10 सर्कुलर रोड आवास विवाद: राबड़ी देवी को तीसरा नोटिस, लालू परिवार आक्रामक; तेज प्रताप बोले- पहले नीतीश कुमार खाली करें बंगला

10 सर्कुलर रोड

राबड़ी देवी के समर्थन में जहां उनके बेटे और जन जन दल (JJD) अध्यक्ष तेज प्रताप यादव खुलकर सामने आए हैं, वहीं बेटी रोहिणी आचार्य ने भी सरकार को सीधी चुनौती दे दी है।

पटना: बिहार की राजनीति में इन दिनों 10 सर्कुलर रोड स्थित सरकारी आवास को लेकर सियासी घमासान तेज हो गया है। पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी को सरकारी आवास खाली करने के लिए भवन निर्माण विभाग की ओर से तीसरा नोटिस जारी किए जाने के बाद राष्ट्रीय जनता दल (राजद) और लालू परिवार खुलकर सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल चुके हैं। इस विवाद ने अब राजनीतिक रंग ले लिया है और विपक्ष इसे सरकार की “बदले की राजनीति” बता रहा है।

राबड़ी देवी के समर्थन में जहां उनके बेटे और जनशक्ति जनता दल (JJD) अध्यक्ष तेज प्रताप यादव खुलकर सामने आए हैं, वहीं बेटी रोहिणी आचार्य ने भी सरकार को सीधी चुनौती दे दी है। दूसरी ओर पूर्णिया सांसद पप्पू यादव ने भी इस मामले में हस्तक्षेप करते हुए मुख्यमंत्री से राबड़ी देवी का सम्मान करने की अपील की है।

तेज प्रताप यादव का पलटवार, कहा- पहले नीतीश कुमार खाली करें आवास

10 सर्कुलर रोड आवास विवाद पर प्रतिक्रिया देते हुए तेज प्रताप यादव ने सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि यदि नियमों की बात हो रही है तो सबसे पहले मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को अपना सरकारी आवास खाली करना चाहिए क्योंकि वे भी अब पूर्व मुख्यमंत्री की श्रेणी में आते हैं।

तेज प्रताप ने कहा कि सरकार को पहले नीतीश कुमार को 15 दिनों का नोटिस देना चाहिए। जब वे अपना सरकारी आवास खाली कर देंगे, तब राबड़ी देवी भी आवास छोड़ने पर विचार कर सकती हैं। उनके इस बयान के बाद राजनीतिक गलियारों में नई बहस शुरू हो गई है।

रोहिणी आचार्य की सरकार को खुली चुनौती

राजद सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव की बेटी रोहिणी आचार्य ने भी इस मुद्दे पर तीखी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर सरकार को चुनौती देते हुए लिखा कि अगर सरकार में हिम्मत है तो जबरन बंगला खाली करवाकर दिखाए।

रोहिणी ने आरोप लगाया कि राज्य सरकार जनता के वास्तविक मुद्दों से ध्यान भटकाने की कोशिश कर रही है। उनके अनुसार सरकार बेरोजगारी, महंगाई और विकास जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों पर विफल रही है, इसलिए विपक्षी नेताओं को निशाना बनाकर राजनीतिक लाभ लेने का प्रयास किया जा रहा है।

उन्होंने कहा कि यह सुशासन का मॉडल नहीं बल्कि राजनीतिक प्रतिशोध की राजनीति का उदाहरण है।

पप्पू यादव ने भी जताई नाराजगी

इस पूरे विवाद में पूर्णिया सांसद पप्पू यादव ने भी सरकार को नसीहत दी है। उन्होंने कहा कि राजनीतिक मतभेद अपनी जगह हैं, लेकिन पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी का सम्मान किया जाना चाहिए।

पप्पू यादव ने मुख्यमंत्री से अपील करते हुए कहा कि राबड़ी देवी आपके लिए भी मां के समान हैं। उनका अपमान नहीं होना चाहिए। उन्होंने मुख्यमंत्री से अहंकार छोड़कर संवेदनशीलता दिखाने की सलाह दी।

राबड़ी देवी को मिल चुका है तीसरा नोटिस

भवन निर्माण विभाग ने पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी को 10 सर्कुलर रोड स्थित सरकारी आवास खाली करने के लिए तीसरा नोटिस जारी किया है। विभाग का कहना है कि यह आवास अब बिहार सरकार के डेयरी, मत्स्य एवं पशु संसाधन मंत्री नंदकिशोर राम को आवंटित किया जा चुका है।

सरकारी रिकॉर्ड के अनुसार बिहार विधानसभा चुनाव 2025 के बाद राबड़ी देवी को 39 हार्डिंग रोड स्थित नया सरकारी आवास आवंटित किया गया था। बावजूद इसके वे अभी भी 10 सर्कुलर रोड स्थित बंगले में रह रही हैं।

विभाग का कहना है कि नियमानुसार आवंटन होने के बाद पुराने आवास को खाली करना आवश्यक है।

राबड़ी देवी का दो टूक जवाब

नोटिस मिलने के बाद राबड़ी देवी ने भी स्पष्ट कर दिया है कि वे किसी भी कीमत पर 10 सर्कुलर रोड स्थित आवास खाली नहीं करेंगी।

राबड़ी
बिहार की पूर्व मुख्यमंत्री और विधान परिषद में नेता प्रतिपक्ष राबड़ी देवी को पटना स्थित 10 सर्कुलर रोड के सरकारी आवास को खाली करने का तीसरा नोटिस जारी होने के बाद राज्य की राजनीति गरमा गई है।

उन्होंने कहा कि सरकार चाहे जो कदम उठाए, लेकिन वे यह आवास नहीं छोड़ेंगी। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि अगर सरकार को इतना ही शौक है तो पुलिस और फोर्स भेजकर आवास खाली करवा ले।

राबड़ी देवी के इस बयान के बाद विवाद और गहरा गया है। राजनीतिक जानकारों का मानना है कि यह मुद्दा आने वाले दिनों में और अधिक गर्मा सकता है।

पुलिस की मौजूदगी से बढ़ी हलचल

बीते शनिवार को सचिवालय एसडीपीओ अनु कुमारी राबड़ी देवी के आवास पहुंची थीं। इस दौरान पुलिस बल की भी मौजूदगी देखी गई, जिससे राजनीतिक हलकों में हलचल तेज हो गई।

हालांकि बाद में एसडीपीओ ने राबड़ी देवी से मुलाकात कर बातचीत की। किसी तरह की कार्रवाई नहीं की गई, लेकिन पुलिस की मौजूदगी ने इस विवाद को और चर्चा में ला दिया।

जिस मंत्री को आवास मिला, उन्होंने क्या कहा?

जिस सरकारी बंगले को लेकर विवाद चल रहा है, वह अब बिहार सरकार के डेयरी, मत्स्य एवं पशु संसाधन मंत्री नंदकिशोर राम को आवंटित किया गया है।

नंदकिशोर राम का कहना है कि उन्हें बिहार सरकार ने नियमानुसार यह आवास दिया है। उन्होंने कहा कि उनके पास पहले कोई सरकारी आवास नहीं था, इसलिए सरकार ने उन्हें यह बंगला आवंटित किया है।

मंत्री ने कहा कि राबड़ी देवी का यह कहना कि वे आवास खाली नहीं करेंगी, समझ से परे है क्योंकि सरकारी नियमों का पालन सभी को करना चाहिए।

उन्होंने यह भी कहा कि वे अनुसूचित जाति समुदाय से आते हैं और रामनगर विधानसभा क्षेत्र का प्रतिनिधित्व करते हैं। एक मंत्री के रूप में वे बिहार के विकास और जनता की सेवा के लिए काम कर रहे हैं।

राजनीतिक मुद्दा बनता जा रहा आवास विवाद

10 सर्कुलर रोड का यह विवाद अब केवल एक सरकारी आवास का मामला नहीं रह गया है। यह मुद्दा धीरे-धीरे बिहार की राजनीति का बड़ा केंद्र बनता जा रहा है। एक ओर सरकार नियमों और प्रशासनिक प्रक्रिया का हवाला दे रही है, तो दूसरी ओर विपक्ष इसे राजनीतिक प्रतिशोध और दबाव की कार्रवाई बता रहा है।

आने वाले दिनों में यह देखना दिलचस्प होगा कि सरकार इस मामले में क्या कदम उठाती है और क्या राबड़ी देवी वास्तव में आवास खाली करती हैं या यह विवाद और बड़ा राजनीतिक संघर्ष बन जाता है। बिहार की राजनीति में फिलहाल 10 सर्कुलर रोड का बंगला सत्ता और विपक्ष के बीच नई लड़ाई का प्रतीक बन चुका है।

Nishkarsh Bharat

पटना से भूमि आर्या की रिपोर्ट

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