नेपाल चुनाव 2026: बालेंद्र शाह ‘बालेन’ की पार्टी RSP की ऐतिहासिक जीत, दो-तिहाई बहुमत की ओर, बन सकते हैं नेपाल के सबसे युवा प्रधानमंत्री

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नेपाल की राजनीति में बड़ा बदलाव देखने को मिला है। हाल ही में हुए संसदीय चुनाव में नई पार्टी Rashtriya Swatantra Party (आरएसपी) ने शानदार प्रदर्शन करते हुए पुराने राजनीतिक दलों को पीछे छोड़ दिया है।

नेपाल की राजनीति में बड़ा बदलाव देखने को मिला है। हाल ही में हुए संसदीय चुनाव में नई पार्टी Rashtriya Swatantra Party (आरएसपी) ने शानदार प्रदर्शन करते हुए पुराने राजनीतिक दलों को पीछे छोड़ दिया है। युवा रैपर से नेता बने Balendra Shah (बालेन) के नेतृत्व में आरएसपी दो-तिहाई बहुमत के करीब पहुंच गई है और माना जा रहा है कि बालेन जल्द ही नेपाल के नए प्रधानमंत्री बन सकते हैं।

नेपाल के चुनाव आयोग के अनुसार, प्रतिनिधि सभा की 165 प्रत्यक्ष सीटों में से 159 सीटों के परिणाम घोषित हो चुके हैं, जिनमें से आरएसपी ने 122 सीटों पर जीत दर्ज की है। शेष छह सीटों के परिणाम आने बाकी हैं। मतगणना गुरुवार से शुरू हुई थी और सोमवार तक पूरी होने की उम्मीद है।

बालेन ने पूर्व प्रधानमंत्री ओली को हराया

इस चुनाव की सबसे बड़ी खबर यह रही कि आरएसपी के 35 वर्षीय प्रधानमंत्री पद के उम्मीदवार Balendra Shah ने चार बार नेपाल के प्रधानमंत्री रह चुके KP Sharma Oli को झापा-5 सीट से लगभग 50 हजार वोटों के बड़े अंतर से हराया। ओली Communist Party of Nepal (Unified Marxist–Leninist) (सीपीएन-यूएमएल) के अध्यक्ष हैं और नेपाल की सबसे बड़ी पारंपरिक पार्टियों में से एक का नेतृत्व करते हैं।

यह जीत इसलिए भी महत्वपूर्ण मानी जा रही है क्योंकि इसे नेपाल की राजनीति में “नई पीढ़ी बनाम पुरानी राजनीति” की लड़ाई के रूप में देखा जा रहा था।

संसद में पुरानी पार्टियों की बड़ी हार

इस चुनाव में नेपाल की पारंपरिक पार्टियों को भारी नुकसान उठाना पड़ा।

  • Nepali Congress को केवल 17 सीटें मिलीं।
  • Communist Party of Nepal (Unified Marxist–Leninist) को सिर्फ 8 सीटें मिलीं और दो सीटों पर बढ़त है।
  • Nepal Communist Party को 7 सीटें मिलीं।
  • Shram Sanskriti Party ने 3 सीटों पर जीत हासिल की।
  • Rastriya Prajatantra Party को सिर्फ 1 सीट मिली।

इस चुनाव में एक निर्दलीय उम्मीदवार ने भी जीत हासिल की है।

काठमांडू घाटी में आरएसपी का क्लीन स्वीप

आरएसपी ने राजधानी क्षेत्र में भी जबरदस्त प्रदर्शन किया। काठमांडू घाटी के तीन जिलों की सभी 15 सीटों पर पार्टी ने जीत दर्ज कर क्लीन स्वीप कर लिया।

पार्टी के अध्यक्ष Rabi Lamichhane ने चितवन-2 सीट से बड़ी जीत हासिल की। उन्हें 54,402 वोट मिले जबकि उनके निकटतम प्रतिद्वंद्वी को 14,564 वोट मिले।

इसी तरह आरएसपी की नेता Indira Rana Magar ने झापा-2 सीट से भारी मतों से जीत हासिल की और पूर्व स्पीकर Dev Raj Ghimire को पराजित किया।

कई दिग्गज नेताओं की हार

इस चुनाव में कई बड़े राजनीतिक नेताओं को हार का सामना करना पड़ा।

Gagan Thapa, जो नेपाली कांग्रेस के प्रधानमंत्री पद के संभावित उम्मीदवार माने जा रहे थे, धनुषा-4 सीट से आरएसपी के उम्मीदवार से हार गए।

इसके अलावा नेपाली कांग्रेस के वरिष्ठ नेता Shekhar Koirala, Bimalendra Nidhi और अन्य कई नेता भी चुनाव हार गए।

पूर्व प्रधानमंत्री Madhav Kumar Nepal को भी रौतहट-1 सीट पर हार का सामना करना पड़ा। हालांकि पूर्व प्रधानमंत्री Pushpa Kamal Dahal (प्रचंड) ने रुकुम पूर्व सीट से जीत हासिल कर अपनी राजनीतिक पकड़ बनाए रखी।

जनरेशन Z की भूमिका

नेपाल के इस चुनाव में युवाओं की भूमिका बेहद अहम रही। पिछले साल 8 और 9 सितंबर को हुए बड़े युवा आंदोलनों के बाद राजनीतिक माहौल बदल गया था।

युवाओं ने भ्रष्टाचार खत्म करने, सुशासन स्थापित करने, भाई-भतीजावाद रोकने और नई पीढ़ी को नेतृत्व देने जैसे मुद्दों को प्रमुखता से उठाया।

विश्लेषकों का मानना है कि पुराने दल इन मुद्दों पर जनता को संतुष्ट नहीं कर पाए, जिसके कारण मतदाताओं ने उन्हें खारिज कर दिया।

महिलाओं की बढ़ती भागीदारी

इस चुनाव में कुल 14 महिला उम्मीदवार जीतकर संसद पहुंची हैं। इनमें से 13 आरएसपी से हैं, जबकि एक **Nepali Congress से चुनी गई हैं।

भारत की नजर

नेपाल के इस चुनाव पर भारत की भी करीबी नजर रही। प्रधानमंत्री Narendra Modi ने नेपाल की जनता और सरकार को शांतिपूर्ण और सफल चुनाव के लिए बधाई दी।

उन्होंने कहा कि लोकतांत्रिक प्रक्रिया में नेपाली जनता की भागीदारी नेपाल की लोकतांत्रिक यात्रा का महत्वपूर्ण क्षण है।

कुल 60 प्रतिशत मतदान

5 मार्च को हुए चुनाव में लगभग 60 प्रतिशत मतदान दर्ज किया गया। नेपाल की संसद में कुल 275 सदस्य होते हैं, जिनमें से 165 सदस्य प्रत्यक्ष मतदान से चुने जाते हैं जबकि 110 सदस्य आनुपातिक प्रतिनिधित्व प्रणाली से चुने जाते हैं।

आनुपातिक वोटों की गिनती में भी आरएसपी आगे चल रही है। चुनाव आयोग के अनुसार आरएसपी को 28 लाख से अधिक वोट मिले हैं, जो अन्य सभी दलों से काफी ज्यादा हैं।

नई राजनीति की शुरुआत

विश्लेषकों का मानना है कि आरएसपी की जीत नेपाल की राजनीति में एक नए युग की शुरुआत है। यदि Balendra Shah प्रधानमंत्री बनते हैं, तो वे नेपाल के इतिहास में सबसे युवा और पहले मधेसी प्रधानमंत्री होंगे।

यह चुनाव स्पष्ट संकेत देता है कि नेपाल की जनता अब पारंपरिक राजनीति से आगे बढ़कर नई सोच और नए नेतृत्व को मौका देना चाहती है।

Nishkarsh Bharat

पटना से भूमि आर्या की रिपोर्ट

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