तमिलनाडु में ‘थलापति युग’ की शुरुआत: अभिनेता से मुख्यमंत्री बने विजय, चेन्नई में भव्य समारोह में ली शपथ

थलापति विजय

दक्षिण भारतीय सिनेमा के सुपरस्टार और तमिलगा वेत्री कझगम (TVK) प्रमुख चंद्रशेखर जोसफ विजय (थलापति विजय)ने रविवार को तमिलनाडु के मुख्यमंत्री पद की शपथ लेकर राज्य की राजनीति में एक नए अध्याय की शुरुआत कर दी

थलापति विजय की पार्टी ने 108 सीटों के साथ सबसे बड़ी पार्टी बनी TVK, सहयोगियों के समर्थन से बनाई सरकार

दक्षिण भारतीय सिनेमा के सुपरस्टार और तमिलगा वेत्री कझगम (TVK) प्रमुख चंद्रशेखर जोसफ विजय (थलापति विजय)ने रविवार को तमिलनाडु के मुख्यमंत्री पद की शपथ लेकर राज्य की राजनीति में एक नए अध्याय की शुरुआत कर दी। चेन्नई के Jawaharlal Nehru Indoor Stadium में आयोजित भव्य समारोह में विजय ने पद और गोपनीयता की शपथ ली। इस ऐतिहासिक मौके पर हजारों समर्थकों की मौजूदगी ने कार्यक्रम को राजनीतिक शक्ति प्रदर्शन में बदल दिया।

सफेद शर्ट और काले ट्राउजर में मंच पर पहुंचे विजय जैसे ही शपथ प्रक्रिया के दौरान अपना नाम बोलते हैं, पूरा स्टेडियम तालियों और नारों से गूंज उठता है। समर्थकों के बीच “थलापति” के नाम से लोकप्रिय विजय के लिए यह सिर्फ राजनीतिक उपलब्धि नहीं, बल्कि उनके करोड़ों प्रशंसकों की भावनाओं से जुड़ा क्षण भी था।

द्रविड़ राजनीति के बीच बड़ा बदलाव

तमिलनाडु की राजनीति लंबे समय से द्रविड़ दलों के प्रभाव में रही है। ऐसे में एक फिल्म अभिनेता का सीधे मुख्यमंत्री पद तक पहुंचना राज्य की राजनीति में बड़ा बदलाव माना जा रहा है। विजय की पार्टी तमिलगा वेत्री कझगम ने हालिया विधानसभा चुनाव में शानदार प्रदर्शन करते हुए 234 सदस्यीय विधानसभा में 108 सीटें हासिल कीं और सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी।

हालांकि बहुमत के लिए जरूरी आंकड़े से पार्टी 10 सीट पीछे रह गई। इसके बाद सरकार गठन को लेकर कई दिनों तक राजनीतिक बातचीत चली। अंततः कांग्रेस, वाम दलों, विदुथलाई चिरुथिगल काची (VCK) और इंडियन यूनियन मुस्लिम लीग ने विजय को बिना शर्त समर्थन देने का फैसला किया। सहयोगी दलों के समर्थन के बाद राज्यपाल Rajendra Arlekar ने विजय को सरकार बनाने के लिए आमंत्रित किया।

शपथ ग्रहण समारोह में दिखा भावनात्मक माहौल

शपथ ग्रहण समारोह कई भावनात्मक पलों का गवाह बना। विजय के माता-पिता अपने बेटे को राज्य के सर्वोच्च पद तक पहुंचते देख भावुक नजर आए। स्टेडियम के बाहर समर्थकों ने पटाखे फोड़े, पार्टी के झंडे लहराए और विजय के समर्थन में जोरदार नारे लगाए।

समारोह में फिल्म और राजनीति जगत की कई बड़ी हस्तियां भी मौजूद रहीं। अभिनेत्री तृषा कृष्णन की मौजूदगी ने भी समर्थकों का उत्साह बढ़ा दिया। जैसे ही वह समारोह स्थल पहुंचीं, दर्शकों ने जोरदार तालियों से उनका स्वागत किया। विजय और तृषा की जोड़ी लंबे समय तक तमिल सिनेमा में लोकप्रिय रही है, इसलिए उनकी उपस्थिति को भी खास माना गया।

वहीं कांग्रेस नेता राहुल गाँधी की मौजूदगी ने इस समारोह को राष्ट्रीय राजनीतिक महत्व भी दे दिया। इसे विपक्षी दलों के बीच संभावित नए राजनीतिक समीकरणों के संकेत के रूप में भी देखा जा रहा है।

राज्यपाल से विजय की मुलाकात बनी चर्चा का विषय

समारोह के दौरान एक खास पल तब देखने को मिला जब विजय ने खुद राज्यपाल राजेंद्र अरलेकर का स्वागत किया। तमिलनाडु में अक्सर राज्य सरकार और राज्यपाल के बीच तनावपूर्ण संबंध देखने को मिलते रहे हैं। ऐसे में विजय का यह कदम राजनीतिक तौर पर बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

विशेषज्ञों का मानना है कि विजय अपनी सरकार की शुरुआत टकराव के बजाय सहयोग और संवाद के संदेश के साथ करना चाहते हैं। इससे प्रशासनिक स्तर पर भी सकारात्मक संकेत जाने की संभावना है।

अब फ्लोर टेस्ट पर टिकी निगाहें

हालांकि शपथ ग्रहण के साथ विजय आधिकारिक रूप से मुख्यमंत्री बन चुके हैं, लेकिन उनकी सरकार की असली परीक्षा अब विधानसभा में होने वाले फ्लोर टेस्ट में होगी। संविधान के अनुसार नई सरकार को सदन में बहुमत साबित करना होगा। सहयोगी दलों के समर्थन को देखते हुए विजय सरकार के बहुमत हासिल करने की संभावना मजबूत मानी जा रही है, लेकिन विपक्ष भी इस प्रक्रिया पर नजर बनाए हुए है।

राजनीतिक विश्लेषकों का कहना है कि विजय के सामने सबसे बड़ी चुनौती अब चुनावी लोकप्रियता को प्रशासनिक सफलता में बदलने की होगी। फिल्मी करिश्मा और जनसमर्थन ने उन्हें सत्ता तक पहुंचा दिया है, लेकिन जनता अब रोजगार, विकास, शिक्षा और बुनियादी सुविधाओं पर ठोस काम की उम्मीद करेगी।

तमिलनाडु की राजनीति में नए दौर की शुरुआत

विजय का मुख्यमंत्री बनना सिर्फ एक राजनीतिक घटना नहीं, बल्कि तमिलनाडु की बदलती राजनीतिक सोच का संकेत भी माना जा रहा है। युवाओं और पहली बार वोट देने वाले मतदाताओं के बीच विजय की लोकप्रियता ने पारंपरिक राजनीति को चुनौती दी है।

अब पूरे देश की नजर इस बात पर है कि क्या “थलापति” अपनी लोकप्रिय छवि को प्रभावी शासन में बदल पाएंगे। फिलहाल चेन्नई से लेकर पूरे तमिलनाडु तक विजय समर्थकों में उत्साह का माहौल है और राज्य में एक नए राजनीतिक दौर की शुरुआत मानी जा रही है।

Nishkarsh Bharat

पटना से भूमि आर्या की रिपोर्ट

You may have missed