बांका में डाइवर्जन बहा, मिर्चनी नदी में उतरकर जा रहे ग्रामीण, आवागमन बाधित
लखीसराय साइबर कैफे में छापा, 15 आधार कार्ड समेत दस्तावेज बरामद
निष्कर्ष भारत, संवाददाता बांका। जिले में डाइवर्जन बहा जाने के बाद कुरमा गांव और आसपास के ग्रामीणों के सामने आवागमन की गंभीर समस्या खड़ी हो गई है। प्रखंड क्षेत्र के कुरमा गांव में ईदगाह के पीछे मिर्चनी नदी पर बनाया गया डाइवर्जन नदी के तेज बहाव में बह गया। डाइवर्जन का बड़ा हिस्सा बहने के बाद अब लोगों को एक तरफ से दूसरी तरफ जाने के लिए नदी के पानी में उतरना पड़ रहा है।
बारिश के बाद मिर्चनी नदी में पानी का बहाव बढ़ने से यह स्थिति बनी है। डाइवर्जन के क्षतिग्रस्त होने के कारण पैदल आवाजाही तक मुश्किल हो गई है। बुजुर्गों, महिलाओं और बच्चों को सबसे ज्यादा परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि रोजमर्रा के जरूरी कामों के लिए भी उन्हें जोखिम उठाकर नदी पार करनी पड़ रही है।
तेज बहाव में बह गया डाइवर्जन
स्थानीय ग्रामीणों के अनुसार, पिछले दिनों हुई बारिश के बाद मिर्चनी नदी का जलस्तर और बहाव बढ़ गया। पानी का दबाव बढ़ने के कारण नदी पर बना डाइवर्जन इसका सामना नहीं कर सका और उसका एक बड़ा हिस्सा बह गया।
डाइवर्जन के बह जाने के बाद नदी के दोनों किनारों के बीच सीधा संपर्क प्रभावित हो गया है। पहले इसी रास्ते से ग्रामीण आसानी से एक तरफ से दूसरी तरफ आते-जाते थे। अब पानी के बीच से होकर गुजरना पड़ रहा है।
इसे भी पढ़िए…पटना में 1 करोड़ से अधिक की विदेशी शराब जब्त, 1109 कार्टन बरामद, ट्रक चालक समेत 6 तस्कर गिरफ्तार
नदी में पानी का बहाव तेज होने के कारण ग्रामीणों के लिए यह रास्ता सुरक्षित नहीं माना जा सकता। इसके बावजूद जरूरी काम होने पर लोगों को मजबूरी में नदी पार करनी पड़ रही है।
डाइवर्जन बहने से बढ़ी ग्रामीणों की परेशानी
कुरमा गांव और आसपास के कई इलाकों के लोगों के लिए यह डाइवर्जन आने-जाने का महत्वपूर्ण रास्ता बताया जा रहा है। इसके क्षतिग्रस्त होने से रोजमर्रा के काम प्रभावित हो रहे हैं।
ग्रामीणों को बाजार, स्कूल, स्वास्थ्य सेवाओं और अन्य जरूरी कार्यों के लिए आवाजाही करनी पड़ती है। डाइवर्जन टूटने के बाद इन कामों के लिए लोगों को मुश्किल रास्ते से गुजरना पड़ रहा है।

सबसे अधिक चिंता उन परिवारों को है, जिनके घर नदी के आसपास के इलाकों में हैं। पानी बढ़ने की स्थिति में नदी पार करना और भी जोखिम भरा हो सकता है।
नदी के पानी में उतरकर पार कर रहे रास्ता
डाइवर्जन के बह जाने के बाद फिलहाल ग्रामीण नदी के पानी में उतरकर आवाजाही कर रहे हैं। कई स्थानों पर पानी का बहाव ऐसा है कि पैदल पार करने में भी संतुलन बनाए रखना मुश्किल हो रहा है।
महिलाओं और बच्चों को नदी पार करने में विशेष परेशानी हो रही है। बुजुर्गों के लिए भी पानी के बीच से होकर गुजरना चुनौतीपूर्ण है। ग्रामीणों का कहना है कि हर दिन जरूरी काम के लिए इस तरह नदी पार करना उनके लिए मजबूरी बन गया है।
देखिये ख़बर हमारे यूट्यूब चैनल पर भी: Sanjay Singh पर इल्ज़ाम लगाने वाले अपने गिरेबान में झाँक ले,मंत्री ने कर दिया मानहानि का मुकदमा…
यदि मिर्चनी नदी में पानी का स्तर और बढ़ता है तो मौजूदा रास्ते से आवागमन पूरी तरह बंद होने की आशंका भी है।
डाइवर्जन से जुड़े हैं आसपास के कई गांव
स्थानीय लोगों के मुताबिक, मिर्चनी नदी पर बना डाइवर्जन केवल कुरमा गांव के लोगों के लिए ही महत्वपूर्ण नहीं था। आसपास के कई गांवों के लोग भी इसी रास्ते का इस्तेमाल करते थे।
डाइवर्जन बह जाने के कारण इन गांवों के लोगों की आवाजाही भी प्रभावित हुई है। ग्रामीणों को वैकल्पिक रास्तों का सहारा लेना पड़ सकता है, जिससे समय और दूरी दोनों बढ़ सकती हैं।
दैनिक जरूरतों के लिए लोगों की निर्भरता आसपास के बाजार और अन्य सुविधाओं पर रहती है। ऐसे में संपर्क मार्ग बाधित होने से स्थानीय लोगों की परेशानी लगातार बढ़ने की आशंका है।
डाइवर्जन की मरम्मत की मांग
डाइवर्जन बहने के बाद ग्रामीणों ने प्रशासन और संबंधित विभाग से तत्काल हस्तक्षेप की मांग की है। लोगों का कहना है कि जल्द से जल्द डाइवर्जन की मरम्मत कर रास्ते को फिर से चालू कराया जाए।
ग्रामीणों के मुताबिक, अभी नदी में पानी मौजूद है और बहाव भी तेज है। ऐसे में किसी अप्रिय घटना से बचने के लिए प्रशासन को सुरक्षित आवागमन की व्यवस्था करनी चाहिए।
लोगों ने मांग की है कि केवल अस्थायी मरम्मत के बजाय नदी के बहाव और बारिश की स्थिति को ध्यान में रखकर डाइवर्जन को मजबूत बनाया जाए, ताकि दोबारा पानी बढ़ने पर रास्ता बाधित न हो।
पानी बढ़ा तो और गंभीर होगी स्थिति
मिर्चनी नदी में फिलहाल पानी का बहाव बढ़ा हुआ है। यदि आने वाले दिनों में बारिश होती है और नदी का जलस्तर और ऊपर जाता है तो कुरमा और आसपास के इलाकों में आवागमन की समस्या और गंभीर हो सकती है।
ग्रामीणों की चिंता सिर्फ रास्ता बंद होने तक सीमित नहीं है। नदी के पानी में उतरकर आने-जाने के दौरान फिसलने या तेज बहाव में बहने का खतरा भी बना रहता है। खासकर बच्चों और बुजुर्गों को लेकर परिवार चिंतित हैं।

ऐसे में डाइवर्जन की जल्द मरम्मत और सुरक्षित वैकल्पिक रास्ते की व्यवस्था करना जरूरी माना जा रहा है।
प्रशासन से जल्द कार्रवाई की उम्मीद
ग्रामीणों ने प्रशासन से मौके का निरीक्षण कर स्थिति का जायजा लेने और तत्काल आवश्यक कदम उठाने की मांग की है। लोगों का कहना है कि यदि समय रहते डाइवर्जन को ठीक नहीं किया गया तो बारिश और नदी के बढ़ते पानी के साथ समस्या और बढ़ सकती है।
फिलहाल मिर्चनी नदी का तेज बहाव और बहा हुआ डाइवर्जन ग्रामीणों के लिए बड़ी परेशानी बना हुआ है। लोगों की नजर अब प्रशासन की कार्रवाई पर है। ग्रामीण चाहते हैं कि जल्द से जल्द रास्ता बहाल हो, ताकि उन्हें जोखिम उठाकर नदी के पानी में उतरकर आने-जाने की मजबूरी से राहत मिल सके।
