मुजफ्फरपुर में ट्रक से 375 कार्टन शराब बरामद, चालक व उपचालक गिरफ्तार

मुजफ्फरपुर में 375 कार्टन शराब जब्त

मुजफ्फरपुर में कंटेनर से 375 कार्टन शराब बरामद, दो गिरफ्तार

निष्कर्ष भारत, संवाददाता मुजफ्फरपुर। शराब तस्करी के लिए तस्करों ने कंटेनर को इस तरह तैयार किया था कि पहली नजर में किसी को शक न हो। बाहर से कंटेनर को पूरी तरह लॉक रखा गया था और पूछताछ में उसमें जूते होने की बात बताई गई। लेकिन मुजफ्फरपुर उत्पाद विभाग की टीम ने जब संदेह के आधार पर कंटेनर की तलाशी ली तो अंदर का नजारा देखकर अधिकारी भी हैरान रह गए। जूतों की जगह कंटेनर में पंजाब निर्मित शराब की बड़ी खेप छिपाकर रखी गई थी।

उत्पाद विभाग की टीम ने मुजफ्फरपुर-दरभंगा एनएच-57 पर मैठी टोल प्लाजा के पास कार्रवाई करते हुए कंटेनर को जब्त किया। तलाशी के दौरान शराब के 375 कार्टन बरामद किए गए। जब्त शराब की कीमत करीब 40 से 50 लाख रुपये आंकी जा रही है। कार्रवाई के दौरान कंटेनर चालक और उपचालक को गिरफ्तार किया गया। दोनों हरियाणा के रहने वाले बताए गए हैं।

टोल से 100 मीटर पहले खड़ा था कंटेनर

उत्पाद विभाग को गुप्त सूचना मिली थी कि पंजाब से शराब की बड़ी खेप लेकर एक कंटेनर मुजफ्फरपुर पहुंचा है। सूचना के अनुसार, शराब की खेप उत्तर प्रदेश, बलिया, सीवान और छपरा के रास्ते मैठी टोल प्लाजा तक लाई गई थी।

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सूचना मिलने के बाद उत्पाद विभाग की टीम ने एएसआई रंजन कुमार सिंह, अजीत कुमार और अन्य कर्मियों के साथ इलाके में घेराबंदी की। टीम को कंटेनर टोल प्लाजा से करीब 100 मीटर पहले खड़ा मिला। इसके बाद अधिकारियों ने कुछ समय तक कंटेनर और उसमें मौजूद लोगों की गतिविधियों पर नजर रखी।

बताया गया कि चालक लगातार मोबाइल फोन पर किसी से बातचीत कर रहा था। काफी देर तक जब कोई व्यक्ति वहां नहीं पहुंचा तो उत्पाद विभाग की टीम ने कार्रवाई करते हुए चालक और उपचालक को हिरासत में ले लिया।

शराब के बजाय जूते होने का दावा

कंटेनर की तलाशी शुरू होने पर चालक और उपचालक ने उसमें जूते होने की बात बताई। इससे टीम को और संदेह हुआ। जब कंटेनर को खोलकर अंदर जांच की गई तो जूते का एक भी कार्टन नहीं मिला।

इसके बजाय कंटेनर के अंदर खाली कैरेट की आड़ में शराब के कार्टन छिपाए गए थे। शराब की खेप को इस तरीके से रखा गया था कि सामान्य जांच में आसानी से नजर न आए। जांच टीम ने एक-एक हिस्से की तलाशी ली, जिसके बाद बड़ी मात्रा में शराब बरामद हुई।

गद्दे के नीचे छिपाकर रखे थे शराब के कार्टन

जांच में सामने आया कि शराब के कार्टन को खाली कैरेट के नीचे बिछाए गए गद्दे पर रखा गया था। उत्पाद विभाग के अधिकारियों के अनुसार, गद्दे का इस्तेमाल शराब की बोतलों से निकलने वाली आवाज को दबाने के लिए किया गया था।

तस्करी के इस तरीके का उद्देश्य कंटेनर की जांच के दौरान शक से बचना बताया जा रहा है। हालांकि, शराब को छिपाने की पूरी योजना किसने तैयार की थी और इसमें और कौन-कौन लोग शामिल थे, इसकी जांच अभी जारी है।

कंटेनर में किए गए थे खास बदलाव

जांच के दौरान कंटेनर की बनावट को लेकर भी कई अहम बातें सामने आईं। कंटेनर पर राजस्थान का नंबर लगा हुआ था। इसके पिछले हिस्से के दोनों किनारों पर लोहे की मोटी और लंबी चादर लगाई गई थी।

उत्पाद विभाग को आशंका है कि कंटेनर में इस तरह के बदलाव बॉर्डर पर इस्तेमाल होने वाले हैंड स्कैनर से शराब की खेप को छिपाने के लिए किए गए होंगे। हालांकि, अधिकारियों ने अभी इस आशंका की जांच शुरू की है और यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि कंटेनर में बदलाव कब और कहां कराया गया था।

पंजाब से मुजफ्फरपुर पहुंची शराब की खेप

गिरफ्तार किए गए आरोपितों की पहचान हरियाणा निवासी कंटेनर चालक कुलदीप और उपचालक रामचरण के रूप में हुई है। पूछताछ में दोनों के पंजाब से शराब की खेप लेकर मुजफ्फरपुर पहुंचने की जानकारी सामने आने की बात कही गई है।

अब उत्पाद विभाग यह पता लगाने में जुटा है कि पंजाब में शराब की खेप कहां से कंटेनर में लोड की गई थी। इसके अलावा यह भी जांच की जा रही है कि मुजफ्फरपुर पहुंचने के बाद शराब की डिलीवरी किस व्यक्ति या गिरोह को की जानी थी।

रात में होनी थी शराब की सप्लाई

उत्पाद निरीक्षक सह थाना प्रभारी प्रकाश कुमार राम ने बताया कि पूछताछ में शराब की खेप की स्थानीय स्तर पर रात में सप्लाई किए जाने की जानकारी मिली है। बताया गया कि चालक को पूरे दिन मैठी के आसपास कंटेनर खड़ा रखने के लिए कहा गया था।

इसी वजह से चालक किसी व्यक्ति के पहुंचने का इंतजार कर रहा था। काफी समय तक किसी के नहीं पहुंचने के बाद उत्पाद विभाग की टीम ने कार्रवाई कर दी। जांच के दौरान स्थानीय शराब कारोबारियों से जुड़े कुछ नाम भी सामने आने की बात कही गई है।

पूरे नेटवर्क की तलाश में जुटा विभाग

उत्पाद विभाग अब मामले में शराब तस्करी के पूरे नेटवर्क का पता लगाने में जुटा है। अधिकारियों के अनुसार, मामले की जांच में बैकवर्ड और फॉरवर्ड लिंकेज खंगाला जा रहा है। इसका उद्देश्य शराब की खेप के स्रोत से लेकर उसकी संभावित डिलीवरी तक जुड़े लोगों की जानकारी हासिल करना है।

जांच एजेंसी यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही है कि इससे पहले इस तरह की कितनी खेप मुजफ्फरपुर या बिहार के दूसरे इलाकों तक पहुंचाई गई है। गिरफ्तार चालक और उपचालक से पूछताछ के आधार पर आगे और गिरफ्तारियां होने की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता है।

मैठी टोल के पास कार्रवाई से खुली तस्करी की परत

मुजफ्फरपुर-दरभंगा एनएच-57 पर मैठी टोल प्लाजा के पास हुई इस कार्रवाई में जिस तरह कंटेनर के अंदर शराब छिपाने का तरीका सामने आया, उससे जांच का दायरा बढ़ गया है। फिलहाल 375 कार्टन शराब जब्त कर ली गई है और दो लोगों को गिरफ्तार किया गया है।

उत्पाद विभाग अब शराब की खेप के वास्तविक मालिक, सप्लाई नेटवर्क और स्थानीय कनेक्शन की जानकारी जुटा रहा है। जांच पूरी होने के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि इस तस्करी के पीछे कितने लोग शामिल थे और शराब की खेप बिहार के किस इलाके में पहुंचाई जानी थी।

Nishkarsh Bharat

अमन कुमार की रिपोर्ट

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