आरोप गंभीर, जांच में दोषी मिले तो मंत्री पर होगी कड़ी कार्रवाई : चिराग पासवान

चिराग पासवान

चिराग पासवान ने मंत्री पर आरोपों की निष्पक्ष जांच मांगी

निष्कर्ष भारत संवाददाता पटना। चिराग पासवान ने अपनी पार्टी के एक मंत्री पर लगे गंभीर आरोपों को लेकर बिहार सरकार से निष्पक्ष जांच की मांग की है। लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) के राष्ट्रीय अध्यक्ष और केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान ने कहा कि किसी भी व्यक्ति पर गंभीर आरोप लगना सामान्य मामला नहीं है। ऐसे मामलों में आरोपों की सच्चाई सामने आना जरूरी है। हालांकि, केवल आरोप लगने के आधार पर किसी व्यक्ति को दोषी नहीं माना जा सकता। उन्होंने कहा कि जांच के बाद ही पूरे मामले में स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।

चिराग पासवान ने यह भी बताया कि पार्टी स्तर पर संबंधित मंत्री से मामले को लेकर जवाब मांगा गया है। वहीं, संबंधित विधायक ने पार्टी फोरम के सामने अपनी बात रखी है और मानहानि का मुकदमा भी दायर किया है। ऐसे में अब जांच के जरिए आरोपों और उससे जुड़े तथ्यों की वास्तविक स्थिति सामने लाने की जरूरत है।

चिराग पासवान बोले- आरोपों की सच्चाई सामने आना जरूरी

चिराग पासवान ने कहा कि किसी मंत्री या किसी अन्य व्यक्ति पर गंभीर आरोप लगने के बाद पूरे मामले की तथ्यों के आधार पर पड़ताल होनी चाहिए। उनका कहना है कि आरोप और अपराध सिद्ध होने के बीच अंतर होता है। इसलिए जांच पूरी होने से पहले किसी निष्कर्ष पर पहुंचना उचित नहीं होगा।

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उन्होंने एक तरफ आरोपों की गंभीरता को स्वीकार किया, तो दूसरी तरफ यह भी स्पष्ट किया कि सिर्फ आरोप लगने से किसी को दोषी नहीं माना जा सकता। उनके मुताबिक, निष्पक्ष जांच ही वह माध्यम है जिसके जरिए यह पता लगाया जा सकता है कि लगाए गए आरोपों में कितनी सच्चाई है।

इस बयान के जरिए चिराग पासवान ने मामले में जांच की जरूरत पर जोर दिया है। उन्होंने कहा कि यदि जांच में आरोप सही पाए जाते हैं तो कार्रवाई होनी चाहिए और यदि आरोप तथ्यहीन साबित होते हैं तो वास्तविक स्थिति भी सामने आनी चाहिए।

पार्टी स्तर पर भी मांगा गया जवाब

चिराग पासवान ने कहा कि मामला सामने आने के बाद पार्टी ने भी अपनी जिम्मेदारी निभाते हुए संबंधित मंत्री से जवाब मांगा है। पार्टी फोरम पर मामले को लेकर संबंधित पक्ष को अपनी बात रखने का अवसर दिया गया है।

उन्होंने बताया कि संबंधित विधायक ने भी पार्टी के सामने अपना पक्ष रखा है। इसके अलावा विधायक की ओर से मानहानि का मुकदमा दायर किए जाने की जानकारी भी सामने आई है। ऐसे में मामला अब राजनीतिक बयानबाजी से आगे कानूनी प्रक्रिया से भी जुड़ गया है।

पार्टी स्तर पर जवाब मांगने का उद्देश्य मामले से जुड़े तथ्यों को समझना और दोनों पक्षों की बात सुनना बताया गया है। चिराग पासवान के अनुसार, अंतिम निर्णय तथ्यों और जांच के निष्कर्षों के आधार पर लिया जाना चाहिए।

चिराग पासवान ने दोष साबित होने पर सख्त कार्रवाई की बात कही

चिराग पासवान ने साफ कहा कि यदि जांच में उनकी पार्टी का मंत्री या कोई अन्य व्यक्ति दोषी पाया जाता है तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि दोष साबित होने की स्थिति में केवल पद से हटाना पर्याप्त नहीं होगा।

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उनके मुताबिक, यदि किसी व्यक्ति के खिलाफ आरोप कानूनन साबित होते हैं तो उसके खिलाफ कानूनी प्रावधानों के तहत कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि गंभीर मामलों में कार्रवाई केवल राजनीतिक स्तर तक सीमित नहीं रहनी चाहिए।

चिराग पासवान ने कहा कि कानून अपना काम करे और दोष साबित होने पर संबंधित व्यक्ति को कानून के अनुसार सजा दिलाने की दिशा में कदम उठाया जाए। इस रुख से उन्होंने संकेत दिया कि पार्टी किसी दोषी व्यक्ति का बचाव नहीं करेगी।

जांच के निष्कर्ष के आधार पर फैसला लेगी पार्टी

चिराग पासवान ने कहा कि पार्टी भी पूरे मामले में अपनी जिम्मेदारी निभाएगी। जांच में सामने आने वाले तथ्यों और निष्कर्षों के आधार पर पार्टी स्तर पर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।

उनका कहना है कि राजनीतिक संगठन में किसी पद पर होना किसी व्यक्ति को जांच से अलग नहीं करता। यदि आरोप गंभीर हैं तो उनकी निष्पक्ष पड़ताल जरूरी है। इसी तरह यदि जांच में आरोप साबित नहीं होते हैं तो संबंधित व्यक्ति को भी अपनी स्थिति स्पष्ट करने का अधिकार है।

उन्होंने इस पूरे मामले में जल्दबाजी से बचने और जांच की प्रक्रिया को महत्व देने की बात कही। उनका जोर इस बात पर रहा कि आरोपों की वास्तविकता सामने आने के बाद ही किसी व्यक्ति की जिम्मेदारी तय की जानी चाहिए।

आरोप, जांच और कानूनी प्रक्रिया पर टिकी नजर

मंत्री पर लगे आरोपों के बीच चिराग पासवान का बयान ऐसे समय आया है, जब मामले को लेकर राजनीतिक और कानूनी दोनों स्तरों पर गतिविधियां सामने आ रही हैं। एक ओर पार्टी ने संबंधित मंत्री से जवाब मांगा है, वहीं दूसरी ओर संबंधित विधायक की ओर से अपना पक्ष रखे जाने और मानहानि का मुकदमा दायर करने की बात कही गई है।

अब पूरे मामले में जांच की दिशा महत्वपूर्ण होगी। आरोपों से जुड़े तथ्य सामने आने के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि विवाद की वास्तविक स्थिति क्या है। फिलहाल चिराग पासवान ने सरकार से निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है और पार्टी स्तर पर भी मामले की समीक्षा की बात कही है।

चिराग पासवान का कहना है कि गंभीर आरोपों को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता, लेकिन बिना जांच किसी को दोषी ठहराना भी उचित नहीं है। यदि जांच में कोई व्यक्ति दोषी पाया जाता है तो उसके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई होनी चाहिए। वहीं, जांच के निष्कर्ष के आधार पर पार्टी भी अपनी ओर से जरूरी कदम उठाएगी।

Nishkarsh Bharat

अमन कुमार की रिपोर्ट

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