बिहार विधान परिषद चुनाव 2026: 9 सीटों पर द्विवार्षिक चुनाव और 1 सीट पर उपचुनाव, 18 जून को होगा मतदान
Election Commission of India ने बिहार विधान परिषद की 9 सीटों पर द्विवार्षिक चुनाव और एक सीट पर उपचुनाव का कार्यक्रम घोषित कर दिया है।
Election Commission of India ने बिहार विधान परिषद की 9 सीटों पर द्विवार्षिक चुनाव और एक सीट पर उपचुनाव का कार्यक्रम घोषित कर दिया है। आयोग की ओर से जारी अधिसूचना के अनुसार, इन सभी सीटों के लिए 18 जून 2026 को मतदान कराया जाएगा। चुनाव प्रक्रिया 1 जून से शुरू होगी और 20 जून तक पूरी कर ली जाएगी।
इस चुनाव में आम जनता मतदान नहीं करेगी, क्योंकि यह चुनाव विधान परिषद के सदस्यों के लिए हो रहा है। इन सीटों पर बिहार विधानसभा के निर्वाचित विधायक वोट डालेंगे। राजनीतिक दृष्टि से यह चुनाव काफी अहम माना जा रहा है, क्योंकि इससे बिहार की सियासी तस्वीर और सत्ता पक्ष-विपक्ष की ताकत का अंदाजा लगाया जाएगा।
9 सीटों पर होगा द्विवार्षिक चुनाव
निर्वाचन आयोग के मुताबिक, बिहार विधान परिषद के 9 सदस्यों का कार्यकाल 28 जून 2026 को समाप्त हो रहा है। ऐसे में इन सीटों को भरने के लिए द्विवार्षिक चुनाव कराया जाएगा। जिन सदस्यों की सीटों पर चुनाव होना है, उनमें डॉ. कुमुद वर्मा, प्रोफेसर गुलाम घौस, मो. फारूक, भीष्मा साहनी, संजय प्रकाश, समीर कुमार सिंह और सुनील कुमार सिंह शामिल हैं।
इसके अलावा Samrat Choudhary और भगवान सिंह कुशवाहा की सीटें पहले से रिक्त बताई गई हैं। इन सभी सीटों को मिलाकर कुल 9 सीटों पर चुनाव कराया जाएगा।
राजनीतिक जानकारों का मानना है कि विधान परिषद की इन सीटों पर होने वाला चुनाव बिहार की मौजूदा राजनीतिक परिस्थितियों में काफी महत्वपूर्ण है। इससे सत्तारूढ़ गठबंधन और विपक्ष दोनों की रणनीति साफ होगी।
नीतीश कुमार की सीट पर उपचुनाव
इन 9 सीटों के अलावा एक सीट पर उपचुनाव भी कराया जाएगा। यह सीट पूर्व मुख्यमंत्री Nitish Kumar के इस्तीफे के बाद खाली हुई है। आयोग के अनुसार, यह सीट 30 मार्च 2026 से रिक्त है।
निर्वाचन आयोग ने स्पष्ट किया है कि इस सीट का कार्यकाल 6 मई 2030 तक रहेगा। इसलिए इस सीट पर चुना जाने वाला सदस्य शेष कार्यकाल के लिए विधान परिषद का सदस्य रहेगा।
नीतीश कुमार की सीट पर होने वाला उपचुनाव भी राजनीतिक रूप से काफी चर्चित माना जा रहा है। बिहार की राजनीति में लगातार बदलते समीकरणों के बीच सभी दल इस सीट पर अपनी रणनीति तैयार करने में जुट गए हैं।
1 जून से शुरू होगी चुनाव प्रक्रिया
निर्वाचन आयोग द्वारा जारी कार्यक्रम के अनुसार, चुनाव की अधिसूचना 1 जून 2026 को जारी की जाएगी। इसी दिन से नामांकन प्रक्रिया भी शुरू हो जाएगी। उम्मीदवार 8 जून तक अपना नामांकन पत्र दाखिल कर सकेंगे।
इसके बाद 9 जून को नामांकन पत्रों की जांच होगी। यदि किसी उम्मीदवार को अपना नाम वापस लेना होगा तो उसके लिए 11 जून तक का समय निर्धारित किया गया है।
निर्वाचन आयोग ने चुनाव प्रक्रिया को शांतिपूर्ण और निष्पक्ष तरीके से संपन्न कराने के निर्देश दिए हैं। आयोग की ओर से सभी राजनीतिक दलों और उम्मीदवारों को आचार संहिता का पालन करने को कहा गया है।
18 जून को मतदान और मतगणना
निर्वाचन आयोग के अनुसार, बिहार विधान परिषद की इन सभी सीटों के लिए 18 जून को मतदान कराया जाएगा। मतदान सुबह 9 बजे से शाम 4 बजे तक होगा।
सबसे खास बात यह है कि वोटों की गिनती भी उसी दिन शाम 5 बजे से शुरू कर दी जाएगी। यानी मतदान समाप्त होने के कुछ ही घंटों बाद नतीजे सामने आने लगेंगे। आयोग ने बताया कि पूरी चुनाव प्रक्रिया 20 जून तक पूरी कर ली जाएगी।
चूंकि यह अप्रत्यक्ष चुनाव है, इसलिए केवल बिहार विधानसभा के निर्वाचित विधायक ही मतदान करेंगे। विधान परिषद के चुनाव में राजनीतिक दलों के बीच क्रॉस वोटिंग और रणनीतिक मतदान भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
विधान परिषद चुनाव क्यों होता है खास?
बिहार विधान परिषद राज्य की द्विसदनीय व्यवस्था का उच्च सदन है। विधानसभा के मुकाबले विधान परिषद का चुनाव अलग तरीके से होता है। परिषद के कुछ सदस्य शिक्षक, स्नातक और स्थानीय निकायों के प्रतिनिधियों द्वारा चुने जाते हैं, जबकि कुछ सीटों पर विधायक मतदान करते हैं।
इस बार जिन सीटों पर चुनाव होना है, वे विधायक कोटे की सीटें हैं। इसलिए इन चुनावों में विधानसभा में दलों की वास्तविक ताकत का सीधा असर दिखाई देगा।
राजनीतिक विशेषज्ञों का मानना है कि विधान परिषद चुनाव कई बार भविष्य की राजनीतिक रणनीतियों का संकेत भी देते हैं। खासकर तब, जब राज्य में राजनीतिक अस्थिरता या गठबंधन की राजनीति चल रही हो।
NDA और विपक्ष की नजर चुनाव पर
बिहार की राजनीति में इन दिनों सत्तारूढ़ एनडीए और विपक्ष के बीच लगातार आरोप-प्रत्यारोप का दौर जारी है। ऐसे में विधान परिषद चुनाव को दोनों पक्ष अपनी राजनीतिक ताकत दिखाने के अवसर के रूप में देख रहे हैं।
एनडीए की कोशिश होगी कि वह अधिकतम सीटों पर जीत दर्ज कर अपनी पकड़ मजबूत बनाए रखे, जबकि विपक्ष इन चुनावों के जरिए सरकार को चुनौती देने की रणनीति बना रहा है।
राजनीतिक गलियारों में इस बात की भी चर्चा है कि कुछ सीटों पर उम्मीदवारों के चयन को लेकर दलों के भीतर मंथन जारी है। कई नेता विधान परिषद के जरिए सक्रिय राजनीति में अपनी भूमिका मजबूत करना चाहते हैं।
चुनाव आयोग की तैयारियां पूरी
निर्वाचन आयोग ने कहा है कि चुनाव प्रक्रिया को पारदर्शी और निष्पक्ष तरीके से संपन्न कराने के लिए सभी जरूरी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। मतदान और मतगणना के दौरान सुरक्षा व्यवस्था के भी विशेष इंतजाम किए जाएंगे।
आयोग ने यह भी स्पष्ट किया कि चुनाव से जुड़ी सभी प्रक्रियाएं तय समयसीमा के भीतर पूरी की जाएंगी। बिहार की राजनीति में इन चुनावों के परिणामों का असर आने वाले दिनों में बड़े राजनीतिक फैसलों पर भी पड़ सकता है।
पटना से भूमि आर्या की रिपोर्ट
