बिहार में ‘अर्नब’ का असर! 6 जिलों में भारी बारिश का अलर्ट, पटना में भी वर्षा से बदला मौसम

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बिहार में अर्नब तूफान का असर, 26 जिलों में बारिश और वज्रपात का अलर्ट

निष्कर्ष भारत, संवाददाता (पटना)। बिहार में चक्रवाती तूफान अर्नब का असर दिखने लगा है। पटना समेत राज्य के कई जिलों में मौसम ने अचानक करवट ली है। कहीं सुबह से रिमझिम बारिश हो रही है, तो कहीं आसमान में काले बादल छाए हुए हैं। मौसम में आए इस बदलाव से तापमान में गिरावट दर्ज की जा रही है और लोगों को गर्मी से राहत मिलने लगी है। हालांकि, तेज हवा, आकाशीय बिजली और भारी बारिश की आशंका ने किसानों से लेकर आम लोगों तक की चिंता बढ़ा दी है।

मौसम विज्ञान केंद्र ने गुरुवार को बिहार के 26 जिलों में बारिश को लेकर ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। इनमें छह जिलों भोजपुर, अरवल, औरंगाबाद, रोहतास, कैमूर और बक्सर में भारी बारिश की चेतावनी दी गई है। इस दौरान 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवा चलने की संभावना है। मौसम विभाग ने लोगों को खराब मौसम के दौरान सतर्क रहने की सलाह दी है।

मौसम विभाग के पूर्वानुमान के मुताबिक, 29 और 30 अक्टूबर को अर्नब तूफान का असर अधिक देखने को मिल सकता है। राज्य के कई हिस्सों में 31 अक्टूबर तक बारिश होने की संभावना है। ऐसे में अगले कुछ दिन बिहार के मौसम के लिहाज से महत्वपूर्ण रहने वाले हैं।

बिहार में अर्नब तूफान का असर, पटना समेत कई जिलों में बारिश

राजधानी पटना में गुरुवार सुबह से ही आसमान में बादल छाए हुए हैं। शहर के कुछ इलाकों में हल्की बारिश और बूंदाबांदी दर्ज की गई। मौसम में बदलाव के कारण तापमान में गिरावट की संभावना है। मौसम विभाग ने पटना में बारिश के साथ वज्रपात और तेज हवा चलने की आशंका जताई है।

समस्तीपुर में सुबह से बारिश हो रही है। पूसा कृषि विश्वविद्यालय के अनुसार, जिले में 31 अक्टूबर तक मौसम बदला रह सकता है। बक्सर में भी सुबह से बादल छाए रहने के साथ हल्की बारिश शुरू हो गई है। औरंगाबाद में रात से ही बूंदाबांदी हो रही है, जबकि जमुई और खगड़िया में सुबह से रिमझिम बारिश का सिलसिला जारी है।

सासाराम में बुधवार से ही आसमान में बादल छाए हुए थे। दिनभर धूप नहीं निकली और रात में तेज हवा चली। गुरुवार सुबह बूंदाबांदी शुरू होने के बाद तापमान में गिरावट महसूस की गई। स्थानीय स्तर पर तापमान में करीब चार डिग्री सेल्सियस तक गिरावट दर्ज होने की जानकारी सामने आई है।

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नालंदा और बेगूसराय में भी आसमान में बादल छाए हैं। गोपालगंज में काले बादलों के कारण बारिश की संभावना बनी हुई है। वहीं, सुपौल में रात से रुक-रुककर बूंदाबांदी हो रही है। पूर्णिया में सुबह से हल्की बारिश दर्ज की गई है। गयाजी में भी बुधवार शाम से बूंदाबांदी के साथ मौसम में बदलाव देखा जा रहा है।

अर्नब तूफान से 31 अक्टूबर तक बदला रहेगा मौसम

मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार, बिहार में अगले तीन दिनों तक कई इलाकों में बारिश की गतिविधियां जारी रह सकती हैं। गुरुवार को पटना के अलावा गया, जहानाबाद, मुजफ्फरपुर, शिवहर, सीतामढ़ी और वैशाली में भारी बारिश की आशंका जताई गई है। भभुआ और रोहतास में बहुत भारी बारिश होने की चेतावनी दी गई है।

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30 अक्टूबर को मौसम का प्रभाव उत्तर-पश्चिम बिहार की ओर बढ़ने का अनुमान है। इस दिन पूर्वी चंपारण, गोपालगंज और पश्चिम चंपारण में बहुत भारी बारिश हो सकती है। अन्य जिलों में भी बादल छाए रहने, बारिश होने और तेज हवा चलने की संभावना है।

मौसम विभाग ने वज्रपात की आशंका को देखते हुए लोगों को विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी है। खराब मौसम के दौरान खुले मैदान, पेड़ों के नीचे और बिजली के खंभों के आसपास खड़े होने से बचना चाहिए। आकाशीय बिजली चमकने पर सुरक्षित पक्के भवन के अंदर रहना बेहतर है।

आंध्र प्रदेश के तट से टकराया अर्नब तूफान

मौसम विभाग की ओर से दी गई जानकारी के मुताबिक, चक्रवाती तूफान अर्नब ने 28 अक्टूबर की सुबह आंध्र प्रदेश और यानम के तट को पार किया। उस समय इसकी अधिकतम निरंतर हवा की रफ्तार 125 से 135 किलोमीटर प्रति घंटे के बीच थी। तूफान के दौरान हवा के झोंकों की गति 150 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच रही थी।

तट पार करने के बाद तूफान कमजोर होकर भीषण चक्रवाती तूफान की श्रेणी में आ गया। अगले 48 घंटों में इसके उत्तर-उत्तर-पश्चिम दिशा में आगे बढ़ने और धीरे-धीरे कमजोर होने की संभावना जताई गई है।

हालांकि, तूफान के कमजोर पड़ने के बावजूद इसके प्रभाव से बिहार में मौसम की गतिविधियां बढ़ सकती हैं। बारिश, तेज हवा और वज्रपात का खतरा कई जिलों में बना रह सकता है। इसलिए मौसम विभाग के पूर्वानुमान और स्थानीय प्रशासन की ओर से जारी दिशा-निर्देशों पर ध्यान देना जरूरी है।

अर्नब तूफान से किसानों की बढ़ सकती है परेशानी

बिहार में लगातार बारिश होने से खेती-किसानी पर भी असर पड़ने की आशंका है। इस समय खेतों में खड़ी फसलों और बागवानी के लिए तेज हवा तथा अत्यधिक बारिश नुकसानदेह साबित हो सकती है। केले, पपीते और दूसरे कमजोर तने वाले पौधों के गिरने या टूटने का खतरा बढ़ सकता है।

निचले इलाकों में जलजमाव की स्थिति बन सकती है। ग्रामीण सड़कों और शहरी इलाकों में पानी भरने से आवागमन प्रभावित होने की आशंका है। लगातार बारिश होने पर बाजार, दैनिक कामकाज और परिवहन व्यवस्था पर भी असर पड़ सकता है।

किसानों को सलाह दी जाती है कि वे स्थानीय मौसम पूर्वानुमान के अनुसार खेतों में जरूरी काम की योजना बनाएं। तेज हवा और बिजली गिरने की आशंका के दौरान खुले खेतों में काम करने से बचें। जहां संभव हो, खेतों से अतिरिक्त पानी की निकासी की व्यवस्था रखें।

बिहार में अर्नब तूफान के दौरान आम लोग क्या सावधानी बरतें?

मौसम खराब होने पर घर से बाहर निकलने से पहले बारिश और हवा से जुड़ा ताजा अपडेट जरूर देख लें। तेज हवा के दौरान कमजोर पेड़ों, बिजली के तारों और अस्थायी संरचनाओं से दूरी बनाए रखें। वज्रपात के समय खुले स्थानों में रुकने से बचें।

बारिश के कारण सड़कों पर पानी जमा होने पर वाहन सावधानी से चलाएं। जलजमाव वाले रास्तों से गुजरते समय बिजली के तारों और खुले नालों के प्रति सतर्क रहें। बच्चों और बुजुर्गों को खराब मौसम में अनावश्यक रूप से बाहर जाने से रोकना भी उपयोगी होगा।

फिलहाल बिहार में अर्नब तूफान के प्रभाव से कई जिलों में मौसम बदला हुआ है। पटना समेत अलग-अलग इलाकों में बारिश दर्ज की जा रही है, जबकि छह जिलों में भारी बारिश की चेतावनी जारी की गई है। मौसम विभाग के पूर्वानुमान के मुताबिक, 31 अक्टूबर तक बारिश की गतिविधियां जारी रह सकती हैं। ऐसे में लोगों को सतर्क रहने और मौसम के ताजा अपडेट पर नजर बनाए रखने की जरूरत है।

Nishkarsh Bharat

राजकुमार सिंह की रिपोर्ट

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