बिहार में मानसून की विदाई शुरू, तेज धूप और उमस करेगी परेशान, दस्तक देगी ठंड
मानसून की विदाई शुरू, बिहार में तेज धूप और उमस करेगी परेशान
निष्कर्ष भारत, संवाददाता (पटना)। बिहार में मानसून की सक्रियता अब कमजोर पड़ने लगी है और मौसम धीरे-धीरे शुष्क होने की ओर बढ़ रहा है। 2 अक्टूबर को राज्य में बारिश की कोई बड़ी संभावना नहीं है। भारत मौसम विज्ञान विभाग के बिहार वार्निंग अपडेट में 2 से 8 अक्टूबर तक किसी तरह की चेतावनी जारी नहीं की गई है। ऐसे में आने वाले दिनों में राज्य के ज्यादातर हिस्सों में तेज धूप और उमस का असर देखने को मिल सकता है।
पटना समेत कई जिलों में दिन के समय धूप तेज रहने से तापमान सामान्य से अधिक महसूस हो सकता है। बारिश के बाद वातावरण में मौजूद नमी और बढ़ती धूप के कारण लोगों को उमस का सामना करना पड़ सकता है। मौसम में बदलाव के इस दौर के बीच अब लोगों की नजर मानसून की पूरी विदाई और ठंड की दस्तक पर है।
मानसून की बारिश पर लगा ब्रेक
मौसम विभाग के अनुसार फिलहाल बिहार में बारिश कराने वाली कोई मजबूत मौसमी प्रणाली सक्रिय नहीं है। यही वजह है कि प्रदेश में बारिश की गतिविधियां कमजोर पड़ गई हैं। 2 अक्टूबर को राज्य में मौसम मुख्य रूप से शुष्क रहने का पूर्वानुमान है और अगले कुछ दिनों में भी व्यापक बारिश के संकेत नहीं हैं।
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हालांकि, मानसून की वापसी का मतलब यह नहीं है कि राज्य के किसी भी हिस्से में आगे बारिश नहीं होगी। स्थानीय मौसमी परिस्थितियों के कारण कहीं-कहीं हल्की बारिश या गरज के साथ बौछारें हो सकती हैं। लेकिन व्यापक स्तर पर बारिश की गतिविधियों में कमी को मानसून की विदाई की दिशा में महत्वपूर्ण संकेत माना जाता है।
मानसून की विदाई के बाद बढ़ेगी उमस
बारिश की गतिविधियां कम होने के बाद बिहार में धूप का असर बढ़ सकता है। दिन में आसमान साफ रहने से सूर्य की गर्मी सीधे जमीन तक पहुंचेगी। दूसरी ओर, हाल की बारिश के कारण वातावरण में मौजूद नमी उमस बढ़ाने का काम करेगी।
यही वजह है कि तापमान बहुत अधिक नहीं होने के बावजूद लोगों को गर्मी ज्यादा महसूस हो सकती है। खासकर दोपहर के समय बाहर निकलने वाले लोगों को तेज धूप और उमस परेशान कर सकती है। पटना में 2 अक्टूबर को अधिकतम तापमान करीब 35 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहने का अनुमान बताया गया है। मौसम में तत्काल बड़े बदलाव की संभावना नहीं है।
मानसून के बाद ठंड की दस्तक में देरी
मानसून के कमजोर पड़ने के साथ ही अब ठंड को लेकर भी चर्चा शुरू हो गई है। मौसम विशेषज्ञों के अनुमान के मुताबिक इस साल बिहार में ठंड की शुरुआत सामान्य समय की तुलना में कुछ देर से हो सकती है। अक्टूबर के शुरुआती दिनों में दिन का तापमान अधिक रहने के कारण सुबह और शाम की हल्की ठंडक के बावजूद गर्माहट बनी रह सकती है।
इस बदलाव का असर मौसम के सामान्य चक्र पर भी दिखाई दे सकता है। दिन और रात के तापमान में अंतर बढ़ने के बजाय रातें अपेक्षाकृत गर्म रह सकती हैं। हालांकि स्थानीय परिस्थितियों के कारण कुछ दिनों में तापमान में अचानक गिरावट भी संभव है।
मानसून के बाद अक्टूबर में कैसा रहेगा मौसम
अक्टूबर का पहला सप्ताह बिहार में मौसम के बदलाव का दौर माना जा रहा है। दिन का तापमान कई इलाकों में करीब 30 से 33 डिग्री सेल्सियस के बीच रह सकता है, जबकि न्यूनतम तापमान 22 से 24 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहने की संभावना है।
इस दौरान सुबह और देर शाम मौसम अपेक्षाकृत सुहावना महसूस हो सकता है, लेकिन दिन में तेज धूप के कारण गर्मी बनी रहेगी। यही स्थिति लोगों को यह एहसास करा सकती है कि बारिश का मौसम समाप्त हो रहा है, लेकिन ठंड अभी दूर है।
IMD के ताजा बिहार वार्निंग अपडेट में 2 से 8 अक्टूबर तक किसी दिन के लिए चेतावनी नहीं दी गई है। इसका मतलब है कि इस अवधि में व्यापक स्तर पर गंभीर मौसम गतिविधि का पूर्वानुमान नहीं है।
कुछ इलाकों में हल्की बारिश की संभावना
मानसून की विदाई के दौरान भी स्थानीय स्तर पर मौसम पूरी तरह एक जैसा नहीं रहता। उत्तर-पूर्वी बिहार के एक-दो स्थानों पर हल्की बारिश, मेघ गर्जन और वज्रपात जैसी गतिविधियां स्थानीय मौसमी परिस्थितियों के आधार पर हो सकती हैं।
कुछ इलाकों में हवा की गति भी बढ़ सकती है। हालांकि ऐसी गतिविधियां सीमित क्षेत्र में होने की संभावना है और इन्हें राज्यव्यापी बारिश के तौर पर नहीं देखा जा सकता।
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IMD के अनुसार मानसून की वापसी को घोषित करने के लिए केवल बारिश रुकना पर्याप्त नहीं होता। लगातार पांच दिनों तक बारिश की गतिविधि में कमी, निचले वायुमंडल में एंटी-साइक्लोन की स्थापना और वातावरण में नमी में उल्लेखनीय कमी जैसे संकेतों को भी देखा जाता है।
मानसून के बाद तापमान सामान्य से ऊपर रहने के संकेत
मौसम विशेषज्ञों के अनुमान के अनुसार बिहार में अक्टूबर के बाद भी कुछ समय तक तापमान सामान्य से ऊपर रह सकता है। इससे दिन के साथ-साथ रात के तापमान पर भी असर पड़ सकता है। हालांकि मौसम का यह रुझान पूरे राज्य में एक जैसा रहे, यह जरूरी नहीं है।

स्थानीय स्तर पर पश्चिमी विक्षोभ, हवा की दिशा, कोहरा और अचानक बनने वाली मौसमी प्रणालियां तापमान को प्रभावित कर सकती हैं। इसलिए आने वाले महीनों में कुछ दिनों के लिए ठंड अचानक बढ़ने की संभावना से भी इनकार नहीं किया जा सकता।
ठंड और खेती पर भी पड़ेगा असर
मौसम में होने वाले बदलाव का असर सिर्फ आम लोगों की दिनचर्या तक सीमित नहीं रहता। बिहार में रबी फसलों की बुआई और आगे की पैदावार भी तापमान और नमी की स्थिति से जुड़ी होती है। अगर लंबे समय तक तापमान सामान्य से अधिक रहता है, तो किसानों को फसल के अनुसार मौसम पर नजर रखनी होगी।
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खासकर गेहूं जैसी रबी फसल के लिए बुआई के समय और आगे के मौसम का महत्व रहता है। हालांकि किसी फसल पर वास्तविक प्रभाव का आकलन मौसम और कृषि परिस्थितियों के आगे के आंकड़ों के आधार पर ही किया जा सकेगा।
मानसून की विदाई के बाद बदलेगी दिनचर्या
बिहार में बारिश का दौर कमजोर पड़ने के साथ लोगों की दिनचर्या में भी बदलाव दिखाई देने लगेगा। बारिश के कारण जिन गतिविधियों पर असर पड़ा था, उनमें तेजी आएगी। वहीं, धूप और उमस बढ़ने से दोपहर के समय गर्मी का एहसास फिर बढ़ सकता है।
सुबह और शाम तापमान में कुछ राहत मिलने की संभावना के बावजूद दिन के समय गर्मी बनी रहेगी। ऐसे में मौसम पूरी तरह ठंडा होने में अभी समय लग सकता है।
2 अक्टूबर को बिहार में मौसम शुष्क रहने का अनुमान है और IMD ने राज्य के लिए कोई चेतावनी जारी नहीं की है। मानसून की वापसी की प्रक्रिया आगे बढ़ने के साथ अगले कुछ दिनों में मौसम का रुख और स्पष्ट होगा।
राजकुमार सिंह की रिपोर्ट
