पटना में दुर्गा पूजा को लेकर फायर ब्रिगेड अलर्ट, 11 जगहों पर दमकल तैनात
पटना में दुर्गा पूजा की भीड़ को देखते हुए फायर ब्रिगेड अलर्ट है। प्रमुख स्थानों पर दमकल गाड़ियां, 24 घंटे ड्यूटी और बाइक पेट्रोलिंग की व्यवस्था है।
निष्कर्ष भारत, संवाददाता ( पटना)। पटना में दुर्गा पूजा के दौरान श्रद्धालुओं की बढ़ती भीड़ को देखते हुए अग्निशमन विभाग अलर्ट मोड में है। शहर के प्रमुख पूजा पंडालों, मंदिरों और मेला क्षेत्रों में किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए दमकल गाड़ियों की तैनाती की गई है। डाकबंगला चौराहा, बोरिंग रोड, अशोक राजपथ, महावीर मंदिर, कुर्जी और मछुआ टोली समेत कई इलाकों में सप्तमी के दिन पट खुलने के बाद श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ रही है। ऐसे में आग लगने या किसी अन्य अप्रिय घटना की आशंका को देखते हुए अग्निशमन विभाग ने सुरक्षा व्यवस्था मजबूत की है।
लोदीपुर अग्निशामालय के अग्निशमन अनुमंडल पदाधिकारी अजीत कुमार के मुताबिक, उनके क्षेत्र में 11 प्रमुख स्थानों पर दमकल गाड़ियां तैनात की गई हैं। इन स्थानों पर शिफ्ट के अनुसार 24 घंटे अग्निशमन कर्मियों की ड्यूटी लगाई गई है। इसके साथ ही रेस्क्यू टीम को भी सक्रिय रखा गया है, ताकि जरूरत पड़ने पर तत्काल कार्रवाई की जा सके।
पटना में दुर्गा पूजा को लेकर फायर ब्रिगेड अलर्ट
दुर्गा पूजा के दौरान शहर के प्रमुख इलाकों में लोगों की आवाजाही काफी बढ़ जाती है। शाम होते ही पंडालों, मंदिरों और बाजारों में श्रद्धालुओं की भीड़ जुटने लगती है। कई जगहों पर सड़कें संकरी हैं, जबकि कुछ इलाकों में वाहनों और पैदल चलने वालों की संख्या अधिक होने से आपातकालीन सेवाओं के लिए पहुंचना चुनौतीपूर्ण हो सकता है।
इसी स्थिति को ध्यान में रखते हुए अग्निशमन विभाग ने प्रमुख स्थानों पर दमकल गाड़ियों को तैनात किया है। विभाग का उद्देश्य किसी भी संभावित आगजनी या आपात स्थिति में घटनास्थल तक जल्द पहुंचना और नुकसान को कम करना है।
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पूजा पंडालों में बिजली की सजावट, रोशनी के उपकरण और अस्थायी संरचनाओं का इस्तेमाल किया जाता है। ऐसे में बिजली के तारों में खराबी या शॉर्ट सर्किट जैसी घटनाओं से बचने के लिए सावधानी जरूरी है। हालांकि, किसी घटना की आशंका का मतलब यह नहीं है कि सभी पंडालों में खतरा है। सतर्कता का उद्देश्य श्रद्धालुओं को सुरक्षित माहौल उपलब्ध कराना है।
इन प्रमुख स्थानों पर तैनात की गईं दमकल गाड़ियां
अग्निशमन विभाग की ओर से शहर के कई प्रमुख इलाकों में दमकल गाड़ियों की तैनाती की गई है। विभाग द्वारा बताए गए स्थानों में गोविंद मित्रा रोड, अशोक राजपथ, गांधी मैदान गेट नंबर-7, डाकबंगला चौराहा, गौरिया टोली और इनकम टैक्स गोलंबर शामिल हैं।
इसके अलावा कोतवाली थाना, बोरिंग रोड चौराहा, पाटलिपुत्र गोलंबर, दीघा हाट, मरीन ड्राइव और सिटी सेंट्रल मॉल के पास भी दमकल गाड़ियों की तैनाती की जानकारी दी गई है। विभाग का कहना है कि इन स्थानों पर कर्मियों की ड्यूटी शिफ्ट के अनुसार लगाई गई है, ताकि पूरे समय आपातकालीन सेवा उपलब्ध रहे।
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इन स्थानों की सूची में शहर के व्यस्त बाजार, प्रमुख सड़कें और श्रद्धालुओं की आवाजाही वाले इलाके शामिल हैं। पूजा के दौरान किसी स्थान पर आग लगने की सूचना मिलने पर नजदीकी तैनात टीम के जरिए तेजी से कार्रवाई करने में मदद मिल सकती है।
संकरी गलियों में बाइक से पेट्रोलिंग करेगी रेस्क्यू टीम
पटना के पुराने और घनी आबादी वाले इलाकों में कई सड़कें और गलियां संकरी हैं। ऐसे रास्तों पर बड़ी दमकल गाड़ियों को घटनास्थल तक पहुंचाने में परेशानी हो सकती है। इसी चुनौती को देखते हुए अग्निशमन विभाग ने बाइक से पेट्रोलिंग की व्यवस्था भी की है।

विभाग के अनुसार, संकरी गलियों और मोहल्लों में बाइक से निगरानी की जा रही है, ताकि किसी घटना की सूचना मिलने पर टीम कम समय में मौके तक पहुंच सके। बाइक से पेट्रोलिंग के जरिए ऐसे इलाकों में भी पहुंचना आसान हो सकता है, जहां बड़ी गाड़ियों की आवाजाही सीमित रहती है।
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रेस्क्यू टीम की सक्रियता का मकसद आग लगने की स्थिति में शुरुआती कार्रवाई को तेज करना और जरूरत के मुताबिक लोगों को सुरक्षित निकालने में सहायता करना है। भीड़भाड़ वाले इलाकों में समय पर सूचना और घटनास्थल तक पहुंचने का रास्ता खुला रहना बेहद जरूरी होता है।
पंडालों में आग से बचाव के लिए सावधानी जरूरी
दुर्गा पूजा के दौरान पंडालों में बड़ी संख्या में लोग पहुंचते हैं। कई पंडालों में अस्थायी सजावट, कपड़े, प्लास्टिक और अन्य सामग्री का इस्तेमाल होता है। इसलिए आयोजकों के लिए बिजली की वायरिंग, लाइटों और अन्य उपकरणों की नियमित जांच करना महत्वपूर्ण है।
पंडालों में बिजली के तार खुले नहीं होने चाहिए और अस्थायी कनेक्शन सुरक्षित तरीके से लगाए जाने चाहिए। आग बुझाने वाले उपकरणों की उपलब्धता, निकास मार्गों को खुला रखना और प्रवेश द्वार के पास अनावश्यक भीड़ जमा नहीं होने देना भी सुरक्षा के लिहाज से अहम है।
श्रद्धालुओं को भी पंडालों के भीतर ज्वलनशील वस्तुओं के इस्तेमाल से बचना चाहिए। यदि कहीं धुआं दिखाई दे या आग लगने की सूचना मिले, तो घबराकर धक्का-मुक्की करने के बजाय सुरक्षित रास्ते से बाहर निकलना चाहिए और मौके पर मौजूद कर्मियों के निर्देशों का पालन करना चाहिए।
आपात स्थिति में 112 नंबर पर करें संपर्क
अग्निशमन विभाग ने लोगों से अपील की है कि आग लगने या किसी अन्य आपात स्थिति में तुरंत सूचना दें। इसके लिए आपातकालीन नंबर 112 के साथ लोदीपुर अग्निशमन कार्यालय के संपर्क नंबर 7485805820 और 7485805821 जारी किए गए हैं।
आपात स्थिति में सूचना देते समय घटनास्थल का सही पता और आसपास की पहचान बताना मददगार होता है। इससे संबंधित टीम को जगह तक पहुंचने में आसानी होती है। आग लगने पर लोगों को खुद जोखिम उठाकर आग बुझाने की कोशिश नहीं करनी चाहिए, खासकर तब जब आग तेजी से फैल रही हो या बिजली के उपकरणों से जुड़ी हो।
यदि किसी स्थान पर धुआं या आग दिखाई दे, तो आसपास मौजूद लोगों को सुरक्षित दूरी पर रखना और दमकल कर्मियों के लिए रास्ता खाली करना भी जरूरी है। आपातकालीन वाहनों के रास्ते में वाहन खड़े करने या भीड़ जमा करने से राहत कार्य में देरी हो सकती है।
श्रद्धालुओं की सुरक्षा पर विभाग की नजर
पटना में दुर्गा पूजा के दौरान बढ़ती भीड़ के बीच अग्निशमन विभाग की तैयारी का मुख्य उद्देश्य किसी भी अप्रिय घटना पर तुरंत काबू पाना और लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करना है। प्रमुख स्थानों पर दमकल गाड़ियों की तैनाती, 24 घंटे कर्मियों की ड्यूटी और संकरी गलियों में बाइक पेट्रोलिंग को इसी तैयारी का हिस्सा बताया गया है।
पूजा समितियों, स्थानीय प्रशासन और श्रद्धालुओं के सहयोग से सुरक्षा व्यवस्था को और प्रभावी बनाया जा सकता है। आयोजकों को यह सुनिश्चित करना चाहिए कि पंडालों में आने-जाने के रास्ते बाधित न हों और आग से बचाव के इंतजाम उपलब्ध रहें। वहीं, लोगों को भी भीड़ में धैर्य बनाए रखने और सुरक्षा निर्देशों का पालन करने की जरूरत है।
फिलहाल, दुर्गा पूजा के दौरान पटना में अग्निशमन विभाग अलर्ट है। दमकल गाड़ियों और रेस्क्यू टीम की तैनाती के बीच विभाग की कोशिश है कि श्रद्धालु सुरक्षित माहौल में पूजा-अर्चना कर सकें और किसी भी आपात स्थिति में समय रहते कार्रवाई की जा सके।
राजकुमार सिंह की रिपोर्ट
