बाढ़ के बीच बिहार में भारी बारिश, 24 जिलों में अलर्ट, पटना में भी चेतावनी

भारी बारिश

बाढ़ के बीच भारी बारिश का अलर्ट, पटना समेत कई जिले प्रभावित

निष्कर्ष भारत संवाददाता पटना। बिहार में भारी बारिश का दौर बाढ़ की चुनौती के बीच लोगों की परेशानी बढ़ा सकता है। मौसम विभाग ने शुक्रवार, 4 सितंबर को राज्य के कई हिस्सों में बारिश, गरज-चमक और वज्रपात की संभावना जताई है। भारत मौसम विज्ञान विभाग के पटना केंद्र के अनुसार बिहार में 4 सितंबर को भारी बारिश के साथ आंधी-तूफान और बिजली गिरने की स्थिति बन सकती है।

मौसम विभाग के पूर्वानुमान के मुताबिक पश्चिमी चंपारण, पूर्वी चंपारण, गोपालगंज और सीवान में अपेक्षाकृत अधिक बारिश की संभावना है। इन इलाकों में रहने वाले लोगों को मौसम की गतिविधियों पर नजर रखने और जरूरी सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।

भारी बारिश के बीच बाढ़ प्रभावित इलाकों में बढ़ी चिंता

बिहार के कई हिस्से पहले से बाढ़ की स्थिति का सामना कर रहे हैं। ऐसे में भारी बारिश की नई संभावना ने प्रभावित इलाकों में चिंता बढ़ा दी है। लगातार बारिश होने पर निचले इलाकों में जलभराव बढ़ने और बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में लोगों की मुश्किलें बढ़ने की आशंका रहती है।

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मौसम विभाग ने भारी बारिश के दौरान गरज-चमक और वज्रपात से बचने की सलाह दी है। खुले मैदान, खेत या पेड़ों के नीचे खड़े रहने से बचने और मौसम खराब होने पर सुरक्षित स्थान पर रहने की जरूरत बताई गई है।

पटना समेत इन जिलों में बारिश का अनुमान

भारी बारिश का असर केवल उत्तर-पश्चिम बिहार तक सीमित नहीं रहने वाला है। मौसम विभाग के पूर्वानुमान में पटना के अलावा गया, जहानाबाद, वैशाली, समस्तीपुर, दरभंगा, मधुबनी, सहरसा, भोजपुर, रोहतास, बक्सर, सुपौल, पूर्णिया, किशनगंज, अररिया, कटिहार, भागलपुर, मुंगेर, खगड़िया, लखीसराय और बेगूसराय जैसे जिलों के कुछ हिस्सों में भी बारिश की संभावना जताई गई है।

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इन क्षेत्रों में कहीं हल्की तो कहीं मध्यम बारिश हो सकती है। बारिश के दौरान तेज हवा और बिजली चमकने की स्थिति भी बन सकती है। ऐसे में स्थानीय स्तर पर जारी होने वाले अलर्ट को गंभीरता से लेने की जरूरत है।

भारी बारिश के साथ 30 से 40 किमी की हवा

मौसम की गतिविधि के दौरान कुछ इलाकों में हवा की गति 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंचने का अनुमान है। गरज के साथ तेज हवा चलने से पेड़, बिजली के तार और कमजोर ढांचे प्रभावित हो सकते हैं।

ग्रामीण क्षेत्रों में किसानों और पशुपालकों को भी विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी गई है। खेतों में काम करने वाले लोगों को मौसम खराब होने पर खुले स्थान से तुरंत सुरक्षित जगह पर जाने की जरूरत है। पशुओं को भी खुले स्थान में रखने से बचने की सलाह दी गई है।

मौसम अलर्ट पर नजर रखने की अपील

बाढ़ प्रभावित जिलों में बारिश की संभावना को देखते हुए लोगों से मौसम विभाग और स्थानीय प्रशासन की ओर से जारी सूचनाओं पर नजर रखने को कहा गया है। मोबाइल फोन पर मिलने वाले मौसम अलर्ट को नजरअंदाज नहीं करने की सलाह दी गई है।

वज्रपात के दौरान बिजली के उपकरणों से दूरी बनाए रखना और खुले स्थानों से बचना जरूरी है। प्रशासनिक स्तर पर भी प्रभावित क्षेत्रों में स्थिति पर नजर बनाए रखने की जरूरत है, ताकि बारिश के कारण किसी तरह की अतिरिक्त परेशानी पैदा होने पर तत्काल मदद पहुंचाई जा सके।

गुरुवार को भी कई इलाकों में हुई बारिश

इससे पहले गुरुवार, 3 सितंबर को बिहार के कई हिस्सों में बारिश दर्ज की गई। भागलपुर के सबौर, भागलपुर, डेहरी, राजगीर, मुंगेर और जहानाबाद में छिटपुट वर्षा हुई। पिछले 24 घंटे में पटना के आसपास के क्षेत्रों समेत कई अन्य जिलों में भी बारिश रिकॉर्ड की गई।

पटना के दुल्हिन बाजार में 65.2 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई। वहीं पूर्णिया के भवानीपुर में सबसे अधिक 98.6 मिलीमीटर वर्षा रिकॉर्ड की गई। बिहार सरकार के जल संसाधन विभाग के जिला-वार आंकड़ों में भी 3 सितंबर को राज्य के कई जिलों में बारिश दर्ज होने की जानकारी है।

आगे भी मौसम पर रहेगी नजर

मौसम विभाग के पटना केंद्र के पूर्वानुमान में 4 सितंबर को बिहार में भारी बारिश के साथ गरज-चमक और वज्रपात की स्थिति की चेतावनी दी गई है। इसके बाद भी कुछ दिनों तक मौसम में सक्रियता बने रहने की संभावना है।

बाढ़ के बीच बारिश का नया दौर प्रशासन के साथ आम लोगों के लिए भी चुनौती बढ़ा सकता है। ऐसे में लोगों को अनावश्यक यात्रा से बचने, निचले इलाकों में सावधानी बरतने और स्थानीय प्रशासन की ओर से जारी निर्देशों का पालन करने की जरूरत है। खासकर वज्रपात के दौरान खुले स्थानों में जाने से बचना सबसे महत्वपूर्ण होगा।

Nishkarsh Bharat

राज कुमार की रिपोर्ट