MLC चुनाव: जनसुराज के अनुज ने किया नामांकन, खुली जीप में साथ दिखे अनंत सिंह; बोले- जीत होगी, PK नदारद
अनुज सिंह के नामांकन में खुली जीप पर अनंत सिंह, समर्थकों की भीड़
निष्कर्ष भारत, संवाददाता ( पटना)। पटना स्नातक निर्वाचन क्षेत्र के MLC चुनाव में गुरुवार को सियासी हलचल उस वक्त तेज हो गई, जब जन सुराज के प्रत्याशी डॉ. अनुज सिंह नामांकन दाखिल करने पहुंचे। उनके नामांकन के दौरान जदयू विधायक अनंत सिंह खुलकर उनके साथ नजर आए। अनंत सिंह खुली जीप में समर्थकों के साथ अनुज सिंह के नामांकन के लिए निकले। इस दौरान बड़ी संख्या में समर्थक भी मौजूद रहे।
जन सुराज ने 24 सितंबर को पटना स्नातक सीट से डॉ. अनुज सिंह को अपना प्रत्याशी घोषित किया था। इस सीट पर जदयू ने मौजूदा एमएलसी नीरज कुमार को उम्मीदवार बनाया है। अनुज सिंह को अनंत सिंह का समर्थन मिलने के बाद मुकाबला राजनीतिक रूप से चर्चा में है।
अनुज के नामांकन में अनंत सिंह का खुला समर्थन
अनुज सिंह के नामांकन के दौरान अनंत सिंह की मौजूदगी ने राजनीतिक हलकों में चर्चा बढ़ा दी। अनंत सिंह पहले ही साफ कर चुके हैं कि वह अपनी पार्टी के उम्मीदवार नीरज कुमार के बजाय जन सुराज के अनुज सिंह का समर्थन करेंगे।
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नामांकन के लिए निकलते समय अनंत सिंह अपने समर्थकों के साथ खुले वाहन में दिखाई दिए। उनके समर्थकों की मौजूदगी को इस सीट पर उनके प्रभाव के प्रदर्शन के तौर पर देखा जा रहा है। हालांकि किसी राजनीतिक कार्यक्रम की ताकत या उसके चुनावी प्रभाव का आकलन चुनाव परिणाम से पहले करना संभव नहीं है।
‘जनता मालिक है’, अनंत सिंह ने क्या कहा?
अनंत सिंह से जब पूछा गया कि जदयू ने नीरज कुमार को उम्मीदवार बनाया है और वह उनके खिलाफ खड़े दिखाई दे रहे हैं, तो उन्होंने कहा कि वह किसी को नहीं जानते और जनता ही मालिक है। उन्होंने अनुज सिंह की जीत को लेकर भी भरोसा जताया।
एक अन्य बयान में अनंत सिंह ने कहा कि उन्हें अनुज की जीत की ‘500 प्रतिशत’ उम्मीद है। उन्होंने यह भी कहा कि MLC चुनाव में पार्टी का चुनाव चिह्न नहीं होता और यह चुनाव किसी एक पार्टी का चुनाव नहीं है। उनके साथ मौजूद समर्थकों के बीच नीतीश कुमार, निशांत और ललन सिंह के समर्थन में नारे भी लगाए गए।
अनुज के नामांकन में PK नहीं दिखे
जन सुराज प्रत्याशी अनुज सिंह के नामांकन कार्यक्रम में प्रशांत किशोर की गैरमौजूदगी भी चर्चा का विषय रही। हालांकि अनुज सिंह को जन सुराज ने आधिकारिक तौर पर पटना स्नातक सीट से प्रत्याशी बनाया है।
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जन सुराज की ओर से अनुज सिंह की उम्मीदवारी का ऐलान पहले ही किया जा चुका था। पार्टी ने उन्हें पटना स्नातक निर्वाचन क्षेत्र से मैदान में उतारा है।
50 हजार रसगुल्लों की भी चर्चा
अनुज सिंह के नामांकन को लेकर अनंत सिंह के आवास पर 50 हजार रसगुल्ले तैयार किए जाने की खबर भी सामने आई है। इन्हें नामांकन में शामिल होने वाले समर्थकों और अन्य लोगों के बीच बांटने की तैयारी की गई थी। इस तैयारी की रिपोर्ट अलग-अलग मीडिया संस्थानों ने भी की है। नामांकन कार्यक्रम में समर्थकों की मौजूदगी और रसगुल्लों की तैयारी ने इस राजनीतिक कार्यक्रम को स्थानीय स्तर पर खासा चर्चित बना दिया।
अनुज सिंह का राजनीतिक सफर
डॉ. अनुज सिंह शिक्षा क्षेत्र से जुड़े हुए हैं। वह मॉडर्न ग्रुप ऑफ इंस्टीट्यूट्स और मॉडर्न इंग्लिश स्कूल के निदेशक बताए जाते हैं। उन्होंने संसाधन भूगोल यानी Resource Geography में पीएचडी की है।
राजनीति में आने से पहले वह कांग्रेस से जुड़े रहे और नवादा जिला उपाध्यक्ष की जिम्मेदारी संभाल चुके हैं। इसके बाद उन्होंने जन सुराज का रुख किया।
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अनुज सिंह ने 2025 के बिहार विधानसभा चुनाव में जन सुराज के टिकट पर नवादा विधानसभा सीट से चुनाव लड़ा था। हालांकि वह चुनाव जीत नहीं सके थे। अब जन सुराज ने उन्हें विधान परिषद की पटना स्नातक सीट से उम्मीदवार बनाया है।
नीरज कुमार के खिलाफ चुनावी मैदान में अनुज
पटना स्नातक निर्वाचन क्षेत्र में इस बार मुख्य रूप से अनुज सिंह और जदयू के नीरज कुमार के बीच मुकाबले पर नजर है। नीरज कुमार मौजूदा एमएलसी हैं और जदयू ने उन्हें फिर से उम्मीदवार बनाया है।

अनुज सिंह को अनंत सिंह का समर्थन मिलने से इस सीट की राजनीतिक चर्चा और बढ़ गई है। अनंत सिंह और नीरज कुमार के बीच पहले से राजनीतिक मतभेद सार्वजनिक रूप से सामने आते रहे हैं। यही वजह है कि इस चुनाव में दोनों नेताओं की भूमिका पर विशेष नजर रखी जा रही है।
अनंत-नीरज विवाद कैसे सामने आया?
अनंत सिंह ने सार्वजनिक रूप से नीरज कुमार के खिलाफ अपना रुख जाहिर किया है। उन्होंने पहले भी कहा है कि वह पटना स्नातक सीट पर अनुज सिंह के समर्थन में प्रचार करेंगे।
अनंत सिंह से जब यह सवाल पूछा गया कि जदयू विधायक रहते हुए पार्टी के उम्मीदवार के खिलाफ किसी दूसरे प्रत्याशी का समर्थन करने पर उन पर कार्रवाई हो सकती है, तो उन्होंने नीरज कुमार का उदाहरण दिया। उन्होंने सवाल किया कि जब नीरज ने उनका विरोध किया था तो उनके खिलाफ क्या कार्रवाई हुई।
इस पूरे घटनाक्रम पर जदयू के वरिष्ठ नेताओं की ओर से भी चर्चा और सुलह की कोशिशों की खबरें सामने आई हैं। हालांकि अनंत सिंह ने अनुज सिंह के समर्थन से पीछे हटने के संकेत नहीं दिए हैं।
अनुज की जीत का दावा कर रहा जन सुराज
जन सुराज की ओर से भी अनुज सिंह की जीत का दावा किया गया है। पार्टी के प्रवक्ता मसिउद्दीन ने कहा कि अनुज सिंह को जनप्रतिनिधि अनंत सिंह का समर्थन मिला है और पार्टी को उनकी जीत का भरोसा है।
हालांकि चुनाव में किस प्रत्याशी को कितने मत मिलेंगे, इसका फैसला मतदान और मतगणना के बाद ही होगा। फिलहाल सभी उम्मीदवार अपने-अपने स्तर पर मतदाताओं से संपर्क बढ़ाने में जुटे हैं।
MLC चुनाव में आगे क्या होगा?
बिहार विधान परिषद की आठ सीटों के लिए चुनाव कार्यक्रम घोषित हो चुका है। इनमें स्नातक और शिक्षक निर्वाचन क्षेत्रों की सीटें शामिल हैं। उपलब्ध चुनाव कार्यक्रम के अनुसार 23 अक्टूबर को मतदान और 27 अक्टूबर को मतगणना प्रस्तावित है।
पटना स्नातक सीट पर नामांकन के बाद अब चुनाव प्रचार का दौर तेज होगा। एक तरफ जदयू अपने उम्मीदवार नीरज कुमार के साथ मैदान में है, वहीं दूसरी तरफ जन सुराज के अनुज सिंह को अनंत सिंह का खुला समर्थन मिला है।
नामांकन के दौरान अनंत सिंह की मौजूदगी ने यह साफ कर दिया है कि पटना स्नातक सीट का चुनाव सिर्फ उम्मीदवारों के बीच मुकाबले तक सीमित नहीं रहने वाला, बल्कि इसमें अलग-अलग राजनीतिक समीकरणों की भी चर्चा बनी रहेगी। हालांकि इन समीकरणों का वास्तविक असर कितना होगा, यह 23 अक्टूबर के मतदान और 27 अक्टूबर की मतगणना के बाद ही सामने आएगा।
राज कुमार की रिपोर्ट
