर स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।
जांच एजेंसी यह भी देख सकती है कि संबंधित संपत्तियां किसके नाम पर हैं और उनकी खरीद के लिए धन का स्रोत क्या था। इसके अलावा आय और संपत्ति के बीच कथित अंतर की भी जांच की जाएगी। जब तक जांच पूरी नहीं हो जाती, तब तक किसी भी संपत्ति या बरामद सामग्री को अंतिम रूप से अवैध मानना उचित नहीं होगा।

छापेमारी पूरी होने के बाद सामने आएगी पूरी तस्वीर
SVU की कार्रवाई जारी है। पांचों ठिकानों पर जांच पूरी होने के बाद एजेंसी की ओर से बरामद दस्तावेज, संपत्ति या अन्य सामग्री से संबंधित जानकारी सामने आने की उम्मीद है। इसके बाद यह पता चल सकेगा कि राजेंद्र कुमार के खिलाफ लगाए गए आय से अधिक संपत्ति के आरोपों में जांच से क्या तथ्य सामने आए हैं।
यदि जांच में अनियमितता के प्रमाण मिलते हैं तो मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई की जा सकती है। अभी जांच शुरुआती कार्रवाई के चरण में है। इसलिए छापेमारी के दौरान मिली सामग्री और उससे जुड़े तथ्यों की आधिकारिक पुष्टि का इंतजार करना होगा।
जांच रिपोर्ट के बाद तय होगी आगे की कार्रवाई
SVU की कार्रवाई का अंतिम परिणाम जांच पूरी होने के बाद सामने आएगा। एजेंसी की ओर से जुटाए गए दस्तावेजों और अन्य सामग्री का परीक्षण किया जाएगा। आय और संपत्ति के रिकॉर्ड का मिलान करने के बाद मामले में आगे की दिशा तय होगी।
पटना में अधीक्षण अभियंता राजेंद्र कुमार के पांच ठिकानों पर SVU की छापेमारी जारी है। कार्यालय समेत अलग-अलग परिसरों में चल रही जांच ने भ्रष्टाचार और आय से अधिक संपत्ति से जुड़े मामलों को लेकर एक बार फिर प्रशासनिक महकमे में हलचल बढ़ा दी है।
राजकुमार सिंह की रिपोर्ट
