12 घंटे से 24 किमी सड़क पर महाजाम, एंबुलेंस व कांवरिया बसें भी फंसीं
सड़क पर महाजाम से कांवरिया समेत यात्री परेशान रहे।
निष्कर्ष भारत संवाददाता मुंगेर। सड़क की बदहाली और भारी वाहनों के फंसने के कारण एनएच-333बी सोमवार को करीब 12 घंटे तक महाजाम की गिरफ्त में रहा। श्रीकृष्ण सेतु के एप्रोच पथ से कल्याणपुर तक करीब 24 किलोमीटर के दायरे में वाहनों की लंबी कतार लगी रही। नौवागढ़ी मस्जिद मोड़ से बरियारपुर फोरलेन तक भी यातायात पूरी तरह प्रभावित रहा। जाम में ट्रक, बस और एंबुलेंस तक फंसी रहीं। सबसे ज्यादा परेशानी कांवरियों को उठानी पड़ी। 100 से अधिक कांवरिया बसें घंटों जाम में फंसी रहीं और यात्रियों को सड़क पर ही काफी देर तक इंतजार करना पड़ा।
जाम की गंभीर स्थिति के बावजूद एप्रोच पथ से तेलिया तालाब तक यातायात व्यवस्था संभालने के लिए ट्रैफिक पुलिस का कोई जवान नजर नहीं आया। नया रामनगर थाना का एक सिपाही ही मौके पर जाम हटाने और वाहनों को आगे बढ़ाने का प्रयास करता दिखाई दिया। इससे यातायात व्यवस्था और प्रशासनिक तैयारियों पर सवाल खड़े हो गए।
खराब सड़क ने बढ़ाई परेशानी
सोमवार को जाम की मुख्य वजहों में बरियारपुर फोरलेन के समीप खराब हुई दो बसें और एनएच-333बी पर जगह-जगह वाहनों का फंसना बताया गया। यातायात डीएसपी प्रभात रंजन के अनुसार बरियारपुर के पास फोरलेन पर दो बसें खराब हो गई थीं। दोनों बसों को हटाने के लिए हाइड्रा की मदद ली जा रही थी।
इसके अलावा बरियारपुर तीनबटिया के पास एक ट्रक का गुल्ला टूट गया। वहीं एक बस सड़क पर बने गड्ढे में फंस गई। इन घटनाओं के बाद सड़क पर वाहनों की आवाजाही और धीमी हो गई तथा देखते ही देखते दोनों दिशाओं में वाहनों की लंबी कतार लग गई।
तीन किलोमीटर सड़क पर बड़े-बड़े गड्ढे
यातायात डीएसपी प्रभात रंजन ने बताया कि बरियारपुर तीनबटिया से भागलपुर मार्ग की ओर करीब तीन किलोमीटर तक सड़क की स्थिति बेहद खराब है। सड़क पर जगह-जगह बड़े गड्ढे बने हुए हैं। भारी वाहनों के लगातार आवागमन के कारण समस्या और गंभीर होती जा रही है।
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खराब सड़क के कारण ट्रक और बसों के फंसने या खराब होने का सिलसिला लगातार जारी रहने की बात भी सामने आई है। सड़क पर भारी वाहन खराब होने के बाद उन्हें हटाने में काफी समय लगता है। इस दौरान पीछे से आने वाले वाहनों की संख्या बढ़ती जाती है और जाम धीरे-धीरे कई किलोमीटर तक फैल जाता है।
सड़क मरम्मत की शिकायत के बाद भी कार्रवाई नहीं
यातायात डीएसपी के अनुसार एनएचएआई को सड़क की बदहाल स्थिति की कई बार जानकारी दी जा चुकी है। इसके बावजूद अब तक प्रभावी तरीके से सड़क की मरम्मत नहीं की गई है। इससे स्थानीय लोगों और इस मार्ग से गुजरने वाले वाहन चालकों में नाराजगी बढ़ रही है।
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एनएच-333बी पर रोजाना बड़ी संख्या में छोटे-बड़े वाहनों की आवाजाही होती है। इसके अलावा कांवरिया सीजन में इस मार्ग पर बसों और अन्य वाहनों का दबाव और बढ़ जाता है। ऐसे समय में सड़क पर बने गड्ढे दुर्घटना और जाम दोनों का खतरा बढ़ा देते हैं।
100 से अधिक कांवरिया बसें जाम में फंसीं
महाजाम का सबसे ज्यादा असर कांवरिया यात्रियों पर पड़ा। 100 से अधिक कांवरिया बसों के जाम में फंसने से यात्रियों को घंटों परेशानी झेलनी पड़ी। कई बसें लंबे समय तक एक ही स्थान पर खड़ी रहीं। गर्मी और भीड़ के बीच यात्रियों को सड़क पर ही इंतजार करना पड़ा।

कांवरिया बसों के अलावा सामान्य यात्री वाहन, ट्रक और अन्य मालवाहक वाहन भी जाम में फंसे रहे। एंबुलेंस के जाम में फंसने की स्थिति ने समस्या की गंभीरता को और उजागर किया। आपातकालीन वाहन के लिए रास्ता नहीं मिलने से यातायात प्रबंधन की व्यवस्था पर भी सवाल उठे।
ट्रैफिक पुलिस की मौजूदगी पर उठे सवाल
इतने बड़े क्षेत्र में जाम के बावजूद पर्याप्त संख्या में यातायात पुलिसकर्मियों की मौजूदगी नहीं होने की बात सामने आई। एप्रोच पथ से तेलिया तालाब तक जाम को नियंत्रित करने के लिए ट्रैफिक पुलिस का कोई जवान नजर नहीं आया। केवल नया रामनगर थाना का एक सिपाही वाहनों को निकालने की कोशिश करता दिखाई दिया।
इतने लंबे मार्ग पर यातायात का दबाव देखते हुए स्थानीय स्तर पर पुलिस बल की तैनाती और खराब वाहनों को तत्काल हटाने की व्यवस्था जरूरी मानी जा रही है। खासकर कांवरिया सीजन में किसी भी वाहन के खराब होने पर तत्काल कार्रवाई नहीं होने से जाम तेजी से लंबा हो सकता है।
कब सुधरेगी सड़क और कब खत्म होगा महाजाम?
एनएच-333बी पर बार-बार लगने वाले जाम ने एक बार फिर सड़क की गुणवत्ता और यातायात प्रबंधन दोनों पर सवाल खड़े कर दिए हैं। जब तक सड़क पर बने बड़े गड्ढों की स्थायी मरम्मत नहीं होती, तब तक भारी वाहनों के फंसने और खराब होने की घटनाएं जारी रहने की आशंका बनी रहेगी।

दूसरी ओर, सड़क की मरम्मत के साथ संवेदनशील स्थानों पर यातायात पुलिस की पर्याप्त तैनाती भी जरूरी है। खासकर ऐसे समय में जब इस मार्ग से बड़ी संख्या में कांवरिया बसें गुजर रही हों, जाम से निपटने के लिए पहले से तैयारी की आवश्यकता है।
अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि एनएचएआई सड़क की मरम्मत कब शुरू करता है और प्रशासन बार-बार लगने वाले महाजाम से लोगों को राहत दिलाने के लिए क्या ठोस कदम उठाता है। फिलहाल सड़क की बदहाली और यातायात दबाव के बीच आम यात्रियों की परेशानी जारी है।
अमन कुमार की रिपोर्ट
