मुंगेर में भूमि धंसा, रेल परिचालन प्रभावित, कई ट्रेनें बदले मार्ग से चलेंगी

मुंगेर

मुंगेर में भूमि धंसान से कई ट्रेनों का रूट और गंतव्य बदला

निष्कर्ष भारत संवाददाता मुंगेर। मुंगेर जिले में भूमि धंसान के कारण रेल परिचालन प्रभावित हो गया है। मालदा डिवीजन के तिलडांगा और न्यू फरक्का के बीच अप लाइन पर बारिश के कारण जमीन धंसने की घटना सामने आई है। यात्रियों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए पूर्व रेलवे ने कई ट्रेनों के परिचालन में बदलाव किया है। कुछ ट्रेनों को वैकल्पिक मार्ग से चलाया जाएगा, जबकि दो ट्रेनों का परिचालन निर्धारित गंतव्य से पहले ही समाप्त कर दिया जाएगा।

मुंगेर में रेलवे की ओर से जारी जानकारी के मुताबिक, ट्रैक की स्थिति को देखते हुए परिचालन व्यवस्था में तत्काल बदलाव किया गया है। इससे इस रेलखंड से यात्रा करने वाले यात्रियों को अपनी यात्रा की योजना में बदलाव करना पड़ सकता है।

मुंगेर रेल रूट पर बारिश का असर

मालदा डिवीजन के तिलडांगा और न्यू फरक्का के बीच अप लाइन पर बारिश के कारण भूमि धंसने से रेल यातायात प्रभावित हुआ है। लगातार बारिश के कारण रेल लाइन के आसपास की जमीन कमजोर होने की वजह से यह स्थिति बनी है।

यात्रियों की सुरक्षा रेलवे की प्राथमिकता है। इसी वजह से प्रभावित रेलखंड पर ट्रेनों के सामान्य परिचालन को लेकर एहतियाती कदम उठाए गए हैं। रेलवे ने कुछ ट्रेनों को दूसरे मार्ग से चलाने का फैसला किया है, जबकि कुछ ट्रेनों को उनके निर्धारित गंतव्य तक नहीं भेजा जाएगा।

दो ट्रेनों का बदला गया गंतव्य

पूर्व रेलवे कोलकाता के सीपीआरओ शिबराम माझी के अनुसार, 13011 हावड़ा-मालदा टाउन एक्सप्रेस का परिचालन रामपुरहाट में ही समाप्त कर दिया जाएगा। यानी ट्रेन को मालदा टाउन तक नहीं ले जाया जाएगा।

इसी तरह 13410 किऊल-मालदा टाउन एक्सप्रेस साहिबगंज तक ही चलेगी। दोनों ट्रेनों के यात्रियों को रेलवे के इस बदलाव के कारण आगे की यात्रा के लिए वैकल्पिक व्यवस्था करनी पड़ सकती है।

रेलवे ने यात्रियों से यात्रा से पहले ट्रेन की स्थिति और मार्ग की जानकारी जांच लेने की अपील की है, ताकि स्टेशन पहुंचने के बाद किसी तरह की परेशानी का सामना न करना पड़े।

ब्रह्मपुत्र मेल का रूट बदला

भूमि धंसान का असर लंबी दूरी की ट्रेनों के परिचालन पर भी पड़ा है। 15657 दिल्ली-कामाख्या ब्रह्मपुत्र मेल को किऊल-मुंगेर-कटिहार के रास्ते डायवर्ट किया गया है।

इस बदलाव से मुंगेर होकर यात्रा करने वाले यात्रियों को राहत मिल सकती है। हालांकि, वैकल्पिक मार्ग अपनाए जाने के कारण ट्रेन के समय और यात्रा अवधि पर असर पड़ने की संभावना है।

इसे भी पढ़िए…बिहार में भारी बारिश, 3 दिन का अलर्ट; पटना भी प्रभावित, पूर्वानुमान जारी

ब्रह्मपुत्र मेल लंबी दूरी की महत्वपूर्ण ट्रेनों में शामिल है। ऐसे में इसके रूट में बदलाव से अलग-अलग स्टेशनों से यात्रा करने वाले यात्रियों को भी अपने सफर की जानकारी पहले से जांचने की जरूरत होगी।

मुंगेर से गुजरने वाली ट्रेनों पर भी असर

रेलवे ने तीन अन्य ट्रेनों के मार्ग में भी बदलाव किया है। इनमें 13147 सियालदह-बामनहाट उत्तरबंगा एक्सप्रेस, 13149 सियालदह-अलीपुरद्वार जंक्शन कंचनकन्या एक्सप्रेस और 13153 सियालदह-मालदा टाउन गौर एक्सप्रेस शामिल हैं।

इन ट्रेनों को बंडेल-कटवा-अजीमगंज-न्यू फरक्का के रास्ते चलाया जाएगा। यानी सामान्य मार्ग के बजाय वैकल्पिक रेलखंड से इनका परिचालन होगा।

देखिये ख़बर हमारे यूट्यूब चैनल पर भी: Sanjay Singh पर इल्ज़ाम लगाने वाले अपने गिरेबान में झाँक ले,मंत्री ने कर दिया मानहानि का मुकदमा…

मार्ग परिवर्तन के कारण इन ट्रेनों की यात्रा अवधि और समय-सारिणी प्रभावित हो सकती है। यात्रियों को सलाह दी गई है कि वे ट्रेन की वास्तविक स्थिति की जानकारी लेकर ही स्टेशन के लिए निकलें।

कई स्टेशनों पर अतिरिक्त ठहराव

वैकल्पिक मार्ग से चलने वाली ट्रेनों के यात्रियों को सुविधा देने के लिए रेलवे ने कुछ स्टेशनों पर अतिरिक्त ठहराव की व्यवस्था भी की है इन ट्रेनों को नैहाटी, बंडेल, कटवा, खागड़ाघाट रोड और अजीमगंज स्टेशनों पर अतिरिक्त ठहराव दिया जाएगा। इससे वैकल्पिक मार्ग से यात्रा करने वाले यात्रियों को संबंधित स्टेशनों से ट्रेन पकड़ने या उतरने का अतिरिक्त विकल्प मिलेगा। रेलवे के इस फैसले का उद्देश्य बदले हुए मार्ग पर यात्रियों को अधिक सुविधा उपलब्ध कराना है।

बारिश के कारण रेल परिचालन पर बढ़ा दबाव

बिहार और पश्चिम बंगाल के कई हिस्सों में बारिश के कारण रेल परिचालन को लेकर एहतियात बरती जा रही है। रेलवे ट्रैक के आसपास जलभराव, मिट्टी खिसकने और जमीन धंसने जैसी घटनाएं परिचालन के लिए चुनौती बन सकती हैं।

तिलडांगा और न्यू फरक्का के बीच भूमि धंसान की घटना के बाद रेलवे ने सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए ट्रेनों के मार्ग में बदलाव किया है। ऐसे मामलों में रेलवे के इंजीनियरिंग और परिचालन विभाग की निगरानी महत्वपूर्ण होती है, ताकि ट्रैक की स्थिति का आकलन कर सुरक्षित परिचालन सुनिश्चित किया जा सके।

यात्रियों को यात्रा से पहले जानकारी लेने की सलाह

ट्रेनों के रूट और गंतव्य में बदलाव के बाद यात्रियों के लिए जरूरी है कि वे स्टेशन पहुंचने से पहले अपनी ट्रेन की स्थिति की जानकारी हासिल कर लें। विशेष रूप से लंबी दूरी की यात्रा करने वाले यात्रियों को ट्रेन के बदले मार्ग, नए ठहराव और संभावित देरी की जानकारी पहले से लेनी चाहिए।

रेलवे की ओर से किए गए बदलाव फिलहाल यात्रियों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए किए गए हैं। ट्रैक की स्थिति सामान्य होने के बाद ही प्रभावित रेलखंड पर परिचालन को पूर्व व्यवस्था के अनुसार बहाल किया जा सकेगा।

सुरक्षा को लेकर रेलवे ने उठाया कदम

भूमि धंसान के बाद ट्रेनों के मार्ग में बदलाव रेलवे की ओर से उठाया गया एहतियाती कदम है। इसका उद्देश्य यात्रियों को प्रभावित रेलखंड से दूर रखते हुए सुरक्षित तरीके से उनकी यात्रा जारी रखना है।

फिलहाल ब्रह्मपुत्र मेल समेत पांच ट्रेनों का मार्ग बदला गया है, जबकि दो ट्रेनों का परिचालन निर्धारित गंतव्य से पहले समाप्त किया जाएगा। बारिश और ट्रैक की स्थिति को देखते हुए यात्रियों को लगातार रेलवे की ओर से जारी अपडेट पर नजर रखने की जरूरत है।