बांकीपुर उपचुनाव: संपत्ति, कर्ज, आय और आरोपों में कितना अंतर? RJD की रेखा गुप्ता बनाम BJP के अभिषेक कुमार, हलफनामे से सामने आई पूरी तस्वीर
बांकीपुर विधानसभा उपचुनाव 2026 में RJD प्रत्याशी रेखा गुप्ता और BJP उम्मीदवार अभिषेक कुमार के हलफनामे से उनकी संपत्ति, कर्ज, आय, शिक्षा और आपराधिक मामलों का खुलासा हुआ है। जानिए दोनों उम्मीदवारों की पूरी प्रोफाइल।
बिहार की सबसे चर्चित विधानसभा सीटों में शामिल बांकीपुर उपचुनाव 2026 अब पूरी तरह चुनावी रंग में रंग चुका है। गुरुवार को राष्ट्रीय जनता दल (RJD) की प्रत्याशी रेखा गुप्ता और भारतीय जनता पार्टी (BJP) के उम्मीदवार अभिषेक कुमार बंटी ने अपना नामांकन दाखिल किया। वहीं, जन सुराज के संस्थापक प्रशांत किशोर 11 जुलाई को नामांकन दाखिल करेंगे। नामांकन प्रक्रिया 13 जुलाई तक चलेगी और अब तक तीन उम्मीदवार पर्चा भर चुके हैं।
नामांकन के साथ ही दोनों प्रमुख उम्मीदवारों के चुनावी हलफनामे सार्वजनिक हो गए हैं। इनमें उनकी चल-अचल संपत्ति, आय, बैंक ऋण, शिक्षा और आपराधिक मामलों से जुड़ी जानकारी सामने आई है। दोनों उम्मीदवारों के हलफनामे आर्थिक स्थिति और कानूनी पृष्ठभूमि की बिल्कुल अलग तस्वीर पेश करते हैं।
रेखा गुप्ता और परिवार के पास 8 करोड़ रुपये से अधिक की संपत्ति
राजद प्रत्याशी रेखा गुप्ता ने अपने हलफनामे में स्वयं को व्यवसायी बताया है। उन्होंने अपनी आय का मुख्य स्रोत डेयरी व्यवसाय और किराये से होने वाली आमदनी को बताया है। आयकर रिटर्न के अनुसार वर्ष 2024-25 में उनकी घोषित वार्षिक आय 6.54 लाख रुपये रही।

उनके पति रंजय कुमार सरकारी और निजी ठेकेदारी का कार्य करते हैं। हलफनामे के अनुसार उनकी वार्षिक आय 2.61 लाख रुपये दर्ज की गई है।
रेखा गुप्ता के नाम लगभग 81.62 लाख रुपये की चल संपत्ति और करीब 5.46 करोड़ रुपये की अचल संपत्ति दर्ज है। वहीं उनके पति के पास 53.83 लाख रुपये की चल संपत्ति तथा लगभग 1.19 करोड़ रुपये की अचल संपत्ति है। इस प्रकार परिवार की कुल घोषित संपत्ति 8 करोड़ रुपये से अधिक है।
सोना, चांदी, वाहन और लाइसेंसी हथियार का भी किया खुलासा
हलफनामे के अनुसार रेखा गुप्ता के पास 500 ग्राम सोना और डेढ़ किलोग्राम चांदी है। उनके पति के पास 100 ग्राम सोना और अन्य कीमती रत्न मौजूद हैं।
वाहनों की बात करें तो रेखा गुप्ता के नाम मारुति एस-क्रॉस कार दर्ज है, जबकि उनके पति के पास हीरो मेस्ट्रो स्कूटर है। दोनों ने अपने-अपने लाइसेंसी हथियारों की जानकारी भी दी है। रेखा गुप्ता के नाम एन.पी. बोर राइफल और उनके पति के नाम लाइसेंसी रिवॉल्वर दर्ज है।
परिवार पर 3 करोड़ रुपये से अधिक का बैंक कर्ज
रेखा गुप्ता ने अपने हलफनामे में करीब 46.68 लाख रुपये के ऋण की जानकारी दी है। इसमें होम लोन, कैश क्रेडिट और बीमा पॉलिसियों पर लिया गया ऋण शामिल है।
वहीं उनके पति पर लगभग 2.79 करोड़ रुपये का बैंक ऋण बकाया है। इस प्रकार परिवार पर कुल 3 करोड़ रुपये से अधिक का वित्तीय दायित्व दर्ज किया गया है।
रेखा गुप्ता पर एक आपराधिक मामला दर्ज
हलफनामे के अनुसार रेखा गुप्ता के खिलाफ पटना के कोतवाली थाना में वर्ष 2022 का एक मामला दर्ज है। यह मामला दुकानों से जुड़े संपत्ति विवाद से संबंधित है और फिलहाल न्यायालय में विचाराधीन है।
उन्होंने हलफनामे में स्पष्ट किया है कि इस मामले में अब तक आरोप तय नहीं हुए हैं और उन्हें किसी भी मामले में दोषी घोषित नहीं किया गया है।
शैक्षणिक योग्यता की बात करें तो रेखा गुप्ता स्नातक हैं। उन्होंने वर्ष 2000 में विनोबा भावे विश्वविद्यालय, हजारीबाग से संबद्ध राम नारायण मेमोरियल कॉलेज से बीए की डिग्री प्राप्त की थी।
अभिषेक कुमार के खिलाफ कोई आपराधिक मामला नहीं
भाजपा उम्मीदवार अभिषेक कुमार बंटी ने अपने हलफनामे में बताया है कि उनके खिलाफ देश के किसी भी न्यायालय में कोई आपराधिक मामला लंबित नहीं है। उन्हें कभी किसी मामले में दोषी भी नहीं ठहराया गया है।

उन्होंने स्वयं को सामाजिक कार्यकर्ता और व्यवसाय से जुड़ा बताया है।
आय में दर्ज हुई उल्लेखनीय गिरावट
अभिषेक कुमार के हलफनामे के अनुसार वित्त वर्ष 2023-24 में उनकी वार्षिक आय 26.75 लाख रुपये से अधिक थी। जबकि हालिया वित्त वर्ष 2026-27 में उनकी घोषित आय घटकर लगभग 4.98 लाख रुपये रह गई है। यानी कुछ वर्षों के भीतर उनकी आय में उल्लेखनीय कमी दर्ज हुई है।
उनकी पत्नी अमृता कृष्णा निजी शिक्षिका हैं। उन्होंने आयकर रिटर्न दाखिल नहीं किया है।
चल संपत्ति करीब 20 लाख, अचल संपत्ति नहीं
हलफनामे के अनुसार अभिषेक कुमार के पास लगभग 19.60 लाख रुपये की चल संपत्ति है। इसमें नकद राशि, बैंक जमा, बीमा पॉलिसियां और 11 ग्राम सोने के आभूषण शामिल हैं।
उनकी पत्नी के पास लगभग 9.92 लाख रुपये की चल संपत्ति है, जिसमें नकदी, एलआईसी पॉलिसियां, 32 ग्राम सोना और 400 ग्राम चांदी के आभूषण शामिल हैं।
उन्होंने यह भी घोषित किया है कि उनके, उनकी पत्नी और आश्रित पुत्र के नाम पर कोई जमीन, मकान या फ्लैट नहीं है।
10 लाख रुपये से अधिक का बैंक लोन
अभिषेक कुमार ने बैंक ऑफ महाराष्ट्र की बोरिंग रोड शाखा से लिए गए 10.02 लाख रुपये से अधिक के बैंक ऋण की जानकारी भी अपने हलफनामे में दी है। उन्होंने यह भी बताया कि उनके परिवार पर किसी सरकारी विभाग का कोई बकाया नहीं है।
नामांकन के साथ तेज हुई राजनीतिक बयानबाजी
नामांकन के बीच चुनावी बयानबाजी भी तेज हो गई है। जन सुराज के संस्थापक प्रशांत किशोर ने मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी पर निशाना साधते हुए कहा कि जनता ने उन्हें मुख्यमंत्री के नाम पर वोट नहीं दिया था। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार रोजगार और शिक्षा जैसे मूल मुद्दों से ध्यान भटका रही है।
प्रशांत किशोर ने यह भी कहा कि यदि भाजपा अपना मुख्यमंत्री बनाना चाहती है तो किसी शिक्षित व्यक्ति को यह जिम्मेदारी देनी चाहिए।
इसके जवाब में मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने बिना नाम लिए प्रशांत किशोर पर हमला बोला। उन्होंने कहा कि चुनाव के समय ऐसे लोग भी मैदान में आ जाते हैं जिनका बिहार और बिहार की राजनीति से कोई लेना-देना नहीं होता। उन्होंने मतदाताओं से ऐसे “बहुरूपियों” से सावधान रहने की अपील की।
मुख्यमंत्री ने एनडीए सरकार की उपलब्धियों का जिक्र करते हुए कहा कि राज्य में घर-घर बिजली पहुंचाई गई है और 125 यूनिट तक मुफ्त बिजली की योजना लागू की गई है।
बीजेपी उम्मीदवार के नाम पर मंच से हुई चूक
अभिषेक कुमार के नामांकन के दौरान एक दिलचस्प वाकया भी देखने को मिला। कार्यक्रम में मौजूद भाजपा प्रदेश अध्यक्ष संजय सरावगी भाषण के दौरान बार-बार अभिषेक कुमार को “आशीष सिन्हा” कहकर संबोधित करते रहे।
आशीष सिन्हा कुम्हरार के पूर्व विधायक अरुण सिन्हा के पुत्र हैं और बांकीपुर सीट से टिकट की दौड़ में उनका नाम भी चर्चा में रहा था। बाद में मंच पर इस गलती को सुधारा गया।
कौन हैं अभिषेक कुमार बंटी?
भाजपा ने इस उपचुनाव में युवा चेहरा अभिषेक कुमार बंटी पर दांव लगाया है। वे भाजपा युवा मोर्चा के प्रदेश उपाध्यक्ष हैं और कायस्थ समाज से आते हैं। उन्हें भाजपा के वरिष्ठ नेता और पूर्व विधायक नितिन नवीन का करीबी माना जाता है।
बांकीपुर उपचुनाव पर सबकी नजर
बांकीपुर विधानसभा उपचुनाव भले ही सरकार के बहुमत को प्रभावित नहीं करेगा, लेकिन इसके राजनीतिक संदेश को बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है। भाजपा, राजद और जन सुराज तीनों दल इसे प्रतिष्ठा की लड़ाई के रूप में देख रहे हैं।
उम्मीदवारों के हलफनामों ने मतदाताओं के सामने उनकी आर्थिक स्थिति, वित्तीय दायित्व, आय, शिक्षा और कानूनी पृष्ठभूमि की स्पष्ट तस्वीर रख दी है। अब चुनाव प्रचार के दौरान विकास, स्थानीय मुद्दों और राजनीतिक दावों के साथ-साथ उम्मीदवारों की
घोषित संपत्ति और वित्तीय स्थिति भी मतदाताओं के बीच चर्चा का प्रमुख विषय बनने की संभावना है।
पटना से भूमि आर्या की रिपोर्ट
