पटना में आज खुलेगा मां दुर्गा का पट, भव्य पंडालों में उमड़ेगी भीड़, जानें शुभ मुहूर्त
पटना में मां दुर्गा का पट आज खुलेगा। एतवारपुर, डाकबंगला, बोरिंग रोड और पुनाईचक के भव्य पंडालों की थीम और पूजा की तिथियां जानें।
निष्कर्ष भारत, संवाददाता ( पटना)। पटना में शारदीय नवरात्र के सातवें दिन शनिवार को मां दुर्गा के पट खुलने के साथ ही दुर्गा पूजा का उत्साह और बढ़ जाएगा। शहर के अलग-अलग इलाकों में तैयार किए गए भव्य पूजा पंडालों में श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ने की उम्मीद है। वैदिक मंत्रोच्चार और विधि-विधान के साथ मां दुर्गा की पूजा शुरू होगी। सप्तमी के अवसर पर मां कालरात्रि की आराधना की जाएगी। शहर में बोरिंग रोड, बेली रोड, डाकबंगला चौराहा, पुनाईचक और एतवारपुर समेत कई इलाकों में आकर्षक पंडाल तैयार किए गए हैं।
इस बार पटना के पूजा पंडालों में देश के प्रसिद्ध मंदिरों से लेकर यूरोप के शाही महलों तक की झलक देखने को मिल रही है। कहीं पुरी के जगन्नाथ मंदिर की तर्ज पर भव्य संरचना बनाई गई है, तो कहीं खजुराहो मंदिर और कैलाश पर्वत की थीम श्रद्धालुओं को आकर्षित करने के लिए तैयार की गई है। कई पंडालों की ऊंचाई 100 फीट से अधिक है। पट खुलने के बाद इन पंडालों में दर्शन के लिए श्रद्धालुओं की आवाजाही बढ़ने की संभावना है।
पटना में दुर्गा पूजा का आज से बढ़ेगा उत्साह
शारदीय नवरात्र के सातवें दिन मां दुर्गा के सातवें स्वरूप मां कालरात्रि की पूजा की जाती है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, मां कालरात्रि अपने भक्तों को भय और नकारात्मक शक्तियों से रक्षा प्रदान करती हैं। इस दिन श्रद्धालु विशेष पूजा-अर्चना कर परिवार की सुख-समृद्धि और कल्याण की कामना करते हैं।
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पंचांग के अनुसार, सप्तमी तिथि पर मूल नक्षत्र और पूर्वाषाढ़ा नक्षत्र के युग्म संयोग तथा रवियोग में मां दुर्गा का पट खोलने की परंपरा का उल्लेख किया गया है। पूजा पंडालों में वैदिक मंत्रोच्चार के साथ माता का आह्वान किया जाएगा। पट खुलने के बाद श्रद्धालु मां के दर्शन कर सकेंगे।
शहर के प्रमुख पूजा स्थलों पर सजावट और तैयारियों को अंतिम रूप दिया गया है। आकर्षक रोशनी, कलात्मक प्रवेश द्वार और अलग-अलग धार्मिक थीम पर आधारित पंडाल इस बार दुर्गा पूजा का खास आकर्षण बने हुए हैं।
पटना के एतवारपुर में जगन्नाथ मंदिर की झलक
एतवारपुर में इस बार पुरी के प्रसिद्ध जगन्नाथ मंदिर की तर्ज पर भव्य पूजा पंडाल तैयार किया गया है। इसकी ऊंचाई करीब 121 फीट और चौड़ाई 120 फीट बताई गई है। पंडाल के निर्माण में लगभग 80 कारीगरों ने काम किया है।
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मंदिर की शैली पर तैयार की गई इस संरचना को देखने के लिए बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के पहुंचने की उम्मीद है। धार्मिक स्थापत्य से प्रेरित डिजाइन के कारण यह पंडाल लोगों के आकर्षण का केंद्र बन सकता है। आयोजकों की तैयारियों के बीच अब पट खुलने और दर्शन शुरू होने का इंतजार है।
डाकबंगला चौराहे पर खजुराहो मंदिर की थीम
पटना के डाकबंगला चौराहे पर इस बार खजुराहो मंदिर की शैली में पंडाल बनाया गया है। इसकी ऊंचाई लगभग 80 फीट और चौड़ाई 55 फीट है। पूजा समिति के अध्यक्ष संजीव प्रसाद टोनी के अनुसार, पंडाल का निर्माण पश्चिम बंगाल के कांथी से आए डेकोरेटर ने किया है। इसकी डिजाइन कोलकाता आर्ट कॉलेज के कलाकार रितेश चटर्जी ने तैयार की है।
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खजुराहो मंदिर की वास्तुकला से प्रेरित यह पंडाल शहर की प्रमुख पूजा स्थलों में शामिल है। पट खुलने के बाद यहां श्रद्धालुओं की आवाजाही बढ़ सकती है। डाकबंगला चौराहा शहर के व्यस्त इलाकों में शामिल है, इसलिए दर्शन के लिए आने वाले लोगों को भीड़ और यातायात की स्थिति का ध्यान रखना होगा।
बोरिंग कैनाल रोड पर 20 हजार घंटियों से सजा पंडाल
बोरिंग कैनाल रोड स्थित हिमगिरी चौराहे के पास इस बार शिवलिंग के आकार का भव्य पंडाल बनाया गया है। इसकी ऊंचाई करीब 100 फीट और लंबाई लगभग 150 मीटर बताई गई है। पंडाल को करीब 20 हजार घंटियों से सजाया गया है, जो इसे अलग पहचान देती हैं।
धार्मिक प्रतीकों और विशाल आकार के कारण यह पंडाल श्रद्धालुओं के लिए खास आकर्षण बन सकता है। मां दुर्गा के दर्शन के साथ लोग इसकी सजावट और निर्माण शैली को भी देख सकेंगे। सप्तमी से शुरू होने वाली भीड़ को देखते हुए आसपास के रास्तों पर आवाजाही बढ़ने की संभावना है।
पुनाईचक में यूरोप के रॉयल पैलेस जैसा पंडाल
पुनाईचक में इस बार यूरोप के रॉयल पैलेस की तर्ज पर पंडाल तैयार किया गया है। इसकी ऊंचाई करीब 120 फीट और चौड़ाई 50 फीट है। पंडाल के निर्माण में बंगाल से आए 22 कारीगरों ने योगदान दिया है।
शाही महल की शैली पर आधारित इस पंडाल में भव्यता और कलात्मक सजावट को प्रमुखता दी गई है। धार्मिक आयोजन के साथ अलग-अलग स्थापत्य शैलियों को देखने का अवसर भी श्रद्धालुओं को मिलेगा। शहर में तैयार किए गए अन्य पंडालों की तरह यहां भी पट खुलने के बाद लोगों की भीड़ बढ़ सकती है।
बेली रोड पर कैलाश पर्वत की तर्ज पर सजावट
बेली रोड स्थित खाजपुरा शिव मंदिर के पास कैलाश पर्वत की थीम पर पंडाल बनाया गया है। इसकी ऊंचाई और चौड़ाई लगभग 55-55 फीट है। पंडाल की विशेषता यह है कि इसमें रावण को कैलाश पर्वत उठाते हुए दिखाया जाएगा। वहीं, भगवान राम और हनुमान जी की ओर से रावण के वध का दृश्य भी प्रदर्शित किया जाएगा।
धार्मिक प्रसंगों पर आधारित यह सजावट श्रद्धालुओं के लिए आकर्षण का केंद्र बन सकती है। पंडाल में पर्वत, देवी-देवताओं और पौराणिक घटनाओं को कलात्मक रूप में प्रस्तुत करने की तैयारी की गई है।
मीठापुर में दक्षिणेश्वरी काली मंदिर की थीम
मीठापुर नहर के पास डॉ. अनीता सिंह अस्पताल के नजदीक दक्षिणेश्वरी काली मंदिर की तर्ज पर पंडाल तैयार किया गया है। यहां दिन में पत्रिका प्रवेश का कार्यक्रम निर्धारित है। इसके बाद पूजा की अगली रस्मों के साथ श्रद्धालुओं के लिए धार्मिक आयोजन आगे बढ़ेंगे।

अलग-अलग मंदिरों की थीम पर बने पंडालों के कारण पटना में इस बार दुर्गा पूजा का स्वरूप विविधता से भरा है। शहर के कई इलाकों में लोग अपने परिवार के साथ पंडालों में जाकर मां दुर्गा के दर्शन और सजावट देखने की तैयारी कर रहे हैं।
महाष्टमी और महानवमी की तिथि भी जानें
सप्तमी के बाद महाष्टमी पर मां महागौरी की पूजा की जाएगी। उपलब्ध पंचांग विवरण के अनुसार, अष्टमी तिथि 18 अक्टूबर को सुबह 8 बजकर 27 मिनट से शुरू होकर 19 अक्टूबर को सुबह 10 बजकर 51 मिनट तक रहने की बात कही गई है। इसके बाद नवमी तिथि शुरू होगी, जो 20 अक्टूबर को दोपहर 12 बजकर 50 मिनट तक बताई गई है। तिथि के समय और पूजा-विधान के लिए श्रद्धालु अपने स्थानीय पंचांग या पूजा समिति से पुष्टि कर सकते हैं।
महाष्टमी के दिन मां महागौरी की पूजा के साथ श्रृंगार पूजा भी की जाएगी। नवरात्र के अंतिम दिनों में मंदिरों और पंडालों में भक्तों की भीड़ सामान्य तौर पर बढ़ जाती है। ऐसे में दर्शन के लिए निकलने से पहले पूजा के समय और स्थानीय व्यवस्था की जानकारी लेना उपयोगी रहेगा।
मां कालरात्रि की पूजा का धार्मिक महत्व
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, मां कालरात्रि दुर्गा का सातवां स्वरूप हैं। उन्हें दुष्ट शक्तियों का विनाश करने वाली देवी माना जाता है। श्रद्धालु उनकी पूजा कर भय, बाधाओं और संकटों से मुक्ति की कामना करते हैं। मान्यता है कि मां कालरात्रि की आराधना से भक्तों को साहस और आत्मबल मिलता है।
पटना में सप्तमी के अवसर पर मां दुर्गा के पट खुलने के साथ नवरात्र का उत्सव नए चरण में प्रवेश करेगा। भव्य पंडालों, धार्मिक अनुष्ठानों और मां के दर्शन को लेकर शहर में उत्साह है। श्रद्धालुओं से अपील है कि वे भीड़भाड़ वाले इलाकों में सावधानी बरतें, यातायात नियमों का पालन करें और पूजा को शांतिपूर्ण माहौल में संपन्न कराने में सहयोग दें।
राजकुमार सिंह की रिपोर्ट
