दरभंगा में मेला दिखाने का लालच देकर 2 साल की बच्ची से दरिंदगी, आरोपी गिरफ्तार
दरभंगा में मासूम से दुष्कर्म का आरोप, 48 वर्षीय आरोपी गिरफ्तार
निष्कर्ष भारत, संवाददाता ( दरभंगा)। बिहार के दरभंगा जिले में दो साल की मासूम बच्ची के साथ दुष्कर्म का गंभीर मामला सामने आया है। आरोप है कि 48 वर्षीय एक व्यक्ति बच्ची को दुर्गा पूजा का मेला दिखाने और कुरकुरे खिलाने का लालच देकर अपने साथ ले गया और उसके साथ दरिंदगी की। आरोपी रिश्ते में बच्ची का नाना लगता है। घटना के बाद बच्ची की हालत बिगड़ गई और उसके निजी अंग से खून निकलने लगा।
परिजनों और ग्रामीणों को जब अनहोनी की आशंका हुई, तब मामले का खुलासा हुआ। पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। पीड़िता को इलाज के लिए दरभंगा मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल (DMCH) में भर्ती कराया गया है।
दरभंगा में मेले के बहाने मासूम को ले गया आरोपी
मामला जिले के केवटी थाना क्षेत्र का है। मिली जानकारी के अनुसार, धोबीगामा गांव निवासी विष्णु देव सदाय (48) शनिवार की शाम अपने ससुराल पहुंचा था। उसका ससुराल उसके घर से लगभग 12 किलोमीटर दूर बताया जा रहा है।
ससुराल पहुंचने के बाद आरोपी ने अपने साले के बेटे की दो वर्षीय बेटी को गोद में लिया। उसने बच्ची को दुर्गा पूजा का मेला दिखाने और कुरकुरे खिलाने के बहाने अपने साथ ले जाने की बात कही। मासूम की उम्र इतनी कम थी कि वह खतरे को समझने में सक्षम नहीं थी। परिवार को भी शुरुआत में किसी अनहोनी की आशंका नहीं हुई।
आरोप है कि बच्ची को लेकर निकलने के बाद आरोपी उसे घर से करीब 200 मीटर दूर स्थित एक आम के बगीचे में ले गया। वहीं उसने बच्ची के साथ दुष्कर्म किया। इस घटना ने परिवार और गांव के लोगों को झकझोर कर रख दिया है।
दरभंगा में बच्ची के खून से खुला घटना का राज
बच्ची को लेकर जाने के काफी देर बाद भी जब आरोपी वापस नहीं लौटा, तो परिजन परेशान हो गए। उन्होंने मासूम की तलाश शुरू कर दी। इसी दौरान आरोपी बच्ची को लेकर वापस आता दिखाई दिया।
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परिजनों ने बच्ची की हालत देखी तो उसके निजी अंग से खून निकल रहा था। इतनी छोटी बच्ची के साथ हुई इस घटना को लेकर परिवार को अनहोनी का संदेह हुआ। बच्ची की स्थिति देखकर आसपास के लोग भी चिंतित हो गए।
इसके बाद ग्रामीणों ने आरोपी को घेर लिया और उससे पूछताछ शुरू की। मामला गंभीर होने के कारण पुलिस को सूचना दी गई। ग्रामीणों ने आरोपी को अपने कब्जे में रखा, ताकि वह मौके से भाग न सके। सूचना मिलने के बाद पुलिस घटनास्थल पर पहुंची और मामले की कार्रवाई शुरू की।
बच्ची की हालत बिगड़ने पर झोलाछाप डॉक्टर के पास पहुंचा
घटना के बाद बच्ची की तबीयत बिगड़ने की बात भी सामने आई है। जानकारी के अनुसार, आरोपी बच्ची को लेकर देर रात करीब पांच किलोमीटर दूर मुहम्मदपुर बाजार पहुंचा था। वहां उसने एक झोलाछाप डॉक्टर से बच्ची का इलाज कराने की कोशिश की।
हालांकि, बच्ची की हालत में सुधार नहीं हुआ। वापस लौटने के दौरान परिजनों और ग्रामीणों ने आरोपी को पकड़ लिया। इसके बाद पुलिस को पूरे मामले की जानकारी दी गई।
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इस घटनाक्रम ने कई सवाल खड़े किए हैं। इतनी कम उम्र की बच्ची के घायल होने के बाद उसे तत्काल विशेषज्ञ चिकित्सकीय सहायता की जरूरत थी। ऐसे मामलों में बिना योग्य चिकित्सक के इलाज की कोशिश करने के बजाय पीड़ित को जल्द से जल्द अस्पताल पहुंचाना जरूरी होता है।
दरभंगा पुलिस ने आरोपी को किया गिरफ्तार
सूचना मिलने पर केवटी थानाध्यक्ष राहुल कुमार पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। पुलिस ने शनिवार देर रात करीब 12 बजे आरोपी विष्णु देव सदाय को हिरासत में लिया और थाने ले गई। इसके बाद आरोपी का केवटी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में मेडिकल परीक्षण कराया गया।
पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच शुरू कर दी है। घटनास्थल का निरीक्षण किया गया और जरूरी साक्ष्य जुटाने की प्रक्रिया भी अपनाई गई। अधिकारियों की टीम को जांच में शामिल कर मामले से जुड़े तथ्यों की पड़ताल की गई है।
पुलिस के अनुसार, पीड़िता के बयान के आधार पर प्राथमिकी दर्ज करने की प्रक्रिया जारी है। मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई जांच और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर की जाएगी।
DMCH में बच्ची का इलाज, डॉक्टरों से मिली जानकारी
घटना के बाद पीड़ित बच्ची को दरभंगा मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल में भर्ती कराया गया। ग्रामीण एसपी साक्षी कुमारी ने अस्पताल पहुंचकर बच्ची का हालचाल जाना और चिकित्सकों से उसकी स्थिति के बारे में जानकारी ली।
एसपी के अनुसार, डॉक्टरों ने बच्ची की स्थिति खतरे से बाहर बताई है। चिकित्सकों को उम्मीद है कि उचित उपचार मिलने पर वह चार से पांच दिनों में स्वस्थ हो सकती है। हालांकि, इतनी कम उम्र में गंभीर शारीरिक चोट लगने के कारण बच्ची की देखभाल और चिकित्सकीय निगरानी बेहद महत्वपूर्ण है।
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अस्पताल में इलाज के साथ-साथ मामले की जांच भी जारी है। पीड़िता की पहचान और निजता की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए परिवार से जुड़ी संवेदनशील जानकारी सार्वजनिक करने से बचना जरूरी है।
सोमवार को आरोपी की कोर्ट में पेशी की तैयारी
ग्रामीण एसपी साक्षी कुमारी ने बताया कि घटनास्थल का बारीकी से निरीक्षण किया गया है। जांच के लिए संबंधित अधिकारियों को बुलाकर साक्ष्य जुटाए गए हैं। पुलिस आरोपी को सोमवार को न्यायालय में पेश करने की तैयारी कर रही है।
एसपी ने यह भी कहा कि मामले में स्पीडी ट्रायल के माध्यम से आरोपी को सजा दिलाने का प्रयास किया जाएगा। पीड़ित बच्ची को नियमानुसार उचित मुआवजा दिलाने की दिशा में भी कार्रवाई की जाएगी।

अब इस मामले में प्राथमिकी, चिकित्सकीय रिपोर्ट, जांच में जुटाए गए साक्ष्य और न्यायालय की कार्यवाही महत्वपूर्ण होगी। आरोपी की गिरफ्तारी पुलिस कार्रवाई का एक अहम चरण है, जबकि दोषसिद्धि का फैसला न्यायिक प्रक्रिया के तहत होगा।
बच्चों की सुरक्षा को लेकर फिर उठे सवाल
दरभंगा की यह घटना बच्चों की सुरक्षा को लेकर गंभीर चिंता पैदा करती है। परिवार और परिचितों के बीच भी बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित करना जरूरी है। छोटे बच्चे अपने साथ होने वाले खतरे को पहचानने या किसी घटना को स्पष्ट रूप से बताने में सक्षम नहीं होते। ऐसे में उनकी देखभाल करने वाले वयस्कों की जिम्मेदारी और बढ़ जाती है।
मेले, बाजार या सार्वजनिक स्थानों पर बच्चों को ले जाने के दौरान अभिभावकों को सतर्क रहना चाहिए। यदि बच्चा किसी व्यक्ति के साथ जाने के बाद असामान्य स्थिति में लौटता है या उसके शरीर पर चोट के निशान दिखाई देते हैं, तो मामले को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। तुरंत चिकित्सकीय सहायता और पुलिस को सूचना देना जरूरी है।
इस मामले में पुलिस की जांच और न्यायालय की कार्रवाई पर आगे की स्थिति निर्भर करेगी। फिलहाल, मासूम का इलाज जारी है और परिवार को उसके स्वस्थ होने की उम्मीद है।
राजकुमार सिंह की रिपोर्ट
