42 हजार शिक्षकों को मिला पसंद का स्कूल, अगला चरण कब से? सामने आई तारीख

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42 हजार शिक्षकों को पसंद का स्कूल, 17 सितंबर से अगला चरण

निष्कर्ष भारत, संवाददाता (पटना)। बिहार में शिक्षकों का स्थानांतरण और समायोजन अब अगले अहम चरण में पहुंच गया है। राज्य के 26 जिलों में करीब 42 हजार सरप्लस शिक्षकों की औपबंधिक स्थानांतरण सूची शिक्षा विभाग ने जारी कर दी है। खास बात यह है कि जिन शिक्षकों ने नए विद्यालय के लिए विकल्प दिए थे, उनमें बड़ी संख्या को उनके चुने गए स्कूलों में ही स्थानांतरण मिला है। इससे लंबे समय से स्थानांतरण का इंतजार कर रहे शिक्षकों को बड़ी राहत मिली है। अब औपबंधिक सूची में किसी तरह की गलती होने पर शिक्षक ऑनलाइन आपत्ति दर्ज करा सकेंगे। विभाग आपत्तियों की जांच के बाद अंतिम सूची जारी करेगा।

26 जिलों के शिक्षकों को मिली बड़ी राहत

टीचरों के समायोजन की प्रक्रिया के तहत पहले चरण में 26 जिलों को शामिल किया गया है। इन जिलों में सरप्लस टीचरों की संख्या और विद्यालयों में उपलब्ध पदों का आकलन करने के बाद स्थानांतरण की औपबंधिक सूची तैयार की गई है। सूची जारी होने के बाद अब संबंधित टीचरों को यह पता चल गया है कि उन्हें किस विद्यालय में भेजा गया है।

शिक्षा विभाग ने स्थानांतरण की प्रक्रिया में टीचरों की ओर से दिए गए विद्यालय विकल्पों को आधार बनाया है। इसका मतलब है कि टीचरों को मनमाने तरीके से विद्यालय आवंटित करने के बजाय उनके द्वारा चुने गए विकल्पों में से ही स्कूल देने की कोशिश की गई है।

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अब सूची में नाम और विद्यालय आवंटन से संबंधित जानकारी की जांच शिक्षक स्वयं कर सकेंगे। यदि किसी शिक्षक को लगता है कि उनके मामले में कोई त्रुटि हुई है, तो निर्धारित प्रक्रिया के तहत ऑनलाइन आपत्ति दर्ज करने का अवसर मिलेगा।

पटना समेत 12 जिलों के शिक्षकों की बारी बाकी

पहले चरण में 26 जिलों की औपबंधिक सूची जारी होने के बाद अब पटना समेत 12 अन्य जिलों के टीचरों की निगाहें अपनी सूची पर टिकी हैं। इन जिलों में भी सरप्लस टीचरों के समायोजन की प्रक्रिया चल रही है और विभाग जल्द ही यहां की औपबंधिक सूची जारी करने की तैयारी में है।

इन जिलों की सूची सामने आने के बाद हजारों टीचरों को उनके नए विद्यालय की स्थिति स्पष्ट हो जाएगी। विभाग का लक्ष्य है कि सभी जिलों में समायोजन की प्रक्रिया को तय समयसीमा के भीतर पूरा किया जाए, ताकि स्कूलों में टीचरों की उपलब्धता को संतुलित किया जा सके।

शिक्षकों से मांगे गए थे 30 विद्यालयों के विकल्प

समायोजन की प्रक्रिया में शिक्षा विभाग ने प्रत्येक सरप्लस शिक्षक से 30 विद्यालयों का विकल्प मांगा था। टीचरों को अपनी पसंद के विद्यालयों की सूची ऑनलाइन उपलब्ध करानी थी। इसी आधार पर विभाग ने उपलब्ध रिक्तियों और विद्यालयों में टीचरों की जरूरत को देखते हुए स्थानांतरण की प्रक्रिया आगे बढ़ाई।

राज्य के सरकारी विद्यालयों में करीब 1.02 लाख शिक्षक सरप्लस की स्थिति में बताए गए हैं। इनमें प्राथमिक से लेकर माध्यमिक और उच्च माध्यमिक स्तर तक के शिक्षक शामिल हैं। टीचरों की संख्या अधिक होने के कारण विभाग ने समायोजन को एक साथ करने के बजाय चरणबद्ध तरीके से आगे बढ़ाया है।

इस प्रक्रिया का मुख्य उद्देश्य उन स्कूलों में टीचरों की संख्या कम करना है जहां जरूरत से ज्यादा शिक्षक उपलब्ध हैं और ऐसे विद्यालयों में मानव संसाधन उपलब्ध कराना है जहां शिक्षकों की कमी है।

71 हजार से अधिक शिक्षकों ने किया था आवेदन

शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी ने 28 अगस्त को बताया था कि सरप्लस शिक्षकों में से 71,151 टीचरों ने स्थानांतरण और समायोजन के लिए ऑनलाइन आवेदन किया था। आवेदन ई-शिक्षाकोष पोर्टल के माध्यम से लिए गए थे।

आवेदन करने वाले शिक्षकों में बड़ी संख्या ऐसे लोगों की थी, जिन्होंने अपने पसंदीदा विद्यालयों को विकल्प के रूप में चुना था। विभाग की ओर से दी गई जानकारी के मुताबिक करीब 37 हजार शिक्षकों को उनके पहले से पांचवें विकल्प तक के विद्यालय आवंटित किए जा चुके हैं।

इससे स्पष्ट है कि विकल्प आधारित स्थानांतरण व्यवस्था से काफी संख्या में शिक्षकों को उनकी पसंद के आसपास या पसंद के विद्यालय में जाने का अवसर मिला है। अब औपबंधिक सूची जारी होने के बाद इन शिक्षकों को अंतिम सूची का इंतजार है।

आपत्ति के बाद जारी होगी अंतिम सूची

औपबंधिक सूची जारी होने के बाद अब प्रक्रिया का अगला चरण आपत्ति से जुड़ा है। शिक्षकों को सूची में अपना नाम, वर्तमान विद्यालय, आवंटित विद्यालय और अन्य संबंधित विवरण जांचने का मौका मिलेगा।

यदि किसी शिक्षक को स्थानांतरण में गलती नजर आती है या उन्हें लगता है कि उनके विकल्प के बावजूद नियम के अनुरूप विद्यालय आवंटित नहीं हुआ है, तो वे ऑनलाइन आपत्ति दर्ज करा सकेंगे। विभाग इन आपत्तियों की जांच करेगा और जरूरी सुधार के बाद अंतिम स्थानांतरण सूची जारी की जाएगी।

इस प्रक्रिया को इसलिए भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है क्योंकि अंतिम सूची जारी होने के बाद स्थानांतरण की कार्रवाई आगे बढ़ेगी। ऐसे में शिक्षकों के लिए औपबंधिक सूची में दी गई जानकारी को ध्यान से जांचना जरूरी होगा।

पारस्परिक स्थानांतरण की प्रक्रिया भी जारी

सरप्लस शिक्षकों के समायोजन के साथ शिक्षा विभाग ने पारस्परिक स्थानांतरण के लिए भी आवेदन की प्रक्रिया शुरू की थी। इसके तहत ऐसे शिक्षक शामिल हैं जो आपसी सहमति से एक-दूसरे के विद्यालय में स्थानांतरण चाहते हैं।

पारस्परिक स्थानांतरण की व्यवस्था सामान्य स्थानांतरण से अलग है। इसमें शिक्षकों की आपसी सहमति और विभागीय नियमों के आधार पर विद्यालय बदलने की प्रक्रिया पूरी की जाती है। सरप्लस शिक्षकों के समायोजन के साथ इस प्रक्रिया को भी आगे बढ़ाया जा रहा है।

अब विभाग का ध्यान सामान्य स्थानांतरण प्रक्रिया पर भी है। सामान्य स्थानांतरण के लिए 17 सितंबर से ऑनलाइन आवेदन शुरू होने की तारीख निर्धारित की गई है। इससे उन शिक्षकों को भी स्थानांतरण का अवसर मिलेगा जो सामान्य प्रक्रिया के तहत विद्यालय बदलना चाहते हैं।

17 सितंबर से शुरू होगा अगला चरण

शिक्षकों के लिए अगला बड़ा अपडेट सामान्य स्थानांतरण आवेदन से जुड़ा है। विभाग के अनुसार 17 सितंबर से ऑनलाइन आवेदन शुरू किए जाएंगे। इसके बाद सामान्य स्थानांतरण के इच्छुक शिक्षक निर्धारित नियमों और प्रक्रिया के तहत आवेदन कर सकेंगे।

इस चरण को सरप्लस शिक्षकों के समायोजन से अलग माना जा रहा है। पहले चरण में अतिरिक्त शिक्षकों को आवश्यकता वाले विद्यालयों में समायोजित करने पर जोर है, जबकि सामान्य स्थानांतरण में पात्र शिक्षकों के आवेदन और विभागीय नियमों के आधार पर प्रक्रिया आगे बढ़ेगी। इस तरह सितंबर के दूसरे पखवाड़े से सरकारी स्कूलों के शिक्षकों के लिए स्थानांतरण से जुड़ी गतिविधियां और तेज होने की उम्मीद है।

31 अक्टूबर तक पूरी होगी पूरी प्रक्रिया

शिक्षा विभाग ने स्थानांतरण से जुड़े मामलों के निपटारे के लिए 31 अक्टूबर तक की समयसीमा तय की है। विभाग की कोशिश है कि सरप्लस शिक्षकों के समायोजन, पारस्परिक स्थानांतरण और सामान्य स्थानांतरण से जुड़े मामलों का निष्पादन इस अवधि के भीतर पूरा कर लिया जाए।

यदि तय कार्यक्रम के अनुसार प्रक्रिया पूरी होती है तो अक्टूबर के अंत तक बिहार के सरकारी स्कूलों में शिक्षकों की तैनाती की तस्वीर काफी हद तक साफ हो जाएगी। किन विद्यालयों में शिक्षकों की संख्या अधिक है और कहां जरूरत के अनुसार शिक्षक उपलब्ध हैं, इसका नया संतुलन सामने आएगा।

26 जिलों के करीब 42 हजार शिक्षकों के लिए औपबंधिक सूची जारी होना सबसे बड़ी खबर है। इन शिक्षकों को अब आपत्ति दर्ज कराने और अंतिम सूची का इंतजार है। वहीं पटना समेत बाकी 12 जिलों के शिक्षक भी अपनी औपबंधिक सूची जारी होने की प्रतीक्षा कर रहे हैं। 17 सितंबर से सामान्य स्थानांतरण के आवेदन शुरू होने और 31 अक्टूबर तक पूरी प्रक्रिया पूरी करने के लक्ष्य के साथ शिक्षा विभाग ने अगले चरण का कार्यक्रम भी स्पष्ट कर दिया है।

Nishkarsh Bharat

राजकुमार सिंह की रिपोर्ट

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