पटना में फिर गंगा का जलस्तर बढ़ा, कई घाट डूबे, प्रशासन ने संभाला मरम्मत का मोर्चा

गंगा

पटना में गंगा उफान पर, कई घाट डूबे; सड़कों की मरम्मत तेज

निष्कर्ष भारत, संवाददाता ( पटना)। पटना में गंगा का जलस्तर बढ़ने के साथ नदी किनारे के इलाकों में पानी का दबाव बढ़ गया है। शहर के कई घाट जलमग्न हो चुके हैं और घाटों तक पहुंचने वाले रास्ते भी गंगा में डूब गए हैं। कृष्ण घाट पर पानी पाथवे तक पहुंचने के बाद आवाजाही प्रभावित हुई है। दूसरी ओर, बाढ़ और अत्यधिक बारिश से क्षतिग्रस्त सड़कों की मरम्मत के लिए जिला प्रशासन ने अगले एक सप्ताह तक विशेष अभियान चलाने का निर्देश दिया है।

गंगा के बढ़ते जलस्तर के कारण गंगा नदी किनारे रहने वाले लोगों के साथ घाटों पर काम करने वाले दुकानदारों और श्रद्धालुओं की परेशानी भी बढ़ी है। कई जगह लोग जलमग्न गंगा घाटों के किनारे से ही स्नान, तर्पण और पिंडदान करते नजर आ रहे हैं।

पटना में गंगा का पानी घाटों तक पहुंचा

गंगा का जलस्तर बढ़ने के बाद पटना के कई गंगा घाटों की सीढ़ियां और पाथवे पानी में डूब गए हैं। कृष्ण गंगा घाट पर स्थिति ज्यादा प्रभावित बताई जा रही है। यहां घाट के ऊपर करीब तीन फीट पानी चढ़ने की जानकारी सामने आई है। पानी बढ़ने से पाथवे पूरी तरह बंद हो गया है और लोगों की आवाजाही प्रभावित हुई है।

गांधी घाट से मरीन ड्राइव की ओर जाने वाला पाथवे भी पानी में डूबने के कारण बंद हो गया है। ऐसे में नदी किनारे आने वाले लोगों को रास्ते में पानी से होकर गुजरना पड़ रहा है।

तर्पण-पिंडदान के लिए गंगा घाटों पर पहुंच रहे लोग

घाटों पर पानी भरने के बावजूद तर्पण और पिंडदान के लिए लोगों का पहुंचना जारी है। जलमग्न घाटों के कारण श्रद्धालुओं को नदी के किनारे उपलब्ध सुरक्षित जगहों पर ही धार्मिक अनुष्ठान करना पड़ रहा है।

निष्पक्ष ख़बर देखिये हमारे यूट्यूब चैनल पर: NDA में बगावत की आहट: UP की सभी 403 सीटों पर Chirag की ललकार, प्रेशर पॉलिटिक्स या BJP से मोलभाव ?

घाटों पर दुकान और अन्य छोटे कारोबार करने वाले लोगों की परेशानी भी बढ़ी है। पानी बढ़ने के कारण सामान को सुरक्षित रखना और एक स्थान से दूसरे स्थान तक ले जाना मुश्किल हो गया है।

कृष्ण घाट पर ट्रांसफार्मर तक पहुंचा गंगा का पानी

कृष्ण घाट पर जलस्तर बढ़ने के साथ बिजली के ट्रांसफार्मर तक पानी पहुंचने की स्थिति सामने आई है। पानी ट्रांसफार्मर के काफी करीब पहुंच गया है। इससे वहां सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ी है।

घाटों पर लगातार बढ़ते पानी को देखते हुए नदी किनारे आने-जाने वाले लोगों को सावधानी बरतने की जरूरत है। जलस्तर में और वृद्धि होने की स्थिति में घाटों के आसपास आवाजाही पर अतिरिक्त प्रतिबंध की आवश्यकता पड़ सकती है।

पटना में बाढ़ और बारिश से टूटी सड़कों की होगी मरम्मत

गंगा के बढ़ते जलस्तर के बीच पटना जिला प्रशासन ने बाढ़ और अत्यधिक बारिश से क्षतिग्रस्त सड़कों की मरम्मत तेज करने का फैसला किया है। जिलाधिकारी कुंदन कुमार ने सड़क निर्माण और अनुरक्षण से जुड़े विभागों के अधिकारियों के साथ बैठक कर मरम्मत कार्य की समीक्षा की।

खबरें हमारे फेसबुक पर भी, लगातार खबरों के लिए फेसबुक से जुड़े

बैठक में ग्रामीण कार्य विभाग, पथ निर्माण विभाग, राष्ट्रीय उच्च पथ प्रमंडल, बिहार राज्य पुल निर्माण निगम और नगर निकायों के अधिकारियों को शामिल किया गया। डीएम ने अगले एक सप्ताह तक सड़क मरम्मत और अनुरक्षण के काम पर विशेष ध्यान देने का निर्देश दिया।

बिहटा समेत ग्रामीण इलाकों की सड़कों पर भी नजर

प्रशासन की ओर से शहर के साथ ग्रामीण इलाकों में भी बाढ़ और बारिश से प्रभावित सड़कों को चिह्नित करने के निर्देश दिए गए हैं। ऐसे में बिहटा समेत जिले के ग्रामीण क्षेत्रों में क्षतिग्रस्त सड़कों की स्थिति की भी निगरानी की जाएगी।

इसे भी पढ़ें: पटना में बाढ़ का खतरा बरकरार, पुनपुन-बागमती ने बढ़ाई चिंता, गंगा से मिली राहत, अलर्ट जारी

अधिकारियों को निर्देश दिया गया है कि सड़क क्षतिग्रस्त होने की सूचना मिलने के बाद निरीक्षण और मरम्मत के बीच अनावश्यक देरी नहीं होनी चाहिए। इसके लिए प्रत्येक विभाग को अपने क्षेत्र में प्रभावी निगरानी व्यवस्था तैयार करने को कहा गया है।

सड़क टूटने की सूचना मिलते ही शुरू होगी कार्रवाई

डीएम ने अधिकारियों से कहा कि सड़क की स्थिति पर नियमित नजर रखी जाए। सड़क में नुकसान सामने आने के बाद उसकी सूचना तत्काल संबंधित विभाग तक पहुंचे और मरम्मत की प्रक्रिया शुरू हो।

सड़क की क्षति की सूचना, स्थल निरीक्षण, मरम्मत और बाद की निगरानी के लिए पूरी प्रक्रिया को सक्रिय रखने का निर्देश दिया गया है। कार्यपालक अभियंताओं को अपने-अपने क्षेत्रों में नियमित निरीक्षण करने को कहा गया है।

 अनुरक्षण अवधि वाली सड़कों पर ठेकेदारों की जिम्मेदारी

जिन सड़कों की अनुरक्षण अवधि अभी समाप्त नहीं हुई है, उनकी मरम्मत और रखरखाव संबंधित संवेदकों के माध्यम से कराने का निर्देश दिया गया है।

प्रशासन का जोर इस बात पर है कि बारिश और बाढ़ के कारण सड़क खराब होने के बाद लंबे समय तक लोगों को परेशानी न झेलनी पड़े। इसके लिए पर्याप्त संख्या में रोड एम्बुलेंस उपलब्ध कराने को भी कहा गया है।

बिहटा से पटना तक खुदाई के बाद सड़क बहाली पर जोर

मेट्रो रेल और गैस पाइपलाइन से जुड़े कार्यों के कारण जिन सड़कों की खुदाई की गई है, उन्हें काम पूरा होने के बाद तत्काल दुरुस्त कराने का निर्देश दिया गया है।

प्रशासन ने संबंधित एजेंसियों के साथ समन्वय बनाकर गुणवत्तापूर्ण तरीके से सड़क बहाल करने पर जोर दिया है। पटना मेट्रो को भी अपने जिम्मे वाली सड़कों की नियमित जांच करने और क्षतिग्रस्त हिस्सों को समय पर ठीक कराने को कहा गया है। राजेंद्र नगर टर्मिनस के आसपास क्षतिग्रस्त सड़क की मरम्मत जल्द कराने का निर्देश भी अधिकारियों को दिया गया है।

फुट ओवरब्रिज और खराब एस्केलेटर भी होंगे दुरुस्त

शहर में पैदल यात्रियों की सुविधा और सड़क सुरक्षा को देखते हुए जरूरत वाले स्थानों की पहचान कर फुट ओवरब्रिज बनाने के लिए सूची तैयार करने का निर्देश दिया गया है। इसके साथ ही मौजूदा फुट ओवरब्रिज और पुलों से जुड़े खराब एस्केलेटर को तत्काल ठीक कराने को कहा गया है। प्रशासन का उद्देश्य पैदल यात्रियों को सुरक्षित रास्ता उपलब्ध कराना है।

बिहटा समेत शहर के प्रमुख रास्तों पर अतिक्रमण की निगरानी

बैठक में सड़क किनारे बने पैदल पथों को अतिक्रमणमुक्त कराने पर भी जोर दिया गया। ट्रैफिक पुलिस को अनधिकृत क्रॉसिंग की पहचान कर आवश्यक कार्रवाई करने का निर्देश दिया गया है।

अधिकारियों के मुताबिक, अनधिकृत क्रॉसिंग से सड़क हादसों का खतरा बढ़ सकता है। इसलिए ऐसे स्थानों को चिह्नित कर यातायात व्यवस्था को सुरक्षित बनाने पर जोर दिया जा रहा है।

सड़क पर अवरोध दिखते ही हटाने का निर्देश

एसपी ट्रैफिक सागर कुमार ने सड़क पर वाहन खराब होने, पेड़ गिरने या किसी अन्य वजह से यातायात बाधित होने पर तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए हैं।

संबंधित विभागों और अधिकारियों को आपसी समन्वय से ऐसे अवरोध हटाने और यातायात सामान्य करने को कहा गया है। इससे सड़क पर लंबे समय तक जाम की स्थिति बनने से रोकी जा सकेगी।

अनुमंडल स्तर पर होगी सड़क मरम्मत की निगरानी

डीएम ने सभी अनुमंडल पदाधिकारियों को अपने-अपने क्षेत्रों में सड़क मरम्मत कार्य की लगातार निगरानी करने का निर्देश दिया है। मरम्मत की प्रगति की नियमित समीक्षा होगी और जरूरत पड़ने पर संबंधित विभागों के साथ समन्वय कर समस्याओं का समाधान किया जाएगा।

पटना में एक ओर गंगा का बढ़ता जलस्तर घाटों और नदी किनारे के इलाकों के लिए चुनौती बना हुआ है, वहीं दूसरी ओर बाढ़ और बारिश से क्षतिग्रस्त सड़कों को जल्द दुरुस्त करने की कोशिश तेज की गई है। आने वाले दिनों में जलस्तर और मौसम की स्थिति के साथ प्रशासन के सामने घाटों की सुरक्षा और सड़क संपर्क बहाल रखने की दोहरी चुनौती बनी रहेगी।

Nishkarsh Bharat

राज कुमार की रिपोर्ट

You may have missed