प्रदेश के 6 जिलों में बारिश का यलो अलर्ट, 30 KM की रफ्तार से चलेगी हवा, आंधी-वज्रपात की चेतावनी जारी

बारिश

बिहार के 6 जिलों में आंधी-बारिश का यलो अलर्ट, 30 KM हवा

निष्कर्ष भारत, संवाददाता (पटना)। बिहार में बारिश का यलो अलर्ट जारी किया गया है। मौसम विभाग ने मंगलवार को राज्य के छह जिलों में आंधी और बारिश को लेकर यलो अलर्ट जारी किया है। इन जिलों में 30 किलोमीटर प्रति घंटे तक की रफ्तार से तेज हवा चलने की संभावना है। इसके साथ ही आंधी और वज्रपात को लेकर भी लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है। राज्य के अन्य हिस्सों में मौसम उमस भरा रहने का अनुमान है।

बिहार में सामान्य से 35 फीसदी कम बारिश

राज्य में मानसून की स्थिति इस समय सामान्य से काफी पीछे है। अब तक बिहार में औसतन 828.7 मिलीमीटर बारिश होनी चाहिए थी, लेकिन 537.6 मिलीमीटर ही वर्षा दर्ज की गई है। इस हिसाब से राज्य में सामान्य से करीब 35 प्रतिशत कम बारिश हुई है।

निष्पक्ष ख़बर देखिये हमारे यूट्यूब चैनल पर: IIT Patna में पुलिस और दिग्गजों की मौजूदगी .. शराब और शबाब’ वाली महफिल का सच क्या ?

मौसम विभाग के अनुसार, आने वाले दिनों में वर्षा होने से वर्षा की कमी कुछ हद तक दूर हो सकती है। हालांकि, अभी राज्य की कुल वर्षा सामान्य आंकड़े से काफी नीचे है। बीते 24 घंटे के दौरान किशनगंज समेत कई इलाकों में बारिश दर्ज की गई। पटना में भी आसमान में बादल छाए रहे और कुछ जगहों पर हल्की बूंदाबांदी हुई।

यलो अलर्ट वाले जिलों में तेज हवा और वज्रपात का खतरा

मौसम विभाग ने जिन छह जिलों के लिए यलो अलर्ट जारी किया है, वहां वर्षा के साथ तेज हवा और वज्रपात की स्थिति बन सकती है। करीब 30 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवा चलने का अनुमान है। येलो अलर्ट ऐसे में लोगों को खुले मैदान, पेड़ और बिजली के खंभों से दूर रहने की सलाह दी जाती है।  बारिश के दौरान अनावश्यक रूप से घर से बाहर निकलने से बचने और मौसम में बदलाव पर स्थानीय प्रशासन तथा मौसम विभाग की चेतावनियों पर ध्यान देने की जरूरत है।

मानसून ट्रफ से बन रही बारिश की स्थिति

मौसम विशेषज्ञों के मुताबिक, बिहार में बारिश के लिए कई मौसमी सिस्टम जिम्मेदार हैं। मानसून की ट्रफ लाइन श्रीगंगानगर, नारनौल, उत्तर प्रदेश के मध्य हिस्से, डेहरी, पुरुलिया और दीघा होते हुए बंगाल की खाड़ी तक बनी हुई है।

मानसून की यह सक्रिय पट्टी बिहार के आसपास से गुजर रही है। इसके कारण राज्य के कई हिस्सों में बादल बनने और बारिश के लिए अनुकूल परिस्थितियां तैयार हो रही हैं। यही वजह है कि अलग-अलग इलाकों में बारिश का दौर देखने को मिल रहा है।

उत्तर-पूर्वी बिहार में भी बारिश के आसार

उत्तर-पूर्वी बिहार और आसपास के क्षेत्रों में ऊपरी हवा में चक्रवाती परिसंचरण बना हुआ है। यह करीब डेढ़ किलोमीटर की ऊंचाई तक फैला है। इसके प्रभाव से उत्तर-पूर्वी बिहार के जिलों में बादल बनने और बारिश की संभावना बढ़ गई है।

इसके अलावा पश्चिमी असम और आसपास के इलाकों में भी ऊपरी हवा में चक्रवाती परिसंचरण मौजूद है। हालांकि, पूर्वी उत्तर प्रदेश और आसपास बना पुराना चक्रवाती परिसंचरण अब कमजोर पड़ गया है।

पटना में उमस के बीच हल्की बारिश की संभावना

राजधानी पटना में मंगलवार को मौसम उमस भरा रहने का अनुमान है। यलो अलर्ट से आसमान में बादल छाए रहने और कुछ इलाकों में हल्की बारिश होने की संभावना बनी हुई है। बीते 24 घंटे में पटना में 70 मिलीमीटर बारिश रिकॉर्ड की गई है।

बारिश के बावजूद वातावरण में नमी अधिक रहने के कारण लोगों को गर्मी और उमस परेशान कर सकती है। दिन के तापमान में बहुत ज्यादा गिरावट नहीं होने से बारिश के बाद भी चिपचिपी गर्मी महसूस होने की संभावना है।

बाढ़ के बीच सर्पदंश के मामले बढ़े

बिहार में बारिश के यलो अलर्ट के बाद बाढ़ में सर्पदंश के मामलों ने भी चिंता बढ़ा दी है। पिछले 50 दिनों में पटना के प्रमुख अस्पतालों में सांप काटने के 81 मरीज पहुंचे हैं। इनमें नौ लोगों की मौत हो चुकी है। सबसे अधिक मरीज पीएमसीएच पहुंचे, जहां 38 सर्पदंश पीड़ितों का इलाज किया गया। इसके अलावा आईजीआईएमएस में 16, एनएमसीएच में 15, एम्स में सात और न्यू गार्डिनर रोड अस्पताल में पांच मरीज पहुंचे।

बाढ़ प्रभावित इलाकों में बढ़ रहा सर्पदंश का खतरा

न्यू गार्डिनर रोड अस्पताल के निदेशक डॉ. मनोज कुमार सिन्हा के अनुसार, बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों से सर्पदंश के मरीजों की संख्या बढ़ रही है। अस्पताल में एंटी स्नेक वेनम पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध होने की बात भी कही गई है।

विशेषज्ञों के अनुसार, सांप के काटने की स्थिति में मरीज को जल्द से जल्द अस्पताल पहुंचाना जरूरी है। झाड़-फूंक या घरेलू उपचार में समय गंवाने के बजाय तत्काल चिकित्सकीय सहायता लेने से जान बचाई जा सकती है।

बारिश और बाढ़ के बीच लोगों को सावधानी बरतने की जरूरत

बिहार में एक ओर जहां कई इलाकों में बारिश की गतिविधियां बढ़ रही हैं, वहीं दूसरी ओर राज्य पहले से बाढ़ की स्थिति का सामना कर रहा है। ऐसे में तेज हवा, वज्रपात और जलजमाव लोगों की परेशानी बढ़ा सकते हैं।

मौसम विभाग के येलो अलर्ट को देखते हुए लोगों को खराब मौसम के दौरान सतर्क रहने की जरूरत है। खासकर खुले क्षेत्रों, नदी और जलभराव वाले इलाकों में अतिरिक्त सावधानी बरतनी होगी। आने वाले दिनों में येलो अलर्ट का असर राज्य के अलग-अलग हिस्सों में देखने को मिल सकता है।

Nishkarsh Bharat

राज कुमार सिंह की रिपोर्ट

You may have missed