दानापुर कैंट में मना15वीं बिहार रेजिमेंट का 47वां स्थापना दिवस, वंदे मातरम् से गूंजा परिसर

बिहार

15वीं बिहार बटालियन का 47वां स्थापना दिवस दानापुर में मना

निष्कर्ष भारत संवाददाता पटना। 15वीं बिहार बटालियन स्थापना दिवस के मौके पर बिहार रेजिमेंट केंद्र, दानापुर में गौरव और देशभक्ति का माहौल देखने को मिला। बटालियन के 47वें स्थापना दिवस पर जवानों और अधिकारियों ने यूनिट के गौरवशाली इतिहास को याद किया और देश की रक्षा के लिए सर्वोच्च बलिदान देने वाले वीर शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित की। कार्यक्रम में सैन्य परंपराओं के साथ बटालियन की उपलब्धियों और देश सेवा में उसके योगदान को भी याद किया गया।

दानापुर कैंट में हुई थी बटालियन की स्थापना

15वीं बिहार बटालियन की स्थापना 1 सितंबर 1980 को दानापुर कैंट में हुई थी। उस समय लेफ्टिनेंट कर्नल दयानंद मलिक के नेतृत्व में बटालियन की शुरुआत की गई थी। स्थापना के बाद यूनिट ने भारतीय सेना की विभिन्न जिम्मेदारियों को निभाते हुए देश की सुरक्षा में अपना योगदान दिया।

बिहार बटालियन के इतिहास में 24 फरवरी 1982 का दिन भी महत्वपूर्ण माना जाता है। इसी दिन कैप्टन आरएस बुचे ने तत्कालीन सेना प्रमुख जनरल केवी कृष्ण राव, पीवीएसएम से बटालियन का ध्वज प्राप्त किया था। इसके साथ ही यूनिट की सैन्य पहचान और परंपरा को औपचारिक रूप से नई मजबूती मिली।

देश की सुरक्षा में निभाई अहम भूमिका

स्थापना के बाद से 15वीं बिहार बटालियन ने युद्ध और शांति दोनों परिस्थितियों में जिम्मेदारियां निभाई हैं। यूनिट के सैनिकों ने अलग-अलग सैन्य अभियानों और जिम्मेदारियों के दौरान साहस, अनुशासन और कर्तव्यनिष्ठा का परिचय दिया।

बटालियन के वीर बिहारी सैनिकों ने विभिन्न मौकों पर अदम्य साहस का प्रदर्शन किया। देश की सुरक्षा और सेना की जिम्मेदारियों को प्राथमिकता देते हुए जवानों ने अपनी भूमिका निभाई और यूनिट की प्रतिष्ठा को मजबूत किया।

दानापुर में याद किया गया बटालियन का गौरवशाली सफर

स्थापना दिवस समारोह में बटालियन के अब तक के सफर और उपलब्धियों को याद किया गया। सैन्य अधिकारियों और जवानों ने कहा कि किसी भी यूनिट की पहचान केवल उसके इतिहास से नहीं, बल्कि लगातार बेहतर प्रदर्शन और सैनिकों के समर्पण से बनती है।

15वीं बिहार बटालियन ने अपने लंबे सैन्य सफर में इसी परंपरा को कायम रखने का प्रयास किया है। यूनिट को वर्ष 2017 और 2023 में क्रमशः उत्तरी कमान और मध्य कमान के सेना कमांडरों की ओर से यूनिट प्रशंसा पत्र भी प्राप्त हो चुका है।

वीर शहीदों को दी गई श्रद्धांजलि

स्थापना दिवस समारोह का सबसे भावुक क्षण तब आया, जब रेजिमेंट के वीर शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित की गई। असम राइफल्स के अतिरिक्त महानिदेशक सह कर्नल ऑफ द रेजिमेंट मेजर जनरल जय सिंह बैंसला ने शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित की।

शहीदों को याद करते हुए सेना की उस परंपरा को भी सम्मान दिया गया, जिसमें देश की रक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाती है। जवानों और अधिकारियों ने उन सैनिकों के बलिदान को नमन किया, जिन्होंने देश की सुरक्षा के लिए अपना जीवन समर्पित कर दिया।

दानापुर में जुटे सैन्य अधिकारी और जवान

समारोह में रेजिमेंट के कमांडेंट ब्रिगेडियर राकेश कुमार बोरा, ग्रुप कैप्टन मृणाल रंजन, 6 एयर फोर्स स्क्वाड्रन के कमांडिंग ऑफिसर लेफ्टिनेंट कर्नल अभिषेक कुमार सिंह और फ्लाइट लेफ्टिनेंट पंकज मौजूद रहे।

इसके अलावा सूबेदार मेजर (मानद लेफ्टिनेंट) नवीन कुमार, सूबेदार मेजर प्रकाश चन्द्र अरिसल, सूबेदार मेजर नवल कुमार और सूबेदार रजनीश रमन समेत 6 एयरफोर्स स्क्वाड्रन और रेजिमेंट के कई जेसीओ तथा जवानों ने कार्यक्रम में हिस्सा लिया।

वंदे मातरम् से गूंजा दानापुर का परिसर

स्थापना दिवस कार्यक्रम के दौरान सेना बैंड ने वंदे मातरम् और रेजिमेंटल गीत की प्रस्तुति दी। बैंड की धुनों के बीच पूरा परिसर देशभक्ति और श्रद्धा के भाव से भर गया।

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जवानों और अधिकारियों ने बटालियन के इतिहास, सैन्य उपलब्धियों और देश की सेवा में निभाई गई भूमिका को याद किया। समारोह ने एक ओर जहां शहीदों के बलिदान को नमन किया, वहीं दूसरी ओर वर्तमान जवानों को भी अपनी जिम्मेदारियों के प्रति प्रतिबद्ध रहने का संदेश दिया।

47 वर्षों की परंपरा और नई जिम्मेदारियां

15वीं बिहार बटालियन का 47वां स्थापना दिवस केवल एक औपचारिक समारोह नहीं रहा। यह बटालियन के इतिहास, सैनिकों के योगदान और शहीदों के बलिदान को याद करने का अवसर भी बना। स्थापना से लेकर अब तक यूनिट ने सेना की विभिन्न जिम्मेदारियों में अपनी भूमिका निभाई है।

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बटालियन की उपलब्धियों को याद करते हुए अधिकारियों और जवानों ने भविष्य में भी सेना की परंपराओं और जिम्मेदारियों को मजबूती से आगे बढ़ाने का संकल्प दोहराया। दानापुर में आयोजित कार्यक्रम ने बटालियन की गौरवशाली विरासत और सैनिकों के समर्पण को एक बार फिर सामने रखा।

शौर्य और सेवा की परंपरा आगे बढ़ाने का संकल्प

स्थापना दिवस के अवसर पर वीर शहीदों को श्रद्धांजलि देने के साथ बटालियन के जवानों ने देश सेवा की भावना को सर्वोपरि रखने का संदेश दिया। सैन्य जीवन में अनुशासन, साहस और कर्तव्य के महत्व को रेखांकित करते हुए कार्यक्रम का समापन गौरव और देशभक्ति के माहौल में हुआ।

15वीं बिहार बटालियन के 47 साल के सफर में उसकी उपलब्धियां, सैनिकों का साहस और शहीदों का बलिदान उसकी पहचान का महत्वपूर्ण हिस्सा हैं। दानापुर में आयोजित स्थापना दिवस समारोह ने इसी विरासत को सम्मान के साथ याद किया।

Nishkarsh Bharat

अमन कुमार की रिपोर्ट