दिल्ली में 47.6 लाख नाम कटे, अब तक सिर्फ 2.5 लाख लोगों ने भरा फॉर्म-6
Delhi Voter List: 47.6 लाख नाम कटे, सिर्फ 2.5 लाख फॉर्म-6 आवेदन
निष्कर्ष भारत, संवाददाता- नई दिल्ली: दिल्ली में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) के दौरान बड़ी संख्या में नाम हटाए जाने के बाद अब नए आंकड़ों ने सबका ध्यान खींचा है। 31 अगस्त को जारी ड्राफ्ट वोटर लिस्ट से 47.6 लाख नाम हटाए गए थे, लेकिन इसके बाद नाम दोबारा जुड़वाने के लिए आवेदन करने वालों की संख्या काफी कम है। मुख्य निर्वाचन अधिकारी (CEO) कार्यालय के आंकड़ों के मुताबिक, 22 अक्टूबर तक केवल 2,50,754 लोगों ने फॉर्म-6 के जरिए आवेदन किया है। यह हटाए गए नामों का लगभग 5.27 प्रतिशत है।
इन आंकड़ों से दिल्ली में मतदाता सूची में नाम जुड़वाने की प्रक्रिया को लेकर चर्चा तेज हो गई है। हालांकि, फॉर्म-6 के आवेदकों में केवल वे लोग ही शामिल नहीं हैं, जिनके नाम SIR के दौरान हटाए गए थे। इसमें पहली बार वोटर बनने वाले और अन्य पात्र मतदाता भी शामिल हैं।
दिल्ली में 47.6 लाख नाम हटे, आवेदन सिर्फ 2.5 लाख
दिल्ली में 31 अगस्त को जारी ड्राफ्ट मतदाता सूची में SIR प्रक्रिया के दौरान 47.6 लाख नाम हटाए गए थे। इसके बाद मतदाताओं को सूची में अपना नाम जुड़वाने के लिए आवेदन करने का अवसर दिया गया।
CEO कार्यालय के अनुसार, 22 अक्टूबर तक फॉर्म-6 के कुल 2,50,754 आवेदन प्राप्त हुए। इनमें से 20 सितंबर से 22 अक्टूबर के बीच 1,58,470 आवेदन किए गए। इससे पता चलता है कि इस अवधि में नाम जुड़वाने के लिए बड़ी संख्या में लोगों ने आवेदन किया।
इसके अलावा, ड्राफ्ट वोटर लिस्ट जारी होने से पहले भी फॉर्म-6 के 2,12,400 आवेदन मिले थे। ऐसे में यह समझना जरूरी है कि सभी आवेदन SIR के दौरान हटाए गए नामों को वापस जोड़ने के लिए नहीं किए गए हैं।
क्या है फॉर्म-6 और किसे करना चाहिए आवेदन?
फॉर्म-6 का इस्तेमाल मतदाता सूची में नया नाम दर्ज कराने के लिए किया जाता है। पात्र नागरिक इसका उपयोग पहली बार मतदाता बनने या निर्धारित प्रक्रिया के तहत अपना नाम सूची में शामिल कराने के लिए कर सकते हैं।
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चुनाव आयोग ने उन लोगों से भी फॉर्म-6 भरने की अपील की है, जिनके नाम SIR के दौरान ड्राफ्ट मतदाता सूची से हट गए थे और जो मतदाता सूची में अपना नाम दोबारा शामिल कराना चाहते हैं।
मतदान के लिए पात्र नागरिकों के लिए मतदाता सूची में नाम दर्ज होना जरूरी है। इसलिए लोगों को सलाह दी जाती है कि वे अपनी पात्रता और मतदाता सूची में नाम की स्थिति की जांच करें। यदि नाम दर्ज नहीं है, तो निर्धारित प्रक्रिया के तहत आवेदन किया जा सकता है।
किन इलाकों से आए सबसे ज्यादा आवेदन?
दिल्ली में फॉर्म-6 के आवेदनों की संख्या अलग-अलग क्षेत्रों में अलग रही है। उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार, पश्चिमी दिल्ली के तिलक नगर, जनकपुरी, राजौरी गार्डन और विकासपुरी से सबसे ज्यादा आवेदन प्राप्त हुए। इन क्षेत्रों से कुल 30,361 लोगों ने फॉर्म-6 भरा।
इसके बाद उत्तर-पश्चिमी दिल्ली के किराड़ी, रोहिणी और मंगोलपुरी से 25,925 आवेदन मिले। पूर्वी दिल्ली के त्रिलोकपुरी, लक्ष्मी नगर और गांधी नगर से 24,200 लोगों ने नाम जुड़वाने के लिए आवेदन किया।
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पुरानी दिल्ली के बल्लीमारान, मटिया महल, सदर बाजार और चांदनी चौक से कुल 10,668 आवेदन प्राप्त हुए। वहीं, दक्षिण-पूर्वी दिल्ली के ओखला, कालकाजी और तुगलकाबाद से 4,153 लोगों ने फॉर्म-6 भरा।
सबसे कम आवेदन नई दिल्ली क्षेत्र से प्राप्त हुए। नई दिल्ली और दिल्ली कैंट को शामिल करने वाले इस क्षेत्र से कुल 4,341 आवेदन किए गए।
33 लाख मतदाताओं के नाम जांच के दायरे में थे
CEO कार्यालय के मुताबिक, जांच के दौरान करीब 33 लाख लोगों के नाम फ्लैग किए गए थे। इनमें ऐसे मतदाता शामिल थे, जिनका 2002 की मतदाता सूची से लिंक नहीं मिल पाया था या जिनके रिकॉर्ड में गड़बड़ी पाई गई थी।
कार्यालय के अनुसार, इनमें से लगभग 29.5 लाख मामलों का समाधान कर लिया गया है। संबंधित नामों को अंतिम मतदाता सूची में शामिल किया जाएगा। हालांकि, यदि कोई व्यक्ति फॉर्म-7 के माध्यम से किसी नाम पर आपत्ति दर्ज करता है, तो संबंधित मामले की दोबारा जांच की जा सकती है।
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फॉर्म-7 का इस्तेमाल मतदाता सूची में दर्ज किसी नाम को हटाने या उस पर आपत्ति दर्ज कराने के लिए किया जाता है। ऐसे मामलों में निर्धारित प्रक्रिया के तहत जांच की जाती है।
30 नवंबर तक आवेदनों का निपटारा, 4 दिसंबर को फाइनल लिस्ट
मुख्य निर्वाचन अधिकारी कार्यालय के अनुसार, सभी आवेदनों का निपटारा 30 नवंबर तक करने का लक्ष्य रखा गया है। इसके बाद 4 दिसंबर को अंतिम मतदाता सूची जारी की जाएगी।
फाइनल वोटर लिस्ट जारी होने से पहले आवेदनों की जांच और आपत्तियों के निपटारे की प्रक्रिया महत्वपूर्ण होगी। जिन लोगों ने नाम जुड़वाने के लिए आवेदन किया है, उन्हें अपने आवेदन की स्थिति पर नजर रखनी चाहिए।
दिल्ली में SIR के दौरान हटाए गए 47.6 लाख नामों की तुलना में फॉर्म-6 के आवेदनों की संख्या काफी कम है। हालांकि, इन दोनों आंकड़ों की सीधी तुलना करते समय यह ध्यान रखना जरूरी है कि फॉर्म-6 के सभी आवेदन हटाए गए नामों की बहाली के लिए नहीं हैं। अब सभी की नजर 4 दिसंबर को जारी होने वाली अंतिम मतदाता सूची पर है।
भूमि आर्या की रिपोर्ट
