पटना में 7 होटल-रेस्टोरेंट की जांच, खाद्य विभाग को मिलीं गंभीर खामियां, लिए गए सैंपल

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पटना में 7 होटल-रेस्टोरेंट की जांच, खाद्य विभाग ने लिए सैंपल

निष्कर्ष भारत, संवाददाता (पटना)। पटना में होटल और रेस्टोरेंट में खाना खाने वाले लोगों की सेहत को लेकर खाद्य संरक्षा विभाग ने बड़ी कार्रवाई की है। राजधानी के अलग-अलग इलाकों में विभाग की टीम ने सात होटल, रेस्टोरेंट और खाद्य प्रतिष्ठानों का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान कई जगहों पर खाद्य सुरक्षा मानकों की अनदेखी सामने आई। कहीं शाकाहारी और मांसाहारी भोजन एक ही फ्रिज में रखा मिला, तो कहीं रसोई की साफ-सफाई, ड्रेनेज सिस्टम और खाद्य सामग्री के सुरक्षित भंडारण में गंभीर लापरवाही पाई गई।

निरीक्षण के दौरान खाद्य विभाग की टीम ने चना दाल, हल्दी पाउडर, किशमिश, बादाम और पनीर समेत कई खाद्य पदार्थों के नमूने एकत्र किए। इन्हें जांच के लिए प्रयोगशाला भेजा गया है। वहीं, कुछ प्रतिष्ठानों से खाद्य सामग्री जब्त कर नष्ट भी कराई गई। विभाग ने संबंधित संचालकों को कमियां दूर करने के निर्देश दिए हैं। इस कार्रवाई के बाद राजधानी के होटल और रेस्टोरेंट कारोबारियों के बीच हलचल तेज हो गई है।

पटना में खाद्य विभाग की कार्रवाई, सात प्रतिष्ठान जांच के दायरे में

खाद्य संरक्षा विभाग की इस कार्रवाई का उद्देश्य केवल प्रतिष्ठानों की जांच करना नहीं, बल्कि आम लोगों को सुरक्षित और गुणवत्तापूर्ण भोजन उपलब्ध कराना भी है। त्योहारों, शादी-विवाह और अन्य आयोजनों के दौरान होटल और रेस्टोरेंट में खाने-पीने की चीजों की मांग बढ़ जाती है। ऐसे में खाद्य सामग्री की गुणवत्ता और रसोई की स्वच्छता का ध्यान रखना बेहद जरूरी हो जाता है।

निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम, 2006 के प्रावधानों और निर्धारित स्वच्छता मानकों के आधार पर प्रतिष्ठानों की व्यवस्था का जायजा लिया। इस क्रम में सात अलग-अलग प्रतिष्ठानों में कई तरह की अनियमितताएं सामने आईं।

कैफे 7 गार्डन में दस्तावेजों की कमी, खाद्य पदार्थों के सैंपल लिए गए

फुलवारीशरीफ के एम्स गोलंबर स्थित कैफे 7 गार्डन (प्राइड विहार स्नैक्स) में जांच के दौरान चना दाल और हल्दी पाउडर के नमूने लिए गए। दोनों नमूनों को गुणवत्ता की जांच के लिए खाद्य प्रयोगशाला भेजा गया है।

निरीक्षण में प्रतिष्ठान के पास कई जरूरी दस्तावेज उपलब्ध नहीं मिले। इनमें एफएसएसएआई लाइसेंस अथवा पंजीकरण संख्या, पानी की गुणवत्ता जांच रिपोर्ट, कीट नियंत्रण रिपोर्ट और कर्मचारियों के मेडिकल प्रमाणपत्र शामिल हैं। इसके अलावा कर्मचारियों के FoSTaC प्रशिक्षण प्रमाणपत्र भी उपलब्ध नहीं पाए गए।

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खाद्य सामग्री के रखरखाव में भी लापरवाही सामने आई। शाकाहारी और मांसाहारी खाद्य पदार्थों को अलग रखने की समुचित व्यवस्था नहीं थी। वहीं, खाद्य सामग्री के भंडारण में FIFO और FEFO प्रणाली का पालन भी नहीं किया जा रहा था।

होटल पाटलिपुत्र कॉन्टिनेंटल में एक फ्रिज में रखा मिला वेज-नॉनवेज खाना

अनीसाबाद बाइपास क्रॉसिंग के पास स्थित होटल पाटलिपुत्र कॉन्टिनेंटल में खाद्य सुरक्षा मानकों की अनदेखी सामने आई। जांच के दौरान शाकाहारी और मांसाहारी खाद्य सामग्री एक ही फ्रिज में रखी मिली।

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खाद्य सुरक्षा के लिहाज से इसे गंभीर लापरवाही माना जाता है। दरअसल, कच्चे मांस, मछली और अन्य मांसाहारी खाद्य पदार्थों को शाकाहारी सामग्री से अलग रखना जरूरी है। ऐसा नहीं होने पर एक खाद्य पदार्थ से दूसरे में बैक्टीरिया और अन्य सूक्ष्मजीवों के पहुंचने का खतरा रहता है।

विभाग ने होटल में खाद्य संरक्षा एवं मानक अधिनियम 2006 के तहत निर्धारित Schedule IV के प्रावधानों के उल्लंघन को गंभीरता से लिया।

होटल द रॉयल बिहार में 2,774 रुपये की खाद्य सामग्री जब्त

फुलवारीशरीफ के वाल्मी स्थित होटल द रॉयल बिहार, जो आरईपीएल हॉस्पिटल प्राइवेट लिमिटेड की इकाई है, में निरीक्षण के दौरान कई खाद्य सामग्रियों की स्थिति संतोषजनक नहीं मिली।

विभागीय टीम ने यहां कुल 2,774 रुपये मूल्य की खाद्य सामग्री जब्त कर नष्ट कराई। इसके साथ ही किशमिश, बादाम और पनीर के नमूने भी संग्रहित किए गए। इन नमूनों को जांच के लिए खाद्य प्रयोगशाला भेजा गया है। प्रयोगशाला की रिपोर्ट से खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता के बारे में स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।

होटल जी डायमंड को साफ-सफाई सुधारने का नोटिस

एम्स गेट नंबर-1 के पास विशाल नगर, फुलवारीशरीफ स्थित होटल जी डायमंड में भी खाद्य विभाग की टीम ने निरीक्षण किया। यहां साफ-सफाई से संबंधित कमियां पाई गईं।

खाद्य प्रतिष्ठानों में रसोई, भोजन तैयार करने वाले स्थान और खाद्य सामग्री रखने की जगह का स्वच्छ होना जरूरी है। गंदगी और अस्वच्छ वातावरण में भोजन तैयार होने से लोगों के स्वास्थ्य पर प्रतिकूल असर पड़ सकता है। विभाग ने होटल को नोटिस जारी कर स्वच्छता व्यवस्था में सुधार करने का निर्देश दिया।

द आर्च रेस्टोरेंट की रसोई और ड्रेनेज व्यवस्था में मिली गड़बड़ी

एम्स गोलंबर के नजदीक कोरजी स्थित द आर्च रेस्टोरेंट की जांच में रसोई की व्यवस्था संतोषजनक नहीं मिली। यहां साफ-सफाई और ड्रेनेज सिस्टम में कमियां पाई गईं।

इसके अलावा पानी की गुणवत्ता जांच रिपोर्ट और पेस्ट कंट्रोल से संबंधित दस्तावेज भी उपलब्ध नहीं मिले। खाद्य सामग्री के भंडारण में FIFO और FEFO प्रणाली का पालन नहीं किया जा रहा था।

सबसे महत्वपूर्ण बात यह रही कि रेस्टोरेंट में शाकाहारी और मांसाहारी खाद्य सामग्री एक साथ रखी मिली। इससे खाद्य पदार्थों के दूषित होने की आशंका बढ़ सकती है।

मेसर्स घरौंदा रेस्टोरेंट में चार तरह की खाद्य सामग्री जब्त

पटना के बोरिंग रोड स्थित एसके पुरी इलाके में मेसर्स घरौंदा (आशियाना मेन्यूसर्व प्राइवेट लिमिटेड), 24 गोकुल मार्ग में भी खाद्य विभाग की टीम पहुंची।

निरीक्षण के दौरान यहां ड्रेनेज सिस्टम, डस्टबिन, पानी की जांच रिपोर्ट और पेस्ट कंट्रोल से संबंधित जरूरी व्यवस्थाओं में कमियां पाई गईं। कर्मचारियों के मेडिकल प्रमाणपत्र भी उपलब्ध नहीं थे। इसके अलावा भोजन तैयार करने और परोसने वाले कर्मचारियों के पास एप्रन और ग्लव्स नहीं मिले।

टीम ने कार्रवाई करते हुए एक किलोग्राम नमकीन, एक किलोग्राम पानी पूरी पैलेट, 500 ग्राम कोकोनट पाउडर और 50 ग्राम एवरेस्ट सांभर मसाला जब्त कर नष्ट कराया।

प्रतिष्ठान को सभी कमियां दूर करने के लिए 14 दिनों का सुधार नोटिस दिया गया है। निर्धारित समय के भीतर व्यवस्था दुरुस्त नहीं करने पर आगे की कार्रवाई की जा सकती है।

गणपति फूड प्लाजा को स्वच्छता बनाए रखने का निर्देश

फुलवारीशरीफ के एम्स गेट नंबर-1 स्थित गणपति फूड प्लाजा काठी नेशन का भी निरीक्षण किया गया। विभागीय टीम ने यहां खाद्य सुरक्षा और स्वच्छता से जुड़े मानकों का पालन करने का निर्देश दिया।

अधिकारियों ने प्रतिष्ठान संचालक को साफ-सफाई पर विशेष ध्यान देने और खाद्य सामग्री के सुरक्षित रखरखाव की व्यवस्था सुनिश्चित करने को कहा।

होटल और रेस्टोरेंट में FIFO और FEFO नियम क्यों हैं जरूरी?

खाद्य विभाग की जांच में कई प्रतिष्ठानों में FIFO और FEFO प्रणाली का पालन नहीं किए जाने की बात सामने आई है। ऐसे में इन दोनों नियमों को समझना भी जरूरी है।

FIFO यानी First In, First Out का मतलब है कि जो खाद्य सामग्री पहले खरीदी या स्टोर की गई है, उसका इस्तेमाल पहले किया जाए। वहीं FEFO यानी First Expired, First Out का अर्थ है कि जिस खाद्य सामग्री की एक्सपायरी डेट पहले आने वाली है, उसे पहले इस्तेमाल किया जाए।

इन नियमों का पालन करने से एक्सपायरी खाद्य सामग्री के इस्तेमाल और भोजन की गुणवत्ता खराब होने की आशंका कम होती है। होटल और रेस्टोरेंट में खाद्य सामग्री का सुरक्षित भंडारण सुनिश्चित करने के लिए ये व्यवस्थाएं महत्वपूर्ण हैं।

ग्राहकों की सेहत से खिलवाड़ पर खाद्य विभाग सख्त

पटना में सात खाद्य प्रतिष्ठानों की जांच के बाद खाद्य संरक्षा विभाग ने होटल, रेस्टोरेंट, कैफे और अन्य खाद्य कारोबारियों को स्पष्ट संदेश दिया है कि खाद्य सुरक्षा के मानकों की अनदेखी बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

विभाग ने सभी संचालकों को एफएसएसएआई लाइसेंस, पानी की जांच रिपोर्ट, पेस्ट कंट्रोल प्रमाणपत्र, कर्मचारियों के मेडिकल प्रमाणपत्र और खाद्य सुरक्षा प्रशिक्षण से जुड़े दस्तावेज उपलब्ध रखने का निर्देश दिया है।

इसके साथ ही रसोई की नियमित सफाई, सुरक्षित ड्रेनेज व्यवस्था, खाद्य पदार्थों का उचित भंडारण और शाकाहारी-मांसाहारी भोजन को अलग-अलग रखने पर जोर दिया गया है।

ग्राहकों को भी खाने की गुणवत्ता पर रखनी चाहिए नजर

होटल या रेस्टोरेंट में खाना खाते समय ग्राहकों को भी कुछ जरूरी बातों पर ध्यान देना चाहिए। भोजन की गुणवत्ता, परोसने की स्वच्छता और खाने की स्थिति को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। किसी प्रतिष्ठान में गंदगी, खराब खाद्य सामग्री या गंभीर स्वच्छता संबंधी समस्या दिखाई देने पर खाद्य सुरक्षा विभाग में शिकायत की जा सकती है।

राजधानी में खाद्य विभाग की यह कार्रवाई ऐसे समय में महत्वपूर्ण है, जब बड़ी संख्या में लोग रोजाना होटल और रेस्टोरेंट के भोजन पर निर्भर रहते हैं। अब देखना होगा कि निरीक्षण में मिली कमियों को संबंधित प्रतिष्ठान कितनी जल्दी दूर करते हैं और आने वाले दिनों में विभाग की जांच का दायरा कितना बढ़ता है।

Nishkarsh Bharat

राजकुमार सिंह की रिपोर्ट

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