AI से बदलेगा बिहार: सम्राट चौधरी ने पेश किया विकास का बड़ा विजन, गंगा एक्सप्रेसवे से मॉडल स्कूल तक कई घोषणाएं

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बिहार की राजनीति और प्रशासन में अब आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस यानी AI की एंट्री तेज होती दिखाई दे रही है। राजधानी पटना में आयोजित AI समिट में सम्राट चौधरी ने बिहार के विकास, कानून-व्यवस्था, शिक्षा, उद्योग और प्रशासनिक सुधारों को लेकर बड़ा विजन पेश किया।

बिहार की राजनीति और प्रशासन में अब आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस यानी AI की एंट्री तेज होती दिखाई दे रही है। राजधानी पटना में आयोजित AI समिट में सम्राट चौधरी ने बिहार के विकास, कानून-व्यवस्था, शिक्षा, उद्योग और प्रशासनिक सुधारों को लेकर बड़ा विजन पेश किया।

ऊर्जा स्टेडियम में आयोजित इस कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने कहा कि आने वाला दौर AI का है और बिहार भी तकनीक के जरिए नई दिशा में आगे बढ़ेगा। उन्होंने दावा किया कि AI की मदद से राज्य में अपराध नियंत्रण, प्रशासनिक पारदर्शिता और आर्थिक विकास को नई गति मिलेगी।

सम्राट चौधरी ने कहा कि बिहार की नई पीढ़ी तकनीक और नवाचार के जरिए राज्य की तस्वीर बदल सकती है। उन्होंने युवाओं से अपील की कि वे आधुनिक सोच और तकनीकी कौशल के साथ बिहार के विकास में भागीदारी करें।

AI की मदद से अपराधियों तक तेजी से पहुंचेगी पुलिस

मुख्यमंत्री ने कानून-व्यवस्था के मुद्दे पर सख्त रुख दिखाते हुए कहा कि बिहार में अपराधियों की कोई जाति या धर्म नहीं होता। उन्होंने साफ कहा कि सरकार की प्राथमिकता “रूल ऑफ लॉ” स्थापित करना है और पुलिस को अपराधियों के खिलाफ पूरी छूट दी गई है।

उन्होंने कहा कि राजधानी पटना में पहले से हजारों सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं और अब AI तकनीक की मदद से अपराधियों को बहुत तेजी से ट्रैक किया जा सकेगा।

उदाहरण देते हुए उन्होंने कहा कि अगर सिस्टम को किसी हरे गमछे वाले व्यक्ति को खोजने का निर्देश दिया जाए, तो AI तकनीक तुरंत उसकी पहचान कर सकती है। हालांकि उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि उनका इशारा किसी खास व्यक्ति की ओर नहीं था।

मुख्यमंत्री ने कहा कि यदि कोई अपराधी पुलिस या प्रशासन को चुनौती देता है तो 48 घंटे के भीतर कार्रवाई होनी चाहिए। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि कानून व्यवस्था के मामलों में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

टेंडर सिस्टम में AI से बढ़ेगी पारदर्शिता

सम्राट चौधरी ने बताया कि AI का उपयोग केवल पुलिसिंग तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि सरकारी विभागों में पारदर्शिता और दक्षता बढ़ाने के लिए भी किया जाएगा।

उन्होंने दावा किया कि कई टेंडरों की दोबारा जांच AI के जरिए की गई, जिससे सरकार के काफी पैसे बचाए जा सके। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि “सहयोग पोर्टल” पर ऐसा डिजिटल प्लेटफॉर्म तैयार किया जाए जहां बिहार और देश-दुनिया में रहने वाले लोग राज्य के विकास के लिए सुझाव दे सकें।

सरकार का मानना है कि तकनीक के जरिए भ्रष्टाचार कम किया जा सकता है और सरकारी योजनाओं की निगरानी अधिक प्रभावी ढंग से की जा सकती है।

प्रवासी बिहारियों से भावनात्मक अपील

AI समिट के दौरान मुख्यमंत्री ने प्रवासी बिहारियों और युवाओं से भावनात्मक अपील भी की। उन्होंने कहा कि जो लोग देश या विदेश में बेहतर काम कर रहे हैं, वे वहीं रहकर भी बिहार के विकास में योगदान दे सकते हैं।

उन्होंने कहा कि सरकार उन लोगों की चिंता करेगी जो रोजगार के लिए मजबूरी में पलायन करते हैं, लेकिन जो लोग सफल हो चुके हैं, उन्हें अपनी जन्मभूमि के लिए भी कुछ करना चाहिए।

मुख्यमंत्री ने कहा कि बिहार के युवाओं में प्रतिभा की कोई कमी नहीं है। जरूरत केवल उन्हें सही अवसर और आधुनिक तकनीक से जोड़ने की है।

125 किलोमीटर लंबा बनेगा गंगा एक्सप्रेसवे

सम्राट चौधरी ने बिहार के इंफ्रास्ट्रक्चर विकास को लेकर भी कई बड़ी घोषणाएं कीं। उन्होंने कहा कि पटना का मरीन ड्राइव फिलहाल 21 किलोमीटर लंबा है, लेकिन अब इसे बढ़ाकर करीब 125 किलोमीटर लंबे गंगा एक्सप्रेसवे के रूप में विकसित किया जाएगा।

उन्होंने बताया कि यह लगभग 19 हजार करोड़ रुपये की परियोजना होगी और इसे PPP मॉडल पर अगले तीन वर्षों में पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है।

सरकार का मानना है कि इस परियोजना से पटना सहित आसपास के क्षेत्रों में यातायात व्यवस्था बेहतर होगी और आर्थिक गतिविधियों को भी बढ़ावा मिलेगा।

बिहार बनेगा IT और डेटा सेंटर हब

मुख्यमंत्री ने कहा कि बिहार अब केवल पारंपरिक उद्योगों तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि IT, डेटा सेंटर और पावर सेक्टर में भी बड़े निवेश आकर्षित किए जा रहे हैं।

उन्होंने कहा कि राज्य में IT हब विकसित करने की योजना पर तेजी से काम चल रहा है। आने वाले वर्षों में बिहार में बड़ी टेक कंपनियों और डेटा सेंटरों के निवेश की संभावनाएं बढ़ेंगी।

ऊर्जा क्षेत्र पर बात करते हुए उन्होंने कहा कि बिहार वर्तमान में लगभग 10 हजार मेगावाट बिजली उत्पादन कर रहा है। सरकार का लक्ष्य अगले पांच वर्षों में इसे बढ़ाकर 20 हजार मेगावाट तक पहुंचाना है।

शिक्षा क्षेत्र में बड़े बदलाव की तैयारी

AI समिट में शिक्षा क्षेत्र को लेकर भी कई महत्वपूर्ण घोषणाएं की गईं। मुख्यमंत्री ने कहा कि बिहार के सभी 534 ब्लॉकों में मॉडल स्कूल स्थापित किए जाएंगे।

पटना में 10 मॉडल स्कूल बनाए जाएंगे, जबकि गया, बिहारशरीफ, पूर्णिया, दरभंगा और भागलपुर जैसे नगर निगम क्षेत्रों में पांच-पांच मॉडल स्कूल स्थापित किए जाएंगे।

उन्होंने कहा कि सरकार प्रतिभाशाली छात्रों के लिए विशेष कोचिंग व्यवस्था भी विकसित करेगी ताकि प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी बेहतर तरीके से हो सके।

इसके अलावा 211 प्रखंडों में नए डिग्री कॉलेज खोलने की योजना भी सरकार ने बनाई है।

फिजिक्स, मैथ और आर्किटेक्चर यूनिवर्सिटी की योजना

मुख्यमंत्री ने उच्च शिक्षा के क्षेत्र में भी नए विजन की घोषणा की। उन्होंने कहा कि आने वाले समय में बिहार में फिजिक्स, मैथेमेटिक्स और आर्किटेक्चर जैसी विशेष यूनिवर्सिटी स्थापित की जाएंगी।

सरकार का मानना है कि विशेष विषयों पर केंद्रित विश्वविद्यालय बनने से राज्य के छात्रों को बेहतर शैक्षणिक अवसर मिलेंगे और उन्हें दूसरे राज्यों की ओर पलायन नहीं करना पड़ेगा।

“AI के जरिए बिहार को बदलना है”

अपने संबोधन के अंत में सम्राट चौधरी ने कहा कि बिहार के युवाओं के पास नई सोच और नई तकनीक को अपनाने की क्षमता है। अब समय आ गया है कि नई पीढ़ी प्रशासन और राजनीति को भी आधुनिक सोच सिखाए।

उन्होंने कहा कि बिहार को बदलने के लिए तकनीक, शिक्षा, कानून व्यवस्था और आर्थिक सुधारों को साथ लेकर चलना होगा। AI इसी बदलाव का सबसे बड़ा माध्यम बनने जा रहा है।

सरकार की इन घोषणाओं को बिहार के तकनीकी और बुनियादी ढांचे के विकास की दिशा में बड़ा कदम माना जा रहा है। आने वाले समय में यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि इन योजनाओं को जमीन पर कितनी तेजी और प्रभावी तरीके से लागू किया जाता है।

Nishkarsh Bharat

पटना से भूमि आर्या की रिपोर्ट

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