मुजफ्फरपुर में विद्यालय सहायक का नशे में सोते वीडियो वायरल, शिक्षा विभाग में हलचल तेज

मुजफ्फरपुर में सहायक का वीडियो वायरल

मुजफ्फरपुर स्कूल में नशे में सहायक का वीडियो वायरल, जांच शुरू

निष्कर्ष भारत, संवाददाता (मुजफ्फरपुर)। मुजफ्फरपुर में नशे में विद्यालय सहायक के कथित रूप से स्कूल कार्यालय में सोने का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। मामला कुढ़नी प्रखंड के राजकीयकृत यदुनंदन उच्च माध्यमिक विद्यालय, बाघी से जुड़ा बताया जा रहा है। वायरल वीडियो में विद्यालय सहायक सुमन कुमार झा कार्यालय में बेसुध अवस्था में पड़े दिखाई दे रहे हैं। वीडियो सामने आने के बाद शिक्षा विभाग में हड़कंप मच गया है और सरकारी स्कूलों में कर्मचारियों की जवाबदेही को लेकर सवाल उठने लगे हैं।

बताया जा रहा है कि वीडियो 8 सितंबर का है। हालांकि, वीडियो में दिखाई दे रही स्थिति के पीछे शराब का सेवन था या किसी अन्य नशीले पदार्थ का प्रभाव, इसकी आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं हुई है। मामले में विद्यालय की प्रधानाध्यापिका मधुरिमा कुमारी ने जिला शिक्षा पदाधिकारी को लिखित आवेदन देकर कार्रवाई की मांग की है।

मुजफ्फरपुर के स्कूल में वायरल हुआ वीडियो

मुजफ्फरपुर में वायरल वीडियो में सुमन कुमार झा को विद्यालय के कार्यालय में सोते हुए देखा जा सकता है। दावा है कि उस समय वह कथित तौर पर नशे की हालत में थे। वीडियो बनाने वाले व्यक्ति और आसपास मौजूद लोगों ने उन्हें आवाज देकर उठाने की कोशिश की, लेकिन वह प्रतिक्रिया नहीं दे रहे थे।

बताया गया कि उनकी स्थिति देखकर विद्यालय के शिक्षकों को चिंता हुई। इसके बाद उनके परिजनों को इसकी सूचना दी गई। परिजन विद्यालय पहुंचे और उन्हें अपने साथ घर ले गए।

चार महीने का वेतन मिलने के बाद बाहर जाने का दावा

सूत्रों के अनुसार, विद्यालय सहायक को करीब चार महीने का वेतन मिलने के बाद वह स्कूल समय के दौरान कुछ देर के लिए बाहर गए थे। वापस लौटने के बाद कथित तौर पर उनकी हालत ठीक नहीं थी और वह कार्यालय में जाकर सो गए।

इसी दौरान किसी व्यक्ति ने उनका वीडियो बना लिया। बाद में यह वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया। वीडियो सामने आने के बाद पूरे मामले ने तूल पकड़ लिया और शिक्षा विभाग की कार्यप्रणाली पर चर्चा शुरू हो गई।

कौन हैं विद्यालय सहायक सुमन कुमार झा?

जानकारी के मुताबिक, सुमन कुमार झा मूल रूप से मुजफ्फरपुर के सकरा प्रखंड के रहने वाले हैं। बताया जाता है कि पिता की मौत के बाद उन्हें अनुकंपा के आधार पर सरकारी नौकरी मिली थी।

सुमन कुमार झा जुलाई 2022 से बाघी स्थित राजकीयकृत यदुनंदन उच्च माध्यमिक विद्यालय में विद्यालय सहायक के पद पर कार्यरत बताए जा रहे हैं। अब वायरल वीडियो के बाद उनकी कार्यप्रणाली और घटना के दौरान उनकी स्थिति को लेकर विभागीय जांच की मांग उठ रही है।

मुजफ्फरपुर शिक्षा विभाग से कार्रवाई की मांग

मामले को गंभीरता से लेते हुए विद्यालय की प्रधानाध्यापिका मधुरिमा कुमारी ने जिला शिक्षा पदाधिकारी को लिखित आवेदन दिया है। आवेदन में विद्यालय सहायक पर कई गंभीर आरोप लगाए गए हैं और उनके खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की मांग की गई है।

प्रधानाध्यापिका की शिकायत के बाद अब शिक्षा विभाग की भूमिका महत्वपूर्ण हो गई है। विभाग की ओर से मामले की जांच कराई जाती है तो वायरल वीडियो, विद्यालय में मौजूद लोगों के बयान और अन्य तथ्यों के आधार पर घटनाक्रम की स्थिति स्पष्ट हो सकती है।

शराबबंदी वाले बिहार में उठे सवाल

बिहार में शराबबंदी लागू है। ऐसे में किसी सरकारी कर्मचारी के ड्यूटी के दौरान कथित तौर पर नशे की हालत में पाए जाने का मामला सामने आना गंभीर माना जा रहा है। खासकर सरकारी विद्यालय में इस तरह की घटना सामने आने से शिक्षा व्यवस्था और कर्मचारियों की जिम्मेदारी को लेकर सवाल खड़े हो रहे हैं।

सरकारी स्कूलों में शिक्षकों और कर्मचारियों की उपस्थिति, समय पर ड्यूटी और बच्चों के लिए सुरक्षित शैक्षणिक माहौल बनाए रखना विभाग की प्राथमिक जिम्मेदारियों में शामिल है। ऐसे में वायरल वीडियो ने व्यवस्था की निगरानी पर भी सवाल खड़े किए हैं।

हालांकि, सिर्फ वीडियो के आधार पर यह तय नहीं किया जा सकता कि विद्यालय सहायक ने शराब का सेवन किया था। इसकी पुष्टि मेडिकल जांच या विभागीय जांच के बाद ही हो सकती है। इसलिए फिलहाल पूरे मामले को आरोप और दावे के स्तर पर ही देखा जा रहा है।

जांच के बाद साफ होगी पूरी तस्वीर

वायरल वीडियो सामने आने के बाद अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि विद्यालय सहायक की वास्तविक स्थिति क्या थी और वह किस वजह से कार्यालय में बेसुध पड़े थे। क्या उन्होंने शराब का सेवन किया था, किसी अन्य नशीले पदार्थ के प्रभाव में थे या उनकी तबीयत खराब थी, इसका जवाब जांच के बाद ही सामने आएगा।

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शिक्षा विभाग यदि मामले की जांच करता है तो घटना के दिन की उपस्थिति, विद्यालय में मौजूद कर्मचारियों के बयान और वायरल वीडियो की परिस्थितियों की पड़ताल की जा सकती है। जरूरत पड़ने पर संबंधित कर्मचारी की चिकित्सकीय जांच भी महत्वपूर्ण हो सकती है।

फिलहाल निगाह विभागीय कार्रवाई पर

इस पूरे मामले में अब निगाह शिक्षा विभाग की अगली कार्रवाई पर टिकी है। प्रधानाध्यापिका की ओर से जिला शिक्षा पदाधिकारी को शिकायत दिए जाने के बाद विभाग के स्तर से क्या कदम उठाया जाता है, यह देखना महत्वपूर्ण होगा।

यदि जांच में आरोप सही पाए जाते हैं तो संबंधित कर्मचारी के खिलाफ विभागीय नियमों के तहत कार्रवाई हो सकती है। वहीं, यदि आरोपों की पुष्टि नहीं होती है तो वास्तविक स्थिति भी सामने आएगी।

फिलहाल वायरल वीडियो ने मुजफ्फरपुर के इस सरकारी विद्यालय को चर्चा में ला दिया है। शिक्षा विभाग के सामने अब चुनौती मामले की निष्पक्ष जांच कर सच्चाई सामने लाने और सरकारी विद्यालयों में कर्मचारियों की जवाबदेही सुनिश्चित करने की है।

Nishkarsh Bharat

अमन कुमार की रिपोर्ट

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