पप्पू यादव के बयान पर सियासी घमासान: बीजेपी महिला नेताओं ने कहा– सार्वजनिक माफी मांगें, कांग्रेस से भी जवाब तलब

पप्पू यादव के बयान पर सियासी घमासान

बिहार की राजनीति में इन दिनों पूर्णिया सांसद पप्पू यादव के एक बयान ने बड़ा विवाद खड़ा कर दिया है। महिलाओं को लेकर की गई उनकी टिप्पणी पर राजनीतिक माहौल गरमा गया है।

बिहार की राजनीति में इन दिनों पूर्णिया सांसद पप्पू यादव के एक बयान ने बड़ा विवाद खड़ा कर दिया है। महिलाओं को लेकर की गई उनकी टिप्पणी पर राजनीतिक माहौल गरमा गया है। बुधवार को पटना स्थित बीजेपी कार्यालय में पार्टी की महिला नेताओं ने एकजुट होकर इस बयान की कड़ी निंदा की और पप्पू यादव से सार्वजनिक माफी की मांग की।

दरअसल, पप्पू यादव ने हाल ही में एक बयान देते हुए कहा था कि “महिलाओं की बिना नेताओं के बेड से गुजरे राजनीति में एंट्री नहीं होती है।” इस बयान के सामने आने के बाद विभिन्न राजनीतिक दलों और सामाजिक संगठनों में नाराजगी देखने को मिली। हालांकि विवाद बढ़ने के बाद भी पप्पू यादव अपने बयान पर कायम नजर आए। उन्होंने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर कहा कि उन्होंने कुछ गलत नहीं कहा, बल्कि समाज में जो हो रहा है, उसी को सामने रखा है।

बीजेपी महिला नेताओं का तीखा हमला

बीजेपी कार्यालय में आयोजित प्रेस वार्ता में पूर्व मंत्री श्रेयसी सिंह, विधायक मैथिली ठाकुर, मोहनिया की विधायक संगीता कुमारी और एमएलसी अनामिका सिंह मौजूद रहीं। सभी नेताओं ने एक सुर में इस बयान को महिलाओं का अपमान बताया।

श्रेयसी सिंह ने कहा कि यह बयान न केवल राजनीति में सक्रिय महिलाओं को नीचा दिखाता है, बल्कि यह भी दर्शाता है कि संबंधित नेता की महिलाओं के प्रति सोच कितनी नकारात्मक है। उन्होंने कहा, “इस तरह की भाषा किसी भी जनप्रतिनिधि को शोभा नहीं देती। यह बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है।”

“ओछी मानसिकता का परिचय” – संगीता कुमारी

संगीता कुमारी ने बयान को “ओछी मानसिकता” का प्रतीक बताते हुए कहा कि आज महिलाएं हर क्षेत्र में अपनी मेहनत और प्रतिभा के दम पर आगे बढ़ रही हैं। ऐसे समय में इस तरह की टिप्पणी समाज को पीछे ले जाने वाली है। उन्होंने सवाल उठाया कि आखिर किसी नेता को इस तरह की सोच रखने की हिम्मत कैसे होती है।

कांग्रेस नेतृत्व पर भी सवाल

एमएलसी अनामिका सिंह ने इस मुद्दे को कांग्रेस से जोड़ते हुए कहा कि महिलाओं के खिलाफ मुद्दों पर कांग्रेस का रवैया हमेशा सवालों के घेरे में रहा है। उन्होंने राहुल गांधी और प्रियंका गांधी वाड्रा से इस मामले पर स्पष्ट रुख अपनाने की मांग की। उन्होंने कहा, “जब महिलाओं का अपमान होता है, तब कांग्रेस नेतृत्व की चुप्पी समझ से परे है।”

अनामिका सिंह ने यह भी आरोप लगाया कि इतिहास में कई घटनाओं पर कांग्रेस ने महिलाओं के मुद्दों को गंभीरता से नहीं लिया।

“हर लड़की खुद बनाती है अपनी पहचान” – मैथिली ठाकुर

विधायक मैथिली ठाकुर ने कहा कि आज की महिला आत्मनिर्भर है और अपनी पहचान खुद बनाती है। उन्होंने पप्पू यादव के बयान को “गंदी सोच” का परिणाम बताया। उन्होंने यह भी कहा कि जिस व्यक्ति के परिवार की महिलाएं खुद राजनीति में सक्रिय हों, उनके द्वारा इस तरह का बयान देना और भी दुर्भाग्यपूर्ण है।

पप्पू यादव ने क्या दी सफाई?

विवाद बढ़ने के बावजूद पप्पू यादव अपने बयान से पीछे हटते नजर नहीं आए। उन्होंने कहा कि उनका उद्देश्य किसी महिला का अपमान करना नहीं था, बल्कि समाज की सच्चाई को उजागर करना था। उन्होंने यह भी कहा कि वे हमेशा महिलाओं के सम्मान के पक्षधर रहे हैं और आगे भी रहेंगे।

हालांकि, उनकी इस सफाई से विवाद थमता नजर नहीं आ रहा है। राजनीतिक दलों के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर जारी है और यह मुद्दा आने वाले दिनों में और तूल पकड़ सकता है।

राजनीति में महिला सम्मान पर बहस तेज

इस पूरे विवाद ने एक बार फिर राजनीति में महिलाओं के सम्मान और उनकी भूमिका को लेकर बहस छेड़ दी है। जहां एक ओर महिला नेता इस तरह की टिप्पणियों को अस्वीकार्य बता रही हैं, वहीं दूसरी ओर विपक्षी दलों के बीच भी इस मुद्दे पर बयानबाजी तेज हो गई है।

अब देखना होगा कि पप्पू यादव इस बढ़ते दबाव के बीच अपने बयान पर कायम रहते हैं या फिर माफी मांगकर विवाद को शांत करने की कोशिश करते हैं। फिलहाल, यह मामला बिहार की राजनीति में चर्चा का केंद्र बना हुआ है।

Nishkarsh Bharat

पटना से भूमि आर्या की रिपोर्ट

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