बिहार में बाढ़ से 6.65 लाख लोग प्रभावित, 9 नदियां लाल निशान पार, अलर्ट जारी
बाढ़ से बिहार के 18 जिले प्रभावित, 9 नदियां खतरे के निशान पार
निष्कर्ष भारत संवाददाता, पटना। बाढ़ से बिहार के 18 जिलों में 6.65 लाख से अधिक लोग प्रभावित हैं। 9 नदियां लाल निशान के ऊपर हैं और कई इलाकों में पानी तेजी से फैल रहा है। बाढ़ से बिहार के हालात लगातार चुनौतीपूर्ण होते जा रहे हैं। राज्य के 18 जिलों में बाढ़ का पानी फैल चुका है और 6.65 लाख से अधिक लोग प्रभावित हुए हैं। बाढ़ से कई इलाकों में नदियों का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है। राज्य की 9 नदियां खतरे के निशान से ऊपर बह रही हैं। पटना में गंगा की रफ्तार कुछ धीमी जरूर हुई है, लेकिन दीघा, गांधी घाट और हाथीदह में जलस्तर लाल निशान से ऊपर बना हुआ है।
18 जिलों में बाढ़ का असर
बिहार में बाढ़ से स्थिति का असर सबसे ज्यादा नदी किनारे बसे इलाकों में दिखाई दे रहा है। गांवों में पानी घुसने से लोगों का जनजीवन प्रभावित हुआ है। कई जगहों पर सड़क संपर्क टूटने की स्थिति बन गई है और लोग सुरक्षित स्थानों की ओर जाने को मजबूर हैं। राज्य में राहत और बचाव कार्य के लिए 693 सरकारी नावों का परिचालन शुरू किया गया है। प्रशासन की टीमें संवेदनशील क्षेत्रों पर नजर बनाए हुए हैं।
पटना में गंगा के जलस्तर पर नजर
पटना में बाढ़ से गंगा का जलस्तर खतरे के निशान से ऊपर है। बाढ़ से पिछले 24 घंटे में दीघा में जलस्तर 10 सेंटीमीटर, गांधी घाट में 11 सेंटीमीटर और हाथीदह में 21 सेंटीमीटर बढ़ा है। हालांकि, पटना में गंगा के बढ़ने की रफ्तार में कुछ कमी आई है।
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इसके बावजूद बाढ़ से नदी का जलस्तर सामान्य से काफी ऊपर होने के कारण प्रशासन लगातार स्थिति की निगरानी कर रहा है। वहीं ग्रामीण पटना में पुनपुन नदी का बढ़ता पानी चिंता बढ़ा रहा है। धनुकी गांव के अलावा महुआ बाग, सालारपुर और नदी किनारे बसे कई गांवों में पानी 7 से 8 फीट तक बढ़ने की जानकारी है।
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पुनपुन नदी ने बढ़ाई चिंता
बाढ़ से पुनपुन नदी का जलस्तर पिछले 24 घंटे में 28 सेंटीमीटर बढ़ा है। श्रीपालपुर में नदी खतरे के निशान से 2.57 मीटर ऊपर बह रही है। ग्रामीण इलाकों में बढ़ते पानी के कारण लोगों को आवागमन और रोजमर्रा की जरूरतों के लिए परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। निचले इलाकों में रहने वाले परिवारों की चिंता लगातार बढ़ रही है।
सारण में टूटा माही नदी का बांध
बाढ़ से सारण के दिघवारा प्रखंड के त्रिलोकचक पंचायत स्थित केसरपुर गांव के पास माही नदी का बांध करीब 30 फीट में टूट गया है। बांध टूटने के बाद त्रिलोकचक, करैया और बरुआ पंचायत समेत दिघवारा की बड़ी आबादी पर बाढ़ का खतरा बढ़ गया है।
सूचना मिलने के बाद सारण के डीएम और एसपी के साथ सोनपुर के एसडीएम और डीएसपी समेत कई अधिकारी मौके पर पहुंचे। राहत और बचाव कार्य जारी है। प्रशासन प्रभावित क्षेत्रों में स्थिति को नियंत्रित करने की कोशिश कर रहा है।
बेगूसराय में बाढ़ से डूबे हजारों घर
बाढ़ से बेगूसराय में गंगा का जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है। नदी का पानी रोज नए इलाकों में प्रवेश कर रहा है। बरौनी प्रखंड की सिमरिया बिंद टोली में एक हजार से अधिक घरों के डूबने की जानकारी सामने आई है। गंगा के बढ़ते पानी ने स्थानीय लोगों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। निचले इलाकों में रहने वाले लोगों को सुरक्षित स्थानों पर जाने की चुनौती का सामना करना पड़ रहा है।
खगड़िया में गांवों से लेकर स्कूल-मंदिर तक पानी
खगड़िया के परबत्ता प्रखंड में गंगा का पानी कई इलाकों में फैल गया है। माधवपुर पंचायत समेत कई क्षेत्रों में घर डूबने के बाद लोग सुरक्षित जगहों की ओर जा रहे हैं। कई ग्रामीण उफनते नदी-नालों को पार कर सुरक्षित स्थानों तक पहुंचने की कोशिश कर रहे हैं। कुछ लोग अपने मवेशियों को भी साथ लेकर जा रहे हैं। परबत्ता में शिव मंदिर के आसपास पानी भर गया है और श्रद्धालु नाव के सहारे मंदिर तक पहुंच रहे हैं। तेमथा करारी पंचायत के एक स्कूल के चारों तरफ भी बाढ़ का पानी फैल गया है।
मुंगेर में गंगा लाल निशान के ऊपर
बाढ़ से मुंगेर में गंगा खतरे के निशान को पार कर चुकी है। बढ़ते जलस्तर के कारण छह प्रखंड प्रभावित बताए जा रहे हैं। अब शहरी इलाकों में भी पानी प्रवेश करने लगा है। लाल दरवाजा क्षेत्र की सड़कों पर 3 से 4 फीट तक पानी जमा होने की जानकारी है। इससे लोगों के आवागमन में परेशानी बढ़ गई है।

भागलपुर में तेजी से बढ़ रही गंगा
भागलपुर में गंगा करीब 2 सेंटीमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से बढ़ रही है। इससे राघोपुर-काजीकोरैया तटबंध पर दबाव बढ़ा है। जल संसाधन विभाग के अनुसार, पिछले 24 घंटे में भागलपुर में गंगा का जलस्तर 46 सेंटीमीटर बढ़ा है। यहां नदी खतरे के निशान से 32 सेंटीमीटर ऊपर पहुंच गई है। कहलगांव में गंगा लाल निशान से 82 सेंटीमीटर ऊपर बह रही है।
उत्तर बिहार की कई नदियां उफान पर
उत्तर बिहार में कोसी, गंडक, बूढ़ी गंडक और घघरा समेत कई नदियां खतरे के निशान से ऊपर हैं। खगड़िया के बलतारा में कोसी 124 सेंटीमीटर और कटिहार के कुरसेला में 80 सेंटीमीटर ऊपर है। गंडक गोपालगंज के डुमरिया में 75 सेंटीमीटर और हाजीपुर में 9 सेंटीमीटर ऊपर बह रही है। बूढ़ी गंडक खगड़िया में 111 सेंटीमीटर और घघरा सीवान के दरौली में 32 सेंटीमीटर ऊपर है।
बाढ़ के बीच मौसम भी बना चुनौती
मौसम विज्ञान केंद्र के मुताबिक 9 सितंबर तक बिहार में मौसम में बदलाव जारी रह सकता है। शनिवार को किशनगंज, पूर्णिया, कटिहार, सहरसा और मधेपुरा में बारिश की संभावना है। इन इलाकों में आकाशीय बिजली को लेकर भी चेतावनी है। पूर्वी चंपारण, पश्चिमी चंपारण, गोपालगंज, सीवान और सारण में भी अचानक मौसम बदल सकता है। तेज बारिश के साथ बिजली गिरने की आशंका जताई गई है।

बारिश सामान्य से 36 फीसदी कम
बिहार में बाढ़ की स्थिति के बावजूद मानसून की कुल बारिश सामान्य से काफी कम है। राज्य में अब तक 803.7 मिलीमीटर बारिश होनी चाहिए थी, जबकि 517.9 मिलीमीटर बारिश दर्ज हुई है। यानी बारिश सामान्य से करीब 36 फीसदी कम है। पिछले 24 घंटे में अररिया में 51 मिलीमीटर, नालंदा में 50, कटिहार में 41, गोपालगंज में 36 और पटना में 22 मिलीमीटर बारिश हुई।
पटना में दिन में धूप के साथ उमस रहने की संभावना है। बादल छाए रहने और कुछ समय के लिए बारिश होने का अनुमान है। ऐसे में बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों के साथ मौसम विभाग की चेतावनियों पर भी प्रशासन की नजर बनी हुई है।
राज कुमार की रिपोर्ट
