13 वर्षीय सागर की नदी में डूबने से मौत, ज्ञानपुर पुल पर रेलिंग नहीं होने पर उठे सवाल
AI फोटो
निष्कर्ष भारत संवादाता आरा: भोजपुर जिले के गीधा थाना क्षेत्र में स्वतंत्रता दिवस के मौके पर स्कूल से लौट रहे 13 वर्षीय किशोर की नदी में डूबने से मौत हो गई। दर्दनाक हादसा शनिवार दोपहर ज्ञानपुर पुल के समीप हुआ। बताया जा रहा है कि स्कूल से घर लौटने के दौरान पैर फिसलने से किशोर नदी में गिर गया। स्थानीय लोगों और स्वजनों की मदद से उसे नदी से बाहर निकाला गया, लेकिन तब तक उसकी हालत गंभीर हो चुकी थी। आरा सदर अस्पताल में चिकित्सकों ने जांच के बाद उसे मृत घोषित कर दिया।
मृतक की पहचान कृष्णागढ़ थाना क्षेत्र के नया खवासपुर गांव निवासी मनोज बिन के 13 वर्षीय पुत्र सागर कुमार के रूप में हुई है। सागर पांचवीं कक्षा का छात्र था। वह बचपन से ही गीधा थाना क्षेत्र के ज्ञानपुर गांव स्थित अपने ननिहाल में रहकर पढ़ाई कर रहा था।
स्वतंत्रता दिवस कार्यक्रम में शामिल होने गया था सागर
स्वजनों के अनुसार, शनिवार को स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर सागर अपने स्कूल में आयोजित झंडोत्तोलन कार्यक्रम में शामिल होने गया था। स्कूल में कार्यक्रम समाप्त होने के बाद वह वापस अपने ननिहाल की ओर लौट रहा था।
इसी दौरान ज्ञानपुर पुल के समीप पहुंचने पर अचानक उसका पैर फिसल गया। संतुलन बिगड़ने के कारण वह नदी में जा गिरा। देखते ही देखते किशोर गहरे पानी में चला गया और डूबने लगा।
घटना के बाद आसपास मौजूद लोगों को जानकारी हुई तो मौके पर अफरा-तफरी मच गई। स्थानीय ग्रामीणों ने नदी में उतरकर किशोर की तलाश शुरू की। काफी प्रयास के बाद सागर को नदी से बाहर निकाला गया।
आरा सदर अस्पताल में चिकित्सकों ने मृत घोषित किया
नदी से बाहर निकालने के बाद सागर को आनन-फानन में इलाज के लिए आरा सदर अस्पताल ले जाया गया। स्वजन को उम्मीद थी कि समय रहते इलाज मिलने से किशोर की जान बचाई जा सकेगी। हालांकि अस्पताल पहुंचने के बाद चिकित्सकों ने उसकी जांच की और मृत घोषित कर दिया।
किशोर की मौत की खबर मिलते ही परिवार में कोहराम मच गया। कुछ देर पहले तक स्कूल के कार्यक्रम में शामिल होकर घर लौट रहा सागर अचानक परिवार को छोड़कर चला गया। घटना से स्वजन और ग्रामीण सदमे में हैं।
पुल पर रेलिंग नहीं होने पर उठे सवाल
घटना के बाद परिजनों ने ज्ञानपुर पुल पर सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि पुल पर रेलिंग नहीं होने के कारण किशोर का पैर फिसलने के बाद वह सीधे नदी में जा गिरा।
परिजनों का आरोप है कि यदि पुल पर पर्याप्त सुरक्षा व्यवस्था और रेलिंग होती तो शायद यह हादसा टाला जा सकता था। स्थानीय लोगों ने भी पुल पर सुरक्षा इंतजाम मजबूत करने की मांग की है।
ग्रामीणों का कहना है कि पुल के आसपास से लोगों का लगातार आवागमन होता है। ऐसे में पुल पर रेलिंग नहीं होना राहगीरों के लिए खतरा पैदा करता है। खासकर बच्चों और बुजुर्गों के लिए ऐसी जगहों पर सुरक्षा व्यवस्था बेहद जरूरी है।
पुलिस ने कराया शव का पोस्टमार्टम
घटना की सूचना मिलने के बाद गीधा थाना पुलिस मौके पर पहुंची और पूरे मामले की जानकारी ली। पुलिस ने आवश्यक कागजी प्रक्रिया पूरी करने के बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।
पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंपने की प्रक्रिया पूरी की गई। पुलिस घटना की जांच कर रही है। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, किशोर की मौत नदी में डूबने से हुई है।
पुलिस ने घटनास्थल पर मौजूद लोगों और स्वजनों से भी घटना के संबंध में जानकारी ली। हादसे के वास्तविक कारणों और परिस्थितियों की भी जांच की जा रही है।
बचपन से ननिहाल में रहकर पढ़ रहा था सागर
सागर कुमार बचपन से ही अपने ननिहाल ज्ञानपुर में रहकर पढ़ाई कर रहा था। वह पांचवीं कक्षा का छात्र था। पढ़ाई के साथ वह परिवार का दुलारा भी था।
बताया गया कि सागर चार भाई-बहनों में तीसरे स्थान पर था। उसके परिवार में मां उषा देवी, भाई गोलू कुमार और हिमांशु कुमार तथा बहन सरिता कुमारी हैं।
किशोर की अचानक मौत से परिवार के सभी सदस्य सदमे में हैं। मां उषा देवी समेत अन्य परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। परिवार के लोगों को विश्वास नहीं हो रहा कि स्कूल के स्वतंत्रता दिवस कार्यक्रम में शामिल होकर घर लौटने वाला सागर अब उनके बीच नहीं रहा।
परिवार में मचा कोहराम
सागर की मौत की खबर जैसे ही उसके गांव और ननिहाल के लोगों को मिली, बड़ी संख्या में लोग परिवार के पास पहुंचने लगे। घर में चीख-पुकार मच गई। मां बेटे के शव को देखकर बार-बार बेसुध हो रही थीं।
ग्रामीणों ने पीड़ित परिवार के प्रति संवेदना जताई। स्थानीय लोगों ने प्रशासन से पुल पर सुरक्षा व्यवस्था दुरुस्त कराने की मांग की है, ताकि भविष्य में इस तरह की घटना दोबारा न हो।
सुरक्षा व्यवस्था दुरुस्त करने की मांग
ज्ञानपुर पुल के समीप हुए इस हादसे के बाद पुल की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर चर्चा तेज हो गई है। स्थानीय लोगों का कहना है कि नदी के ऊपर बने पुल पर रेलिंग या अन्य सुरक्षा उपाय नहीं होने से हादसे का खतरा बना रहता है।
लोगों ने संबंधित विभाग से पुल का निरीक्षण कराने और जहां जरूरी हो वहां रेलिंग लगाने की मांग की है। ग्रामीणों का कहना है कि हादसे के बाद केवल जांच करने के बजाय भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए ठोस कदम उठाना जरूरी है।
फिलहाल गीधा थाना पुलिस ने शव का पोस्टमार्टम करा दिया है और मामले की जांच जारी है। वहीं, सागर की मौत के बाद उसके परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है।
कीमती कुमारी की रिपोर्ट
