अनंत सिंह-नीरज कुमार विवाद में ललन सिंह की एंट्री, JDU ने सौंपी सुलह की जिम्मेदारी; जानिए 11 साल पुरानी अदावत की पूरी कहानी

ललन सिंह

अनंत सिंह-नीरज कुमार विवाद में ललन सिंह की एंट्री

निष्कर्ष भारत संवाददाता- बिहार में विधान परिषद चुनाव के बीच जेडीयू के अंदर अनंत सिंह और नीरज कुमार के बीच चल रहा विवाद अब पार्टी के शीर्ष स्तर तक पहुंच गया है। पटना स्नातक निर्वाचन क्षेत्र से जेडीयू प्रत्याशी नीरज कुमार के खिलाफ मोकामा विधायक अनंत सिंह के खुलकर मैदान में उतरने के बाद पार्टी ने मामले को सुलझाने की जिम्मेदारी केंद्रीय मंत्री और जेडीयू के वरिष्ठ नेता ललन सिंह को सौंपी है। जेडीयू के कार्यकारी अध्यक्ष संजय झा ने कहा कि मामला पार्टी के संज्ञान में है और ललन सिंह से इस पर बातचीत कर समाधान निकालने को कहा गया है।

वहीं, बिहार सरकार में मंत्री और जेडीयू विधायक दल के नेता श्रवण कुमार ने कहा कि पार्टी के शीर्ष नेतृत्व को पूरे मामले की जानकारी है और उचित समय पर निर्णय लिया जाएगा। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि पटना स्नातक सीट से जेडीयू ने नीरज कुमार को उम्मीदवार बनाया है और संगठन उनके पक्ष में काम करेगा।

अनंत सिंह के विरोध से बढ़ा विवाद

पटना स्नातक एमएलसी चुनाव में जेडीयू ने मौजूदा विधान पार्षद नीरज कुमार को दोबारा उम्मीदवार बनाया है। इसी के बाद अनंत सिंह ने सार्वजनिक तौर पर उनके खिलाफ मोर्चा खोल दिया।

अनंत सिंह का कहना है कि नीरज कुमार ने विधानसभा चुनाव के दौरान उनका विरोध किया था। उन्होंने यह भी कहा कि वह इस बार नीरज कुमार को जीतने नहीं देंगे।

दूसरी ओर नीरज कुमार ने अनंत सिंह के बयानों पर पलटवार किया है। उन्होंने अनंत सिंह के राजनीतिक अतीत और जेडीयू के साथ उनके पुराने संबंधों का हवाला देते हुए उन पर निशाना साधा था।

जन सुराज के अनुज सिंह के समर्थन में उतरे अनंत

विवाद तब और चर्चा में आ गया जब अनंत सिंह जन सुराज के उम्मीदवार डॉ. अनुज सिंह के नामांकन में शामिल हुए। गुरुवार को अनंत सिंह खुली जीप में अनुज सिंह के साथ नजर आए और समर्थकों के काफिले के साथ नामांकन स्थल तक पहुंचे। इस दौरान नारेबाजी भी हुई।

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अनंत सिंह ने अनुज सिंह को समर्थन देने की घोषणा पहले ही कर दी थी। जन सुराज उम्मीदवार के नामांकन के दौरान उनकी मौजूदगी को पटना स्नातक सीट पर जेडीयू प्रत्याशी नीरज कुमार के खिलाफ उनके रुख के तौर पर देखा गया।

अनंत सिंह ने यह भी कहा कि यह चुनाव पार्टी से ज्यादा उनके और नीरज कुमार के बीच का मामला है। हालांकि, अंतिम चुनावी नतीजे मतदाताओं के मतदान और आधिकारिक परिणाम पर निर्भर करेंगे।

नीतीश कुमार के आवास पर हुई बैठक

अनंत सिंह के अनुज सिंह के नामांकन में शामिल होने के दौरान ही जेडीयू के वरिष्ठ नेताओं की बैठक हुई। रिपोर्ट्स के मुताबिक, पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के आवास पर हुई बैठक में कार्यकारी अध्यक्ष संजय झा और मंत्री बिजेंद्र यादव मौजूद थे।

बैठक में पार्टी के भीतर चल रहे विवाद समेत मौजूदा राजनीतिक स्थिति पर चर्चा की गई। इसके बाद संजय झा ने मीडिया से बातचीत में कहा कि अनंत सिंह-नीरज कुमार का मामला पार्टी के संज्ञान में है और इसे सुलझाने की जिम्मेदारी ललन सिंह को दी गई है।

प्रशांत किशोर ने अनंत सिंह के समर्थन पर क्या कहा?

अनंत सिंह के जन सुराज उम्मीदवार के समर्थन पर प्रशांत किशोर से भी सवाल किया गया। उन्होंने कहा कि बिहार में बदलाव की इच्छा रखने वाला कोई भी व्यक्ति जन सुराज के अभियान के साथ खड़ा हो सकता है।

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जन सुराज की ओर से अनुज सिंह को पटना स्नातक निर्वाचन क्षेत्र से उम्मीदवार बनाया गया है। ऐसे में अनंत सिंह का समर्थन इस सीट के चुनावी घटनाक्रम में एक महत्वपूर्ण राजनीतिक गतिविधि के तौर पर सामने आया है।

अनंत सिंह ने नीरज कुमार पर लगाए गंभीर आरोप

अनंत सिंह ने नीरज कुमार पर कई गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका आरोप है कि नीरज कुमार ने उनके खिलाफ साजिश की और उन्हें जेल भेजने की कोशिश की। उन्होंने RCP सिंह का भी जिक्र करते हुए आरोप लगाया कि उस समय नीरज कुमार उनके करीबी थे।

अनंत सिंह ने नीरज कुमार को हराने के लिए खुली चुनौती भी दी है। उन्होंने यहां तक कहा कि वह उनकी जमानत जब्त कराने के लिए चुनाव में पूरी ताकत लगाएंगे। इसके अलावा दोनों नेताओं के बीच सार्वजनिक बहस की चुनौती भी सामने आई है।

इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है और नीरज कुमार ने अनंत सिंह के आरोपों को स्वीकार नहीं किया है।

नीरज कुमार ने अनंत सिंह पर किया पलटवार

अनंत सिंह के आरोपों के जवाब में नीरज कुमार ने भी तीखा पलटवार किया। उन्होंने अनंत सिंह के राजनीतिक सफर और नीतीश कुमार के साथ उनके पुराने संबंधों का जिक्र किया।

नीरज कुमार ने अनंत सिंह को लेकर कहा कि पार्टी ने उन्हें उम्मीदवार बनाया था और उनके राजनीतिक बयानों पर सवाल उठाए। उन्होंने अनंत सिंह के मौजूदा रुख को लेकर भी टिप्पणी की।

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इस तरह दोनों नेताओं के बीच पुराना विवाद एक बार फिर सार्वजनिक बयानबाजी के रूप में सामने आया है।

2015 में भी आमने-सामने थे अनंत और नीरज

अनंत सिंह और नीरज कुमार के बीच राजनीतिक टकराव नया नहीं है। 2015 के बिहार विधानसभा चुनाव में दोनों मोकामा सीट से आमने-सामने थे। उस समय अनंत सिंह निर्दलीय उम्मीदवार के तौर पर मैदान में थे, जबकि नीरज कुमार जेडीयू के उम्मीदवार थे।

भारत निर्वाचन आयोग के आंकड़ों के मुताबिक, 2015 में अनंत कुमार सिंह को 54,005 वोट मिले थे, जबकि नीरज कुमार को 35,657 वोट मिले। अनंत सिंह ने 18,348 वोटों के अंतर से चुनाव जीता था।

इस चुनाव से पहले जून 2015 में अनंत सिंह की गिरफ्तारी भी हुई थी। पुलिस रिकॉर्ड और उस समय की रिपोर्टों के मुताबिक, उन पर अपहरण और हत्या से जुड़े मामलों में कार्रवाई हुई थी।

2019 में फिर बढ़ी थी तल्खी

2019 में अनंत सिंह के पैतृक आवास से AK-47, कारतूस और ग्रेनेड बरामद होने के बाद उनके खिलाफ UAPA समेत कई धाराओं में मामला दर्ज किया गया था। बाद में उन्होंने दिल्ली की साकेत अदालत में आत्मसमर्पण किया। उस समय अनंत सिंह ने आरोप लगाया था कि उन्हें फंसाने की साजिश की गई है और इसमें ललन सिंह तथा नीरज कुमार की भूमिका है।

हालांकि, यह ध्यान रखना जरूरी है कि ये अनंत सिंह के आरोप थे। बाद में इसी हथियार बरामदगी मामले में अदालत ने उन्हें दोषी ठहराया और 2022 में 10 साल की सजा सुनाई।

अब ललन सिंह के सामने चुनौती

पटना स्नातक सीट पर नीरज कुमार को जेडीयू का आधिकारिक उम्मीदवार बनाए जाने के बाद पार्टी के सामने अब अनंत सिंह के विरोध को लेकर स्थिति संभालने की चुनौती है। पार्टी ने सार्वजनिक रूप से नीरज कुमार के समर्थन की बात कही है, जबकि अनंत सिंह जन सुराज उम्मीदवार अनुज सिंह के साथ खड़े दिखाई दे रहे हैं।

अब सबकी नजर इस बात पर है कि ललन सिंह और पार्टी नेतृत्व बातचीत के जरिए इस विवाद को किस तरह सुलझाते हैं और चुनाव के दौरान संगठन की रणनीति क्या रहती है। फिलहाल इतना स्पष्ट है कि अनंत सिंह-नीरज कुमार विवाद ने पटना स्नातक एमएलसी चुनाव को बिहार की राजनीति के प्रमुख घटनाक्रमों में ला दिया है।

Nishkarsh Bharat

भूमि आर्या की रिपोर्ट