पटना न्यू मार्केट में बिना लाइसेंस पटाखों की बिक्री, प्रशासन बेखबर, निगरानी पर उठे सवाल
पटना न्यू मार्केट में बिना लाइसेंस पटाखों की बिक्री जारी है। अग्निशमन विभाग की चेतावनी के बाद भी स्टॉल नहीं हटे, प्रशासन की निगरानी पर सवाल।
निष्कर्ष भारत, संवाददाता (पटना)। दीपावली और छठ पूजा से पहले पटना के बाजारों में पटाखों की बिक्री को लेकर बड़ा मामला सामने आया है। राजधानी में इस बार पटाखों की खरीद-बिक्री के लिए किसी भी दुकानदार को लाइसेंस जारी नहीं किया गया है। इसके बावजूद शहर के प्रमुख बाजारों और चौक-चौराहों पर खुलेआम पटाखों के स्टॉल लगाए जा रहे हैं। सबसे हैरान करने वाली स्थिति पटना जंक्शन के पास स्थित न्यू मार्केट की है, जहां दुकानदार बैनर लगाकर ग्राहकों को 50 से 60 फीसदी तक छूट का ऑफर दे रहे हैं।
अग्निशमन विभाग की ओर से लगातार जांच और चेतावनी दिए जाने के बावजूद बाजारों में पटाखों की दुकानें पहले की तरह चल रही हैं। मंगलवार को लोद्दीपुर अग्निशामालय की टीम ने न्यू मार्केट पहुंचकर दुकानदारों को नियमों की जानकारी दी और चेतावनी भी जारी की थी। इसके बावजूद बुधवार को दुकानें सजी रहीं। ऐसे में जिला प्रशासन और स्थानीय पुलिस की निगरानी व्यवस्था पर सवाल उठने लगे हैं।
सबसे बड़ा सवाल यह है कि जब राज्य में किसी भी प्रतिष्ठान को पटाखों की बिक्री और भंडारण का लाइसेंस नहीं दिया गया है, तो फिर राजधानी के व्यस्त बाजारों में ये पटाखे खुलेआम कैसे बिक रहे हैं?
पटना न्यू मार्केट में 50 से 60 फीसदी छूट का ऑफर
पटना जंक्शन से सटे न्यू मार्केट में इन दिनों पटाखों की कई दुकानें और अस्थायी स्टॉल दिखाई दे रहे हैं। दुकानदारों ने ग्राहकों को आकर्षित करने के लिए जगह-जगह बैनर और प्रचार सामग्री लगा रखी है। इन पर 50 से 60 प्रतिशत तक छूट देने का दावा किया जा रहा है।
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त्योहार के समय बाजार में खरीदारी करने पहुंचने वाले लोगों की भीड़ के बीच पटाखों की बिक्री जारी है। खास बात यह है कि अग्निशमन विभाग की टीम की ओर से चेतावनी दिए जाने के अगले दिन भी दुकानों की स्थिति में कोई खास बदलाव नहीं दिखा।
न्यू मार्केट पटना के सबसे व्यस्त व्यावसायिक इलाकों में शामिल है। यहां रोजाना बड़ी संख्या में लोग खरीदारी करने आते हैं। ऐसे में यदि पटाखों का भंडारण और बिक्री निर्धारित सुरक्षा मानकों के बिना होती है, तो किसी भी अप्रिय घटना का खतरा बढ़ सकता है।
पटना के इन बाजारों में भी सज गए पटाखों के स्टॉल
न्यू मार्केट के अलावा राजधानी के कई दूसरे इलाकों में भी पटाखों की बिक्री की जानकारी सामने आई है। शहर के प्रमुख बाजारों और सब्जी मंडियों के आसपास अस्थायी स्टॉल लगाए गए हैं।
इनमें बोरिंग रोड चौराहा, मीठापुर सब्जी मंडी, बुद्धमूर्ति के आसपास का इलाका, सब्जीबाग, दीघा सब्जी मंडी, राजा बाजार, पटना सिटी चौक, आलमगंज और मालसलामी जैसे क्षेत्र शामिल हैं।
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इनमें से कई इलाके ऐसे हैं, जहां सामान्य दिनों में भी काफी भीड़ रहती है। त्योहार के दौरान ग्राहकों की संख्या और बढ़ जाती है। ऐसे स्थानों पर पटाखों का भंडारण और बिक्री अग्नि सुरक्षा के लिहाज से चुनौती बन सकती है।
विशेषज्ञों के अनुसार, पटाखों को सुरक्षित तरीके से रखने के लिए निर्धारित मानकों का पालन जरूरी है। दुकानों के आसपास ज्वलनशील सामग्री, बिजली के खुले तार और भीड़भाड़ जैसी परिस्थितियां आग लगने की स्थिति में खतरा बढ़ा सकती हैं।
अग्निशमन विभाग की चेतावनी का भी नहीं दिखा असर
पटना के न्यू मार्केट में मंगलवार को लोद्दीपुर अग्निशामालय की टीम ने निरीक्षण किया था। इस दौरान दुकानदारों को बिना लाइसेंस पटाखों की बिक्री और भंडारण नहीं करने की चेतावनी दी गई थी।
इसके बावजूद बुधवार को भी स्टॉल पहले की तरह लगे रहे। इससे यह सवाल उठ रहा है कि विभाग की ओर से नोटिस और चेतावनी जारी करने के बाद आगे की कार्रवाई क्यों नहीं हो रही है।
अग्निशमन विभाग की ओर से राज्यभर में चार हजार से अधिक प्रतिष्ठानों को नोटिस जारी किए गए हैं। विभाग का कहना है कि जिन प्रतिष्ठानों के पास जरूरी लाइसेंस नहीं है, उन्हें नियमों के उल्लंघन के संबंध में सूचित किया जा रहा है।
हालांकि, नोटिस जारी करना और बाजारों में नियमों का पालन सुनिश्चित कराना दो अलग-अलग जिम्मेदारियां हैं। ऐसे में स्थानीय प्रशासन और पुलिस की सक्रियता भी महत्वपूर्ण हो जाती है।
पटना को चार जोन में बांटकर अग्निशमन विभाग की तैयारी
दीपावली और छठ पूजा के दौरान आग लगने की घटनाओं की आशंका को देखते हुए अग्निशमन विभाग ने विशेष तैयारी की है। राज्य अग्निशमन पदाधिकारी मनोज कुमार नट के मुताबिक, पटना को चार जोन में बांटकर सुरक्षा व्यवस्था तैयार की गई है।
शहर के संवेदनशील इलाकों की पहचान की जा रही है। भीड़भाड़ वाले बाजारों और महत्वपूर्ण स्थानों पर अग्निशमन की गाड़ियां तैनात करने की तैयारी है, ताकि किसी भी आपात स्थिति में तुरंत कार्रवाई की जा सके।

विभाग की ओर से राज्यभर में प्रतिष्ठानों की जांच की जा रही है। जिन दुकानदारों के पास पटाखों के भंडारण और बिक्री का लाइसेंस नहीं है, उन्हें नोटिस जारी किया जा रहा है।
मनोज कुमार नट ने स्पष्ट किया है कि इस बार राज्य में किसी भी प्रतिष्ठान को पटाखों के भंडारण और बिक्री के लिए लाइसेंस जारी नहीं किया गया है। ऐसे में बिना लाइसेंस इस तरह का कारोबार पूरी तरह अवैध है।
बिना लाइसेंस पटाखों की बिक्री से क्यों बढ़ता है खतरा?
पटाखों की बिक्री सामान्य खाद्य या घरेलू सामान की तरह नहीं की जा सकती। इनके भंडारण और बिक्री के लिए सुरक्षा से जुड़े विशेष नियम निर्धारित हैं। पटाखों में मौजूद ज्वलनशील पदार्थों के कारण थोड़ी सी लापरवाही भी गंभीर दुर्घटना का कारण बन सकती है।
खासकर भीड़भाड़ वाले बाजारों में यदि पटाखों को असुरक्षित तरीके से रखा जाता है, तो आग लगने पर स्थिति तेजी से बिगड़ सकती है। आसपास की दुकानों, वाहनों और लोगों तक आग फैलने का खतरा रहता है।
न्यू मार्केट जैसे व्यस्त इलाके में यह चिंता और गंभीर हो जाती है। यहां ग्राहकों की आवाजाही लगातार बनी रहती है। ऐसे में पटाखों के स्टॉल के आसपास अग्निशमन की पर्याप्त व्यवस्था और सुरक्षित दूरी बनाए रखना जरूरी है।
प्रशासन की निगरानी पर उठ रहे सवाल
पटना में बिना लाइसेंस पटाखों की बिक्री जारी रहने से जिला प्रशासन और स्थानीय पुलिस की भूमिका पर सवाल खड़े हो रहे हैं। जब अग्निशमन विभाग की ओर से स्पष्ट किया जा चुका है कि किसी भी प्रतिष्ठान को बिक्री का लाइसेंस नहीं दिया गया है, तो बाजारों में खुलेआम स्टॉल कैसे संचालित हो रहे हैं?
दूसरी ओर, विभाग की ओर से नोटिस जारी करने के बावजूद दुकानों का नहीं हटना कार्रवाई की प्रभावशीलता पर भी सवाल खड़ा करता है।
अब देखना होगा कि जिला प्रशासन और पुलिस इस मामले में कब तक ठोस कदम उठाते हैं। त्योहारों के दौरान बाजारों में बढ़ने वाली भीड़ को देखते हुए समय रहते कार्रवाई जरूरी है।
फिलहाल पटना के न्यू मार्केट समेत कई इलाकों में पटाखों की बिक्री जारी रहने की जानकारी सामने आई है। ऐसे में सबसे जरूरी है कि त्योहार की खुशियों के बीच लोगों की सुरक्षा से कोई समझौता न हो और नियमों का उल्लंघन करने वाले प्रतिष्ठानों पर नियमानुसार कार्रवाई की जाए।
राजकुमार सिंह की रिपोर्ट
