SKMCH अस्पताल में बिजली गिरने से काम बाधित, जांच मशीन व कंप्यूटर सर्वर बंद, मरीजों को हो रही दिक्कत
SKMCH पैथोलॉजी लैब में ठनका गिरने से सर्वर और जांच व्यवस्था ठप
निष्कर्ष भारत, संवाददाता (मुजफ्फरपुर)। SKMCH पैथोलॉजी लैब में देर रात तेज बारिश के बीच गिरे ठनका ने अस्पताल की जांच व्यवस्था को प्रभावित कर दिया। अचानक हुए तेज धमाके के बाद लैब में लगे कई अहम उपकरण और मुख्य सर्वर बंद हो गए। सर्वर ठप होने के कारण ब्लड सैंपल से जुड़ी डेटा एंट्री और जांच रिपोर्ट तैयार करने की डिजिटल प्रक्रिया बाधित हो गई। इसका सीधा असर मरीजों की जांच पर पड़ा और सुबह से पैथोलॉजी लैब के बाहर मरीजों की लंबी कतार लग गई।
रात में तेज आवाज से घबराए कर्मचारी
घटना देर रात उस समय हुई, जब मुजफ्फरपुर में तेज बारिश हो रही थी। इसी दौरान SKMCH की पैथोलॉजी लैब के आसपास अचानक तेज आवाज के साथ ठनका गिरा। धमाका इतना तेज था कि लैब में ड्यूटी कर रहे कर्मचारियों और लैब टेक्नीशियन के बीच अफरा-तफरी मच गई।
अचानक हुए घटनाक्रम से कर्मचारी कुछ देर के लिए दहशत में आ गए और सुरक्षा के लिहाज से लैब से बाहर निकल गए। स्थिति सामान्य होने के बाद कर्मचारी दोबारा लैब में पहुंचे। अंदर जाकर जांच करने पर पता चला कि कई जरूरी सिस्टम काम नहीं कर रहे थे।
SKMCH में बायोकेमिस्ट्री जांच का सिस्टम बंद
कर्मचारियों के अनुसार, ठनका गिरने के बाद बायोकेमिस्ट्री जांच मशीन से जुड़ा कंप्यूटर बंद मिला। इसके साथ ही पैथोलॉजी विभाग का मुख्य सर्वर भी काम नहीं कर रहा था। सर्वर बंद होने का सबसे बड़ा असर जांच प्रक्रिया के डिजिटल सिस्टम पर पड़ा।

ब्लड सैंपल लेने के बाद उसकी डेटा एंट्री और जांच से संबंधित रिपोर्ट तैयार करने की प्रक्रिया सिस्टम के जरिए होती है। लेकिन मुख्य सर्वर के बंद होने से यह काम आगे नहीं बढ़ सका। इससे मरीजों को अपनी जांच रिपोर्ट के लिए इंतजार करना पड़ा।
देर रात सिस्टम चालू करने की कोशिश
घटना की जानकारी मिलने के बाद डेटा ऑपरेटर राहुल कुमार को इसकी सूचना दी गई। वह देर रात अस्पताल पहुंचे और सर्वर तथा कंप्यूटर सिस्टम को दोबारा चालू करने का प्रयास किया। तकनीकी स्तर पर कई कोशिशें की गईं, लेकिन सिस्टम को तत्काल शुरू नहीं किया जा सका।
सुबह तक भी मुख्य सर्वर पूरी तरह चालू नहीं हो पाया। इसके चलते पैथोलॉजी विभाग की डिजिटल व्यवस्था सामान्य तरीके से काम नहीं कर सकी। अस्पताल में इलाज के लिए आने वाले मरीजों को जांच के लिए अतिरिक्त इंतजार करना पड़ा।
SKMCH में मरीजों की बढ़ी परेशानी
सर्वर और जांच से जुड़े सिस्टम के ठप होने का सबसे ज्यादा असर मरीजों पर पड़ा। सुबह पैथोलॉजी लैब के बाहर मरीजों की लंबी कतारें दिखाई दीं। कई मरीज दूर-दराज के इलाकों से इलाज कराने के लिए SKMCH पहुंचे थे। जांच कराने के बाद रिपोर्ट मिलने में देरी होने से उन्हें अस्पताल में अधिक समय तक रुकना पड़ा।
मरीजों और उनके परिजनों के लिए परेशानी इसलिए भी बढ़ गई, क्योंकि कई मामलों में डॉक्टर की आगे की चिकित्सा प्रक्रिया जांच रिपोर्ट पर निर्भर होती है। डिजिटल सिस्टम में आई तकनीकी समस्या के कारण जांच प्रक्रिया की रफ्तार प्रभावित हुई।
अस्पताल प्रबंधन ने बुलाई तकनीकी टीम
घटना के बाद अस्पताल प्रबंधन ने खराब उपकरणों और बंद पड़े सिस्टम को जल्द दुरुस्त कराने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। इसके लिए तकनीकी टीम को बुलाया गया है। टीम यह पता लगाएगी कि ठनका गिरने के बाद सर्वर और जांच मशीन से जुड़े सिस्टम में किस स्तर पर खराबी आई है।
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अस्पताल प्रबंधन की कोशिश है कि तकनीकी खराबी को जल्द दूर कर पैथोलॉजी की जांच व्यवस्था सामान्य की जाए। सर्वर और जरूरी उपकरणों के ठीक होने के बाद ब्लड सैंपल की डेटा एंट्री तथा जांच रिपोर्ट तैयार करने का काम दोबारा नियमित तरीके से शुरू हो सकेगा।
ठनका से इलेक्ट्रॉनिक सिस्टम पर असर
बारिश के दौरान ठनका गिरने से इलेक्ट्रॉनिक और डिजिटल उपकरणों के प्रभावित होने की आशंका रहती है। खासकर अस्पताल जैसे संस्थानों में सर्वर, कंप्यूटर और जांच मशीनें आपस में जुड़ी होती हैं। ऐसे में एक प्रमुख सिस्टम में खराबी आने पर पूरी प्रक्रिया प्रभावित हो सकती है।

SKMCH की पैथोलॉजी लैब में भी ठनका गिरने के बाद इसी तरह की तकनीकी समस्या सामने आई। हालांकि उपकरणों में वास्तविक नुकसान कितना हुआ है, इसका आकलन तकनीकी टीम की जांच के बाद ही स्पष्ट होगा।
जांच व्यवस्था जल्द सामान्य होने की उम्मीद
फिलहाल अस्पताल प्रबंधन की प्राथमिकता पैथोलॉजी लैब के सर्वर और जांच उपकरणों को दोबारा चालू करना है। तकनीकी टीम के आने के बाद खराबी की जांच कर आवश्यक मरम्मत की जाएगी।
मरीजों के लिए पैथोलॉजी जांच अस्पताल की स्वास्थ्य व्यवस्था का महत्वपूर्ण हिस्सा है। इसलिए सर्वर और मशीनों के जल्द चालू होने से मरीजों को राहत मिलने की उम्मीद है। फिलहाल तकनीकी खराबी के कारण जांच प्रक्रिया प्रभावित है और अस्पताल प्रबंधन इसे जल्द सामान्य करने में जुटा है।
अमन कुमार की रिपोर्ट
