IIT पटना के रजिस्ट्रार अवलेन्द्र ठाकुर के खिलाफ एससी-एसटी थाना में FIR दर्ज, विधि सम्मत कार्रवाई का भरोसा: आदित्य पासवान

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IIT पटना के रजिस्ट्रार अवलेन्द्र ठाकुर के खिलाफ एससी-एसटी थाना में FIR दर्ज

निष्कर्ष भारत, संवाददाता (पटना)। आईआईटी पटना के रजिस्ट्रार अवलेन्द्र कुमार ठाकुर के खिलाफ दलित समाज की भावनाओं को आहत करने, भारतीय संविधान की भावना का अपमान करने तथा समाज में जातीय वैमनस्य फैलाने के आरोप में पटना के अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति (एससी-एसटी) थाना में प्राथमिकी (FIR) दर्ज कर ली गई है। यह प्राथमिकी मेरे द्वारा दिए गए लिखित आवेदन के आधार पर विभिन्न धाराओं में दर्ज की गई है।

इस संबंध में आदित्य कुमार पासवान ने कहा कि आईआईटी पटना जैसे देश के प्रतिष्ठित उच्च शिक्षण संस्थान में रजिस्ट्रार जैसे महत्वपूर्ण प्रशासनिक पद पर बैठे व्यक्ति द्वारा सोशल मीडिया पर इस तरह की टिप्पणी करना बेहद गैर-जिम्मेदाराना और दुर्भाग्यपूर्ण है। उन्होंने अपने सोशल मीडिया पोस्ट में कथित तौर पर लिखा था— *”काबिल मत बनो, दलित बनो, कामयाबी झक मारकर पीछे आएगी।

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आदित्य पासवान ने कहा कि मैं स्वयं दलित समाज से आता हूं। इस तरह की टिप्पणी केवल मेरी भावनाओं को ही नहीं, बल्कि उन करोड़ों दलित नागरिकों की मेहनत, प्रतिभा, शिक्षा और संघर्ष को अपमानित करती है, जिन्होंने तमाम सामाजिक चुनौतियों के बावजूद अपनी योग्यता और परिश्रम के बल पर देश में अपनी पहचान बनाई है।

उन्होंने कहा कि आरक्षण कोई राजनीतिक उपहार नहीं, बल्कि सदियों से चली आ रही सामाजिक असमानता और भेदभाव को दूर करने का संवैधानिक प्रावधान है। किसी जिम्मेदार पद पर बैठे व्यक्ति द्वारा आरक्षण और दलित समाज के प्रति इस प्रकार की टिप्पणी करना बेहद चिंताजनक है। इससे समाज में जातीय कटुता और असंतोष बढ़ने की आशंका है।

आदित्य पासवान ने आगे कहा कि हमारा किसी जाति विशेष से कोई विरोध या बैर नहीं है। हमारी लड़ाई किसी जाति के खिलाफ नहीं, बल्कि संविधान, सामाजिक सम्मान और समानता के पक्ष में है। हम जातीय विद्वेष और सामाजिक वैमनस्य फैलाने वाली हर विचारधारा का विरोध करते हैं।

उन्होंने कहा कि एससी-एसटी थाना द्वारा प्राथमिकी दर्ज किया जाना न्याय की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। मुझे पूरा विश्वास है कि पुलिस निष्पक्ष एवं निष्पक्षतापूर्वक जांच करते हुए अविलंब विधि सम्मत कार्रवाई करेगी और दोषी पाए जाने पर श्री ठाकुर के खिलाफ कानून के अनुसार कठोर कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।

आदित्य पासवान ने कहा कि संविधान और दलित समाज के सम्मान के साथ किसी भी प्रकार का समझौता नहीं किया जाएगा। यह लड़ाई किसी व्यक्ति विशेष के विरुद्ध नहीं, बल्कि सामाजिक न्याय, संवैधानिक मूल्यों और आने वाली पीढ़ियों के सम्मान की लड़ाई है।

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पटना से रिपोर्ट

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