बेउर जेल से बाहर आते ही तेज प्रताप पहुंचे राबड़ी आवास, तेजस्वी से दो महीने बाद आमना-सामना

तेज प्रताप यादव

राजद नेता तेज प्रताप यादव बेउर जेल से रिहा होने के बाद सीधे लालू परिवार से मिले। तेजस्वी यादव के साथ दो महीने बाद हुई मुलाकात

पटना: राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के अध्यक्ष और लालू प्रसाद यादव के बड़े बेटे तेज प्रताप यादव मंगलवार की शाम बेउर केंद्रीय कारा से रिहा हो गए। छात्र आंदोलन से जुड़े मामले में न्यायिक हिरासत में भेजे गए तेज प्रताप की रिहाई के बाद समर्थकों में उत्साह देखने को मिला। जेल से बाहर निकलते ही कार्यकर्ताओं ने उनका जोरदार स्वागत किया, जबकि बांकीपुर विधानसभा उपचुनाव में उम्मीदवार वीणा मानवी ने उन्हें खीर खिलाकर रिहाई की खुशी जाहिर की।

रिहाई के तुरंत बाद तेज प्रताप यादव सीधे पटना के कौटिल्य नगर स्थित पारिवारिक आवास पहुंचे, जहां उनकी मुलाकात माता राबड़ी देवी, पिता लालू प्रसाद यादव और छोटे भाई तेजस्वी यादव से हुई। दोनों भाइयों की यह मुलाकात राजनीतिक गलियारों में चर्चा का विषय बन गई है, क्योंकि पिछले कुछ समय से उनके रिश्तों में दूरी की खबरें लगातार सामने आती रही थीं।

बेउर जेल से बाहर आते ही समर्थकों ने किया भव्य स्वागत

मंगलवार शाम जैसे ही तेज प्रताप यादव बेउर केंद्रीय कारा से बाहर निकले, बड़ी संख्या में मौजूद समर्थकों ने फूल-मालाओं और नारों के साथ उनका स्वागत किया। कार्यकर्ताओं ने उनके समर्थन में नारे लगाए और रिहाई को न्याय की जीत बताया।

इस दौरान बांकीपुर विधानसभा उपचुनाव में जनता जनवादी दल (जेजेडी) की उम्मीदवार वीणा मानवी भी मौजूद रहीं। उन्होंने तेज प्रताप यादव को खीर खिलाकर उनका स्वागत किया और उनके जल्द रिहा होने पर खुशी जताई। यह तस्वीरें सोशल मीडिया पर भी तेजी से वायरल हो गईं।

परिवार से मुलाकात बनी सबसे बड़ी चर्चा

जेल से बाहर आने के बाद तेज प्रताप सीधे कौटिल्य नगर स्थित आवास पहुंचे। यहां पहले से मौजूद तेजस्वी यादव अपनी मां राबड़ी देवी से मिलने पहुंचे थे। इसी दौरान तेज प्रताप भी वहां पहुंच गए और करीब दो महीने बाद दोनों भाइयों की आमने-सामने मुलाकात हुई।

परिवार के साथ कुछ समय बिताने के बाद तेज प्रताप देर रात अपने आवास लौट गए। हालांकि इस मुलाकात के दौरान क्या बातचीत हुई, इसकी कोई आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आई है। इसके बावजूद राजनीतिक हलकों में इस मुलाकात को काफी महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

रिश्तों में आई दूरी खत्म होने के संकेत?

पिछले कुछ महीनों से तेज प्रताप यादव और तेजस्वी यादव के संबंधों को लेकर कई तरह की अटकलें लगाई जाती रही हैं। दोनों नेताओं के अलग-अलग राजनीतिक रुख और सार्वजनिक बयानों के कारण यह चर्चा तेज हुई थी कि परिवार के भीतर सब कुछ सामान्य नहीं है।

ऐसे में जेल से रिहाई के तुरंत बाद तेज प्रताप का परिवार से मिलना और तेजस्वी यादव के साथ एक ही छत के नीचे बातचीत करना कई राजनीतिक संदेश देता हुआ दिखाई दे रहा है। हालांकि राजद की ओर से इस मुलाकात को लेकर कोई औपचारिक बयान जारी नहीं किया गया है।

राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि विधानसभा चुनावों से पहले परिवार की एकजुटता का संदेश कार्यकर्ताओं और समर्थकों के लिए महत्वपूर्ण हो सकता है।

खुद को कृष्ण और तेजस्वी को अर्जुन बताते रहे हैं तेज प्रताप

तेज प्रताप यादव कई बार सार्वजनिक मंचों से खुद की तुलना भगवान कृष्ण से और तेजस्वी यादव की तुलना अर्जुन से करते रहे हैं। उनका कहना रहा है कि वह अपने छोटे भाई का मार्गदर्शन करने की भूमिका निभाते हैं।

हालांकि पिछले कुछ समय में दोनों भाइयों के बीच मतभेदों की खबरों ने इन बयानों को भी राजनीतिक चर्चा का विषय बना दिया था। ऐसे में हालिया मुलाकात को पुराने रिश्तों को सामान्य करने की दिशा में एक सकारात्मक संकेत माना जा रहा है।

छात्र आंदोलन के दौरान हुई थी गिरफ्तारी

गौरतलब है कि 25 जुलाई की रात छात्र आंदोलन के दौरान पुलिस ने तेज प्रताप यादव को गिरफ्तार किया था। प्रशासन का आरोप था कि प्रदर्शन के दौरान कानून-व्यवस्था प्रभावित हुई, जिसके बाद उन्हें हिरासत में लिया गया।

बाद में अदालत ने उन्हें 14 दिनों की न्यायिक हिरासत में भेजते हुए बेउर केंद्रीय कारा भेजने का आदेश दिया था। गिरफ्तारी के बाद राजद ने इसे राजनीतिक कार्रवाई करार दिया और सरकार पर विपक्ष की आवाज दबाने का आरोप लगाया।

तेजस्वी यादव ने सरकार पर साधा था निशाना

तेज प्रताप यादव की गिरफ्तारी के बाद नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव लगातार अपने बड़े भाई के समर्थन में सामने आए थे। उन्होंने सरकार पर लोकतांत्रिक आंदोलनों को दबाने का आरोप लगाते हुए आंदोलन को और तेज करने की चेतावनी दी थी।

तेजस्वी ने कहा था कि विपक्ष की आवाज को दबाने के लिए सत्ता पक्ष पुलिस और प्रशासन का दुरुपयोग कर रहा है। इस बयान के बाद राज्य की राजनीति में इस मुद्दे पर काफी बहस हुई थी।

अब तेज प्रताप की रिहाई के बाद दोनों भाइयों की मुलाकात ने यह संकेत दिया है कि परिवार इस पूरे घटनाक्रम में एकजुट नजर आ रहा है।

रिहाई के बाद बढ़ी राजनीतिक चर्चाएं

तेज प्रताप यादव की रिहाई ऐसे समय हुई है जब बिहार की राजनीति पहले से ही काफी सक्रिय है और विभिन्न दल चुनावी रणनीति बनाने में जुटे हैं। ऐसे माहौल में उनकी रिहाई और परिवार के साथ हुई मुलाकात को केवल पारिवारिक घटना नहीं बल्कि राजनीतिक दृष्टि से भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

हालांकि यह कहना अभी जल्दबाजी होगी कि इस मुलाकात का राजद की भविष्य की रणनीति पर क्या असर पड़ेगा, लेकिन इतना तय है कि इसने राजनीतिक चर्चाओं को नया मुद्दा जरूर दे दिया है।

आधिकारिक बयान का इंतजार

फिलहाल लालू परिवार की ओर से इस मुलाकात को लेकर कोई विस्तृत जानकारी साझा नहीं की गई है। न ही यह बताया गया है कि परिवार के बीच किन मुद्दों पर चर्चा हुई। राजनीतिक पर्यवेक्षकों की नजर अब इस बात पर रहेगी कि आने वाले दिनों में तेज प्रताप यादव और तेजस्वी यादव किसी सार्वजनिक कार्यक्रम में साथ नजर आते हैं या नहीं।

तेज प्रताप की रिहाई के बाद समर्थकों में उत्साह जरूर देखने को मिला है, लेकिन आगे की राजनीतिक दिशा क्या होगी, इसका जवाब आने वाले दिनों की गतिविधियां ही देंगी।

Nishkarsh Bharat

पटना से भूमि आर्या की रिपोर्ट

You may have missed