मुंगेर के बरियारपुर में आरओबी में दरार, पहुंचे डीएम, विक्रमशिला और सुल्तानगंज आरओबी बंद से बढ़ा दबाव

बरियारपुर

बरियारपुर आरओबी में दरार से बढ़ी चिंता, डीएम ने लिया जायजा

  • लगभग 10 वर्ष पहले चालू हुआ था बरियारपुर रेलवे ओवर ब्रिज, बरियारपुर को जमुई से जोड़ता है यह
  • मई माह से भागलपुर में गंगा नदी बने पुल और सुल्तानगंज आरओबी है बंद,इसी दिशा में गुजर रही गाड़ियां

निष्कर्ष भारत संवाददाता मुंगेर। जिले में बरियारपुर में आरओबी में दरार आने के बाद प्रशासन की चिंता बढ़ गई है। बरियारपुर-जमुई एनएच-333 पर रेलवे स्टेशन के पास करीब 10 साल पहले शुरू हुआ रेलवे ओवरब्रिज सोमवार को चर्चा में आ गया, जब पुल पर दरार की सूचना मिली। जानकारी मिलते ही मुंगेर के जिलाधिकारी निखिल धनराज निप्पाणीकर मौके पर पहुंचे और आरओबी की स्थिति का जायजा लिया। उन्होंने राष्ट्रीय राजमार्ग से जुड़े अभियंताओं को तत्काल जरूरी कदम उठाने का निर्देश दिया।

डीएम ने अधिकारियों से पुल की स्थिति पर नजर रखने के साथ वाहनों का सुरक्षित और सुगम परिचालन सुनिश्चित करने को कहा। आरओबी पर दरार ऐसे समय में सामने आई है, जब इस मार्ग पर पहले से ही वाहनों का भारी दबाव बना हुआ है। ऐसे में पुल की स्थिति को लेकर प्रशासन किसी तरह का जोखिम नहीं लेना चाहता।

बरियारपुर आरओबी पर बढ़ा यातायात का दबाव

बरियारपुर रेलवे ओवरब्रिज मुंगेर-जमुई मार्ग के लिए महत्वपूर्ण कड़ी है। यह पुल बरियारपुर को जमुई की दिशा से जोड़ने वाले मार्ग पर वाहनों की आवाजाही को आसान बनाता है। पिछले कुछ समय से इस मार्ग पर सामान्य दिनों की तुलना में वाहनों का दबाव बढ़ा हुआ है।

भागलपुर में गंगा नदी पर बने पुल के बंद रहने और सुल्तानगंज आरओबी पर आवागमन बाधित होने के कारण कई वाहनों को वैकल्पिक रास्तों से गुजरना पड़ रहा है। इसी वजह से बरियारपुर-जमुई मार्ग पर बड़े वाहनों की संख्या बढ़ी है।

इसे भी पढ़िए…बिहार में भारी बारिश, 3 दिन का अलर्ट; पटना भी प्रभावित, पूर्वानुमान जारी

इस मार्ग का इस्तेमाल भागलपुर और सुल्तानगंज की ओर जाने वाले वाहनों के अलावा मालवाहक वाहनों द्वारा भी किया जा रहा है। ऐसे में आरओबी पर आई दरार ने प्रशासन के सामने एक और चुनौती खड़ी कर दी है।

बरियारपुर में पुल की स्थिति पर प्रशासन की नजर

डीएम के निरीक्षण के बाद आरओबी की तकनीकी स्थिति की जांच को लेकर कार्रवाई शुरू करने की तैयारी है। राष्ट्रीय राजमार्ग के अभियंताओं को पुल की स्थिति का तकनीकी आकलन करने और आवश्यक कदम उठाने का निर्देश दिया गया है।

प्रशासन की प्राथमिकता फिलहाल यह सुनिश्चित करना है कि पुल पर वाहनों की आवाजाही सुरक्षित तरीके से जारी रहे। यदि जांच के दौरान दरार गंभीर पाई जाती है या उसमें बढ़ोतरी दिखाई देती है तो भारी वाहनों की आवाजाही को नियंत्रित करने या रोकने पर भी विचार किया जा सकता है।

हालांकि अभी यह स्पष्ट नहीं है कि पुल पर आई दरार कितनी गंभीर है और इसका कारण क्या है। तकनीकी जांच के बाद ही इसकी वास्तविक स्थिति सामने आएगी।

दस साल में ही उठे निर्माण गुणवत्ता पर सवाल

करीब एक दशक पहले शुरू हुए इस आरओबी पर दरार आने से निर्माण गुणवत्ता और रखरखाव को लेकर सवाल उठने लगे हैं। स्थानीय स्तर पर भी लोग पुल की मजबूती और भविष्य की सुरक्षा को लेकर चिंतित हैं।

रेलवे ओवरब्रिज किसी भी सड़क नेटवर्क का महत्वपूर्ण हिस्सा होता है। खासकर ऐसे मार्ग पर जहां लगातार भारी वाहनों की आवाजाही होती है, पुल की नियमित जांच और रखरखाव बेहद जरूरी माना जाता है। बरियारपुर आरओबी पर दरार सामने आने के बाद अब इसकी संरचनात्मक मजबूती की जांच महत्वपूर्ण हो गई है।

प्रशासन की ओर से फिलहाल किसी निष्कर्ष की घोषणा नहीं की गई है। तकनीकी रिपोर्ट आने के बाद ही यह तय होगा कि पुल की मरम्मत की जरूरत है या वाहनों के परिचालन को लेकर कोई अतिरिक्त व्यवस्था करनी होगी।

भागलपुर और सुल्तानगंज की बंद व्यवस्था का असर

बरियारपुर-जमुई मार्ग पर बढ़े दबाव की एक बड़ी वजह भागलपुर और सुल्तानगंज की तरफ यातायात व्यवस्था में आई बाधा है। मई महीने से भागलपुर में गंगा नदी पर बने पुल के बंद रहने के कारण वाहनों को वैकल्पिक रास्तों का सहारा लेना पड़ रहा है।

सुल्तानगंज आरओबी पर भी आवागमन प्रभावित होने से स्थिति और जटिल हो गई है। बड़े वाहन और अन्य यातायात इसी दिशा में वैकल्पिक मार्ग तलाश रहे हैं। इसका सीधा असर बरियारपुर-जमुई एनएच-333 पर दिखाई दे रहा है। यदि बरियारपुर आरओबी पर भारी वाहनों की आवाजाही रोकनी पड़ती है तो इसका असर सिर्फ स्थानीय यातायात पर नहीं, बल्कि मुंगेर और जमुई के बीच संपर्क व्यवस्था पर भी पड़ सकता है।

श्रावणी मेले में और बढ़ सकता है दबाव

श्रावणी मेला के दौरान इस क्षेत्र में यातायात का दबाव सामान्य दिनों की तुलना में काफी बढ़ जाता है। कांवरिया वाहनों के अलावा अन्य यात्री और मालवाहक वाहनों की आवाजाही भी बढ़ती है। ऐसे समय में बरियारपुर आरओबी की स्थिति प्रशासन के लिए विशेष चिंता का विषय बन सकती है।

देखिये ख़बर हमारे यूट्यूब चैनल पर भी: Sanjay Singh पर इल्ज़ाम लगाने वाले अपने गिरेबान में झाँक ले,मंत्री ने कर दिया मानहानि का मुकदमा…

यदि पुल की तकनीकी स्थिति को लेकर कोई प्रतिबंध लगाया जाता है तो वैकल्पिक यातायात व्यवस्था तैयार करनी होगी। वहीं यदि पुल को सुरक्षित पाया जाता है तो भी भारी वाहनों के लगातार दबाव को देखते हुए निगरानी बढ़ाने की जरूरत होगी।

जांच रिपोर्ट के बाद साफ होगी तस्वीर

फिलहाल आरओबी पर दरार को लेकर प्रशासन सतर्क है। जिलाधिकारी के निर्देश के बाद राष्ट्रीय राजमार्ग के अभियंताओं की ओर से तकनीकी स्थिति की जांच और जरूरी कार्रवाई की तैयारी की जा रही है।

जांच में पुल की संरचनात्मक स्थिति, दरार की वजह और उसके विस्तार की संभावना का आकलन किया जाएगा। इसके आधार पर आगे वाहनों के परिचालन, मरम्मत या सुरक्षा संबंधी निर्णय लिए जा सकते हैं।

बरियारपुर आरओबी मुंगेर-जमुई मार्ग का अहम हिस्सा है। ऐसे में प्रशासन के सामने सबसे बड़ी चुनौती पुल की सुरक्षा सुनिश्चित करने के साथ-साथ इस व्यस्त मार्ग पर यातायात को सुचारु बनाए रखना है। अब सभी की नजर तकनीकी जांच की रिपोर्ट और उसके बाद होने वाली कार्रवाई पर टिकी है।

Nishkarsh Bharat

राज कुमार की रिपोर्ट